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नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ानों का शुभारंभ हो गया है, जिसके तहत जेवर के किसानों ने लखनऊ के लिए अपनी पहली हवाई यात्रा की। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु भी उपस्थित रहे। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस क्षण को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि जिन किसानों ने विकास और प्रदेश के भविष्य के लिए अपनी जमीनें दी थीं, आज उन्हीं परिवारों के सदस्य उसी धरती से हवाई यात्रा कर रहे हैं। विधायक धीरेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार, निवेश, उद्योग और विकास के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को दिया।
Sheetla Prasad
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ानों का शुभारंभ हो गया है, जिसके तहत जेवर के किसानों ने लखनऊ के लिए अपनी पहली हवाई यात्रा की। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु भी उपस्थित रहे। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस क्षण को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि जिन किसानों ने विकास और प्रदेश के भविष्य के लिए अपनी जमीनें दी थीं, आज उन्हीं परिवारों के सदस्य उसी धरती से हवाई यात्रा कर रहे हैं। विधायक धीरेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार, निवेश, उद्योग और विकास के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को दिया।
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- जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के धरौरा गांव में मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इस विवाद में 65 वर्षीय रामदुलार सरोज नामक बुजुर्ग घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान दुखद मौत हो गई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान कानपुर देहात में एक चौपाल लगाकर दो घंटे तक बैठे रहे, लेकिन इस जनसभा में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। अधिकारियों की गैरमौजूदगी से नाराज होकर मंत्री सचान ने सीधे जिलाधिकारी (DM) को फोन लगाया और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। मंत्री ने DM से सवाल करते हुए कहा, "हैलो, DM साहब बोल रहे हैं? पंचायतों का मजाक बना रखा है आपने। यहां पंचायत चल रही है और कोई अधिकारी नहीं है।"1
- प्रथम विधायक ओम प्रकाश दुबे ने अपने विचारों को साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि उनके लिए राजनीति कोई व्यवसाय नहीं है, बल्कि जनसेवा ही उनका मूल संकल्प है।1
- विकासशील इंसान पार्टी (वी आई पी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने सुल्तानपुर के अमहट स्थित एक होटल में कार्यकर्ता बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी आगामी रणनीतियों और राजनीतिक लक्ष्यों को साझा किया, जिसमें उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद पर सीधा निशाना साधा। सहनी ने डॉ. संजय निषाद पर यह आरोप लगाया कि निषाद समाज ने ही उन्हें नेता बनाया और आज वे मंत्री पद पर हैं, लेकिन पिछले सात वर्षों से सरकार में रहने के बावजूद वे समाज के आरक्षण के महत्वपूर्ण मुद्दे को भूल चुके हैं। मुकेश सहनी ने उनसे आग्रह किया कि वे सरकार पर दबाव बनाकर निषाद समाज को उनका उचित आरक्षण दिलवाएँ। इसी संदर्भ में, सहनी ने संजय निषाद को 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने का खुला न्योता दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो संजय निषाद को अपना मंत्री पद छोड़कर 'इंडिया' गठबंधन का हिस्सा बन जाना चाहिए। सहनी ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि संजय निषाद उनके साथ आते हैं, तो वे स्वयं राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके उन्हें गठबंधन में सम्मानजनक सीटें दिलाएंगे, ताकि आने वाले समय में निषाद समाज के अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष किया जा सके। अपनी आगामी रणनीतियों के तहत, मुकेश सहनी ने संगठन को मजबूत करने और 'संकल्प यात्रा' शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि जब तक वर्ष 2027 से पहले केंद्र और राज्य सरकार (मोदी और योगी) निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती, तब तक वे आगामी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देंगे। मुकेश सहनी ने 'इंडिया' गठबंधन और राहुल गांधी के जाति आधारित गणना के विजन का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि देश में जाति आधारित गणना होनी चाहिए ताकि जिसकी जितनी संख्या हो, उसे उसी अनुपात में आरक्षण प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भाजपा पर केवल वादे करने और काला धन वापस लाने, रोजगार देने तथा महंगाई पर लगाम लगाने जैसे बुनियादी मुद्दों पर विफल रहने का गंभीर आरोप भी लगाया।2
- जफराबाद जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की अनदेखी और बंद निकासी गली को तुरंत खुलवाने की मांग को लेकर 'जज सिंह अन्ना' ने 17 जून को सुबह 10:00 बजे प्लेटफार्म नंबर 4 की साइड में, जहां दीवार बंद की गई है, वहीं अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। अन्ना ने इस समस्या को लेकर 5 जून को जिलाधिकारी जौनपुर को एक पत्रक सौंपा था, जिसके बाद उन्होंने 10 जून को डीआरएम से भी मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। समस्या समाप्त न होने के कारण अन्ना अब 'करो या मरो' की राह पर उतर आए हैं। जिलाधिकारी ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और अन्ना द्वारा दिखाया गया एक वीडियो भी देखा है, जिसमें हजारों रेलयात्री जफराबाद की दीवार फांद कर दूसरी तरफ से जौनपुर आ रहे हैं। इस स्थिति को देखकर जिलाधिकारी ने तुरंत डीआरएम को इस पर निर्णय लेने के लिए लिखा है। अन्ना ने जिलाधिकारी से 17 जून को अपने आमरण अनशन की अनुमति भी मांगी है। उनकी प्रमुख मांगों में जफराबाद जंक्शन पर यात्री सुविधा के लिए स्थायी एंट्री गेट और बंद पड़ी निकास गली को तत्काल खुलवाना शामिल है।3
- Post by Rahat time's1
- 4000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) जलाने वाली घटना हो या शिक्षा मंत्रालय में लगी आग, देश की जनता इन सभी घटनाओं को भली-भांति समझ रही है। यह आरोप लगाया गया है कि पूरा देश भाजपा की 'नागरिकखोर सरकार' के महाभ्रष्टाचार का एक बड़ा सुबूत बन चुका है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि आखिर कितने सुबूत खत्म किए जाएंगे?1