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यमुनानगर शहर की 76 कॉलोनियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिसके तहत इन्हें नियमित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के विशेष प्रयासों के बाद लिया गया है। दरअसल, इन कॉलोनियों में 1996 में धारा 203ए के तहत कई भवनों को नियमित किया गया था। लेकिन, बाद में एनडीसी पोर्टल और जीआईएस मैपिंग की प्रक्रिया के दौरान खसरा नंबर और लेआउट प्लान उपलब्ध नहीं होने के कारण ये कॉलोनियां सरकारी रिकॉर्ड में अनधिकृत के रूप में दर्ज होने लगी थीं। अब सरकार ने इन कॉलोनियों की पहचान और सर्वे के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में यह समिति कॉलोनियों की बाहरी सीमाएं निर्धारित कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद संपत्ति रिकॉर्ड एनडीसी पोर्टल से जुड़ सकेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों का रास्ता साफ होगा और लाखों शहरवासियों को इस फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद है। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लगातार विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।

3 hrs ago
user_Ajay khurana
Ajay khurana
जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
3 hrs ago

यमुनानगर शहर की 76 कॉलोनियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिसके तहत इन्हें नियमित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के विशेष प्रयासों के बाद लिया गया है। दरअसल, इन कॉलोनियों में 1996 में धारा 203ए के तहत कई भवनों को नियमित किया गया था। लेकिन, बाद में एनडीसी पोर्टल और जीआईएस मैपिंग की प्रक्रिया के दौरान खसरा नंबर और लेआउट प्लान उपलब्ध नहीं होने के कारण ये कॉलोनियां सरकारी रिकॉर्ड में अनधिकृत के रूप में दर्ज होने लगी थीं। अब सरकार ने इन कॉलोनियों की पहचान और सर्वे के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में यह समिति कॉलोनियों की बाहरी सीमाएं निर्धारित कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद संपत्ति रिकॉर्ड एनडीसी पोर्टल से जुड़ सकेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों का रास्ता साफ होगा और लाखों शहरवासियों को इस फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद है। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लगातार विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।

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  • यमुनानगर शहर की 76 कॉलोनियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिसके तहत इन्हें नियमित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के विशेष प्रयासों के बाद लिया गया है। दरअसल, इन कॉलोनियों में 1996 में धारा 203ए के तहत कई भवनों को नियमित किया गया था। लेकिन, बाद में एनडीसी पोर्टल और जीआईएस मैपिंग की प्रक्रिया के दौरान खसरा नंबर और लेआउट प्लान उपलब्ध नहीं होने के कारण ये कॉलोनियां सरकारी रिकॉर्ड में अनधिकृत के रूप में दर्ज होने लगी थीं। अब सरकार ने इन कॉलोनियों की पहचान और सर्वे के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में यह समिति कॉलोनियों की बाहरी सीमाएं निर्धारित कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद संपत्ति रिकॉर्ड एनडीसी पोर्टल से जुड़ सकेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों का रास्ता साफ होगा और लाखों शहरवासियों को इस फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद है। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लगातार विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
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    यमुनानगर शहर की 76 कॉलोनियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है, जिसके तहत इन्हें नियमित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के विशेष प्रयासों के बाद लिया गया है।

दरअसल, इन कॉलोनियों में 1996 में धारा 203ए के तहत कई भवनों को नियमित किया गया था। लेकिन, बाद में एनडीसी पोर्टल और जीआईएस मैपिंग की प्रक्रिया के दौरान खसरा नंबर और लेआउट प्लान उपलब्ध नहीं होने के कारण ये कॉलोनियां सरकारी रिकॉर्ड में अनधिकृत के रूप में दर्ज होने लगी थीं।

अब सरकार ने इन कॉलोनियों की पहचान और सर्वे के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में यह समिति कॉलोनियों की बाहरी सीमाएं निर्धारित कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद संपत्ति रिकॉर्ड एनडीसी पोर्टल से जुड़ सकेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों का रास्ता साफ होगा और लाखों शहरवासियों को इस फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद है।

विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस जनहितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लगातार विधानसभा में उठाया था, जिसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
    user_Ajay khurana
    Ajay khurana
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    3 hrs ago
  • Post by Jagadhri Breaking News
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    Post by Jagadhri Breaking News
    user_Jagadhri Breaking News
    Jagadhri Breaking News
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • यमुनानगर के जगाधरी में वंश डूबने के एक मामले में, कई दिनों की गहन तलाश के बाद आखिरकार लापता किशोर का शव बरामद कर लिया गया है। इस पूरी घटना के संबंध में किशोर की मां ने उसके एक दोस्त पर गंभीर आरोप लगाए थे।
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    यमुनानगर के जगाधरी में वंश डूबने के एक मामले में, कई दिनों की गहन तलाश के बाद आखिरकार लापता किशोर का शव बरामद कर लिया गया है। इस पूरी घटना के संबंध में किशोर की मां ने उसके एक दोस्त पर गंभीर आरोप लगाए थे।
    user_INC 24 HARYANA NEWS NETWO
    INC 24 HARYANA NEWS NETWO
    Court reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • यमुनानगर की सरोजिनी कॉलोनी में 10-12 साल पुरानी सड़कों के पुनर्निर्माण में नियमों की भारी अनदेखी का मुद्दा अब मुख्यमंत्री के पटल पर भी पहुँच गया है। मुख्य आरोप मुंकद लाल पब्लिक स्कूल के सामने बन रही सड़क में बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर हैं। शिकायत के अनुसार, यह सड़क गली के बिल्कुल बीच में न बनाकर स्कूल की तरफ अधिक बनाई जा रही है। सड़क के दूसरी ओर निवासियों ने क्यारियां बनाकर अतिक्रमण कर रखा है, जिसे नगर निगम का ठेकेदार कथित तौर पर गली निवासियों से मिलीभगत कर हटा नहीं रहा। नियमों को ताक पर रखकर पानी की निकासी भी सड़क के किनारे बनाई गई है, जिससे भविष्य में सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है, विशेषकर छुट्टी और स्कूल लगने के समय बड़ी संख्या में स्कूल बसों और कारों की आवाजाही को देखते हुए। सरोजिनी कॉलोनी को यमुनानगर की नंबर वन अप्रूव्ड कॉलोनी माना जाता है, जिसका निर्माण 1970 के दशक में नगर सुधार मंडल ने किया था। लगभग सन 2000 में यह कॉलोनी नगर निगम के अधीन आ गई थी। 2014 के बाद से यहाँ विकास कार्य किस्तों में किए जा रहे हैं, जहाँ एक साल में एक गली और दूसरे साल में दूसरी गली की सड़क बनती है, जिससे जब तक अंतिम गली का नंबर आता है, तो पहले बनी सड़क की 'एक्सपायरी डेट' खत्म हो जाती है, नतीजतन कभी भी पूरी कॉलोनी में एक साथ सड़कें ठीक नहीं रहतीं। कॉलोनी निवासी तथा उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम यमुनानगर ने लोगों को अतिक्रमण करने की खुली छूट दे रखी है। प्रशासन की लापरवाही इतनी अधिक है कि दिन-प्रतिदिन कॉलोनीवासियों में अवैध कब्जा करने की होड़ मची हुई है। अपने छोटे घरों को आलीशान बंगले जैसा दिखाने के लिए लोग अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर घर के बाहर पेड़-पौधे लगाकर 'सौंदर्यीकरण' का नाम दे रहे हैं। इस कारण गलियाँ तंग और संकरी हो गई हैं, क्योंकि लोगों ने ऊँचे-ऊँचे रैम्प या 'थड़े' बना रखे हैं, जिससे मेहमानों को अपनी कारें बीच सड़क पर खड़ी करनी पड़ती हैं और सुबह-शाम जाम लगना आम बात हो गई है। आरोप है कि घर के भीतर पर्याप्त जगह और चौड़े गेट होने के बावजूद लोग अपनी 'चौधर' दिखाने के लिए महंगी कारों की नुमाइश सड़क पर करते हैं, जिसके लिए सभी ने अपनी सहूलियत से चौड़े-चौड़े मंच बना लिए हैं। यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, और तो और कुछ प्रशासनिक अधिकारी, जो 'समाधान शिविर' में समाधान करते हैं, वे भी इसी क्षेत्र में रहते हुए आँखें मूंदे हुए हैं और अपनी जिम्मेदारी से स्पष्ट रूप से भागते नजर आते हैं। विपिन गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने निगम के जेई और पार्षद से इस संबंध में शिकायत की, तो कुछ जिम्मेदार कर्मचारी और 'समाज सेवी' भी अतिक्रमण करने वालों का ही समर्थन करते दिखे। उनका तर्क था कि ये 'जंगला नुमा क्यारियां' शहर का सौंदर्यीकरण बढ़ा रही हैं। इस पर जब उनसे गुरुग्राम में नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ द्वारा अतिक्रमण हटाओ मुहिम के बारे में पूछा गया, जिसे हाई कोर्ट के आदेशों पर अमल में लाया जा रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि 'वो तो हाई कोर्ट के आदेशों पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है'। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गुरुग्राम और यमुनानगर का हाई कोर्ट अलग-अलग है?
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    यमुनानगर की सरोजिनी कॉलोनी में 10-12 साल पुरानी सड़कों के पुनर्निर्माण में नियमों की भारी अनदेखी का मुद्दा अब मुख्यमंत्री के पटल पर भी पहुँच गया है। मुख्य आरोप मुंकद लाल पब्लिक स्कूल के सामने बन रही सड़क में बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर हैं। शिकायत के अनुसार, यह सड़क गली के बिल्कुल बीच में न बनाकर स्कूल की तरफ अधिक बनाई जा रही है।

सड़क के दूसरी ओर निवासियों ने क्यारियां बनाकर अतिक्रमण कर रखा है, जिसे नगर निगम का ठेकेदार कथित तौर पर गली निवासियों से मिलीभगत कर हटा नहीं रहा। नियमों को ताक पर रखकर पानी की निकासी भी सड़क के किनारे बनाई गई है, जिससे भविष्य में सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है, विशेषकर छुट्टी और स्कूल लगने के समय बड़ी संख्या में स्कूल बसों और कारों की आवाजाही को देखते हुए। सरोजिनी कॉलोनी को यमुनानगर की नंबर वन अप्रूव्ड कॉलोनी माना जाता है, जिसका निर्माण 1970 के दशक में नगर सुधार मंडल ने किया था। लगभग सन 2000 में यह कॉलोनी नगर निगम के अधीन आ गई थी। 2014 के बाद से यहाँ विकास कार्य किस्तों में किए जा रहे हैं, जहाँ एक साल में एक गली और दूसरे साल में दूसरी गली की सड़क बनती है, जिससे जब तक अंतिम गली का नंबर आता है, तो पहले बनी सड़क की 'एक्सपायरी डेट' खत्म हो जाती है, नतीजतन कभी भी पूरी कॉलोनी में एक साथ सड़कें ठीक नहीं रहतीं।

कॉलोनी निवासी तथा उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी जिलाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम यमुनानगर ने लोगों को अतिक्रमण करने की खुली छूट दे रखी है। प्रशासन की लापरवाही इतनी अधिक है कि दिन-प्रतिदिन कॉलोनीवासियों में अवैध कब्जा करने की होड़ मची हुई है। अपने छोटे घरों को आलीशान बंगले जैसा दिखाने के लिए लोग अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर घर के बाहर पेड़-पौधे लगाकर 'सौंदर्यीकरण' का नाम दे रहे हैं। इस कारण गलियाँ तंग और संकरी हो गई हैं, क्योंकि लोगों ने ऊँचे-ऊँचे रैम्प या 'थड़े' बना रखे हैं, जिससे मेहमानों को अपनी कारें बीच सड़क पर खड़ी करनी पड़ती हैं और सुबह-शाम जाम लगना आम बात हो गई है।

आरोप है कि घर के भीतर पर्याप्त जगह और चौड़े गेट होने के बावजूद लोग अपनी 'चौधर' दिखाने के लिए महंगी कारों की नुमाइश सड़क पर करते हैं, जिसके लिए सभी ने अपनी सहूलियत से चौड़े-चौड़े मंच बना लिए हैं। यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, और तो और कुछ प्रशासनिक अधिकारी, जो 'समाधान शिविर' में समाधान करते हैं, वे भी इसी क्षेत्र में रहते हुए आँखें मूंदे हुए हैं और अपनी जिम्मेदारी से स्पष्ट रूप से भागते नजर आते हैं। विपिन गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने निगम के जेई और पार्षद से इस संबंध में शिकायत की, तो कुछ जिम्मेदार कर्मचारी और 'समाज सेवी' भी अतिक्रमण करने वालों का ही समर्थन करते दिखे। उनका तर्क था कि ये 'जंगला नुमा क्यारियां' शहर का सौंदर्यीकरण बढ़ा रही हैं। इस पर जब उनसे गुरुग्राम में नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ द्वारा अतिक्रमण हटाओ मुहिम के बारे में पूछा गया, जिसे हाई कोर्ट के आदेशों पर अमल में लाया जा रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि 'वो तो हाई कोर्ट के आदेशों पर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है'। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गुरुग्राम और यमुनानगर का हाई कोर्ट अलग-अलग है?
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    8 hrs ago
  • केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में यमुनानगर में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेता संजू गुदियाना ने स्पष्ट किया है कि यदि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत के बाजारों में प्रवेश कर सकती है। इससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों की फसलों के दाम बुरी तरह प्रभावित होंगे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती की जाती है, जबकि भारत का किसान अपनी छोटी जोतों पर खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। इस असमानता के चलते भारतीय किसान अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं होंगे, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगी।
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    केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में यमुनानगर में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेता संजू गुदियाना ने स्पष्ट किया है कि यदि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत के बाजारों में प्रवेश कर सकती है। इससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों की फसलों के दाम बुरी तरह प्रभावित होंगे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती की जाती है, जबकि भारत का किसान अपनी छोटी जोतों पर खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। इस असमानता के चलते भारतीय किसान अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं होंगे, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगी।
    user_Kulwant Singh Reporter India T
    Kulwant Singh Reporter India T
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • भारतीय किसान यूनियन ने साहा चौक पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस विरोध का मुख्य कारण ट्रेड डील से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभाव थे, जिनके संबंध में यूनियन ने अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं।
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    भारतीय किसान यूनियन ने साहा चौक पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस विरोध का मुख्य कारण ट्रेड डील से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभाव थे, जिनके संबंध में यूनियन ने अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं।
    user_Manish sharma
    Manish sharma
    मुलाना सेंट, अंबाला, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • यमुनानगर जिले के सढौरा में लखविंदर सिंह को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति एसपी कमलदीप गोयल द्वारा की गई है। इस पदभार को संभालने के बाद, लखविंदर सिंह ने स्पष्ट किया है कि सढौरा क्षेत्र में नशा मुक्ति उनके लिए एक मुख्य प्राथमिकता होगी। वे इस नई जिम्मेदारी से पहले व्यासपुर में नियुक्त थे।
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    यमुनानगर जिले के सढौरा में लखविंदर सिंह को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति एसपी कमलदीप गोयल द्वारा की गई है। इस पदभार को संभालने के बाद, लखविंदर सिंह ने स्पष्ट किया है कि सढौरा क्षेत्र में नशा मुक्ति उनके लिए एक मुख्य प्राथमिकता होगी। वे इस नई जिम्मेदारी से पहले व्यासपुर में नियुक्त थे।
    user_Satpal sharma
    Satpal sharma
    Local News Reporter सढौरा एसटी, यमुनानगर, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • यमुनानगर में आगामी मानसून सीजन के दौरान शहर में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए मेयर सुमन बहमनी ने पूरी गंभीरता दिखाते हुए शहर के नालों, सीवरेज व्यवस्था और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशनों (आईपीएस) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक अमले के साथ मिलकर मोर्चा संभाला है, जिसका उद्देश्य शहरवासियों को जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात दिलाना है। अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद मेयर ने खुद जमीन पर उतरकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेयर के साथ अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार, सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक विनोद बेनीवाल, हरजीत सिंह, पार्षद संदीप धीमान, उज्जवल ठाकुर, पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण सिंगला, पवन प्रताप यादव और पार्षद भानू प्रताप सहित नगर निगम व पब्लिक हेल्थ के अधिकारी मौजूद रहे। मेयर का काफिला सबसे पहले वार्ड नंबर 10 के आजाद नगर क्षेत्र में खालसा कॉलेज व यमुना नहर के नजदीक मुख्य नाले पर पहुंचा, जहां उन्होंने सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद, जिंदल पार्क के पास स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा संचालित आईपीएस को बंद और गंदगी व सिल्ट से भरा हुआ पाया गया। इस पर मेयर ने मौके पर ही अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और जवाब-तलब करते हुए इसे तुरंत चालू करने और जमी गंदगी को साफ कराने के सख्त निर्देश दिए। लाजपत नगर (वार्ड 15) में मेयर ने वीआईपी संस्कृति को दरकिनार करते हुए गलियों में पैदल चलकर नालों और नालियों की जमीनी हकीकत देखी, और अधिकारियों को केवल ऊपरी नहीं, बल्कि गहराई तक सिल्ट व गंदगी निकालने के निर्देश दिए। वार्ड 16 में रेलवे फ्लाईओवर के पास कुलदीप नगर के नाले पर सफाई कार्य की धीमी गति पाए जाने पर मेयर ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में, उन्होंने वार्ड 18 के जोड़ियां गुरुद्वारे के पास लगे आईपीएस और वार्ड 13 के जम्मू कॉलोनी श्मशान घाट के पास बने नालों का भी गहनता से मुआयना किया। जगाधरी के अशोक विहार में नाले की सफाई का जायजा लेते हुए मेयर ने नाला तोड़ने के बाद बचे अवशेषों को तुरंत दुरुस्त करने और रोड सेफ्टी का ध्यान रखते हुए खुले नाले के पास बैरिकेड लगाने के निर्देश दिए। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी आईपीएस और सीवरेज सिस्टम हर वक्त दुरुस्त और चालू रहने चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नालों की प्रथम चरण की सफाई का कार्य समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा हो जाए, और काम में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कहीं भी जलभराव की स्थिति पैदा हुई, तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी गाज गिरेगी। मेयर ने सफाई एजेंसी को भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर नालों के सफाई कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
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    यमुनानगर में आगामी मानसून सीजन के दौरान शहर में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए मेयर सुमन बहमनी ने पूरी गंभीरता दिखाते हुए शहर के नालों, सीवरेज व्यवस्था और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशनों (आईपीएस) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक अमले के साथ मिलकर मोर्चा संभाला है, जिसका उद्देश्य शहरवासियों को जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात दिलाना है। अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद मेयर ने खुद जमीन पर उतरकर निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मेयर के साथ अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार, सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक विनोद बेनीवाल, हरजीत सिंह, पार्षद संदीप धीमान, उज्जवल ठाकुर, पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण सिंगला, पवन प्रताप यादव और पार्षद भानू प्रताप सहित नगर निगम व पब्लिक हेल्थ के अधिकारी मौजूद रहे। मेयर का काफिला सबसे पहले वार्ड नंबर 10 के आजाद नगर क्षेत्र में खालसा कॉलेज व यमुना नहर के नजदीक मुख्य नाले पर पहुंचा, जहां उन्होंने सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद, जिंदल पार्क के पास स्थित पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा संचालित आईपीएस को बंद और गंदगी व सिल्ट से भरा हुआ पाया गया। इस पर मेयर ने मौके पर ही अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और जवाब-तलब करते हुए इसे तुरंत चालू करने और जमी गंदगी को साफ कराने के सख्त निर्देश दिए। लाजपत नगर (वार्ड 15) में मेयर ने वीआईपी संस्कृति को दरकिनार करते हुए गलियों में पैदल चलकर नालों और नालियों की जमीनी हकीकत देखी, और अधिकारियों को केवल ऊपरी नहीं, बल्कि गहराई तक सिल्ट व गंदगी निकालने के निर्देश दिए। वार्ड 16 में रेलवे फ्लाईओवर के पास कुलदीप नगर के नाले पर सफाई कार्य की धीमी गति पाए जाने पर मेयर ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में, उन्होंने वार्ड 18 के जोड़ियां गुरुद्वारे के पास लगे आईपीएस और वार्ड 13 के जम्मू कॉलोनी श्मशान घाट के पास बने नालों का भी गहनता से मुआयना किया। जगाधरी के अशोक विहार में नाले की सफाई का जायजा लेते हुए मेयर ने नाला तोड़ने के बाद बचे अवशेषों को तुरंत दुरुस्त करने और रोड सेफ्टी का ध्यान रखते हुए खुले नाले के पास बैरिकेड लगाने के निर्देश दिए।

मेयर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी आईपीएस और सीवरेज सिस्टम हर वक्त दुरुस्त और चालू रहने चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नालों की प्रथम चरण की सफाई का कार्य समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा हो जाए, और काम में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कहीं भी जलभराव की स्थिति पैदा हुई, तो संबंधित अधिकारियों पर सीधी गाज गिरेगी। मेयर ने सफाई एजेंसी को भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर नालों के सफाई कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    10 hrs ago
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