हरिद्वार में अधिकांश गो पालक अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं, जिससे ये जानवर सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और अक्सर भीड़भाड़ में समस्या पैदा करते हैं। कुछ पशुपालक तो रोज सुबह मवेशियों को कुशाघाट पर छोड़ आते हैं, जहाँ उन्हें श्रद्धालुओं से पर्याप्त चारा मिलता है, और शाम को दूध निकालने के लिए वापस ले जाते हैं। इससे बिना किसी खर्च के दुग्धोत्पादन हो जाता है, लेकिन सड़कों पर खुले घूमते ये जानवर कई बार आपस में भी भिड़ जाते हैं, जिससे यातायात और आम लोगों को दिक्कत होती है। अब नगर निगम ने सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशु स्वामियों के खिलाफ सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में, नगर निगम उपायुक्त दीपक गोस्वामी की शिकायत पर पुलिस ने एक पशुपालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि तहरीर के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के सुभाष घाट पर एक आवारा गोवंश मिला। गोवंश के कान में लगे टैग के आधार पर पशु स्वामी की पहचान भूरे की खोल निवासी प्रवेश के रूप में हुई। मौके पर की गई जांच में यह सामने आया कि प्रवेश ने गोवंश को खुले में छोड़ रखा था, जिसके कारण वह नगर निगम क्षेत्र में आवारा घूम रहा था। पुलिस के अनुसार, आवारा गोवंश के सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने से आमजन, श्रद्धालुओं और यातायात के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह स्थिति जन सुरक्षा और लोक व्यवस्था को भी प्रभावित करती है। इसी के चलते पुलिस ने शनिवार को उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम-2007 के तहत संबंधित पशुपालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
हरिद्वार में अधिकांश गो पालक अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं, जिससे ये जानवर सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और अक्सर भीड़भाड़ में समस्या पैदा करते हैं। कुछ पशुपालक तो रोज सुबह मवेशियों को कुशाघाट पर छोड़ आते हैं, जहाँ उन्हें श्रद्धालुओं से पर्याप्त चारा मिलता है, और शाम को दूध निकालने के लिए वापस ले जाते हैं। इससे बिना किसी खर्च के दुग्धोत्पादन हो जाता है, लेकिन सड़कों पर खुले घूमते ये जानवर कई बार आपस में भी भिड़ जाते हैं, जिससे यातायात और आम लोगों को दिक्कत होती है। अब नगर निगम ने सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशु स्वामियों के खिलाफ सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में, नगर निगम उपायुक्त दीपक गोस्वामी की शिकायत पर पुलिस ने एक पशुपालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि तहरीर के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के सुभाष घाट पर एक आवारा गोवंश मिला। गोवंश के कान में लगे टैग के आधार पर पशु स्वामी की पहचान भूरे की खोल निवासी प्रवेश के रूप में हुई। मौके पर की गई जांच में यह सामने आया कि प्रवेश ने गोवंश को खुले में छोड़ रखा था, जिसके कारण वह नगर निगम क्षेत्र में आवारा घूम रहा था। पुलिस के अनुसार, आवारा गोवंश के सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने से आमजन, श्रद्धालुओं और यातायात के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह स्थिति जन सुरक्षा और लोक व्यवस्था को भी प्रभावित करती है। इसी के चलते पुलिस ने शनिवार को उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम-2007 के तहत संबंधित पशुपालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
- हरिद्वार में प्रेमनगर फ्लाईओवर से एक दिल्ली निवासी महिला ने सड़क पर छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। 25 वर्षीय यह महिला, जिसकी पहचान प्रियंका के रूप में हुई है और वह दिल्ली के शांति नगर, रानीगंज की रहने वाली है, दो दिन पहले पति से हुए विवाद के बाद अपना घर छोड़कर निकली थी। बताया जा रहा है कि वह रास्ते में कभी किसी वाहन से तो कभी पैदल सफर करते हुए हरिद्वार पहुंची थी। शनिवार रात को हुई इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।1
- लक्सर में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आसमान में घनी काली घटा छा जाने के बाद, इलाके में जमकर बारिश हुई। इस बारिश के चलते लोगों को गर्मी और लू की मार से काफी राहत मिली।1
- Post by Ranjeet Kumar1
- दिल्ली की एक महिला ने अपने पति से हुए विवाद के बाद हरिद्वार में एक फ्लाईओवर से छलांग लगा दी। इस घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है।1
- देहरादून के रायपुर हाथीखाना चौक पर सड़क खोदे जाने के बाद अभी तक उसकी मरम्मत नहीं की गई है। मूल जानकारी के अनुसार, 'सिविल लाइन वालों' द्वारा खोदी गई इस सड़क के कारण लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने का आग्रह किया है, ताकि उनकी दैनिक समस्याओं का समाधान हो सके।1
- पुलिस विभाग का 18 वर्ष 05 माह से अधिक समय तक हिस्सा रहकर जनसेवा करने के उपरांत श्री टीकाराम अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर स्वस्थ रूप से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी लंबी सेवा को देखते हुए, पुलिस कार्यालय रोशनाबाद, हरिद्वार स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में उनके सम्मान में एक विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि श्री टीकाराम ने पुलिस विभाग में भर्ती होने से पहले भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएँ दी थीं, जिसके बाद वे वर्ष 2007 में बतौर आरक्षी पुलिस विभाग में शामिल हुए। इस विदाई कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी और श्री टीकाराम के परिजन व बच्चे भी मौजूद थे। इस अवसर पर सभी ने श्री टीकाराम के साथ बिताए अच्छे और बुरे समय को साझा किया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान, सूक्ष्म जलपान के बाद एसएसपी नवनीत सिंह ने सेवानिवृत्त हो रहे श्री टीकाराम को फूल माला पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी समस्या का निवारण करने के लिए पुलिस विभाग सदैव उनके साथ खड़ा रहेगा।1
- गतवर्ष मनसा देवी सीढ़ी मार्ग पर हुई दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई थी। उस समय प्रथमदृष्टया माना गया था कि किसी खंबे से बिजली का तार टूटने के बाद मची भगदड़ में लोग हादसे का शिकार हुए थे। इस घटना के बाद व्यवस्थाओं में सुधार के दावे तो किए गए, लेकिन अब भी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। वर्तमान में इस मार्ग पर बिजली के खंभे ही टूटकर गिरने को तैयार खड़े हैं, जो बिजली के बल्ब और तारों का बोझ भी नहीं संभाल पा रहे हैं। हालाँकि सीढ़ी मार्ग प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बंद करा रखा है, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने पर इस मार्ग को खोलने की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ खंभों को तो विभाग ने नीचे से ईंट और लकड़ी का सहारा देकर अस्थायी 'जुगाड़' से टिका रखा है। लगभग एक माह पूर्व भी यहाँ एक बिजली का पोल गिर गया था, जिसे बाद में फिर जुगाड़ से खड़ा कर दिया गया था। अब कांवड़ मेला नजदीक है और ऐसे में इस मार्ग पर बिजली के ये झूलते खंभे फिर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बनने के लिए तैयार खड़े हैं, जो बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।1