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प्रयागराज के हंडिया में बुधवार शाम अचानक तेज़ धूल भरी आंधी चली। इससे कई जगह पेड़ और टहनियां सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बाजारों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी।
Pramod yadav
प्रयागराज के हंडिया में बुधवार शाम अचानक तेज़ धूल भरी आंधी चली। इससे कई जगह पेड़ और टहनियां सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बाजारों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी।
More news from Prayagraj and nearby areas
- Post by Raju Yadav1
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी और ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने के प्रस्ताव पर अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने विरोध जताया है। फूलपुर में प्रेस वार्ता कर संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों ने इसे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चुनाव समय पर कराए जाएं।1
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव, प्रतीक यादव के निधन के बाद अपर्णा यादव के आवास पर पहुंचे। उत्तर प्रदेश में इस मुलाकात ने परिवार के दुख के साथ सियासी गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है।1
- उत्तर प्रदेश के KGMU में प्रतीक यादव का पोस्टमॉर्टम कड़ी सुरक्षा के बीच किया जा रहा है, जिसमें सीएमओ भी मौजूद हैं। प्रक्रिया से पहले उनका एक्सरे भी कराया गया और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है, जो मामले की गंभीरता दर्शाता है।1
- प्रयागराज में वीडियो से संबंधित नई सूचना और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का सभी संबंधित पक्षों को पालन करना होगा।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में भीषण आंधी-तूफान ने कहर बरपाया है। झूसी समेत कई इलाकों में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई, वहीं कई वाहन मलबे में दब गए।1
- बुधवार को आए तेज चक्रवाती तूफान के कारण प्रयागराज के मदरा टेला गंगा घाट पर बना पार्टून पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के चार-पांच पार्टून बह जाने से आवागमन बाधित हुआ, पर गनीमत रही कि हादसे के वक्त पुल पर कोई मौजूद नहीं था। स्थानीय लोग पुल की जल्द मरम्मत और तूफान से हुए नुकसान के लिए राहत सहायता की मांग कर रहे हैं।1
- प्रयागराज के हंडिया में बुधवार शाम अचानक तेज़ धूल भरी आंधी चली। इससे कई जगह पेड़ और टहनियां सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बाजारों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेनी पड़ी।1