राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित National Eligibility Cum Entrance Test (NEET-UG)-2026 पुनर्परीक्षा नवादा जिले में 21 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। जिले के 05 परीक्षा केन्द्रों पर यह परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में आयोजित की गई। परीक्षा के स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक एवं सुदृढ़ व्यवस्थाएं की गई थीं। जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सभी परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच तथा प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। इसके लिए परीक्षा केन्द्रों के अंदर एवं बाहर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी, और परीक्षा संचालन से संबंधित सभी मानकों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया गया। जिले के सभी 05 परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1927 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 1793 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 134 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित National Eligibility Cum Entrance Test (NEET-UG)-2026 पुनर्परीक्षा नवादा जिले में 21 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। जिले के 05 परीक्षा केन्द्रों पर यह परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में आयोजित की गई। परीक्षा के स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक एवं सुदृढ़ व्यवस्थाएं की गई थीं। जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सभी परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच तथा प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। इसके लिए परीक्षा केन्द्रों के अंदर एवं बाहर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी, और परीक्षा संचालन से संबंधित सभी मानकों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया गया। जिले के सभी 05 परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1927 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 1793 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 134 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
- हिसुआ में खुलेआम गुंडागर्दी और दबंगई का माहौल बनता जा रहा है, जहाँ एक वायरल वीडियो के अनुसार, हिसुआ थाना क्षेत्र में एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस गंभीर मामले में भी प्रशासन मौन बना हुआ है। पीड़ितों को न्याय न मिलने और अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई न होने से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का मनोबल और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा उन्हें सुरक्षा एवं न्याय प्रदान करने की गुहार लगाई है।1
- डोमचांच के नवालशाही स्थित बच्छेडीह गाँव निवासी पंकज पंडित ने नेवी में सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि 'हौसलों की उड़ान' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर कोडरमा थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, सभी लोगों से पर्व को शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई। इसके अतिरिक्त, अखाड़ा धारियों को विशेष रूप से वीडियोग्राफी कराने का निर्देश भी दिया गया है।1
- नवादा शहर में मुहर्रम पर्व के अवसर पर रविवार को मुस्लिम रोड स्थित कसाई मोहल्ला से ताजिया निर्माण के लिए मिट्टी लाने हेतु एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और उन्होंने पारंपरिक तरीके से मुहर्रम की रस्मों का पालन किया। जुलूस कसाई मोहल्ला से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुँचा, जहाँ से ताजिया बनाने के लिए मिट्टी लाई गई। इस दौरान युवाओं और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। जुलूस के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहे। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुहर्रम का पर्व मनाने की अपील की। शहर के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम को लेकर धार्मिक गतिविधियाँ जारी हैं और ताजिया निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।1
- एक पति की पत्नी करीब एक महीने से घर से लापता थी। पति ने उसकी तलाश में दो-तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। लगभग एक महीने बाद, पति को अचानक यह सूचना मिली कि उसकी पत्नी किसी के साथ घूम रही है। यह जानकारी मिलते ही पति और उसके परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पत्नी को पकड़ लिया।1
- दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान ने, जिन्हें 'दिल्ली का शेर' भी कहा जा रहा है, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टर संजय वर्मा के माध्यम से 'आज की सच्ची खबर' में बताया गया कि विजय प्रधान पिछले लगभग दो महीनों से बिहार में रहकर राज्य के विकास और गरीबों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में, उन्होंने पावापुरी से लेकर पीएमसीएच पटना तक विभिन्न अस्पतालों का जायजा लिया, मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को सुना, और स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को उजागर कर सुधार की मुहिम शुरू करने का दावा किया है। विजय प्रधान ने आरोप लगाया कि आजादी के 79 वर्षों बाद भी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है, जिसके कारण गरीब लोग इलाज के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त आधुनिक अस्पतालों और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके साथ ही, अस्पतालों की सीमित संख्या, डॉक्टरों का असहयोगात्मक व्यवहार, तथा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है। प्रधान ने बताया कि अधिकांश मरीजों को दवाइयां और जांच सेवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। उन्होंने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। विजय प्रधान के अनुसार, यदि बिहार के 40 सांसद और 243 विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति गंभीरता से कार्य करते, तो स्थिति कहीं बेहतर हो सकती थी। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के आधुनिकीकरण, प्रत्येक जिले में बेहतर अस्पतालों की स्थापना और गरीबों को सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रधान ने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा।1
- गिरिडीह में पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर अवैध कारोबार में संलिप्त एक ट्रक को घेर लिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने ट्रक को पुलिस के हवाले कर दिया।1