बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बाकर नगर सुनरासी के रहने वाले एक वृद्ध और बीमार व्यक्ति हरिराम ने अपने ही बटाईदार पर कृषि भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित हरिराम (पुत्र स्वर्गीय शोभाराम) ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत की है और अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ग्राम बाकर नगर सुनरासी में स्थित गाटा संख्या 359/1 (रकबा 0.250 हेक्टेयर) की कृषि भूमि पर गांव का ही पुरुषोत्तम लाल (पुत्र स्वर्गीय मिश्री लाल) लंबे समय से बटाई पर खेती कर रहा था। हरिराम का आरोप है कि इस बार पुरुषोत्तम लाल ने उन्हें गेहूं की फसल का बटाई का हिस्सा नहीं दिया। जब उन्होंने अपनी जमीन वापस मांगी, तो आरोपी ने जमीन खाली करने से साफ इनकार कर दिया और भविष्य में भी बटाई न देने की धमकी दी। पीड़ित हरिराम का कहना है कि वे अपनी उम्र और बीमारी के कारण स्वयं अपनी जमीन की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ हैं। उन्होंने एसएसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीबीगंज थाना पुलिस को उनकी भूमि से कथित अवैध कब्जा हटवाकर उन्हें वापस कब्जा दिलाने के निर्देश देने की गुहार लगाई है।
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बाकर नगर सुनरासी के रहने वाले एक वृद्ध और बीमार व्यक्ति हरिराम ने अपने ही बटाईदार पर कृषि भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित हरिराम (पुत्र स्वर्गीय शोभाराम) ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत की है और अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ग्राम बाकर नगर सुनरासी में स्थित गाटा संख्या 359/1 (रकबा 0.250 हेक्टेयर) की कृषि भूमि पर गांव का ही पुरुषोत्तम लाल (पुत्र स्वर्गीय मिश्री लाल) लंबे समय से बटाई पर खेती कर रहा था। हरिराम का आरोप है कि इस बार पुरुषोत्तम लाल ने उन्हें गेहूं की फसल का बटाई का हिस्सा नहीं दिया। जब उन्होंने अपनी जमीन वापस मांगी, तो आरोपी ने जमीन खाली करने से साफ इनकार कर दिया और भविष्य में भी बटाई न देने की धमकी दी। पीड़ित हरिराम का कहना है कि वे अपनी उम्र और बीमारी के कारण स्वयं अपनी जमीन की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ हैं। उन्होंने एसएसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीबीगंज थाना पुलिस को उनकी भूमि से कथित अवैध कब्जा हटवाकर उन्हें वापस कब्जा दिलाने के निर्देश देने की गुहार लगाई है।
- बरेली के थाना इज्जत नगर का मामला दबंग से परेशान होकर युवक ने एसपी ऑफिस जाकर लगाई इंसाफ की गुहार बरेली के थाना इज्जत नगर का मामला दबंग से परेशान होकर युवक ने एसपी ऑफिस जाकर लगाई इंसाफ की गुहार1
- खजुरिया खाट गांव में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की प्रवर्तन टीम ने थाना इज्जतनगर क्षेत्र के खजुरिया खाट गांव में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की प्राधिकरण के अनुसार तौसीफ द्वारा बिना बीडीए से स्वीकृति लिए करीब 4000 वर्गमीटर और 3000 वर्गमीटर क्षेत्र में भूखंडों की प्लॉटिंग सड़क निर्माण और बाउंड्रीवाल बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी उ.प्र. नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए बीडीए ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भवन निर्माण या प्लॉट खरीदने से पहले मानचित्र की स्वीकृति अवश्य जांच लें बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और प्लॉटिंग अवैध है जिस पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल! यूपीभर में सपा का उग्र प्रदर्शन, रिहाई तक आंदोलन की चेतावनी" अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल! यूपीभर में सपा का उग्र प्रदर्शन, रिहाई तक आंदोलन की चेतावनी" नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live बरेली से भारत vision live के लिए सय्यद शाहरुख अली की रिपोर्ट दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में रोजाना विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक ओर समाजवादी पार्टी इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, तो दूसरी ओर प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अखिलेश यादव की रिहाई कब होती है और आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी अपने आंदोलन को किस दिशा में ले जाती है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है।1
- बरेली में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। जिला प्रभारी चंद्रप्रकाश उर्फ पप्पू गंगवार के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में चौधरी शिशुपाल सिंह, हाजी मोहम्मद इकबाल और धीरेंद्र सिंह राठी सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। ज्ञापन के जरिए किसानों ने धान और गन्ने की फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा और बहेड़ी व नवाबगंज चीनी मिलों से बकाया गन्ना भुगतान जल्द दिलाने की मांग उठाई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने, कृषि मंडियों में अवैध कटौती रोकने और उर्वरकों पर सब्सिडी बहाल करने की मांग की गई। संगठन ने निजी खाद विक्रेताओं के यहां रेट लिस्ट व स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य करने, फरीदपुर क्षेत्र की जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण, किसानों की फार्मर आईडी व भू-अंश संबंधी त्रुटियों के शीघ्र निस्तारण और पदाधिकारियों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे वापस लेने की भी मांग रखी। भाकियू (टिकैत) ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र निस्तारण नहीं हुआ तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। वहीं, खाद वितरण और बायोमेट्रिक की समस्या पर जिला कृषि अधिकारी बरेली ऋतुशाह तिवारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से नेटवर्क इशू के कारण बायोमेट्रिक काम नहीं कर रही है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है और मुख्यालय के डीबीटी सेल द्वारा इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका समाधान जल्द ही कर लिया जाएगा।2
- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने बीजेपी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उस पर देश की आर्थिक स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और संपत्तियों को पूरी तरह बर्बाद करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि बीजेपी देश के हित में काम न करके सिर्फ अपने फायदे के लिए काम कर रही है और उसने देश की तमाम संपत्तियों को बेच दिया है। इसके साथ ही, बीजेपी पर भगवान राम के धन पर डाका डालने, पेपर लीक के जरिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने और देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी का तर्क है कि जब ये लोग भगवान को नहीं छोड़ रहे हैं, तो आम जनता को क्या छोड़ेंगे। इसी आधार पर मुस्लिम मजलिस ने राष्ट्रपति जी से मांग की है कि इस सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। इसके साथ ही, इन मामलों की सख्त जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की गई है ताकि देश की संपत्ति को और न लूटा जा सके। पार्टी ने जनता से समझदारी दिखाने, घरों से निकलकर सड़कों पर उतरने और इस सरकार का पूर्ण बहिष्कार करने का आह्वान किया है।4
- बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने गौकशी के प्रयास को विफल करते हुए एक मुठभेड़ के बाद दो गौकशों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से जीवित गौवंश के साथ-साथ अवैध शस्त्र और उपकरण भी बरामद किए हैं। इस पूरी कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में हाईवे क्षेत्राधिकारी श्री देवेश सिंह ने आधिकारिक जानकारी साझा की है।1
- बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बाकर नगर सुनरासी के रहने वाले एक वृद्ध और बीमार व्यक्ति हरिराम ने अपने ही बटाईदार पर कृषि भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़ित हरिराम (पुत्र स्वर्गीय शोभाराम) ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत की है और अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ग्राम बाकर नगर सुनरासी में स्थित गाटा संख्या 359/1 (रकबा 0.250 हेक्टेयर) की कृषि भूमि पर गांव का ही पुरुषोत्तम लाल (पुत्र स्वर्गीय मिश्री लाल) लंबे समय से बटाई पर खेती कर रहा था। हरिराम का आरोप है कि इस बार पुरुषोत्तम लाल ने उन्हें गेहूं की फसल का बटाई का हिस्सा नहीं दिया। जब उन्होंने अपनी जमीन वापस मांगी, तो आरोपी ने जमीन खाली करने से साफ इनकार कर दिया और भविष्य में भी बटाई न देने की धमकी दी। पीड़ित हरिराम का कहना है कि वे अपनी उम्र और बीमारी के कारण स्वयं अपनी जमीन की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ हैं। उन्होंने एसएसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीबीगंज थाना पुलिस को उनकी भूमि से कथित अवैध कब्जा हटवाकर उन्हें वापस कब्जा दिलाने के निर्देश देने की गुहार लगाई है।1
- बटाईदार ने किया कृषि भूमि पर अवैध कब्जा , एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार बरेली। थाना सीबीगंज क्षेत्र के ग्राम बाकर नगर सुनरासी निवासी हरिराम पुत्र स्वर्गीय शोभाराम ने अपनी कृषि भूमि पर बटाईदार द्वारा कथित अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। शिकायती पत्र में हरिराम ने बताया कि वह वृद्ध एवं बीमार हैं। उनकी ग्राम बाकर नगर सुनरासी स्थित गाटा संख्या 359/1, रकबा 0.250 हेक्टेयर कृषि भूमि पर लंबे समय से गांव के ही पुरुषोत्तम लाल पुत्र स्वर्गीय मिश्री लाल बटाई पर खेती करता रहा है। आरोप है कि इस बार उसने गेहूं की फसल का बटाई हिस्सा नहीं दिया। जब हरिराम ने अपनी जमीन वापस करने को कहा तो पुरुषोत्तम लाल ने कथित रूप से जमीन खाली करने से इनकार कर दिया और भविष्य में भी बटाई न देने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि वह उम्र और बीमारी के कारण स्वयं अपनी जमीन की रक्षा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए थाना सीबीगंज पुलिस को भूमि से कथित अवैध कब्जा हटवाकर उन्हें कब्जा दिलाने के निर्देश देने की मांग की है।3