चरथावल में कथित फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक सील, आरोपी फरार सोशल मीडिया पर ‘एमडी’ बताकर प्रचार करने का आरोप, मेडिकल केयर सेंटर भी सील मुजफ्फरनगर जनपद के कस्बा चरथावल में बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के चिकित्सा कार्य करने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। एसीएमओ महक सिंह और एसीएमओ डॉ. अजय सिंह की संयुक्त टीम ने दोबारा चरथावल पहुंचकर कथित डॉक्टर ताहिर के क्लीनिक पर छापेमारी की और उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान ताहिर मौके से फरार बताया गया। बताया गया कि ताहिर इंस्टाग्राम पर खुद को ‘एमडी’ बताते हुए चिकित्सकीय सेवाओं का प्रचार कर मरीजों को आकर्षित कर रहा था। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन संबंधित व्यक्ति वहां नहीं मिला था। इसके बाद विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए क्लीनिक सील कर दिया। इसी दौरान मेडिकल केयर सेंटर, चरथावल को भी सील किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सा सेवाओं के संचालन की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार चिकित्सकीय योग्यता, पंजीकरण और ‘एमडी’ के दावे की वास्तविकता दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट होगी। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित मानकों के संचालित बताए जा रहे चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालकों में हड़कंप मचा है। विभाग द्वारा मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
चरथावल में कथित फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक सील, आरोपी फरार सोशल मीडिया पर ‘एमडी’ बताकर प्रचार करने का आरोप, मेडिकल केयर सेंटर भी सील मुजफ्फरनगर जनपद के कस्बा चरथावल में बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के चिकित्सा कार्य करने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। एसीएमओ महक सिंह और एसीएमओ डॉ. अजय सिंह की संयुक्त टीम ने दोबारा चरथावल पहुंचकर कथित डॉक्टर ताहिर के क्लीनिक पर छापेमारी की और उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान ताहिर मौके से फरार बताया गया। बताया गया कि ताहिर इंस्टाग्राम पर खुद को ‘एमडी’ बताते हुए चिकित्सकीय सेवाओं का प्रचार कर मरीजों को आकर्षित कर रहा था। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन संबंधित व्यक्ति वहां नहीं मिला था। इसके बाद विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए क्लीनिक सील कर दिया। इसी दौरान मेडिकल केयर सेंटर, चरथावल को भी सील किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सा सेवाओं के संचालन की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार चिकित्सकीय योग्यता, पंजीकरण और ‘एमडी’ के दावे की वास्तविकता दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट होगी। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित मानकों के संचालित बताए जा रहे चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालकों में हड़कंप मचा है। विभाग द्वारा मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
- चरथावल में दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई क्लीनिक सीज मोहन के नाम से संचालित क्लीनिक पर छापा, दवाइयां मिलीं; बाल रोग विशेषज्ञ के नाम से जुड़े लेटरहेड मिलने की सूचना मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल कस्बे में कथित फर्जी और मानकों के विपरीत संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। टीम ने मोहन के नाम से संचालित बताए जा रहे बच्चों के क्लीनिक पर छापा मारकर उसे सीज कर दिया। मौके पर क्लीनिक के अंदर मेडिकल स्टोर संचालित होने की बात भी सामने आई। टीम ने वहां से विभिन्न प्रकार की दवाइयां कब्जे में लीं। जांच के दौरान संचालक क्लीनिक संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने नियमानुसार क्लीनिक को सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान अन्य कई चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई कर उन्हें सीज किए जाने की जानकारी सामने आई है। छापेमारी के दौरान कुछ लेटरहेड और परिचय पत्र मिलने की सूचना है, जो मुजफ्फरनगर के प्रतिष्ठित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश के अस्पताल से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के स्कूलों में चिकित्सा संबंधी कार्य के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ दस्तावेज और सामग्री भी मिलने की जानकारी है। हालांकि, इन लेटरहेड और दस्तावेजों का क्लीनिक तक पहुंचने का कारण क्या है और उनका किसी प्रकार इस्तेमाल किया गया या नहीं, यह जांच का विषय है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए बिना सत्यापन किसी व्यक्ति या संस्थान पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। कार्रवाई एसीएमओ डॉ. महक सिंह और सीएचसी प्रभारी डॉ. सतेंद्र कुमार के नेतृत्व में की गई। लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई से क्षेत्र में चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज और निर्धारित मानकों के संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- 👉मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल, जिया चौधरी पहुंचीं घर; कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल! जिया चौधरी पहुंचे घर, कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष (शिक्षक सभा) डॉ. सत्येंद्र पाल को पुलिस द्वारा पिछले पांच दिनों से नजरबंद किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। पार्टी नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। डॉ. सत्येंद्र पाल के शाहपुर स्थित आवास पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। नेताओं ने उनसे मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। धम्म यात्रा की तैयारियों को लेकर गरमाया मामला डॉ. सत्येंद्र पाल ने अपनी नजरबंदी को बुढ़ाना में प्रस्तावित दलित बोधिसत्व धम्म यात्रा की तैयारियों से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार घबराई हुई है और इसी वजह से उन्हें गैर लोकतांत्रिक तरीके से नजरबंद किया गया है।उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक न्याय और समानता की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इससे आंदोलन और मजबूत होगा। ‘जितना जुल्म कर लो, समाज की आवाज नहीं रुकेगी’ नजरबंद डॉ. सत्येंद्र पाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए चाहे जितना जुल्म किया जाए, समाज की आवाज को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने का आह्वान किया और कहा कि किसी भी दबाव के आगे समाज के अधिकारों की लड़ाई को झुकाया नहीं जा सकता। आवास पर पहुंचे जिया चौधरी, कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की सूचना मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उनके आवास पर पहुंचे। जिया चौधरी ने डॉ. सत्येंद्र पाल से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। सपा नेताओं का कहना था कि राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को इस प्रकार नजरबंद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। जिया चौधरी बोलीं—सरकार तानाशाही पर उतारू सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए तानाशाही पर उतारू है। उन्होंने कहा कि समाज की आवाज को किसी भी दबाव से नहीं रोका जा सकता। जिया चौधरी ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की लड़ाई समाजवादी पार्टी मजबूती के साथ जारी रखेगी। उन्होंने डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना चाहिए। जिले में राजनीतिक हलचल तेज डॉ. सत्येंद्र पाल की लगातार पांच दिन से नजरबंदी के मामले ने जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर आक्रोश दिखाई दे रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाई जाएगी। बुढ़ाना में प्रस्तावित धम्म यात्रा को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष की नजरबंदी ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी। नजरबंदी को लेकर उठ रहे सवाल सपा नेताओं ने डॉ. सत्येंद्र पाल को पांच दिनों से नजरबंद रखे जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को किसी कार्यक्रम या गतिविधि को लेकर आशंका थी तो संबंधित लोगों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की जा सकती थी। नेताओं का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।वहीं, डॉ. सत्येंद्र पाल और सपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के मुद्दों को लेकर उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शाहपुर और बुढ़ाना क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सपा के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।4
- एसपी सिटी अमृत जैन की अपील: शांति-सौहार्द बनाए रखें, पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का करें पालन1
- उत्तर प्रदेश : मेरठ पुलिस ने व्यापारी गौरव मोहन अग्रवाल के कई गोदामों पर छापा मा उत्तर प्रदेश : मेरठ पुलिस ने व्यापारी गौरव मोहन अग्रवाल के कई गोदामों पर छापा मारा, 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के दिवाली पटाखे बरामद किए। पुलिस का दावा है कि व्यापारी के पास पटाखे स्टोरेज का कोई लाइसेंस नहीं था।1
- जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, मुजफ्फरनगर ने पुलिस बल के साथ थानाक्षेत्र शाहपुर के ग्राम तावली में किया फ्लैग मार्च, अधिनस्थों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश। अवगत कराना है कि जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के दृष्टिगत आज दिनांक 10.09.2026 को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री अक्षय संजय महाडीक द्वारा थाना शाहपुर क्षेत्र के ग्राम तावली में पुलिस बल के साथ दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस होकर फ्लैग मार्च किया गया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल द्वारा गांव एवं आसपास के क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। ▶️ फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महोदय द्वारा पुलिस बल को पूर्ण सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने, क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाले असामाजिक/अराजक तत्वों के विरुद्ध तत्काल एवं प्रभावी वैधानिक कार्यवाही करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ▶️ पुलिस द्वारा आमजन से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई। साथ ही सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से भ्रामक/अफवाहपूर्ण सूचना प्रसारित करने वालों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए आवश्यक वैधानिक कार्यवाही किए जाने के संबंध में भी अवगत कराया गया। फ्लैग मार्च के दौरान क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना श्री गजेन्द्र पाल सिंह, थानाध्यक्ष शाहपुर श्री गजेन्द्र सिंह सहित पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। ▶️ मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगातार क्षेत्र में भ्रमण, चेकिंग एवं निगरानी की जा रही है।1
- सहारनपुर मस्जिद प्रकरण में बड़ा अपडेट! सहारनपुर जाने से पहले आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव जीशान कुरैशी हाउस अरेस्ट! क्या है पूरा मामला? सामने आया बड़ा अपडेट सहारनपुर मस्जिद प्रकरण में बड़ा अपडेट! सहारनपुर जाने से पहले आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव जीशान कुरैशी हाउस अरेस्ट! क्या है पूरा मामला? सामने आया बड़ा अपडेट1
- बहला-फुसलाकर एवं दबाव डालकर मेरे बेटे के नाम पर लगभग 10 लाख का लोन कराने, दस्तावेजों के दुरुपयोग, बीमा कराने एवं जान से मारने की धमकी देने के संबंध में1
- चरथावल में कथित फर्जी डॉक्टर का क्लीनिक सील, आरोपी फरार सोशल मीडिया पर ‘एमडी’ बताकर प्रचार करने का आरोप, मेडिकल केयर सेंटर भी सील मुजफ्फरनगर जनपद के कस्बा चरथावल में बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री के चिकित्सा कार्य करने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। एसीएमओ महक सिंह और एसीएमओ डॉ. अजय सिंह की संयुक्त टीम ने दोबारा चरथावल पहुंचकर कथित डॉक्टर ताहिर के क्लीनिक पर छापेमारी की और उसे सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान ताहिर मौके से फरार बताया गया। बताया गया कि ताहिर इंस्टाग्राम पर खुद को ‘एमडी’ बताते हुए चिकित्सकीय सेवाओं का प्रचार कर मरीजों को आकर्षित कर रहा था। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन संबंधित व्यक्ति वहां नहीं मिला था। इसके बाद विभाग ने दोबारा कार्रवाई करते हुए क्लीनिक सील कर दिया। इसी दौरान मेडिकल केयर सेंटर, चरथावल को भी सील किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित दस्तावेजों और चिकित्सा सेवाओं के संचालन की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार चिकित्सकीय योग्यता, पंजीकरण और ‘एमडी’ के दावे की वास्तविकता दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट होगी। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना पंजीकरण अथवा निर्धारित मानकों के संचालित बताए जा रहे चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालकों में हड़कंप मचा है। विभाग द्वारा मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1