नारनौल शहर में मानसून की पहली बारिश ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। आज सुबह से हो रही इस पहली बरसात के कारण नारनौल के अधिकांश मोहल्ले, गलियां और सड़कें झील में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर की 'जीवन रेखा' माने जाने वाला छलक नाला, जिस पर अब तक लगभग ₹35 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी पूर्णता के बारे में केवल भगवान ही जानता है। यदि ऐसी दो-तीन और बारिशें हुईं, तो नारनौल शहर को डूबने से कोई नहीं बचा पाएगा। नगर परिषद अधिकारियों ने हाल ही में नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए के टेंडर दिए थे, लेकिन जब यह छलक नाला ही पीछे से अधूरा है, तो इसमें से पानी का निकास कैसे होगा, यह बात अधिकारियों को कब समझ आएगी? नारनौल टुडे न्यूज़ जनहित में जिला उपायुक्त से आग्रह करता है कि वे स्वयं इस गंभीर समस्या का कड़ा संज्ञान लें, क्योंकि यह तो मानसून की शुरुआत भर है और सावन का महीना अभी बाकी है। यदि उस दौरान दो-चार और ऐसी बरसात हुईं, तो शहर का क्या हाल होगा? इसलिए, नारनौल की जनता के शांतिपूर्ण जीवन के लिए समय रहते आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।
नारनौल शहर में मानसून की पहली बारिश ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। आज सुबह से हो रही इस पहली बरसात के कारण नारनौल के अधिकांश मोहल्ले, गलियां और सड़कें झील में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर की 'जीवन रेखा' माने जाने वाला छलक नाला, जिस पर अब तक लगभग ₹35 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी पूर्णता के बारे में केवल भगवान ही जानता है। यदि ऐसी दो-तीन और बारिशें हुईं, तो नारनौल शहर को डूबने से कोई नहीं बचा पाएगा। नगर परिषद अधिकारियों ने हाल ही में नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए के टेंडर दिए थे, लेकिन जब यह छलक नाला ही पीछे से अधूरा है, तो इसमें से पानी का निकास कैसे होगा, यह बात अधिकारियों को कब समझ आएगी? नारनौल टुडे न्यूज़ जनहित में जिला उपायुक्त से आग्रह करता है कि वे स्वयं इस गंभीर समस्या का कड़ा संज्ञान लें, क्योंकि यह तो मानसून की शुरुआत भर है और सावन का महीना अभी बाकी है। यदि उस दौरान दो-चार और ऐसी बरसात हुईं, तो शहर का क्या हाल होगा? इसलिए, नारनौल की जनता के शांतिपूर्ण जीवन के लिए समय रहते आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।
- नारनौल शहर में मानसून की पहली बारिश ने जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के दावों की पोल खोल दी है। आज सुबह से हो रही इस पहली बरसात के कारण नारनौल के अधिकांश मोहल्ले, गलियां और सड़कें झील में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर की 'जीवन रेखा' माने जाने वाला छलक नाला, जिस पर अब तक लगभग ₹35 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी पूर्णता के बारे में केवल भगवान ही जानता है। यदि ऐसी दो-तीन और बारिशें हुईं, तो नारनौल शहर को डूबने से कोई नहीं बचा पाएगा। नगर परिषद अधिकारियों ने हाल ही में नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए के टेंडर दिए थे, लेकिन जब यह छलक नाला ही पीछे से अधूरा है, तो इसमें से पानी का निकास कैसे होगा, यह बात अधिकारियों को कब समझ आएगी? नारनौल टुडे न्यूज़ जनहित में जिला उपायुक्त से आग्रह करता है कि वे स्वयं इस गंभीर समस्या का कड़ा संज्ञान लें, क्योंकि यह तो मानसून की शुरुआत भर है और सावन का महीना अभी बाकी है। यदि उस दौरान दो-चार और ऐसी बरसात हुईं, तो शहर का क्या हाल होगा? इसलिए, नारनौल की जनता के शांतिपूर्ण जीवन के लिए समय रहते आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।1
- भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर बुधवार को सरकार की वादाखिलाफी और लंबित मांगों के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन तथा मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। इस कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। कार्यक्रम के उपरांत आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की अपेक्षा से कहीं अधिक उपस्थिति, अनुशासन और उत्साह ने इस आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की है। विशेष रूप से, महेंद्रगढ़ के अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के लगभग 280 कर्मचारियों की उल्लेखनीय भागीदारी ने इस प्रदर्शन को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। आयोजकों ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की यह एकजुटता इस बात का स्पष्ट संदेश है कि अनुबंधित विद्युत कर्मचारी अपनी जायज़ मांगों के प्रति पूरी तरह जागरूक, संगठित और संघर्ष के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्हें विश्वास है कि इस सफल प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों की ओर अवश्य जाएगा तथा शीघ्र ही सकारात्मक और सार्थक निर्णय लिए जाएंगे। हालांकि, आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का केवल एक महत्वपूर्ण चरण था और कर्मचारियों की लड़ाई अभी जारी है। आगामी 17 जुलाई को प्रस्तावित माननीय बिजली मंत्री के आवास के घेराव को सफल बनाने के लिए सभी कर्मचारियों से अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया गया है। प्रत्येक सब-डिवीजन में अधिक से अधिक कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन से जोड़ने तथा पहले से भी अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि कर्मचारियों की एकता, अनुशासन और संगठन की शक्ति के बल पर उनकी सभी न्यायोचित मांगों को सरकार स्वीकार करने के लिए बाध्य होगी।1
- आज नारनौल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक डिग्री कॉलेज के मुख्य द्वार पर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।1
- उत्तर क्षेत्र पंजाब में वर्ष 2026 के लिए प्रथम विशालखेल स्वयं कार्यकर्ता विकास वर्ग का आयोजन किया जाएगा।1
- चरखी दादरी में घर में घुसकर किए गए एक जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- 2 जुलाई 2026 के लिए हरियाणा से संबंधित ताजा और मुख्य समाचार उपलब्ध हैं। यह जानकारी दैनिक हरियाणा समाचारों का हिस्सा है।1
- हरियाणा के नूंह में कष्ट निवारण समिति की एक बैठक आयोजित की गई, जहाँ मंत्री विपुल गोयल ने मार्केट कमेटी के एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान मंत्री विपुल गोयल ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- पुलिस ने हरियाणा से एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपनी सगी बहन की हत्या करवाने का आरोप है। आरोपी भाई को हरियाणा से ही पकड़ा गया है।1