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गोपालगंज । बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सहुलि गांव में तिलक समारोह के दौरान 10 हजार रुपये कम चढाने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हई। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। घायल युवक की पहचान बंधौरी गांव निवासी स्व फुलदेव राय के पुत्र ओमप्रकाश राय के रूप में हुई है। उसे तत्काल मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है...
Gopalganj Local News
गोपालगंज । बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सहुलि गांव में तिलक समारोह के दौरान 10 हजार रुपये कम चढाने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हई। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। घायल युवक की पहचान बंधौरी गांव निवासी स्व फुलदेव राय के पुत्र ओमप्रकाश राय के रूप में हुई है। उसे तत्काल मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है...
More news from बिहार and nearby areas
- pyar ki koi umar nahi hoti1
- नौतन/ प्रखंड क्षेत्र के डबरिया पंचायत अंतर्गत परसौनी तिवारी टोला गांव में मां लक्ष्मी नारायण एवं भगवान शंकर जी के मंदिर निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बुधवार को भव्य कलश यात्रा का निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में 501 कुंवारी कन्याओं एवं महिलाओं ने भाग लिया और पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर परसौनी तिवारी टोला गांव से खुटही बारियारपुर स्थित पवित्र जलाशय तक पहुंची। जहां पारंम्परिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र कलश में जल भरा गया। तत्पश्चात यात्रा पुनः मंदिर परिसर में लौटकर कलश की विधिवत स्थापना की गई। पूरे मार्ग में “जय माता दी” एवं हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान एवं भक्तिमय बना रहा इस अवसर पर मंदिर के भूमि दाता दिनानाथ तिवारी एवं गोदावरी तिवारी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल कायम रहा। ग्रामीणों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूजा-अर्चना को लेकर कई दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया। भूमि दाता दिनानाथ तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी गोदावरी तिवारी की तबीयत काफी खराब हो गई थी उन्होंने मां लक्ष्मी नारायण एवं भगवान शंकर का स्मरण किया, जिसके बाद उनकी पत्नी स्वस्थ हो गईं। उसी आस्था और विश्वास से श्रद्धापूर्वक उन्होंने मंदिर निर्माण का संकल्प लिया, जो आज पूर्ण हो गया। उसी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई है।।3
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- 🔴 BREAKING: रघुनाथपुर विधानसभा से ऐतिहासिक जीत के बाद विधायक ओसामा साहब से जनता को विकास, स्पष्ट नेतृत्व और सरकार की नीतियों पर मुखर विपक्षी भूमिका की बड़ी उम्मीद है। लेकिन मीडिया और सार्वजनिक मंचों से उनकी दूरी अब खुद एक सवाल बन चुकी है। जनता उनकी योजनाओं, विज़न और सिवान के विकास में उनके योगदान को जानना चाहती है। सत्ता में होने के साथ-साथ जनसंवाद भी लोकतंत्र की ज़रूरत है — अब निगाहें इस पर हैं कि ओसामा साहब कब खुलकर जनता के सामने आएंगे। #Breaking #Siwan #Raghunathpur #OsamaSahab #ओसामा_साहब #Shahabuddin #शहाबुद्दीन #BiharPolitics #बिहार_राजनीति #JanataKaSawal #PublicVoice #लोकतंत्र #जनहित1
- +2 बिपिन उच्च माध्यमिक विद्यालय में इंटरमीडिएट का परीक्षा चल रहा है। परिक्षार्थियों से हुई परीक्षा पर चर्चा। 05.02.2026.1
- बेतिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आठ साल से फरार लूट-डकैती कांड का आरोपी गिरफ्तार बेतिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में दर्ज एक गंभीर डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 301/16, दिनांक 02 जुलाई 2016, धारा 395 भारतीय दंड संहिता (डकैती) के तहत नामजद आरोपी असलम अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी चनपटिया थाना क्षेत्र के खड़देउर महना (वार्ड संख्या-02) का निवासी है। उसके पिता का नाम हदीश अंसारी है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। डकैती की घटना के बाद से ही पुलिस लगातार उसकी तलाश में छापामारी कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस इसे अपनी सतत एवं सक्रिय कार्रवाई का परिणाम बता रही है।1
- इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026: जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण बेतिया। आज दिनांक 05/02/2026 को जिला पदाधिकारी महोदय, पश्चिम चंपारण, बेतिया एवं पुलिस अधीक्षक महोदय, पश्चिम चंपारण, बेतिया द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना के तत्वावधान में आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के अवसर पर बेतिया जिला अंतर्गत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा परीक्षा को कदाचारमुक्त, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराने हेतु संबंधित पदाधिकारियों एवं केंद्राधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- माधोपुर, पश्चिम चंपारण: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में 1 दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 3 प्रगतिशील प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें नरकटियागंज के दीपेंद्र दुबे, भवाल, रामनगर के बच्चा सिंह और रुल्ही, मझौलिया के परशुराम सिंह शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के मार्गदर्शन में किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षा बी आर, वैज्ञानिक (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किया गया, जो केंद्रीय सरकार के एनएमएनएफ परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती के लिए नोडल अधिकारी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. चेल्पुरी रामुलू, वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) और डॉ. जग पाल, वैज्ञानिक (मत्स्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, इसके लाभ और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को एनएमएनएफ के तहत ड्रम, स्प्रेयर, बेसन और गुड़ प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को इस विधि के माध्यम से स्वस्थ और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।2
- बिहार विधानसभा के सदन में आज पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया की बदहाल और चिंताजनक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए। सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल केवल पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि पूर्वी चंपारण, गोपालगंज जिले और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले हजारों मरीजों के लिए सबसे बड़ा और प्रमुख इलाज केंद्र है, लेकिन इसके बावजूद यहां इलाज के नाम पर अव्यवस्था, असुरक्षा और अमानवीय व्यवहार का माहौल बना हुआ है। सदन में यह तथ्य सामने रखा गया कि जीएमसीएच बेतिया में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटनाएं अब अपवाद नहीं, बल्कि लगातार होने वाली घटनाएं बन चुकी हैं। बीते मात्र तीन महीनों के भीतर ऐसी पांच गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से हाल की दो घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर अस्पताल की कार्यशैली और प्रशासनिक नियंत्रण की पोल खोल चुके हैं। इसके बावजूद एक मामले में नगर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी भी दोषी डॉक्टर के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता और संरक्षण की ओर इशारा करता है। विधानसभा में यह भी जोर देकर कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल से जुड़ी अव्यवस्थाओं, विवादों और गंभीर आरोपों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इलाज की बदहाली, मरीजों से दुर्व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव अब जीएमसीएच की पहचान बनता जा रहा है, जो एक मेडिकल कॉलेज और रेफरल अस्पताल के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई गई कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री स्वयं पश्चिम चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद जीएमसीएच बेतिया की स्थिति में आज तक कोई ठोस, स्थायी और प्रभावी सुधार देखने को नहीं मिला है। विधानसभा में सवाल उठाया गया कि जब प्रभारी मंत्री के जिले के सबसे बड़े अस्पताल का यह हाल है, तो राज्य के अन्य अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सदन के माध्यम से सरकार से स्पष्ट, सख्त और बिना किसी लाग-लपेट के मांग की गई कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ मारपीट करने वाले दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध अविलंब कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए, दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जीएमसीएच अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर त्वरित और प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जाए। ताकि इलाज के लिए अस्पताल आने वाला आम नागरिक भय नहीं, बल्कि भरोसा महसूस कर सके और उसे सुरक्षित, सम्मानजनक तथा मानवीय उपचार मिल सके।1