जमुई कचहरी चौक से मजदूर में निकला आक्रोश मार्च, केंद्र सरकार पर साधा निशान प्रेस रिलीज जमूई 1 मई 2026 *बिहारी श्रमिकों की हत्या पर सम्राट की चुप्पी बिहार का अपमान-बाबू साहब सिंह* *श्रमिक विरोधी चार श्रम कोड वास ले मोदी सरकार-वामदल* चार श्रम कोड कानून वापस लो,काम के अधिकार को सुनिश्चित करने,बिहारी श्रमिक की हत्या का उच्चस्तरीय जॉच समान काम का समान वेतन के सवाल को लेकर सीपीआई और भाकपा माले के सँयुक्त आवाहन पर सीपीआई कार्यालय से दर्जनों की संख्या में श्रमिको ने लाल झंडे और गगनचुंबी नारे लगाते हुए जमूई बाजार में मार्च करते हुए कचहरी चौक सभा मे तब्दील हो गया सभा की अध्यक्षता सीपीआई नेता नवल किशोरा ने किया वही मंच संचालन बासुदेव राय ने किया वही सभा को संबोधित करते हुए नवल किशोर सिंह ने कहा आज के समय में हमें 8 घंटे काम, छुट्टियां और श्रमिक अधिकार जैसे कई सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन ये अधिकार आसानी से नहीं मिले। इसके पीछे लंबा संघर्ष, आंदोलन और कई लोगों की कुर्बानी छिपी है। मजदूर दिवस उसी संघर्ष की याद दिलाता है वही भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह ने कहा कि श्रमिकों के लम्बे संघर्ष और शहादत के बाद भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। इसे एम. सिंगारवेलु चेट्टियार ने आयोजित किया था। उस समय से यह दिन भारत में भी श्रमिकों को 8 घण्टे काम और बचे समय मे आराम और मनोरंजन करेंगे लेकिन मोदी सरकार श्रमिको के उन सारे आधिकार को खत्म के श्रमिक विरोधी चार श्रम कोड लाना ये श्रमिक विरोधी है वही उन्होंने कहा कि मोदी और सम्राट की सरकार में बिहारी मजदूर को दिल्ली में बिहारी होने के नाम पर हरियाणा पुलिस ने सरेआम गोली मार कर हत्त्या कर रही है तो दूसरी तरफ सम्राट की सरकार गरीब मजदूर और झुगी झोपड़ी में वर्षो से रह रहे श्रमिको को बुलडोजर से बुलडोज करने पर आमादा है सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहारी श्रमिको की हत्या पर सरकार की चुप्पी का बदला जरूर लेगी वही सीपीआई के जोल सचिव सुनील सिंह,और खेत मजदूर नेता रमाकांत अकेला ने कहा कि श्रमिकों के हक अधिकार बिहारी मजदूरों सम्मान और चार श्रम कोड को वापस लेने तक ये लड़ाई जारी रहेगी मोके पर मोहम्मद हैदर,किरण गुप्ता,गजाधर रजक,संजय राय, अजीम अंसारी,प्रदीप मंडल,मतला मरांडी,गंगा वर्णवाल,अशोक माझी,मुन्ना माझी अरुण सिंह,सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे
जमुई कचहरी चौक से मजदूर में निकला आक्रोश मार्च, केंद्र सरकार पर साधा निशान प्रेस रिलीज जमूई 1 मई 2026 *बिहारी श्रमिकों की हत्या पर सम्राट की चुप्पी बिहार का अपमान-बाबू साहब सिंह* *श्रमिक विरोधी चार श्रम कोड वास ले मोदी सरकार-वामदल* चार श्रम कोड कानून वापस लो,काम के अधिकार को सुनिश्चित करने,बिहारी श्रमिक की हत्या का उच्चस्तरीय जॉच समान काम का समान वेतन के सवाल को लेकर सीपीआई और भाकपा माले के सँयुक्त आवाहन पर सीपीआई कार्यालय से दर्जनों की संख्या में श्रमिको ने लाल झंडे और गगनचुंबी नारे लगाते हुए जमूई बाजार में मार्च करते हुए कचहरी चौक सभा मे तब्दील हो गया सभा की अध्यक्षता सीपीआई नेता नवल किशोरा ने किया वही मंच संचालन बासुदेव राय ने किया वही सभा को संबोधित करते हुए नवल किशोर सिंह ने कहा आज के समय में हमें 8 घंटे काम, छुट्टियां और श्रमिक अधिकार जैसे कई सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन ये अधिकार आसानी से नहीं मिले। इसके पीछे लंबा संघर्ष, आंदोलन और कई लोगों की कुर्बानी छिपी है। मजदूर दिवस उसी संघर्ष की याद दिलाता है वही भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह ने कहा कि श्रमिकों के लम्बे संघर्ष और शहादत के बाद भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। इसे एम. सिंगारवेलु चेट्टियार ने आयोजित किया था। उस समय से यह दिन भारत में भी श्रमिकों को 8 घण्टे काम और बचे समय मे आराम और मनोरंजन करेंगे लेकिन मोदी सरकार श्रमिको के उन सारे आधिकार को खत्म के श्रमिक विरोधी चार श्रम कोड लाना ये श्रमिक विरोधी है वही उन्होंने कहा कि मोदी और सम्राट की सरकार में बिहारी मजदूर को दिल्ली में बिहारी होने के नाम पर हरियाणा पुलिस ने सरेआम गोली मार कर हत्त्या कर रही है तो दूसरी तरफ सम्राट की सरकार गरीब मजदूर और झुगी झोपड़ी में वर्षो से रह रहे श्रमिको को बुलडोजर से बुलडोज करने पर आमादा है सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहारी श्रमिको की हत्या पर सरकार की चुप्पी का बदला जरूर लेगी वही सीपीआई के जोल सचिव सुनील सिंह,और खेत मजदूर नेता रमाकांत अकेला ने कहा कि श्रमिकों के हक अधिकार बिहारी मजदूरों सम्मान और चार श्रम कोड को वापस लेने तक ये लड़ाई जारी रहेगी मोके पर मोहम्मद हैदर,किरण गुप्ता,गजाधर रजक,संजय राय, अजीम अंसारी,प्रदीप मंडल,मतला मरांडी,गंगा वर्णवाल,अशोक माझी,मुन्ना माझी अरुण सिंह,सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे
- प्रेस रिलीज जमूई 1 मई 2026 *बिहारी श्रमिकों की हत्या पर सम्राट की चुप्पी बिहार का अपमान-बाबू साहब सिंह* *श्रमिक विरोधी चार श्रम कोड वास ले मोदी सरकार-वामदल* चार श्रम कोड कानून वापस लो,काम के अधिकार को सुनिश्चित करने,बिहारी श्रमिक की हत्या का उच्चस्तरीय जॉच समान काम का समान वेतन के सवाल को लेकर सीपीआई और भाकपा माले के सँयुक्त आवाहन पर सीपीआई कार्यालय से दर्जनों की संख्या में श्रमिको ने लाल झंडे और गगनचुंबी नारे लगाते हुए जमूई बाजार में मार्च करते हुए कचहरी चौक सभा मे तब्दील हो गया सभा की अध्यक्षता सीपीआई नेता नवल किशोरा ने किया वही मंच संचालन बासुदेव राय ने किया वही सभा को संबोधित करते हुए नवल किशोर सिंह ने कहा आज के समय में हमें 8 घंटे काम, छुट्टियां और श्रमिक अधिकार जैसे कई सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन ये अधिकार आसानी से नहीं मिले। इसके पीछे लंबा संघर्ष, आंदोलन और कई लोगों की कुर्बानी छिपी है। मजदूर दिवस उसी संघर्ष की याद दिलाता है वही भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह ने कहा कि श्रमिकों के लम्बे संघर्ष और शहादत के बाद भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। इसे एम. सिंगारवेलु चेट्टियार ने आयोजित किया था। उस समय से यह दिन भारत में भी श्रमिकों को 8 घण्टे काम और बचे समय मे आराम और मनोरंजन करेंगे लेकिन मोदी सरकार श्रमिको के उन सारे आधिकार को खत्म के श्रमिक विरोधी चार श्रम कोड लाना ये श्रमिक विरोधी है वही उन्होंने कहा कि मोदी और सम्राट की सरकार में बिहारी मजदूर को दिल्ली में बिहारी होने के नाम पर हरियाणा पुलिस ने सरेआम गोली मार कर हत्त्या कर रही है तो दूसरी तरफ सम्राट की सरकार गरीब मजदूर और झुगी झोपड़ी में वर्षो से रह रहे श्रमिको को बुलडोजर से बुलडोज करने पर आमादा है सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहारी श्रमिको की हत्या पर सरकार की चुप्पी का बदला जरूर लेगी वही सीपीआई के जोल सचिव सुनील सिंह,और खेत मजदूर नेता रमाकांत अकेला ने कहा कि श्रमिकों के हक अधिकार बिहारी मजदूरों सम्मान और चार श्रम कोड को वापस लेने तक ये लड़ाई जारी रहेगी मोके पर मोहम्मद हैदर,किरण गुप्ता,गजाधर रजक,संजय राय, अजीम अंसारी,प्रदीप मंडल,मतला मरांडी,गंगा वर्णवाल,अशोक माझी,मुन्ना माझी अरुण सिंह,सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे1
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- जमुई को दिए संदेश1
- “इस खेत में प्राकृतिक खेती पद्धति के तहत तुलसी के पौधे लगाने हेतु क्यारियों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि पौधों की बेहतर वृद्धि हो सके।”1
- लखीसराय जिला मुख्यालय परिसर से भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना—का शुभारंम किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से डीएम शैलेंद्र कुमार ने गुब्बारे उड़ाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में एडीएम नीरज कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम समेत कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आपसी समन्वय और सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। बताया गया कि जनगणना के इस प्रथम चरण में जिले के सभी मकानों का सूचीकरण और उनकी स्थिति का आंकलन किया जाएगा, जो आगे की जनगणना प्रक्रिया के लिए आधार तैयार करेगा।1
- माँ तो माँ होती है… बरगी डेम में क्रूज हादसे के लगभग 15 घंटे बाद सामने आई यह तस्वीर हर किसी को अंदर तक झकझोर देती है। आखिरी सांस तक अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा। इस माँ और अन्य दिवंगत आत्माओं को मेरा शत-शत नमन… 🙏🙏🙏 @sauravjbt1
- Post by Nandan Kumar Paswan1