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ओबीसी ब्रिगेड द्वारा 30 अगस्त को रोहतक में एक न्याय महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जो हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के आंदोलनरत अभ्यर्थियों के समर्थन में होगी। ये अभ्यर्थी OSC और DSC वर्गीकरण को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सुरेश द्रविड़ ने इस मामले पर बात करते हुए सरकार की आलोचना की कि वह भर्तियों में पद खाली रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर OSC और DSC दोनों वर्ग चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि वे अपने वर्गीकरण को लेकर लड़ रहे हैं।
DHAKAD HAI HARYANA
ओबीसी ब्रिगेड द्वारा 30 अगस्त को रोहतक में एक न्याय महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जो हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के आंदोलनरत अभ्यर्थियों के समर्थन में होगी। ये अभ्यर्थी OSC और DSC वर्गीकरण को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सुरेश द्रविड़ ने इस मामले पर बात करते हुए सरकार की आलोचना की कि वह भर्तियों में पद खाली रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर OSC और DSC दोनों वर्ग चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि वे अपने वर्गीकरण को लेकर लड़ रहे हैं।
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- ओबीसी ब्रिगेड द्वारा 30 अगस्त को रोहतक में एक न्याय महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जो हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के आंदोलनरत अभ्यर्थियों के समर्थन में होगी। ये अभ्यर्थी OSC और DSC वर्गीकरण को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सुरेश द्रविड़ ने इस मामले पर बात करते हुए सरकार की आलोचना की कि वह भर्तियों में पद खाली रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर OSC और DSC दोनों वर्ग चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि वे अपने वर्गीकरण को लेकर लड़ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सेना के ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर घूम रहे 21 वर्षीय आर्यन वर्मा नामक युवक को गिरफ्तार किए जाने के बाद हर कोई हैरान है। शाहजहांपुर कैंट के रोजा थाना क्षेत्र में पकड़े गए इस युवक के पास से सेना के वरिष्ठ अधिकारी की पहचान दर्शाने वाले कई सामान भी मिले हैं, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस पूछताछ में आर्यन वर्मा ने जो कहानी बताई है, उसने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। युवक का दावा है कि नीट (NEET) परीक्षा में असफल होने के बाद उसने अपनी दिल की मरीज मां को सांत्वना देने के लिए यह झूठ बोला था कि उसका चयन आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC) में डॉक्टर के रूप में हो गया है। इस खुलासे के बाद यह घटना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है।1
- हरियाणा के भिवानी में प्रतिष्ठित बेस्ट ऑफ बेस्ट ओपन कराटे चैंपियनशिप का भव्य आगाज हो गया है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 12 विभिन्न राज्यों से 500 से भी अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए हैं।1
- शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित पीजीआई के पास कुमार मेडिकल स्टोर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहाँ दो नकाबपोश बदमाशों ने ग्राहक बनकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी राम को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर दुकान में घुसते ही ऑटोमेटिक पिस्टल लोड कर कैशियर की सीट पर बैठे जानकी राम पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की बेखौफ हरकतें साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घायल जानकी राम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इस घटना से चंडीगढ़ के व्यापारियों में भारी रोष और भय व्याप्त है, और विभिन्न व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।1
- शासित प्रदेश चंडीगढ़ में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ सेक्टर-11 में पीजीआई के पास स्थित कुमार मेडिकल स्टोर में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने कैशियर की गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर दो नकाबपोश बदमाश ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर में दाखिल हुए थे. बदमाशों ने दुकान के अंदर ही ऑटोमेटिक पिस्टल लोड की और फिर एक बदमाश ने कैशियर की सीट पर बैठे जानकी राम पर अंधाधुंध कई राउंड फायरिंग कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. गंभीर रूप से घायल कैशियर को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हत्या की इस वारदात से स्थानीय व्यापारी काफी डरे हुए हैं. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बेखौफ बदमाशों के बुलंद हौसले साफ-साफ देखे जा सकते हैं.1
- भिवानी स्थित बीटीएम मिल के कर्मचारियों में वेतन वृद्धि न होने के कारण गहरा गुस्सा व्याप्त है। कर्मचारियों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया, तो वे न सिर्फ खुद काम करना बंद कर देंगे, बल्कि किसी और को भी काम नहीं करने देंगे। यह आक्रोश मिल में संभावित कामकाज ठप होने की ओर इशारा करता है।1
- BTM मिल के मजदूरों ने अपने वेतन में कटौती किए जाने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके कारण मिल परिसर में खासा बवाल मच गया है। वेतन कम करने के इस फैसले से नाराज मजदूरों ने अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।1
- चंडीगढ़ पीजीआई में व्याप्त अव्यवस्था का खामियाजा आम आदमी, मरीज और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है, जहाँ एक सामान्य कार्य के लिए भी उन्हें बेतहाशा दौड़ना पड़ता है। एक व्यक्ति ने अपने 9 साल के बच्चे के CT स्कैन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्हें एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक घंटों भटकाया गया, जिससे दो घंटे का काम दो दिनों में पूरा हो सका। पूरी परेशानी तब शुरू हुई जब नई ओपीडी में डॉक्टर ने CT स्कैन लिखा। बिल बनवाने के लिए सुरक्षाकर्मी ने ओपीडी काउंटर पर भेजा, जहाँ लगभग दो घंटे लंबी लाइन के बाद बताया गया कि बिल काउंटर नंबर 24 पर बनेगा। काउंटर 24 से उन्हें काउंटर नंबर 23 पर जाने को कहा गया, जहाँ आधे घंटे इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे लंच ब्रेक हो गया। करीब डेढ़ बजे काउंटर खुलने पर फिर आधे घंटे इंतजार के बाद बताया गया कि यह बिल 'बच्चों वाली बिल्डिंग' (एडवांसड पीडियाट्रिक्स सेंटर) में कटेगा। वहाँ सुरक्षाकर्मी ने उन्हें काउंटर नंबर 11 पर भेजा, जहाँ करीब एक घंटे बाद पता चला कि पहले रूम नंबर 2334 से अपॉइंटमेंट की तारीख लानी होगी। रूम नंबर 2334 में डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे और काफी समय बाद अगले दिन, यानि 11 जून की तारीख CT स्कैन के लिए दी गई। फिर उन्हें बिल बनवाने के लिए काउंटर नंबर 11 और वहाँ से काउंटर नंबर 9 पर भेजा गया, जहाँ बताया गया कि बिल अगले दिन ही बनेगा। अगले दिन, 11 जून को सुबह काउंटर नंबर 9 पर एक घंटे लाइन में लगने के बाद कर्मचारी ने काउंटर नंबर 11 से यह लिखवाकर लाने को कहा कि बिल कितने का बनेगा, जबकि 300 रुपये की फीस पहले ही बताई जा चुकी थी। काउंटर नंबर 11 से फीस लिखवाकर लाने के बाद ही काउंटर नंबर 9 पर बिल कट पाया। इसके बाद CT स्कैन के लिए रूम नंबर 2334 में पहुँचने पर एक मैडम को स्लिप और बिल दिया गया, जिन्होंने इंतजार करने को कहा और फिर खुद नाश्ता करने लगीं। नाश्ता खत्म होने के बाद, उसी मैडम ने उन्हें काउंटर नंबर 11 से नंबर लगवाकर लाने को कहा, जबकि उन्होंने पहले भी स्लिप देखी थी और तब यह बात नहीं कही थी। लंबी लाइन में लगने और नंबर लगवाने के बाद ही अंततः CT स्कैन हो सका। यह पूरी घटना चंडीगढ़ पीजीआई में व्यवस्था की कमी और आम लोगों की मुश्किलों को दर्शाती है, जहाँ उन्हें एक साधारण चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए भी अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं।1