कालपी डिपो में सुरक्षा ताक पर, न मजदूरों को जूते-दस्ताने मिले, न आग बुझाने के इंतजाम पुख्ता कालपी डिपो में सुरक्षा ताक पर, न मजदूरों को जूते-दस्ताने मिले, न आग बुझाने के इंतजाम पुख्ता खाली बाल्टियों के भरोसे करोड़ों की लकड़ी मंडला। मंडला जिले के कालपी वन परिक्षेत्र स्थित डिपो में श्रमिकों की सुरक्षा और बेशकीमती वनोपज के संरक्षण को लेकर वन विभाग की संवेदनहीनता सामने आई है। यहाँ वर्षों से कार्यरत सैकड़ों दैनिक मजदूर लकड़ी के भारी ल_ों की लोडिंग और छंटाई जैसे जोखिम भरे कार्य बिना किसी सुरक्षा उपकरण के करने को मजबूर हैं। बताया गया कि नियमों के विपरीत इन श्रमिकों को अनिवार्य हेलमेट, दस्ताने और जूते तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। मजदूर नंगे पैर या चप्पलों में भारी काम कर रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का डर बना रहता है। इसके साथ ही, ये श्रमिक किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य बीमा या आपातकालीन चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं, जो भारतीय श्रम कानून और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। बताया गया कि डिपो की लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती। भीषण गर्मी में आगजनी के खतरे के बावजूद फायर स्टैंड पर रखी रेत की बाल्टियां खाली पड़ी हैं। करोड़ों रुपये की लकडिय़ों के भंडार वाले इस डिपो में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वह तत्काल नींद से जागे और श्रमिकों को सुरक्षा किट प्रदान करने के साथ डिपो में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करे। 0000000000000000000000000000000000
कालपी डिपो में सुरक्षा ताक पर, न मजदूरों को जूते-दस्ताने मिले, न आग बुझाने के इंतजाम पुख्ता कालपी डिपो में सुरक्षा ताक पर, न मजदूरों को जूते-दस्ताने मिले, न आग बुझाने के इंतजाम पुख्ता खाली बाल्टियों के भरोसे करोड़ों की लकड़ी मंडला। मंडला जिले के कालपी वन परिक्षेत्र स्थित डिपो में श्रमिकों की सुरक्षा और बेशकीमती वनोपज के संरक्षण को लेकर वन विभाग की संवेदनहीनता सामने आई है। यहाँ वर्षों से कार्यरत सैकड़ों दैनिक मजदूर लकड़ी के भारी ल_ों की लोडिंग और छंटाई जैसे जोखिम भरे कार्य बिना किसी सुरक्षा उपकरण के करने को मजबूर हैं। बताया गया कि नियमों के विपरीत इन श्रमिकों को अनिवार्य हेलमेट, दस्ताने और जूते तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। मजदूर नंगे पैर या चप्पलों में भारी काम कर रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का डर बना रहता है। इसके साथ ही, ये श्रमिक किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य बीमा या आपातकालीन चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं, जो भारतीय श्रम कानून और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। बताया गया कि डिपो की लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती। भीषण गर्मी में आगजनी के खतरे के बावजूद फायर स्टैंड पर रखी रेत की बाल्टियां खाली पड़ी हैं। करोड़ों रुपये की लकडिय़ों के भंडार वाले इस डिपो में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वह तत्काल नींद से जागे और श्रमिकों को सुरक्षा किट प्रदान करने के साथ डिपो में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करे। 0000000000000000000000000000000000
- *💥⭕भीषण सड़क हादसा⭕💥* *मंडला–सिवनी मुख्य मार्ग पर एचपी पेट्रोल पंप के सामने हुआ भीषण सड़क हादसा**टक्कर के बाद अर्टिगा कार करीब 50 फीट दूर जाकर पलटी कार* *हादसे में कार सवार दो लोग हुए घायल* *विनय नामदेव की रिपोर्ट 🖋️🖋️*1
- मंडला पुलिस की 'तीसरी आंख' से अपराधी पस्त: आसमान से ड्रोन और ज़मीन पर BDDS टीम की पैनी नज़र मंडला: अब अपराधियों और असामाजिक तत्वों की खैर नहीं! पुलिस अधीक्षक श्री रजत सकलेचा के नेतृत्व में मंडला पुलिस आधुनिक तकनीक और मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी है। 👮♂️✨ आसमान से निगरानी, ज़मीन पर सख्ती! 🚁 जिले में अपराधों की रोकथाम के लिए मंडला पुलिस अब ड्रोन कैमरों का सहारा ले रही है। शहर के सुनसान इलाकों, संदिग्ध ठिकानों और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए पल-पल की अपडेट ली जा रही है। अंधेरे में भी यह 'तीसरी आंख' असामाजिक गतिविधियों को पकड़कर पुलिस की मौजूदगी का अहसास करा रही है। BDDS टीम का सघन चेकिंग अभियान 🔍 सुरक्षा को और पुख्ता करते हुए BDDS (बम निरोधक एवं शमन दस्ता) की टीम रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और बाजारों में लगातार सर्चिंग कर रही है। हाल ही में नैनपुर रेलवे स्टेशन पर सघन जांच कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता 👩क्ष थाना कोतवाली की महिला सुरक्षा पैट्रोलिंग टीम हर शाम संगम, सहस्त्रधारा, कुंभ स्थल और प्रमुख चौराहों पर गश्त कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि हर महिला और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस करे। नशा और जुआ पर सीधा प्रहार 🚫 जिले में नशे के अवैध कारोबार और जुआ-सट्टे जैसी गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी निगरानी है। पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध स्थलों पर लगातार दबिश दी जा रही है। मंडला पुलिस की अपील: "अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आपका सहयोग, हमारी शक्ति।" मंडला पुलिस: आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प! 🚩✋1
- पुलिस अधीक्षक मंडला श्री रजत सकलेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी नैनपुर के मार्गदर्शन में *चौकी पिंडरई पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस ने पिंडरई बाजार में सराफा व्यापारी के साथ हुई लाखों रुपये की चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पारदी गैंग के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर मशरूका बरामद किया है।* दिनांक 25.04.2026 को फरियादी *पवन कुमार सोनी निवासी कन्हरगांव द्वारा चौकी पिंडरई में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह पिंडरई बाजार में सराफा दुकान लगाने आया था। दुकान लगाने के दौरान अज्ञात व्यक्ति उसके सोने-चांदी के जेवर, नगदी, गिरवी रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेजों से भरे बैग को चोरी कर फरार हो गए। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये थी।* घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मंडला के निर्देशन में तत्काल *विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपीगण जिला सीहोर के ग्राम लमटी राला पारदीपुरा क्षेत्र के निवासी हैं, जो कंगन, चूड़ी एवं रुद्राक्ष बेचने के बहाने मंडला, सिवनी एवं बालाघाट जिले के विभिन्न गांवों एवं बाजारों में घूमते थे। आरोपीगण समनापुर-सांगवा क्षेत्र के मध्य रेलवे लाइन के पास नाला किनारे अस्थायी डेरा बनाकर* रह रहे थे। दिनांक *25.04.2026 को आरोपीगण चोरी की योजना बनाकर पिंडरई बाजार पहुंचे। बाजार में एक दुकान के सामने रखे थैले में सोने-चांदी के जेवर होने की जानकारी मिलने पर आरोपी विधि से संघर्षरत बालक द्वारा मौका पाकर थैला चोरी कर लिया गया। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल एवं अल्टो कार से फरार होकर अपने डेरे पहुंचे, जहां चोरी किए गए सामान का आपस में बंटवारा किया गया।* पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त की गई है। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। *आरोपी -* 1=अपनू लाल पारदी पिता शिवराज पारदी, उम्र 35 वर्ष, निवासी लमटी राला पारदीपुरा थाना नसरूल्लागंज जिला सीहोर 2=निरकेस पिता निरकालिस, उम्र 26 वर्ष, निवासी लमटी राला पारदीपुरा थाना नसरूल्लागंज जिला सीहोर 3=अरिसमिन पिता राजपुत्तर पारदी, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम मूंदीखेड़ी थाना जावर जिला सीहोर 4= विधि से संघर्षरत बालक 5=विधि से संघर्षरत बालक *जप्त सामग्री -* • 🪙 सोने के आभूषण 278 ग्राम 340 मिलीग्राम, कीमत लगभग ₹38,41,000/- • चांदी के आभूषण 5 किलो 492 ग्राम, कीमत लगभग ₹10,98,600/- • अल्टो कार एवं TVS राइडर मोटरसाइकिल, कुल कीमत लगभग ₹3,20,000/- • नगदी ₹30,000/- *कुल जप्त मशरूका कीमत लगभग ₹52,89,600/-* *पुलिस टीम* उक्त चोरी की घटना के खुलासे एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में एसडीओपी मनीष राज के मार्गदर्शन में निरीक्षक बलदेव सिंह मुजाल्दा, उप निरीक्षक (विवेचक) राजकुमार हिरकने, उप निरीक्षक पुनीत वाजपेयी, उप निरीक्षक सुरजीत परमार, उप निरीक्षक जैनेंद्र उपराड़े, उप निरीक्षक के.के. विश्वकर्मा, सहायक उप निरीक्षक जगदीश सैयाम, आरक्षक रंजीत उडाली, आरक्षक अक्षय भलावी, आरक्षक सुरेश भटेरे, आरक्षक विनोद उइके, आरक्षक ओमप्रकाश बघेल, आरक्षक सुधीर कुशराम एवं आरक्षक अवधेश पासी की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। विवेचना के दौरान सीहोर जिला पुलिस के द्वारा भी निरंतर सहयोग उपलब्ध करवाया गया । पूर्व में उक्त अपराध की पतारसी के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय के द्वारा ₹20,000 का इनाम घोषित किया गया था. *अल्प समय में शत प्रतिशत बरामदगी करने वाली टीम को पुलिस महानिदेशक महोदय एवं पुलिस महानिरीक्षक महोदय के द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।*1
- Post by प्रशांत पटैल1
- Post by Salim khan1
- Post by Akash Chakarwarti1
- शंकर लाल यादव हुए सेवा निवृत्त, साथियों ने दी भावभीनी विदाई घंसौर। जनपद पंचायत घंसौर में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव शंकर लाल यादव के सेवा निवृत्त होने पर साथियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। शंकर लाल यादव ग्राम पंचायत शिकार में सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके सेवानिवृत्त होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी एवं सचिव साथियों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और उनके सरल स्वभाव एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान सभी ने उन्हें आज 1 मई 2026 को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शंकर लाल यादव ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जो हमेशा याद रखा जाएगा।1
- कालपी डिपो में सुरक्षा ताक पर, न मजदूरों को जूते-दस्ताने मिले, न आग बुझाने के इंतजाम पुख्ता खाली बाल्टियों के भरोसे करोड़ों की लकड़ी मंडला। मंडला जिले के कालपी वन परिक्षेत्र स्थित डिपो में श्रमिकों की सुरक्षा और बेशकीमती वनोपज के संरक्षण को लेकर वन विभाग की संवेदनहीनता सामने आई है। यहाँ वर्षों से कार्यरत सैकड़ों दैनिक मजदूर लकड़ी के भारी ल_ों की लोडिंग और छंटाई जैसे जोखिम भरे कार्य बिना किसी सुरक्षा उपकरण के करने को मजबूर हैं। बताया गया कि नियमों के विपरीत इन श्रमिकों को अनिवार्य हेलमेट, दस्ताने और जूते तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। मजदूर नंगे पैर या चप्पलों में भारी काम कर रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का डर बना रहता है। इसके साथ ही, ये श्रमिक किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य बीमा या आपातकालीन चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं, जो भारतीय श्रम कानून और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। बताया गया कि डिपो की लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती। भीषण गर्मी में आगजनी के खतरे के बावजूद फायर स्टैंड पर रखी रेत की बाल्टियां खाली पड़ी हैं। करोड़ों रुपये की लकडिय़ों के भंडार वाले इस डिपो में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वह तत्काल नींद से जागे और श्रमिकों को सुरक्षा किट प्रदान करने के साथ डिपो में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करे। 00000000000000000000000000000000001