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Sharda Singh
More news from Buxar and nearby areas
- Post by Sharda Singh1
- लालू जी के लडको मे दरार हो या मोदी नीतीश मे झगड़ा,जनता को इससे क्या फायदा,चर्चा विकास की हो! #shot1
- बिहार के हाजीपुर में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया, जहाँ मासूम दिखने वाला परिवार हेरोइन तस्करी का मास्टरमाइंड निकला। एनएच-322 पर गुप्त सूचना के आधार पर कार चेकिंग के दौरान 440 ग्राम हेरोइन, नकद और अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी सोनम कुमारी, धीरज कुमार सिंह और वाहन चालक बंदन कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि यह दंपति लंबे समय से सूखे नशे की तस्करी में सक्रिय थे और विभिन्न इलाकों में सप्लाई कर रहे थे।1
- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) एक प्रमुख भारतीय राजनीतिक दल है, जो विशेष रूप से हैदराबाद में मजबूत है, मुस्लिम अल्पसंख्यक हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है, जिसका नेतृत्व असदुद्दीन ओवैसी करते हैं, और यह सामाजिक-राजनीतिक विकास पर केंद्रित है, जिसकी जड़ें ऐतिहासिक इत्तेहाद बैनल मुस्लिमीन आंदोलन में हैं, जो मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और विकास की वकालत करता है। पूरा नाम: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम)। नेता: असदुद्दीन ओवेसी (अध्यक्ष, लोकसभा नेता)। स्थापित: 12 नवंबर, 1927, नवाब बहादुर यार जंग और नवाब महमूद नवाज खान किलेदार द्वारा। मुख्यालय: हैदराबाद, भारत। विचारधारा: भारतीय रूढ़िवाद, संवैधानिकवाद, मुस्लिम अल्पसंख्यक अधिकार, दलित अधिकार। राजनीतिक स्थिति: मध्य-दक्षिणपंथी से दक्षिणपंथी तक। उद्देश्य: मुसलमानों के सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा करना, उनके सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक विकास को बढ़ावा देना। मूल रूप से इत्तेहाद बैनल मुस्लिमीन के रूप में स्थापित, यह हैदराबाद की राजनीति में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन गई और बाद में तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में इसका विस्तार हुआ। हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र में इसका काफी प्रभाव है, जहां असदुद्दीन ओवैसी सांसद के रूप में कार्यरत हैं। एआईएमआईएम अक्सर गठबंधन बनाती है, जैसे कि 2019 के चुनावों के लिए महाराष्ट्र में प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के साथ गठबंधन। मुस्लिम समुदाय के सशक्तिकरण की वकालत। संवैधानिक अधिकारों और समावेशी राष्ट्रवाद पर ध्यान केंद्रित करें। भारत भर में मुसलमानों के विकास और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना। AIMIM की ओर से सहर शेख ने करीब 22 वर्ष की उम्र में नगर निगम चुनाव जीतकर पार्षद बनने का रिकॉर्ड बनाया। वे ठाणे नगर निगम के मुंब्रा क्षेत्र से निर्वाचित हुईं और AIMIM की सबसे कम उम्र की पार्षद मानी जाती हैं। सहर शेख ने मुंब्रा वार्ड से चुनाव लड़ा और उन्हें लगभग 12 हजार से अधिक वोट मिले। उनकी जीत को क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया, क्योंकि मुंब्रा को पहले अन्य दलों का मजबूत गढ़ समझा जाता था। वे यूनुस शेख की बेटी हैं, जो स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। कम उम्र में राजनीति में प्रवेश करने के बावजूद सहर शेख ने जोरदार प्रचार किया और युवाओं व अल्पसंख्यक मतदाताओं का समर्थन हासिल किया। चुनाव जीतने के बाद उनके एक भाषण में “मुंब्रा को हरा रंग” देने वाली बात सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिस पर विवाद भी हुआ। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय AIMIM के झंडे के रंग और पार्टी की राजनीतिक मजबूती से था, न कि किसी धार्मिक भावना से। सहर शेख का कहना है कि वे पार्षद के रूप में स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर काम करेंगी और AIMIM की विचारधारा को जमीनी स्तर तक मजबूत करेंगी।1
- Gaya se Daudnagar jaane wala raste per navratn Chak ek kar palti maar Di ek kar speed mein tha1
- niche Bala falwa @singer_prem_chandan_official #trending🔥 #Newbhojpurisong2025 #Bhojpurireels2025 #reelsvideo reels viral instagood instgramreels short chandan1
- अरल मुरादपुर हुजरा पंचायत से अशोक कुमार ने नामांकन दाखिल किया1
- Post by Sharda Singh1