अजमेर जिले के मांगलियावास में पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से आदित्य ग्रुप ने एक सघन वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत मियावाकी तकनीक का उपयोग करते हुए 600 देसी पौधे लगाए गए हैं, जिनके बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि ये सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में 10 गुना तेजी से विकसित होंगे। इस मिनी फॉरेस्ट को तैयार करने के लिए नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी 15 स्थानीय प्रजातियों का चयन किया गया है, जो स्थानीय मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हैं। आदित्य ग्रुप ने पौधों की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी सुनिश्चित की है और उनकी नियमित सिंचाई व देखभाल का जिम्मा भी स्वयं उठाया है। मियावाकी तकनीक की विशेषता यह है कि कम जगह में सघन रूप से पौधे लगाने से उनके बीच पोषक तत्वों और रोशनी के लिए प्रतिस्पर्धा होती है, जिससे महज 2 से 3 साल में एक घना जंगल तैयार हो जाता है। यह पहल तापमान को कम करने, भूजल स्तर सुधारने और पक्षियों के लिए आवास प्रदान करने में सहायक होगी। आदित्य ग्रुप ने आमजन से भी पौधारोपण की अपील की है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऑक्सीजन का एक नया स्रोत बताया है।
अजमेर जिले के मांगलियावास में पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से आदित्य ग्रुप ने एक सघन वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत मियावाकी तकनीक का उपयोग करते हुए 600 देसी पौधे लगाए गए हैं, जिनके बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि ये सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में 10 गुना तेजी से विकसित होंगे। इस मिनी फॉरेस्ट को तैयार करने के लिए नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी 15 स्थानीय प्रजातियों का चयन किया गया है, जो स्थानीय मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हैं। आदित्य ग्रुप ने पौधों की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र
की मजबूत तारबंदी सुनिश्चित की है और उनकी नियमित सिंचाई व देखभाल का जिम्मा भी स्वयं उठाया है। मियावाकी तकनीक की विशेषता यह है कि कम जगह में सघन रूप से पौधे लगाने से उनके बीच पोषक तत्वों और रोशनी के लिए प्रतिस्पर्धा होती है, जिससे महज 2 से 3 साल में एक घना जंगल तैयार हो जाता है। यह पहल तापमान को कम करने, भूजल स्तर सुधारने और पक्षियों के लिए आवास प्रदान करने में सहायक होगी। आदित्य ग्रुप ने आमजन से भी पौधारोपण की अपील की है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऑक्सीजन का एक नया स्रोत बताया है।
- अजमेर के पीसांगन में चित्तौड़गढ़ से ट्रांसफर होकर आए पुष्पेंद्र मेघवंशी ने नए अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय (ACBEO II) के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। उन्होंने पूर्व अधिकारी नरोत्तम गुर्जर का ट्रांसफर होने के बाद खाली हुए इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। पुष्पेंद्र मेघवंशी के कार्यभार संभालने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) वीना अग्रावत और कार्यालय के स्टाफ महेंद्र, प्रेमचंद, लक्ष्मण, राजकुमार, नरेंद्र और दामोदर ने गुलदस्ता भेंट कर और मुंह मीठा करवाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। माना जा रहा है कि इस प्रशासनिक बदलाव से पीसांगन ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी।2
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत चावंडिया में ग्रामीण बुनियादी समस्याओं को लेकर बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य नाला क्षतिग्रस्त होने, तालाब के किनारे उगी बबूल की झाड़ियों और सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सूचित किए जाने के बावजूद अब तक इन जनसमस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का मुख्य नाला लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिससे आगामी बरसात के मौसम में जल निकासी बाधित होने और गांव की गलियों व आसपास के इलाकों में जलभराव होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, तालाब के किनारे उगी घनी बबूल की झाड़ियों के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और तालाब की सफाई व रखरखाव में भी बाधा आ रही है। सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क बनाने से पहले पुरानी सड़क को हटाया ही नहीं गया, बल्कि उसके ऊपर ही सीधे कंक्रीट की नई परत बिछाई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के निर्माण कार्य से भविष्य में सड़क की मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित होगी। स्थानीय निवासी और अजमेर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीनाराम धोलिया ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इन सभी समस्याओं की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत कराने, तालाब किनारे की झाड़ियों को साफ करने और सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनहित में इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- पुष्कर से पीसांगन को जोड़ने वाली नई सड़क पर वाटर वर्क्स के पास आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस मार्ग पर आने-जाने में हो रही दिक्कतों को लेकर खासे परेशान हैं, क्योंकि इस मार्ग के अलावा आवागमन के लिए कोई अन्य वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है। आम जनता की इन समस्याओं को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि इस सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि राहगीरों को राहत मिल सके।1
- मेरठ-हापुड़ क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुकान से खरीदी गई पानी की सीलबंद बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेजाब निकला। पानी समझकर इसका घूंट पीते ही एक स्कूल शिक्षिका का गला और अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। पीड़ित शिक्षिका को गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस जांच में जुट गई है कि आखिर सीलबंद बोतल में तेजाब कहां से आया।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए आज करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है।1
- राजस्थान के जयपुर में एलएलबी छात्रा आयुषी शर्मा से जुड़ा मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अपनी मां की हत्या के मामले में घिरी आयुषी के पिता विजय शर्मा की मौत पर भी अब पुलिस को हत्या का गहरा शक है। पुलिस ने पिता की मौत की दोबारा जांच शुरू कर दी है और मामले की पुरानी फाइल फिर से खोल दी है। आरोप है कि सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने के लिए यह कथित साजिश रची गई थी। इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब आयुषी की मानसिक स्थिति का आकलन कराएगी, जिसके लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही, मामले में एक और हैरान करने वाला दावा सामने आया है कि मां की हत्या करने से पहले कथित तौर पर टोना-टोटका भी कराया गया था।1
- राजस्थान के केकड़ी को ₹880 करोड़ की एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यहाँ विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। विकास कार्यों की इस बड़ी सौगात के साथ ही मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन भी किया गया।1