संतकबीरनगर जिले के बेलहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेलवा सेगर में मंगलवार को एक नई सीसी सड़क का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री और विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ग्राम प्रधान इंदू सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद रही, जहाँ सुभाष यदुवंश ने सड़क का विधिवत उद्घाटन किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें गांव, कस्बों और शहरों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगातार कार्यरत हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर सड़कें विकास की पहचान होती हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाती हैं और लोगों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार गांवों के विकास को प्राथमिकता दे रही है और आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है, जिससे ग्रामीणों को सीधा फायदा मिल रहा है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान इंदू सिंह, प्रधान प्रतिनिधि विपिन कुमार सिंह, अतुल कुमार सिंह, बिजय सिंह, विश्वनाथ मौर्या, शिव नारायण वर्मा, अंगद सिंह, राम सूरत चौधरी, धर्मेन्द्र कुमार लोधी, राम प्रकाश सिंह और सुनील सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संतकबीरनगर जिले के बेलहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेलवा सेगर में मंगलवार को एक नई सीसी सड़क का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री और विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ग्राम प्रधान इंदू सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद रही, जहाँ सुभाष यदुवंश ने सड़क का विधिवत उद्घाटन किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें गांव, कस्बों और शहरों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगातार कार्यरत हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर सड़कें विकास की पहचान होती हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाती हैं और लोगों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार गांवों के विकास को प्राथमिकता दे रही है और आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है, जिससे ग्रामीणों को सीधा फायदा मिल रहा है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान इंदू सिंह, प्रधान प्रतिनिधि विपिन कुमार सिंह, अतुल कुमार सिंह, बिजय सिंह, विश्वनाथ मौर्या, शिव नारायण वर्मा, अंगद सिंह, राम सूरत चौधरी, धर्मेन्द्र कुमार लोधी, राम प्रकाश सिंह और सुनील सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- संतकबीरनगर जिले के बेलहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेलवा सेगर में मंगलवार को एक नई सीसी सड़क का लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री और विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ग्राम प्रधान इंदू सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद रही, जहाँ सुभाष यदुवंश ने सड़क का विधिवत उद्घाटन किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सुभाष यदुवंश ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकारें गांव, कस्बों और शहरों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगातार कार्यरत हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर सड़कें विकास की पहचान होती हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाती हैं और लोगों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ देती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार गांवों के विकास को प्राथमिकता दे रही है और आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है, जिससे ग्रामीणों को सीधा फायदा मिल रहा है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान इंदू सिंह, प्रधान प्रतिनिधि विपिन कुमार सिंह, अतुल कुमार सिंह, बिजय सिंह, विश्वनाथ मौर्या, शिव नारायण वर्मा, अंगद सिंह, राम सूरत चौधरी, धर्मेन्द्र कुमार लोधी, राम प्रकाश सिंह और सुनील सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- सिद्धार्थनगर के टिकरी चितई में स्थित रंगीलाल मिश्रा के पेट्रोल पंप पर कल शाम करीब 6:30 बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। एक ग्राहक ने आरोप लगाया है कि ₹500 का पेट्रोल डलवाने के दौरान उन्हें मात्र ₹300 का पेट्रोल दिया गया, जबकि भुगतान पूरे ₹500 का मांगा गया। जब ग्राहक ने पेट्रोल कम होने की बात कही और इसका वीडियो बनाने लगे, तो कथित तौर पर कुछ गुंडों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। ग्राहक का यह भी दावा है कि पेट्रोल पंप के मालिक ने उन्हें अपशब्द कहे और जान से मारने-पीटने की धमकी भी दी। पीड़ित ने इस घटना को पेट्रोल के नाम पर 'लूटपाट' और 'भ्रष्टाचार' बताते हुए सख्त नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी से इस 'भ्रष्ट' पेट्रोल पंप की जल्द से जल्द और अनिवार्य जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर अपील की है।2
- स्कूल और कॉलेजों में एक विशिष्ट ड्रेस कोड होता है, जहाँ किसी विशेष धर्म या जाति के आधार पर कोई मूल्यांकन नहीं किया जाता। विद्यालयों को शिक्षा और नैतिक ज्ञान का सागर कहा जाता है, और इन संस्थानों में जाति या धर्म के आधार पर ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती। यदि किसी को पढ़ाई करनी है, तो उसे विद्यालय के मानकों के अनुसार ही करनी होगी। सवाल उठता है कि क्या धर्म के नाम पर अज्ञानी बनना ज़रूरी है? स्कूल और कॉलेजों में सभी बच्चे समान माने जाते हैं, किसी विशेष जाति के आधार पर नहीं।1
- ग्राम प्रधान श्रीमती उर्मिला देवी के खिलाफ एक जांच आख्या रिपोर्ट में अनियमितताएँ साबित होने के बाद, उनकी जगह एक प्रशासक की नियुक्ति की गई है।4
- दिनांक 25-05-2026 को की गई एक शिकायत पर शासन-प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया, जिसके बाद मात्र चार घंटे के भीतर ही टूटे हुए पुलिया और नहर के क्षतिग्रस्त भाग में मिट्टी का बेहतर ढंग से भराव कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, आज 26-05-2026 को नहर में पानी का बहाव पूरी क्षमता से जारी है। प्रशासन की इस तत्परता को देखकर जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है, और वे प्रशासन के अधिकारियों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। शासन-प्रशासन द्वारा दिखाई गई यह तत्परता वास्तव में प्रशंसनीय है।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी की बिजली संरक्षण की अपील का स्वागत किया है। समिति ने मुख्यमंत्री के संदेश को समयानुकूल और अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है और स्वयं भी सभी उपभोक्ताओं से भीषण गर्मी में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली के संयमित उपयोग का आग्रह किया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने जोर दिया कि बिजली कर्मियों की पहली प्राथमिकता हमेशा आम जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निजीकरण के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़नात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस लेने की अपील की। साथ ही, मार्च 2023 के आंदोलन के बाद ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए समझौते के अनुसार हटाए गए अत्यंत अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को वापस काम पर रखने की मांग भी उठाई गई। दिलीप सिंह, एक अन्य पदाधिकारी ने बताया कि राजधानी लखनऊ समेत कई जनपदों में “वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग” के नाम पर अव्यवस्था के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है, और बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों को हटाने से फॉल्ट सुधार में गंभीर कठिनाइयां आ रही हैं। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी और भारी कार्यभार के बावजूद बिजली कर्मी दिन-रात काम कर रहे हैं, और कई कर्मचारी हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं, जबकि कर्मचारियों की भारी कमी है। इसके बावजूद, बिजली कर्मियों के अथक परिश्रम से प्रदेश ने विद्युत आपूर्ति में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 24 मई 2026 की रात्रि 10:29 बजे 31,824 मेगावाट विद्युत आपूर्ति कर पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ा गया। वहीं, 22 मई 2026 को रिकॉर्ड 669 मिलियन यूनिट (66 करोड़ 90 लाख यूनिट) और 24 मई 2026 को 664 मिलियन यूनिट (66 करोड़ 40 लाख यूनिट) बिजली आपूर्ति कर नया इतिहास रचा गया, जबकि पिछले वर्ष का अधिकतम रिकॉर्ड 65 करोड़ 59 लाख यूनिट था। सूरज प्रजापति ने आशा व्यक्त की है कि मुख्यमंत्री बिजली कर्मियों की समस्याओं और उनके योगदान को गंभीरता से लेते हुए सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को समाप्त कराने और कर्मचारियों को विश्वास में लेकर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक निर्देश देंगे। इसी क्रम में, आज संत कबीर नगर में कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, वीरेंद्र मौर्य, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, रितेश कुमार, सूरज प्रजापति, संजय यादव, हरिप्रसाद, ओमप्रकाश राय, ओंकार चौरसिया, विजय कुमार, रंजन कुमार समेत अन्य विद्युत कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।1
- पूर्वांचल प्रभारी दिलीप किसान जी ने 'हरिद्वार चलो अभियान' के तहत जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला अध्यक्ष इंद्रेश कुमार, मंडल उपाध्यक्ष विनय कुमार गिरी सहित अन्य किसान भाई उपस्थित थे।1
- संत कबीर नगर जिले के एक बड़े निजी विद्यालय, ब्लूमिंग बर्ड में अभिभावकों को मनमानी तरीके से परेशान किया जा रहा है। विशेषकर गरीब बच्चों और उनके माता-पिता को स्कूल प्रशासन की ओर से अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे त्रस्त हैं। इस उत्पीड़न से परेशान होकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह घटना निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी और शिक्षा के नाम पर 'शिक्षा माफियाओं' के कायम वर्चस्व पर गंभीर सवाल उठाती है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि आखिर निजी विद्यालयों की यह मनमानी कब तक चलेगी।1