जब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट *जब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल* *_राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट_* *सतना/चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी में 19 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ ने चित्रकूट की पहचान ही बदल दी थी। गलियां कीचड़ से पट गईं, घरों में पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शासन-प्रशासन की टीम ने पहले 48 घंटों में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला, लेकिन असली परीक्षा बाढ़ उतरने के बाद शुरू हुई। और इसी परीक्षा में 19 तारीख से लेकर आज 4 सितंबर तक, यानी लगातार 17 दिनों से बिना एक दिन रुके, चित्रकूट की गलियों में डटे हैं जिला पंचायत सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी *श्री शैलेंद्र सिंह।* जब बाढ़ के शुरुआती शोर के बाद कई टीमें वापस लौट गईं, तब भी CEO शैलेंद्र सिंह ने चित्रकूट नहीं छोड़ा। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह और एसडीएम श्री महिपाल सिंह गुर्जर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वे आज भी जमीनी मोर्चे पर डटे हुए हैं। *19 अगस्त से 4 सितंबर - हर मोर्चे पर सबसे आगे* प्रशासन का पूरा फोकस अब पुनर्वास पर है, और इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं सीईओ शैलेंद्र सिंह - *1. राहत से पुनर्वास तक:* 19 तारीख से ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, कपड़े और दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति उनकी निगरानी में हो रही है। *2. सबसे बड़ी जंग - सफाई और संक्रमण से:* बाढ़ के बाद सबसे बड़ा खतरा गंदगी और महामारी का था। सीईओ ने खुद नगर निगम सतना और नगर परिषद चित्रकूट के सफाई कर्मियों के साथ कीचड़ भरी गलियों में उतरकर सफाई अभियान को लीड किया। उन्होंने सफाई कर्मियों का सम्मान किया, उनका हौसला बढ़ाया और "स्वच्छ चित्रकूट, स्वस्थ चित्रकूट" का संकल्प दिलाया। स्थानीय लोगों में उनकी कार्यशैली को लेकर गहरी इज्जत है। एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा, _"साहब सिर्फ आदेश नहीं दे रहे, खुद हमारे साथ कीचड़ में खड़े हैं। आधी रात को भी फोन लगाओ तो खुद उठाते हैं, मदद पहुंचती है। 19 तारीख से आज तक हमने उन्हें रोज यहीं देखा है।"_ वाकई, जब चित्रकूट धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, तो उसके पीछे ऐसे ही अधिकारियों की निःस्वार्थ सेवा है, जो कुजब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल *_राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट_* *सतना/चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी में 19 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ ने चित्रकूट की पहचान ही बदल दी थी। गलियां कीचड़ से पट गईं, घरों में पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शासन-प्रशासन की टीम ने पहले 48 घंटों में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला, लेकिन असली परीक्षा बाढ़ उतरने के बाद शुरू हुर्सी से नहीं, दिल से काम कर रहे हैं। 17 दिनों की यह लगातार सेवा चित्रकूट हमेशा याद रखेगा।
जब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट *जब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल* *_राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट_* *सतना/चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी में 19 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ ने चित्रकूट की पहचान ही बदल दी थी। गलियां कीचड़ से पट गईं, घरों में पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शासन-प्रशासन की टीम ने पहले 48 घंटों में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला, लेकिन असली परीक्षा बाढ़ उतरने के बाद शुरू हुई। और इसी परीक्षा में 19 तारीख से लेकर आज 4 सितंबर तक, यानी लगातार 17 दिनों से बिना एक दिन रुके, चित्रकूट की गलियों में डटे हैं जिला पंचायत सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी *श्री शैलेंद्र सिंह।* जब बाढ़ के शुरुआती शोर के बाद कई टीमें वापस लौट गईं, तब भी CEO शैलेंद्र सिंह ने चित्रकूट नहीं छोड़ा। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह और एसडीएम श्री महिपाल सिंह गुर्जर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वे आज भी जमीनी मोर्चे पर डटे हुए हैं। *19 अगस्त से 4 सितंबर - हर मोर्चे पर सबसे आगे* प्रशासन का पूरा फोकस अब पुनर्वास पर है, और इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं सीईओ शैलेंद्र सिंह - *1. राहत से पुनर्वास तक:* 19 तारीख से ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, कपड़े और दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति उनकी निगरानी में हो रही है। *2. सबसे बड़ी जंग - सफाई और संक्रमण से:* बाढ़ के बाद सबसे बड़ा खतरा गंदगी और महामारी का था। सीईओ ने खुद नगर निगम सतना और नगर परिषद चित्रकूट के सफाई कर्मियों के साथ कीचड़ भरी गलियों में उतरकर सफाई अभियान को लीड किया। उन्होंने सफाई कर्मियों का सम्मान किया, उनका हौसला बढ़ाया और "स्वच्छ चित्रकूट, स्वस्थ चित्रकूट" का संकल्प दिलाया। स्थानीय लोगों में उनकी कार्यशैली को लेकर गहरी इज्जत है। एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा, _"साहब सिर्फ आदेश नहीं दे रहे, खुद हमारे साथ कीचड़ में खड़े हैं। आधी रात को भी फोन लगाओ तो खुद उठाते हैं, मदद पहुंचती है। 19 तारीख से आज तक हमने उन्हें रोज यहीं देखा है।"_ वाकई, जब चित्रकूट धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, तो उसके पीछे ऐसे ही अधिकारियों की निःस्वार्थ सेवा है, जो कुजब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल *_राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट_* *सतना/चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी में 19 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ ने चित्रकूट की पहचान ही बदल दी थी। गलियां कीचड़ से पट गईं, घरों में पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शासन-प्रशासन की टीम ने पहले 48 घंटों में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला, लेकिन असली परीक्षा बाढ़ उतरने के बाद शुरू हुर्सी से नहीं, दिल से काम कर रहे हैं। 17 दिनों की यह लगातार सेवा चित्रकूट हमेशा याद रखेगा।
- जब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट *जब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल* *_राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट_* *सतना/चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी में 19 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ ने चित्रकूट की पहचान ही बदल दी थी। गलियां कीचड़ से पट गईं, घरों में पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शासन-प्रशासन की टीम ने पहले 48 घंटों में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला, लेकिन असली परीक्षा बाढ़ उतरने के बाद शुरू हुई। और इसी परीक्षा में 19 तारीख से लेकर आज 4 सितंबर तक, यानी लगातार 17 दिनों से बिना एक दिन रुके, चित्रकूट की गलियों में डटे हैं जिला पंचायत सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी *श्री शैलेंद्र सिंह।* जब बाढ़ के शुरुआती शोर के बाद कई टीमें वापस लौट गईं, तब भी CEO शैलेंद्र सिंह ने चित्रकूट नहीं छोड़ा। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह और एसडीएम श्री महिपाल सिंह गुर्जर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वे आज भी जमीनी मोर्चे पर डटे हुए हैं। *19 अगस्त से 4 सितंबर - हर मोर्चे पर सबसे आगे* प्रशासन का पूरा फोकस अब पुनर्वास पर है, और इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं सीईओ शैलेंद्र सिंह - *1. राहत से पुनर्वास तक:* 19 तारीख से ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, कपड़े और दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति उनकी निगरानी में हो रही है। *2. सबसे बड़ी जंग - सफाई और संक्रमण से:* बाढ़ के बाद सबसे बड़ा खतरा गंदगी और महामारी का था। सीईओ ने खुद नगर निगम सतना और नगर परिषद चित्रकूट के सफाई कर्मियों के साथ कीचड़ भरी गलियों में उतरकर सफाई अभियान को लीड किया। उन्होंने सफाई कर्मियों का सम्मान किया, उनका हौसला बढ़ाया और "स्वच्छ चित्रकूट, स्वस्थ चित्रकूट" का संकल्प दिलाया। स्थानीय लोगों में उनकी कार्यशैली को लेकर गहरी इज्जत है। एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा, _"साहब सिर्फ आदेश नहीं दे रहे, खुद हमारे साथ कीचड़ में खड़े हैं। आधी रात को भी फोन लगाओ तो खुद उठाते हैं, मदद पहुंचती है। 19 तारीख से आज तक हमने उन्हें रोज यहीं देखा है।"_ वाकई, जब चित्रकूट धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, तो उसके पीछे ऐसे ही अधिकारियों की निःस्वार्थ सेवा है, जो कुजब सब लौट गए, तब भी 19 से 4 तक डटे रहे CEO शैलेंद्र सिंह - चित्रकूट में मानवता और कर्तव्य की मिसाल *_राइजिंग सतना - रामदत्त दाहिया की रिपोर्ट_* *सतना/चित्रकूट।* मंदाकिनी नदी में 19 अगस्त को आई प्रलयकारी बाढ़ ने चित्रकूट की पहचान ही बदल दी थी। गलियां कीचड़ से पट गईं, घरों में पानी भर गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शासन-प्रशासन की टीम ने पहले 48 घंटों में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला, लेकिन असली परीक्षा बाढ़ उतरने के बाद शुरू हुर्सी से नहीं, दिल से काम कर रहे हैं। 17 दिनों की यह लगातार सेवा चित्रकूट हमेशा याद रखेगा।1
- रामपुर बघेलान महूरच लाइसेंसी शराब दुकान पर खुलेआम गांव गांव शराब पैकरी चलाई जाने पर जांच महूरच लाइसेंस वाली शराब दुकान पर सवाल? गांव–गांव खुलेआम शराब पैकरी चलाए जाने का आरोप 📍 स्थान: महूरच, रामपुर बघेलान, सतना स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना नंबर की गाड़ी से गांव-गांव शराब पहुंचाकर खुलेआम पैकरी की जा रही है। ❓ आखिर बिना नंबर की गाड़ियों से शराब परिवहन कैसे? ❓ क्या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी है? ❓ लाइसेंस प्राप्त दुकान से गांव-गांव शराब सप्लाई की जांच कब होगी? 🔎 मामले की निष्पक्ष जांच और आबकारी विभाग से कार्रवाई की मांग।1
- garam daura farenda panchayat ward kramank 7 tahsil Raipur karchuliyan 50 varsh purana rasta mein Pani bharane ke Karan public school 🏫 hai garam daura farenda tahsil Raipur karchuliyan 50 varsh purana rasta mein 200 public ka aana jana hai roj ka pani bharane ke Karan rasta band ho gai hai2
- सभी पर्वों और त्योहारों के बीच भी हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीयवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री* सभी पर्वों और त्योहारों के बीच भी हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीयवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं ने की मंगला आरती और विशेष पूजा-अर्चना, मंगला आरती के बाद ढोल-ताशों से गूंज उठी कृष्ण जन्मभूमि, भक्तों ने मनाया जन्माष्टमी का जश्न।* 💥 *बड़ी खबर*💥 *जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं ने की मंगला आरती और विशेष पूजा-अर्चना, मंगला आरती के बाद ढोल-ताशों से गूंज उठी कृष्ण जन्मभूमि, भक्तों ने मनाया जन्माष्टमी का जश्न।*2
- 📰 बिना नोटिस कांग्रेस ने पद से हटाया, तीनों पूर्व पदाधिकारियों ने की प्रेस वार्ता 📰 बिना नोटिस कांग्रेस ने पद से हटाया, तीनों पूर्व पदाधिकारियों ने की प्रेस वार्ता अमरपाटन में कांग्रेस की कार्रवाई पर उठे सवाल, विमलेश मिश्रा, मनसुख चौरसिया और महिपाल तिवारी ने रखी अपनी बात अमरपाटन। कांग्रेस संगठन द्वारा बीते दिनों तीन पदाधिकारियों को उनके पद से पृथक किए जाने के बाद शुक्रवार को पूर्व पदाधिकारियों विमलेश मिश्रा, मनसुख चौरसिया एवं महिपाल तिवारी ने अमरपाटन रेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी बात रखी। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा उन्हें पद से पृथक किए जाने की किसी भी प्रकार की पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि संगठन की ओर से किसी प्रकार की अनुशासनहीनता सामने आई थी, तो नियमानुसार पहले नोटिस जारी किया जाना चाहिए था और संबंधित पक्ष से जवाब मांगा जाना चाहिए था। पूर्व पदाधिकारियों ने कहा कि बिना किसी औपचारिक सूचना के व्यक्तिगत रूप से लगाए गए आरोपों के आधार पर उन्हें पद से हटाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई पर दुख व्यक्त करते हुए संगठनात्मक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में तीनों पूर्व पदाधिकारियों ने अपने पक्ष को विस्तार से रखते हुए कहा कि वे कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं और आगे भी अपनी बात उचित मंच पर रखने का प्रयास करेंगे। अब देखना होगा कि कांग्रेस संगठन की ओर से इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। सुनिए प्रेस वार्ता में तीनों पूर्व पदाधिकारियों ने क्या कुछ कहा…1
- रामपुर बाघेलान क्षेत्र मे बढ़ से प्रभावित लोगों को राहत की सामग्री और भोजन की व्यवस्था कराई गई आवाज फाउंडेशन हिनौती रामपुर बाघेलान के माध्यम से राहत सामग्री एवं खाद सामग्री लगातार 3दिनों से बाढ़ से पीड़ित लोग जिनके घर रह गए जिनमें रहने की व्यवस्था नहीं उनको सभी प्रकार की सुविधा आवाज फाउंडेशन के माध्यम से जैसे भजन की व्यवस्था करना जरूरकी कुछ सामग्री वितरण की गई है हम लोगों ने लगभग प्रतिदिन का 200 से 300 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया है अपने क्षेत्र 20 से ज्यादा कहां प्रभावित थे1
- ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे ग्राम दुआरी के अंधेकत्ल का सनसनीखेज खुलासा, चाकू से गला रेतकर उतारा मौत के घाट घर से निकला था युवक,दो दिन बाद नाले में मिला शव; CCTV ने खोला राज,पुलिस ने आरोपी को दबोचा पूछताछ में हत्या और शव नहर में फेंकने की बात कबूलने का दावा* रीवा। चोरहटा थाना क्षेत्र के ग्राम दुआरी में 26 अगस्त की दरमियानी रात हुए सनसनीखेज अंधेकत्ल का पुलिस ने पर्दाफाश करने का दावा किया है। महज कुछ दिनों की जांच में पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित हत्याकांड के आरोपी आशीष कोल (29), निवासी नागरी, थाना करेली, जिला नरसिंहपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी इशरार खान उर्फ बब्बू (28) की सब्जी काटने वाले चाकू से गला रेतकर हत्या करने और शव को नहर के पानी में फेंकने की बात स्वीकार की है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दो दिन बाद मिला शव, शरीर पर थे कट के निशान पुलिस के अनुसार,28 अगस्त को इन्साफ खान निवासी दुआरी ने चोरहटा थाने में सूचना दी कि उसका छोटा भाई इशरार खान उर्फ बब्बू 26 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे घर से बिना बताए निकला था। इसके बाद उसका शव पिपरहा डेम दुआरी नाला के पास बरामद हुआ। शव की स्थिति ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। मृतक के गले, होंठ और आंखों की पलकों पर कट के निशान मिले। घटनास्थल के पास बनी झोपड़ी से मृतक की चप्पल और एक चाकू भी बरामद हुआ। प्रारंभिक परिस्थितियों ने पुलिस के सामने हत्या की गुत्थी सुलझाने की चुनौती खड़ी कर दी। CCTV ने बदली जांच की दिशा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। इसके बाद अपराध क्रमांक 450/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) एवं 238(ख) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने रीवा शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज और अन्य जांच से मिले सुरागों के आधार पर संदेह की सुई आशीष कोल तक पहुंची। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे दस्तयाब कर पूछताछ की। पूछताछ में हत्या का राज खुलने का पुलिस का दावा पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने इशरार खान उर्फ बब्बू की सब्जी काटने वाले चाकू से गला रेतकर हत्या करने और हत्या के बाद शव को नहर के पानी में फेंकने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय रीवा में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि हत्या के पीछे की वजह और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसे लेकर पुलिस की विवेचना जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुआ खुलासा अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रीवा डॉ.गुरुकरण सिंह के निर्देशन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी एवं नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी चोरहटा निरीक्षक पवन शुक्ला के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में निरीक्षक पवन शुक्ला, उपनिरीक्षक घनश्याम मिश्रा, मनोज गौतम, पी.एस. त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक कल्याण चंद्र पांडे, राजेश तिवारी सहित चोरहटा पुलिस और साइबर सेल रीवा की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब पुलिस की जांच का अगला फोकस हत्या की वजह, घटना की पूरी कड़ी और कथित वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका पर है।1