बैतूल पुलिस ने बोरदेही क्षेत्र में हुई ₹9 लाख की सनसनीखेज लूट की वारदात का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस वारदात का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने ₹10 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ₹60 हजार नगद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूट की रकम से खरीदी गई दो अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना 20 मई 2026 को हुई थी, जब फरियादी प्रदीप झरबड़े आमला के आईसीआईसीआई बैंक से अपने मालिक विक्की साहू के ₹9 लाख नकद निकालकर मोटरसाइकिल से बोरदेही जा रहे थे। ग्राम नरेरा और देहलवाड़ा के बीच सुनसान मार्ग पर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और आँखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। मिर्च के कारण संतुलन बिगड़ने से फरियादी मोटरसाइकिल सहित गिर गया, जिसके बाद आरोपियों ने चाकू अड़ाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस दौरान फरियादी को मामूली चोटें भी आईं और दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 99/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह और डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की तकनीकी सहायता और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने रामकुमार उर्फ मोहित यदुवंशी (18), गोविन्द टांडेकर (19), शिवराम उर्फ नान्हू बन (20), दुर्गेश सोनवंशी (22) और कमलेश उर्फ मनीष यदुवंशी (26) को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड देवानंद उर्फ देवा इवने है, जो घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा का निवासी है और घटना के बाद से फरार चल रहा है। देवानंद के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी, नकबजनी, लूट और जुआ एक्ट सहित आधा दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, और वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। शेष राशि और अन्य साक्ष्यों की तलाश तथा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने इस मामले का त्वरित खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बैतूल पुलिस ने बोरदेही क्षेत्र में हुई ₹9 लाख की सनसनीखेज लूट की वारदात का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस वारदात का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने ₹10 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ₹60 हजार नगद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूट की रकम से खरीदी गई दो अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना 20 मई 2026 को हुई थी, जब फरियादी प्रदीप झरबड़े आमला के आईसीआईसीआई बैंक से अपने मालिक विक्की साहू के ₹9 लाख नकद निकालकर मोटरसाइकिल से बोरदेही जा रहे थे। ग्राम नरेरा और देहलवाड़ा के बीच सुनसान मार्ग पर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और आँखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। मिर्च के कारण
संतुलन बिगड़ने से फरियादी मोटरसाइकिल सहित गिर गया, जिसके बाद आरोपियों ने चाकू अड़ाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस दौरान फरियादी को मामूली चोटें भी आईं और दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 99/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह और डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की तकनीकी सहायता और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने रामकुमार उर्फ मोहित यदुवंशी (18), गोविन्द टांडेकर (19), शिवराम उर्फ नान्हू बन (20), दुर्गेश सोनवंशी (22) और कमलेश उर्फ
मनीष यदुवंशी (26) को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड देवानंद उर्फ देवा इवने है, जो घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा का निवासी है और घटना के बाद से फरार चल रहा है। देवानंद के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी, नकबजनी, लूट और जुआ एक्ट सहित आधा दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, और वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। शेष राशि और अन्य साक्ष्यों की तलाश तथा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने इस मामले का त्वरित खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- बैतूल पुलिस ने बोरदेही क्षेत्र में हुई ₹9 लाख की सनसनीखेज लूट की वारदात का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस वारदात का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने ₹10 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ₹60 हजार नगद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूट की रकम से खरीदी गई दो अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना 20 मई 2026 को हुई थी, जब फरियादी प्रदीप झरबड़े आमला के आईसीआईसीआई बैंक से अपने मालिक विक्की साहू के ₹9 लाख नकद निकालकर मोटरसाइकिल से बोरदेही जा रहे थे। ग्राम नरेरा और देहलवाड़ा के बीच सुनसान मार्ग पर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और आँखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। मिर्च के कारण संतुलन बिगड़ने से फरियादी मोटरसाइकिल सहित गिर गया, जिसके बाद आरोपियों ने चाकू अड़ाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस दौरान फरियादी को मामूली चोटें भी आईं और दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 99/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह और डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की तकनीकी सहायता और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने रामकुमार उर्फ मोहित यदुवंशी (18), गोविन्द टांडेकर (19), शिवराम उर्फ नान्हू बन (20), दुर्गेश सोनवंशी (22) और कमलेश उर्फ मनीष यदुवंशी (26) को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड देवानंद उर्फ देवा इवने है, जो घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा का निवासी है और घटना के बाद से फरार चल रहा है। देवानंद के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी, नकबजनी, लूट और जुआ एक्ट सहित आधा दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, और वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। शेष राशि और अन्य साक्ष्यों की तलाश तथा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने इस मामले का त्वरित खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।3
- बैतूल पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशों पर, जिले में अपराधों की रोकथाम और आरोपियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत, कोतवाली पुलिस ने एक शादी समारोह में अड़ीबाजी, मारपीट और चाकूबाजी की घटना में शामिल तीन आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई फरियादी सतीश धुर्वे (23) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिन्होंने 29 मई 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 28 मई 2026 को ग्राम डूडा बोरगांव में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान, आरोपी रोहित मर्सकोले, अलकेश धुर्वे, गोपाल धुर्वे और उनके अन्य साथियों ने डीजे पर नाचने को लेकर तथा शराब पीने के लिए रुपये मांगने पर विवाद किया। यह विवाद गाली-गलौज, अड़ीबाजी और मारपीट में बदल गया, जिसमें पीड़ित को चाकू मारकर घायल भी किया गया। इस रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बैतूल में अपराध क्रमांक 436/2026, धारा 296(बी), 115(2), 118(1), 119(1), 333, 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे, जिनकी लगातार तलाश की जा रही थी। 3 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पॉलीटेक्निक कॉलेज क्षेत्र में घूम रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में झाड़ेगांव निवासी रोहित मर्सकोले (23), अलकेश धुर्वे (31) और गोपाल धुर्वे (21) शामिल हैं। इन सभी गिरफ्तार आरोपियों को 3 जून 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक भानुप्रताप बुंदेला, सहायक उप निरीक्षक अजय अजनेरिया, प्रधान आरक्षक अभिजीत खलतकर, प्रधान आरक्षक दीवान सिंह और आरक्षक विशाल राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।1
- सारणी पुलिस ने रोहित विश्वकर्मा को आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सिरोंज, विदिशा से की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम दीपक है, जो बद्री प्रसाद कुशवाहा का पुत्र है।1
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, सर्पमित्र विशाल विश्वकर्मा ने एक कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। इस बचाव अभियान के दौरान, विशाल विश्वकर्मा ने कोबरा को पानी भी पिलाया, जिसके चलते वे मानवता की एक मिसाल बन गए हैं।1
- आज की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, एक घटना सामने आई है जिसमें काम करने वाले लोगों ने एक पुलिसकर्मी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। यह जानकारी मिली है कि यह पूरी घटना काम वाली जगह पर हुई, जहाँ पुलिस वाले को घेर कर मारा गया।1
- जुन्नारदेव विधानसभा के तामिया अंतर्गत आने वाले ग्राम डोढ़ा ढाना में युवा बिहारी लाल ऊईके का मध्य प्रदेश पुलिस में चयन होने से पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है। रविन्द्र ऊईके और सीता बाई ऊईके के पुत्र बिहारी लाल के इस चयन से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव का नाम भी रोशन हुआ है। ग्रामीणों ने इस चयन को विशेष महत्व देते हुए बताया कि लंबे समय बाद गांव के किसी युवा का चयन पुलिस विभाग में हुआ है, जिससे क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। प्रशिक्षण के लिए रवाना होने से पहले, ग्रामीणों, मित्रों और परिजनों ने बिहारी लाल का फूलों की माला पहनाकर तथा तिलक लगाकर भव्य स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता, जो मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर हासिल की गई है, गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। परिवारजनों ने भी बिहारी लाल की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए सभी शुभचिंतकों का आभार जताया। ग्रामवासियों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने बिहारी लाल ऊईके को मध्य प्रदेश पुलिस में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।1
- पांढुर्णा में 03 जून 2026 को जनहित से जुड़े कार्यों को गति देने और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। प्रभारी कलेक्टर श्री अग्रिम कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, डीएफओ श्री सचिन एच.एन., संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक, और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, प्रभारी कलेक्टर श्री अग्रिम कुमार ने जन समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने भू-अभिलेखों के क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तहसीलदार को तत्काल संबंधित स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम मड़कावाड़ा की जल आपूर्ति का जायजा लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को बड़ चिचोली तथा पठारा क्षेत्र में पेयजल समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वाटरशेड गतिविधियों की प्रगति की भी जानकारी ली। पेंशन प्रकरणों में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई, जिसके बाद प्रभारी कलेक्टर ने जनपद पंचायत सौसर के सीईओ को रघुनाथ करोले के मामले में और शिक्षा विभाग को कन्हैयालाल के पेंशन प्रकरणों को दो दिनों के भीतर हल करने के सख्त निर्देश दिए। सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए, उन्होंने किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और सोसायटियों में वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के आदेश दिए, ताकि आगामी कृषि कार्यों में कोई व्यवधान न हो। नगर पालिका पांढुर्णा के सीएमओ को नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही बाहरी जल आपूर्तिकर्ताओं से वॉटर टैक्स की वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर चर्चा करते हुए, प्रभारी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण होना चाहिए, तथा जिले का संतुष्टि स्तर 92 प्रतिशत से अधिक बनाए रखना अनिवार्य है। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया तय समय में पूरी करने और प्रधानमंत्री जनजातीय सड़क योजना के तहत आमला ग्राम में प्रस्तावित पुलिया का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में, प्रभारी कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सीखो-कमाओ योजना के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने की हिदायत दी, साथ ही विकास कार्यों और जन समस्याओं के निराकरण में बरती जा रही लापरवाही पर अपनी नाराजगी भी जताई।1
- बैतूल जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुलताई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 34 गौवंशों से भरे एक आयसर ट्रक को पकड़ा है और लगभग 12 लाख 9 हजार रुपये मूल्य का ट्रक और गौवंश जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान ट्रक में अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरे गए 34 गौवंशों में से 2 मृत पाए गए, जबकि 32 जीवित गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कर गौशाला पहुंचाया गया। इस मामले में फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी और एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में यह विशिष्ट कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कत्थई रंग का आयसर ट्रक, जिस पर हरे रंग का तिरपाल ढका है, बड़ी संख्या में गौवंशों को लेकर दाबका-पांढरघाटी मार्ग से महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत दाबका फॉरेस्ट नाका पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद, संदिग्ध ट्रक क्रमांक MP09GG9363 वहां पहुंचा। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और फॉरेस्ट नाके का बैरियर तोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर ट्रक को कुछ दूरी पर रोक लिया। हालांकि, चालक मौके का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। तलाशी के दौरान, ट्रक के भीतर दो पार्टिशनों में 34 गौवंश अमानवीय तरीके से भरे हुए पाए गए; उनके मुंह और पैर बांध दिए गए थे, जिससे वे हिल-डुल भी नहीं पा रहे थे। मौके पर 2 गौवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि 32 जीवित थे। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ कि इन गौवंशों को वध के उद्देश्य से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अमित पवार ने स्वयं ट्रक चलाकर जब्त गौवंशों को ग्राम बघोड़ा स्थित गायत्री गौशाला पहुंचाया, जहां उनके लिए चारा, पानी और उपचार की उचित व्यवस्था की गई। मृत पाए गए दोनों गौवंशों का पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराकर विधिवत दफन कराया गया, जबकि जीवित गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के विरुद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 9 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक अमित पवार, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण सिलारे, बलराम, हाकम तथा आरक्षक मेहमान और शिवराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने मुलताई पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता एवं अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।3