एक दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन ।। माधोपुर, पश्चिम चंपारण: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में 1 दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 3 प्रगतिशील प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें नरकटियागंज के दीपेंद्र दुबे, भवाल, रामनगर के बच्चा सिंह और रुल्ही, मझौलिया के परशुराम सिंह शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के मार्गदर्शन में किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षा बी आर, वैज्ञानिक (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किया गया, जो केंद्रीय सरकार के एनएमएनएफ परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती के लिए नोडल अधिकारी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. चेल्पुरी रामुलू, वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) और डॉ. जग पाल, वैज्ञानिक (मत्स्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, इसके लाभ और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को एनएमएनएफ के तहत ड्रम, स्प्रेयर, बेसन और गुड़ प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को इस विधि के माध्यम से स्वस्थ और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
एक दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन ।। माधोपुर, पश्चिम चंपारण: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में 1 दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 3 प्रगतिशील प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें नरकटियागंज के दीपेंद्र दुबे, भवाल, रामनगर के बच्चा सिंह और रुल्ही, मझौलिया के परशुराम सिंह शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के मार्गदर्शन में किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षा बी आर, वैज्ञानिक (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किया गया, जो केंद्रीय सरकार के एनएमएनएफ परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती के लिए नोडल अधिकारी भी हैं। इस अवसर
पर डॉ. चेल्पुरी रामुलू, वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) और डॉ. जग पाल, वैज्ञानिक (मत्स्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, इसके लाभ और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को एनएमएनएफ के तहत ड्रम, स्प्रेयर, बेसन और गुड़ प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को इस विधि के माध्यम से स्वस्थ और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- नगर के ऐतिहासिक "शहीद स्मारक" के सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्य के नगर निगम की 14.61 लाख की योजना पूरी होने पर महापौर ने किया निरीक्षण, आज की युवा पीढ़ी से की अपने अमर स्वाधीनता सेनानी पूर्वजों के इतिहास को जानने के साथ नगर के यागदार स्मारक पर आदर पूर्वक पहुंच कर किया देखने की अपील बेतिया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि चंपारण के स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी अमूल्य विरासत को सहेजने की दिशा में पश्चिम Ijचंपारण जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक "शहीद स्मारक" के सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्य को नगर निगम बोर्ड की योजना के अनुसार 14.61 लाख की योजना पूरी होने पर पूरी कर ली गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया दल-बल के साथ स्थल का निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कार्य की गुणवत्ता,संरचना की मजबूती और सौंदर्यात्मक पक्षों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण उपरांत महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित, सुसज्जित और संरक्षित रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पूर्वजों की स्मृति का प्रतीक है, जिसका सम्मान और संरक्षण हम सभी का दायित्व है। महापौर ने जानकारी दी कि शहीद स्मारक को पूज्य स्थल के रूप में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से अब इसकी घेराबंदी कर दी गई है, ताकि स्मारक परिसर में चप्पल-जूते पहनकर प्रवेश न हो सके। इसके साथ ही स्मारक परिसर में ग्रेनाइट का प्रयोग कर आकर्षक साज-सज्जा, सुंदर छतरी का निर्माण तथा उच्च स्तरीय प्रकाश व्यवस्था की गई है। इस संपूर्ण योजना पर कुल 14.61 लाख रुपये की लागत आई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने नगरवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे एक बार अवश्य शहीद स्मारक आएं, इसके ऐतिहासिक महत्व को जानें और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी में देशभक्ति और ऐतिहासिक चेतना को मजबूती मिलेगी।1
- +2 बिपिन उच्च माध्यमिक विद्यालय में इंटरमीडिएट का परीक्षा चल रहा है। परिक्षार्थियों से हुई परीक्षा पर चर्चा। 05.02.2026.1
- बेतिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आठ साल से फरार लूट-डकैती कांड का आरोपी गिरफ्तार बेतिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में दर्ज एक गंभीर डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 301/16, दिनांक 02 जुलाई 2016, धारा 395 भारतीय दंड संहिता (डकैती) के तहत नामजद आरोपी असलम अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी चनपटिया थाना क्षेत्र के खड़देउर महना (वार्ड संख्या-02) का निवासी है। उसके पिता का नाम हदीश अंसारी है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। डकैती की घटना के बाद से ही पुलिस लगातार उसकी तलाश में छापामारी कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस इसे अपनी सतत एवं सक्रिय कार्रवाई का परिणाम बता रही है।1
- माधोपुर, पश्चिम चंपारण: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में 1 दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 3 प्रगतिशील प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें नरकटियागंज के दीपेंद्र दुबे, भवाल, रामनगर के बच्चा सिंह और रुल्ही, मझौलिया के परशुराम सिंह शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के मार्गदर्शन में किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षा बी आर, वैज्ञानिक (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किया गया, जो केंद्रीय सरकार के एनएमएनएफ परियोजना के तहत प्राकृतिक खेती के लिए नोडल अधिकारी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. चेल्पुरी रामुलू, वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) और डॉ. जग पाल, वैज्ञानिक (मत्स्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, इसके लाभ और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को एनएमएनएफ के तहत ड्रम, स्प्रेयर, बेसन और गुड़ प्रदान किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को इस विधि के माध्यम से स्वस्थ और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करना था। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।2
- Post by Sadhana national News1
- Mere Bhai kheti ho ya beti Sab Tumhen hi bachani padegi Satta Mein maujud Jeene Ka Kuchh Nahin kar Payenge Kyunki na to Inki beti hai aur Nain ki kheti hai. . . #trending #reality #indianleaderreality #indianthought1
- सुगौली के सिकरहना नदी में लुढ़की ट्रेक्टर ट्रॉली। ट्रेक्टर चालक और सवार लोगों ने खुद कर बचाई जान। जेसीबी से निकलवाई गई ट्रेक्टर,इस बीच हवा में झूलती रही इंजन।1
- चनपटिया विधानसभा के विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा सदन में पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित जीएमसीएच अस्पताल की गंभीर बदहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले हजारों मरीजों का प्रमुख इलाज केंद्र है। इसके बावजूद यहां मरीजों और उनके परिजनों के साथ लगातार मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। विधायक ने सदन में मांग करते हुए कहा कि दोषी डॉक्टरों एवं संबंधित कर्मियों पर अविलंब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार कर मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। विधायक ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस संबंध में विधायक ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा कर जानकारी दी।1