1 अप्रैल से देशभर में आंगनवाड़ी बंद! 😱 सरकार को आखिरी अल्टीमेटम | बड़ी खबर चित्तौड़गढ़ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए, सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर अंतिम चेतावनी, अप्रैल से कार्य बंद करने की घोषणा चित्तौड़गढ़। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा है। आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता बहनों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में बताया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं ग्राम साथिन को स्थायी कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है, जबकि उनसे केन्द्र सरकार द्वारा ऑनलाइन पोषण ट्रैकर पर कार्य करवाया जा रहा है। वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे देशभर की कार्यकर्ता बहनों में रोष व्याप्त है। केन्द्र प्रतिनिधिमंडल ने 28 मार्च 2026 तक वार्ता के लिए समय मांगा है, लेकिन यदि तय तिथि तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 1 अप्रैल से पोषण ट्रैकर का कार्य बंद करने की चेतावनी दी गई है। कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि पंचायती राज की विभिन्न योजनाओं में वे पूर्ण सहयोग देती हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिलती। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे आंगनवाड़ी सेवाओं के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार का कार्य नहीं करेंगी। ज्ञापन में राज्य सरकार से चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की भी मांग की गई है। इसमें सेवा निवृत्ति पर एकमुश्त 5 लाख रुपये की ग्रेच्युटी तथा प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन देने की मांग शामिल है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो पूरे देश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अप्रैल से पोषण ट्रैकर का कार्य बंद कर देंगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी केन्द्र, राज्य एवं स्थानीय सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपते समय यूनियन की संयुक्त महामंत्री निर्मल कुमावत, उपाध्यक्ष किरण सोनी, कार्यकारी अध्यक्ष सीता वैष्णव, संरक्षक कविता विदेव, उपाध्यक्ष उषा जैन, संगठन मंत्री मंजू खटीक सहित गायत्री कुमावत, भंवर झाला, चंद अग्रवाल, सुशीला डांगी, गायत्री शर्मा, सुलेखा आमेटा, वीणा कंवर, सीमा सोगटा, पंकज शर्मा, रेखा सेन, लीला खटीक, तुलसी गाडरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता बहनें उपस्थित रहीं। #AnganwadiWorkers #AnganwadiProtest #ChittorgarhNews #RajasthanNews #MahilaShakti #GovernmentJobs #AnganwadiDemand #BreakingNewsHindi #DailyBhaskarStyle #WorkerRights #PensionDemand #HonorariumIssue
1 अप्रैल से देशभर में आंगनवाड़ी बंद! 😱 सरकार को आखिरी अल्टीमेटम | बड़ी खबर चित्तौड़गढ़ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए, सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर अंतिम चेतावनी, अप्रैल से कार्य बंद करने की घोषणा चित्तौड़गढ़। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा है। आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता बहनों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में बताया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं ग्राम साथिन को स्थायी कर्मचारी घोषित नहीं किया गया है, जबकि उनसे केन्द्र सरकार द्वारा ऑनलाइन पोषण ट्रैकर पर कार्य करवाया जा रहा है। वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जिससे देशभर की कार्यकर्ता बहनों में रोष व्याप्त है। केन्द्र प्रतिनिधिमंडल ने 28 मार्च 2026 तक वार्ता के लिए समय मांगा है, लेकिन यदि तय तिथि तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 1 अप्रैल से पोषण ट्रैकर का कार्य बंद करने की चेतावनी दी गई है। कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि पंचायती राज की विभिन्न योजनाओं में वे पूर्ण सहयोग देती हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिलती। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे आंगनवाड़ी सेवाओं के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार का कार्य नहीं करेंगी। ज्ञापन में राज्य सरकार से चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की भी मांग की गई है। इसमें सेवा निवृत्ति पर एकमुश्त 5 लाख रुपये की ग्रेच्युटी तथा प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन देने की मांग शामिल है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो पूरे देश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अप्रैल से पोषण ट्रैकर का कार्य बंद कर देंगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी केन्द्र, राज्य एवं स्थानीय सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपते समय यूनियन की संयुक्त महामंत्री निर्मल कुमावत, उपाध्यक्ष किरण सोनी, कार्यकारी अध्यक्ष सीता वैष्णव, संरक्षक कविता विदेव, उपाध्यक्ष उषा जैन, संगठन मंत्री मंजू खटीक सहित गायत्री कुमावत, भंवर झाला, चंद अग्रवाल, सुशीला डांगी, गायत्री शर्मा, सुलेखा आमेटा, वीणा कंवर, सीमा सोगटा, पंकज शर्मा, रेखा सेन, लीला खटीक, तुलसी गाडरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता बहनें उपस्थित रहीं। #AnganwadiWorkers #AnganwadiProtest #ChittorgarhNews #RajasthanNews #MahilaShakti #GovernmentJobs #AnganwadiDemand #BreakingNewsHindi #DailyBhaskarStyle #WorkerRights #PensionDemand #HonorariumIssue
- 🌹🙏SRI THAKUR Ji ♥️ MAHARAJ Aapki Jay Ho1
- प्रतापगढ़ में अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए प्रशिक्षण और आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित बन्शीलाल धाकड़ राजपुरा प्रतापगढ़, कृषि विज्ञान केंद्र, पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केन्द्र, नई दिल्ली द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना (TSP) के तहत 23 मार्च 2026 को किसान प्रशिक्षण और आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. बी. एल. रोत ने बताया कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति समुदाय के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में शिक्षित करना और उन्हें आवश्यक कृषि आदान प्रदान कर उनकी आजीविका में सुधार करना है | प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केन्द्र, नई दिल्ली डॉ. पी. एन. मीना ने कृषकों को सब्जियों, फसलों एवं फलों में कीट-रोग प्रबंधन के जैविक तरीके बताते हुए आई पी एम को अपनाने हेतु प्रेरित किया | डॉ. आर के डामोर ने किसानों को योजना से प्राप्त कृषि आदान जैसे नेपसेक् स्प्रेयर, ट्रिपाल, सब्जी केरेट, कोठी, वर्मी बैड, हैंड हो, फावडा, दराती व सोलर टॉर्च का सदुपयोग करने हेतु प्रेरित किया| कार्यक्रम में ब्लॉक धरियावाद व सुहागपुरा के 200 कृषकों को लाभान्वित किया गया| विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर समेकित फसल प्रबंधन, कीट और रोग प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी| कार्यक्रम के दौरान, किसानों को कृषि कार्य में उपयोग होने वाले विभिन्न आदानों का वितरण भी किया गया. इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे कृषि उत्पादकता और आय में वृद्धि होती है. अधिकारियों ने बताया कि यह पहल किसानों को सशक्त बनाने और स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है| कार्यक्रम का संचालन डॉ आर के डामोर व धन्यवाद श्री अजय कुमार सेन ने किया |1
- धार जिले की बदनावर तहसील के खाचरोदा गांव में इन दिनों नीलगायों का आतंक किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। रात के समय झुंड में आ रही नीलगायें खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सोयाबीन, गेहूं और चने जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। नीलगायों के कारण खेतों की बाड़ भी टूट रही है और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं। किसानों को रातभर खेतों में जागकर रखवाली करनी पड़ रही है, फिर भी नुकसान रुक नहीं पा रहा। स्थिति अब और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि नीलगायें हमलावर भी हो रही हैं। किसानों के अनुसार जब वे उन्हें भगाने जाते हैं तो नीलगायें पलटकर हमला कर देती हैं, जिससे जान का खतरा बना हुआ है। इस डर के कारण गांव की महिलाएं और बच्चे खेतों में काम करने से घबरा रहे हैं और उनके मन में भय का माहौल बना हुआ है। किसानों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों की मांग है कि नीलगायों को जंगल की ओर खदेड़ने या रोकने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं, ताकि उनकी फसल और जान दोनों सुरक्षित रह सकें। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा का संकट भी झेलना पड़ सकता है।1
- छोटी सादडी कामयाबी कभी किसी चीज की मोहताज नहीं होती मन लगन हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं दिखता साधनों के अभाव में भी इन्होंने विद्यालय में मैं लगाकर पढ़ाई की और घर पर भी अच्छे पढ़ाई कर 10वीं के रिजल्ट में प्राप्त किया घर में भी खुशी का माहौल है मिलने वालों को भी बहुत खुशी हुई पूर्व जिला परिषद सदस्य घनश्याम अंजना ने घर जाकर बधाई दी4
- नीमच। केंट थाने के टीआई नीलेश अवस्थी का हाल ही में नीमच केंट से मनासा थाना में तबादला हो गया है। इस तबादले के बाद आज अवस्थी ने केंट थाने से अनोखी विदाई ली। वे घोड़े पर सवार होकर फूलों की माला पहने मनासा के लिए रवाना हुए। यह विदाई चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि आमतौर पर पुलिस अधिकारियों का तबादला होने पर वे साधारण तरीके से ही विदा होते हैं। अवस्थी का इस तरह घोड़े पर सवार होकर विदा होना लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि अवस्थी ने यह विदाई इसलिए चुनी ताकि वे यादगार बन सकें। वहीं कुछ लोग इसे दिखावा मान रहे हैं।लेकिन वजह जो भी हो, अवस्थी की यह विदाई निश्चित रूप से नीमच में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- ग्राम पंचायत खेमली अस्पताल के सामने यह स्थिति है स्वच्छता के नाम पर आप देख सकते हैं कितनी अच्छी सफाई है जो मरीज अस्पताल में ठीक होने आते हैं वह और अधिक बीमार हो जाते हैं इसलिए आपसे निवेदन है कि इसको संज्ञान में ले और अति शीघ्र कार्रवाई करवा वे तहसील घास पंचायत समिति घासा पंचायत खेमली1
- उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे मे एसपी अमृता दुहन के निदैशानुसार सायंकालीन गस्त की! एसपी ने सभी थानों को अलर्ट मोड पर रखा है! थानाधिकारी हुकुम सिंह ने बस स्टैंड, कोर्ट चौराहा बाजारों में गस्त करते हुए पुलिस चौकी का जायजा लिया ! थानाअधिकारी ने व्यापारियों को पुलिस चौकी का रास्ता खुला छोड़ने के लिए कहा पुलिस चौकी पर दो जवानों को बैठने के निर्देश दिए! गस्त के दौरान इस बीच उपस्थित सहायक उप निरीक्षक लालू राम, कांस्टेबल राजेंद्र, संतोष, भरत पाटीदार,लीला सहित जाब्ता उपस्थित रहा!2
- भीलवाड़ा। चैत्रीय नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर में स्थित श्री हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवचण्डी दुर्गा पाठ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अनुष्ठान का आयोजन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। आश्रम में प्रतिदिन प्रातःकाल मण्डल पूजन, गणपति पूजन, भगवती दुर्गा का अभिषेक तथा हवन-यज्ञ विधिवत रूप से संपन्न किए जा रहे हैं। इस दौरान पंडित सत्यनारायण शर्मा, पंडित मनमोहन शर्मा एवं पंडित वासुदेव शर्मा सहित तीन वैदिक ब्राह्मणों द्वारा श्रद्धापूर्वक दुर्गा सप्तशती पाठ किया जा रहा है, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है। कल दिनांक 25 मार्च 2026, बुधवार को प्रातः 9:15 बजे स्वामी जी द्वारा माँ दुर्गा के एक हजार नामों का उच्चारण करते हुए काजू से सहस्त्रार्चन किया जाएगा। इस विशेष अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे और पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज ने बताया कि 26 मार्च 2026, गुरुवार को दुर्गा अष्टमी के उपलक्ष्य में प्रातः 11:15 बजे विशेष जड़ी-बूटियों से युक्त दुर्गा हवन किया जाएगा। वहीं 27 मार्च 2026, शुक्रवार को प्रातः 11:15 बजे कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा। स्वामी जी ने बताया कि नवरात्रि में माता का सहस्त्रार्चन अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे मनोकामनाओं की पूर्ति, सुख-समृद्धि की प्राप्ति, असाध्य रोगों से मुक्ति, मानसिक शांति तथा नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि सनातन धर्म में देवी उपासना का सबसे प्रमुख पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व नारी शक्ति, आध्यात्मिक शुद्धि, आत्मसंयम और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। आश्रम परिसर में चल रहे इन धार्मिक आयोजनों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना हुआ है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस दौरान संत मायाराम, राजाराम, गोविंद राम, केशव राम, ब्रह्मचारी मिहिर, हीरालाल गुरनानी, अशोक मूंदड़ा, विनोद झूरानी, इंद्र अवतानी, रोमा नोतानी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।1