जिला बिलासपुर के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में लहलहा रही है अनार की फसल* *शिवा परियोजना ने बदली 45 किसानों की तकदीर, इस वर्ष 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य* *9 हेक्टेयर में रोपित किए हैं 8555 भगवा किस्म के पौधे, गत वर्ष हुआ था 32 मीट्रिक टन उत्पादन* *प्रदेश सरकार शिवा परियोजना के माध्यम से चालू वित्त वर्ष में व्यय कर रही है 325 करोड़ रुपये* घुमारवीं, 06 सितम्बर:* हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना का परिणाम है कि आजकल जिला बिलासपुर के झंडूता ब्लॉक के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में अनार की फसल लहलहा रही है। इस परियोजना के तहत लगभग 100 बीघा में स्थापित बगीचे में अनार की फसल पक कर तैयार हो रही है। लाभार्थी किसान इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुटे हुए हैं तथा अब तक लगभग 5 मीट्रिक टन अनार बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा चुका है। वर्ष 2021 में फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) के तौर पर टिहरी-एक व टिहरी-दो में लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधों का रोपण किया गया, जिसे वर्ष 2022 में बढ़ाकर 9 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) भूमि में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। क्लस्टर में भगवा प्रजाति के 8555 अनार के पौधे रोपित किए हैं तथा इस वर्ष लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार का उत्पादन हुआ था, जिससे लाभार्थी किसानों को लगभग 16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। जब इस संबंध में लाभार्थी किसान प्रेम लाल नड्डा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में बतौर एफएलडी बागवानी विभाग के माध्यम से अनार के पौधे रोपित किए गए हैं तथा वर्ष 2022 में लगभग 100 बीघा क्षेत्र में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। गत वर्ष भारी बरसात के कारण बागवानों को हुए नुकसान के बावजूद लगभग 32 लाख रुपये का अनार किसानों ने रिलायंस, स्थानीय मंडी तथा सीधे लोगों को बेचा है तथा लाभार्थी किसानों को लगभग 15-16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। प्रेम लाल नड्डा ने कहा कि शिवा परियोजना के अंतर्गत स्थापित अनार क्लस्टर में बागवानी एवं जल शक्ति विभाग के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य किए गए हैं, जिनमें भूमि का विकास, बेड व पिट तैयार करना, सोलर बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई सुविधा तथा उठाऊ सिंचाई परियोजना के माध्यम से जल उपलब्धता शामिल है। इसी बीच लाभार्थी किसान राजेन्द्र पाल का कहना है कि इस क्लस्टर में उनके लगभग 2 हजार अनार के पौधे लगे हैं। पिछले वर्ष अच्छी फसल प्राप्त हुई है तथा इस वर्ष भी फसल बेहतर है। शिवा परियोजना के अंतर्गत सरकार की ओर से बागवानी विभाग द्वारा हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है। पानी की व्यवस्था पर सरकार ने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये व्यय कर ड्रिप इरिगेशन की सुविधा मुहैया करवाई है, जिसके माध्यम से अब पौधों को खाद, स्प्रे इत्यादि दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नौजवान पीढ़ी रोजगार के लिए घरों से दूर जा रही है, ऐसे में यदि वे बागवानी के साथ जुड़ते हैं तो न केवल जमीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा बल्कि घर बैठे अच्छा रोजगार भी प्राप्त कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में बागवानी न केवल किसानों व बागवानों के लिए आजीविका का अहम स्रोत है बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता का भी प्रमुख स्तंभ है। प्रदेश में ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश में एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से 325 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रावधान किया है। सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से प्रदेश के सात जिलों के 52 विकास खंडों में न केवल शिवा परियोजना के माध्यम से बागवानी को बल मिल रहा है बल्कि प्रदेश सरकार के ये प्रयास धरातल पर फलीभूत भी हो रहे हैं। क्या कहते हैं अधिकारी: उपनिदेशक बागवानी डॉ. जगदीश चंद वर्मा ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण के माध्यम से जिला बिलासपुर में 357 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीट ऑरेंज, अमरूद, लीची तथा जापानी फल के क्लस्टर या तो स्थापित कर लिए गए हैं या फिर कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि टिहरी क्लस्टर जिला का एकमात्र अनार क्लस्टर है और गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार को बाजार में बेचा गया है, जबकि इस वर्ष भी फसल अच्छी है तथा लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभाग बागवानों को बाजार के संभावित खरीदारों से जोड़ने में समन्वयक की भूमिका भी निभा रहा है ताकि उत्पादकों को अनार के अच्छे दाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शिवा परियोजना चरण दो में जिला में ब्लूबेरी, एवोकाडो, मैकाडामिया नट, ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे, जिन्हें पहले की शर्त 10 हेक्टेयर के बजाय अब 3 हेक्टेयर में स्थापित किया जा सकेगा। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों से लाभ उठाने का आह्वान किया है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि सरकार ने किसानों व बागवानों के उत्थान को अनेक योजनाएं आरंभ की हैं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सशक्त हो सके। शिवा परियोजना के माध्यम से जिला के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और संबंधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।
जिला बिलासपुर के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में लहलहा रही है अनार की फसल* *शिवा परियोजना ने बदली 45 किसानों की तकदीर, इस वर्ष 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य* *9 हेक्टेयर में रोपित किए हैं 8555 भगवा किस्म के पौधे, गत वर्ष हुआ था 32 मीट्रिक टन उत्पादन* *प्रदेश सरकार शिवा परियोजना के माध्यम से चालू वित्त वर्ष में व्यय कर रही है 325 करोड़ रुपये* घुमारवीं, 06 सितम्बर:* हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना का परिणाम है कि आजकल जिला बिलासपुर के झंडूता ब्लॉक के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में अनार की फसल लहलहा रही है। इस परियोजना के तहत लगभग 100 बीघा में स्थापित बगीचे में अनार की फसल पक कर तैयार हो रही है। लाभार्थी किसान इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुटे हुए हैं तथा अब तक लगभग 5 मीट्रिक टन अनार बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा चुका है। वर्ष 2021 में फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) के तौर पर टिहरी-एक व टिहरी-दो में लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधों का रोपण किया गया, जिसे वर्ष 2022 में बढ़ाकर 9 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) भूमि में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। क्लस्टर में भगवा प्रजाति के 8555 अनार के पौधे रोपित किए हैं तथा इस वर्ष लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार का उत्पादन हुआ था, जिससे लाभार्थी किसानों को लगभग 16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। जब इस संबंध में लाभार्थी किसान प्रेम लाल नड्डा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में बतौर एफएलडी बागवानी विभाग के माध्यम से अनार के पौधे रोपित किए गए हैं तथा वर्ष 2022 में लगभग 100 बीघा क्षेत्र में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। गत वर्ष भारी बरसात के कारण बागवानों को हुए नुकसान के बावजूद लगभग 32 लाख रुपये का अनार किसानों ने रिलायंस, स्थानीय मंडी तथा सीधे लोगों को बेचा है तथा लाभार्थी किसानों को लगभग 15-16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। प्रेम लाल नड्डा ने कहा कि शिवा परियोजना के अंतर्गत स्थापित अनार क्लस्टर में बागवानी एवं जल शक्ति विभाग के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य किए गए हैं, जिनमें भूमि का विकास, बेड व पिट तैयार करना, सोलर बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई सुविधा तथा उठाऊ सिंचाई परियोजना के माध्यम से जल उपलब्धता शामिल है। इसी बीच लाभार्थी किसान राजेन्द्र पाल का कहना है कि इस क्लस्टर में उनके लगभग 2 हजार अनार के पौधे लगे हैं। पिछले वर्ष अच्छी फसल प्राप्त हुई है तथा इस वर्ष भी फसल बेहतर है। शिवा परियोजना के अंतर्गत सरकार की ओर से बागवानी विभाग द्वारा हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है। पानी की व्यवस्था पर सरकार ने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये व्यय कर ड्रिप इरिगेशन की सुविधा मुहैया करवाई है, जिसके माध्यम से अब पौधों को खाद, स्प्रे इत्यादि दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नौजवान पीढ़ी रोजगार के लिए घरों से दूर जा रही है, ऐसे में यदि वे बागवानी के साथ जुड़ते हैं तो न केवल जमीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा बल्कि घर बैठे अच्छा रोजगार भी प्राप्त कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में बागवानी न केवल किसानों व बागवानों के लिए आजीविका का अहम स्रोत है बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता का भी प्रमुख स्तंभ है। प्रदेश में ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश में एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से 325 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रावधान किया है। सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से प्रदेश के सात जिलों के 52 विकास खंडों में न केवल शिवा परियोजना के माध्यम से बागवानी को बल मिल रहा है बल्कि प्रदेश सरकार के ये प्रयास धरातल पर फलीभूत भी हो रहे हैं। क्या कहते हैं अधिकारी: उपनिदेशक बागवानी डॉ. जगदीश चंद वर्मा ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण के माध्यम से जिला बिलासपुर में 357 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीट ऑरेंज, अमरूद, लीची तथा जापानी फल के क्लस्टर या तो स्थापित कर लिए गए हैं या फिर कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि टिहरी क्लस्टर जिला का एकमात्र अनार क्लस्टर है और गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार को बाजार में बेचा गया है, जबकि इस वर्ष भी फसल अच्छी है तथा लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभाग बागवानों को बाजार के संभावित खरीदारों से जोड़ने में समन्वयक की भूमिका भी निभा रहा है ताकि उत्पादकों को अनार के अच्छे दाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शिवा परियोजना चरण दो में जिला में ब्लूबेरी, एवोकाडो, मैकाडामिया नट, ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे, जिन्हें पहले की शर्त 10 हेक्टेयर के बजाय अब 3 हेक्टेयर में स्थापित किया जा सकेगा। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों से लाभ उठाने का आह्वान किया है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि सरकार ने किसानों व बागवानों के उत्थान को अनेक योजनाएं आरंभ की हैं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सशक्त हो सके। शिवा परियोजना के माध्यम से जिला के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और संबंधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।
- जिला बिलासपुर के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में लहलहा रही है अनार की फसल* *शिवा परियोजना ने बदली 45 किसानों की तकदीर, इस वर्ष 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य* *9 हेक्टेयर में रोपित किए हैं 8555 भगवा किस्म के पौधे, गत वर्ष हुआ था 32 मीट्रिक टन उत्पादन* *प्रदेश सरकार शिवा परियोजना के माध्यम से चालू वित्त वर्ष में व्यय कर रही है 325 करोड़ रुपये* घुमारवीं, 06 सितम्बर:* हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना का परिणाम है कि आजकल जिला बिलासपुर के झंडूता ब्लॉक के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में अनार की फसल लहलहा रही है। इस परियोजना के तहत लगभग 100 बीघा में स्थापित बगीचे में अनार की फसल पक कर तैयार हो रही है। लाभार्थी किसान इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुटे हुए हैं तथा अब तक लगभग 5 मीट्रिक टन अनार बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा चुका है। वर्ष 2021 में फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) के तौर पर टिहरी-एक व टिहरी-दो में लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधों का रोपण किया गया, जिसे वर्ष 2022 में बढ़ाकर 9 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) भूमि में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। क्लस्टर में भगवा प्रजाति के 8555 अनार के पौधे रोपित किए हैं तथा इस वर्ष लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार का उत्पादन हुआ था, जिससे लाभार्थी किसानों को लगभग 16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। जब इस संबंध में लाभार्थी किसान प्रेम लाल नड्डा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में बतौर एफएलडी बागवानी विभाग के माध्यम से अनार के पौधे रोपित किए गए हैं तथा वर्ष 2022 में लगभग 100 बीघा क्षेत्र में 45 किसानों को जोड़ते हुए क्लस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। गत वर्ष भारी बरसात के कारण बागवानों को हुए नुकसान के बावजूद लगभग 32 लाख रुपये का अनार किसानों ने रिलायंस, स्थानीय मंडी तथा सीधे लोगों को बेचा है तथा लाभार्थी किसानों को लगभग 15-16 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। प्रेम लाल नड्डा ने कहा कि शिवा परियोजना के अंतर्गत स्थापित अनार क्लस्टर में बागवानी एवं जल शक्ति विभाग के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य किए गए हैं, जिनमें भूमि का विकास, बेड व पिट तैयार करना, सोलर बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई सुविधा तथा उठाऊ सिंचाई परियोजना के माध्यम से जल उपलब्धता शामिल है। इसी बीच लाभार्थी किसान राजेन्द्र पाल का कहना है कि इस क्लस्टर में उनके लगभग 2 हजार अनार के पौधे लगे हैं। पिछले वर्ष अच्छी फसल प्राप्त हुई है तथा इस वर्ष भी फसल बेहतर है। शिवा परियोजना के अंतर्गत सरकार की ओर से बागवानी विभाग द्वारा हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है। पानी की व्यवस्था पर सरकार ने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये व्यय कर ड्रिप इरिगेशन की सुविधा मुहैया करवाई है, जिसके माध्यम से अब पौधों को खाद, स्प्रे इत्यादि दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नौजवान पीढ़ी रोजगार के लिए घरों से दूर जा रही है, ऐसे में यदि वे बागवानी के साथ जुड़ते हैं तो न केवल जमीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा बल्कि घर बैठे अच्छा रोजगार भी प्राप्त कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में बागवानी न केवल किसानों व बागवानों के लिए आजीविका का अहम स्रोत है बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता का भी प्रमुख स्तंभ है। प्रदेश में ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश में एचपी शिवा परियोजना के माध्यम से 325 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रावधान किया है। सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से प्रदेश के सात जिलों के 52 विकास खंडों में न केवल शिवा परियोजना के माध्यम से बागवानी को बल मिल रहा है बल्कि प्रदेश सरकार के ये प्रयास धरातल पर फलीभूत भी हो रहे हैं। क्या कहते हैं अधिकारी: उपनिदेशक बागवानी डॉ. जगदीश चंद वर्मा ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण के माध्यम से जिला बिलासपुर में 357 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीट ऑरेंज, अमरूद, लीची तथा जापानी फल के क्लस्टर या तो स्थापित कर लिए गए हैं या फिर कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि टिहरी क्लस्टर जिला का एकमात्र अनार क्लस्टर है और गत वर्ष लगभग 32 मीट्रिक टन अनार को बाजार में बेचा गया है, जबकि इस वर्ष भी फसल अच्छी है तथा लगभग 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभाग बागवानों को बाजार के संभावित खरीदारों से जोड़ने में समन्वयक की भूमिका भी निभा रहा है ताकि उत्पादकों को अनार के अच्छे दाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शिवा परियोजना चरण दो में जिला में ब्लूबेरी, एवोकाडो, मैकाडामिया नट, ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे, जिन्हें पहले की शर्त 10 हेक्टेयर के बजाय अब 3 हेक्टेयर में स्थापित किया जा सकेगा। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों से लाभ उठाने का आह्वान किया है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि सरकार ने किसानों व बागवानों के उत्थान को अनेक योजनाएं आरंभ की हैं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सशक्त हो सके। शिवा परियोजना के माध्यम से जिला के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और संबंधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।1
- VESTIGE BRANCH OFFICE BERTHIN BILASPUR HIMACHAL PRADESH 9816133991 RAJ KUMAR VESTIGE CROWN DIRECTOR vestige Branch Office BERTHIN BILASPUR Himachal Pradesh 98161339911
- शिवा परियोजना का कमाल! टिहरी क्लस्टर में लहलहा रहे अनार, 70 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य खेती में आया बदलाव, अनार ने बढ़ाई किसानों की उम्मीदें—टिहरी क्लस्टर बना मिसाल #बरठीं #टिहरीक्लस्टर #अनारकीखेती #शिवापरियोजना #किसान #किसानोंकीआमदनी #हिमाचलप्रदेश #बिलासपुर #झंडूता #बागवानी #अनारउत्पादन #कृषि #किसानकीतरक्की #HimachalNews #BilaspurNews1
- बाबा बालक नाथ मंदिर रौणखर में विशाल भंडारे का आयोजन सैकड़ों भक्तजनों ने भंडारे का प्रशाद ग्रहण किया बंगाणा ऊना -- उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की खरयालता पंचायत के गांव रौणखर में स्थित प्राचीन व ऐतिहासिक सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन करवाया गया।इस मौके जहां पर भक्तजनों ने सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में पहुंच कर बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।बहीं पर परिवार की सुख शांति समृद्धि और सफलता की कामना भी की गई। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गिरधारी लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि गुगा नवमी के अगले दिन सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन करवाया जाता है।यह परम्परा पुराने टाइम से चली आ रही है। बहीं पर रविवार सुबह को सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में हवन-यज्ञ का आयोजन करवाया गया उसके बाद झंडा रस्म अदायगी की गई उसके बाद भजन कीर्तन दोपहर को भंडारे का आयोजन करवाया गया जिसमें सैकड़ों भक्तजनों ने भंडारे का प्रशाद ग्रहण किया। इस मौके पर भंडारे में अपनी-अपनी और से सेवाएं देने वाले पूर्व प्रधान अशोक शर्मा,सदा शिव ध्यूंसर मंदिर के चेयरमैन प्रवीण शर्मा,सुनील शर्मा, सुखदेव शर्मा,रमेश चंद डोगरा,कमल देव, मुकेश शर्मा,शिवम कुमार,अशोक कुमार तरसेम लाल,अजय ठाकुर, शक्ती चंद ठाकुर,खुशी राम, राकेश चंद,भोला राम,सहित अन्य गांव वासियों ने अपना-अपना सहयोग दिया।1
- सैनिक विनोद का सैन्य सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार सुजानपुर भारतीय सेना के जवान का हृदय गति रुकने से बीते कल शनिवार को सुजानपुर निधन हो गया था उक्त सैनिक 46 वर्ष का था और वर्तमान में भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा था आजकल यह सैनिक घर पर छुट्टी बिताने के लिए आया था शनिवार को सैनिक विनोद कुमार निवासी गांव टोरु डाकघर खुडिया रविवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया1
- ओमान में ऊना के निषाद ने लहराया तिरंगा, हाई जंप में 2.06 मीटर छलांग लगाकर जीता कांस्य, एशियन गेम्स की तैयारी पर अब निषाद का पूरा फोकस हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के होनहार एथलीट निषाद कुमार ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का नाम रोशन किया है। ओमान में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स ब्रॉन्ज लेवल कॉन्टिनेंटल टूर प्रतियोगिता में निषाद ने हाई जंप स्पर्धा में 2.06 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक अपने नाम किया। निषाद के इस प्रदर्शन से उनके गृह जिला ऊना सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे निषाद ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा, मेहनत और मजबूत इरादों का परिचय दिया है। हालांकि प्रतियोगिता के दौरान मैदान की परिस्थितियां और मौसम अनुकूल नहीं थे। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में आगे प्रतिस्पर्धा जारी रखने से चोटिल होने का खतरा बढ़ सकता था। इसी को देखते हुए निषाद ने प्रतियोगिता को बीच में ही छोड़ने का निर्णय लिया। उनके लिए यह फैसला आगामी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। निषाद अब अपना पूरा ध्यान अक्टूबर में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों पर केंद्रित कर रहे हैं। उनका लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करना है। ओमान में 2.06 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीतना निषाद के अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उनके इस प्रदर्शन से खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों को आगामी एशियन गेम्स में उनसे और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।1
- सफलता की कहानीः मंडी, 06 सितंबर, 2026* *एकल नारियों के पक्के आशियाने का सपना हुआ साकार, सहारा बनी हिमाचल की “सुक्खू सरकार”* *लाभार्थी बोलीं, गरीबा रे कट्ठे खरी स्कीमा चलाई री... सरकारा रा बड़ा धन्यावाद* सफलता की कहानीः मंडी, 06 सितंबर, 2026* *एकल नारियों के पक्के आशियाने का सपना हुआ साकार, सहारा बनी हिमाचल की “सुक्खू सरकार”* *लाभार्थी बोलीं, गरीबा रे कट्ठे खरी स्कीमा चलाई री... सरकारा रा बड़ा धन्यावाद*1
- वरिष्ठजनों के अनुभव से युवा पीढ़ी को मिलेगी सही दिशा : डॉ. केआर धीमान 80 वर्ष से अधिक आयु के 250 वरिष्ठजन सम्मानित, “घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा” अभियान में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका घुमारवीं संस्कार संस्था द्वारा वरिष्ठजनों के लिए “ वरिष्ठ जन संवाद” कार्यक्रम के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नौणी विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति डॉ. केआर धीमान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान संस्था की ओर से 80 वर्ष से अधिक आयु के 250 वरिष्ठजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के जीवन अनुभवों को युवा पीढ़ी और समाज के साथ साझा करने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर डॉ. केआर धीमान ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव, संघर्ष और सीख युवा पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद और आपसी सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘संस्कार’ शब्द का शाब्दिक अर्थ शुद्धीकरण, परिष्कार, अच्छे नैतिक मूल्य और अच्छे गुण होता है। ऐसे में सामाजिक हित, सांस्कृतिक संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति जिम्मेवारी केवल अपने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जनहित के कार्यों में भी योगदान देना जरूरी है। संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि वरिष्ठजन युवाओं के साथ संवाद करे और अपने जीवन के अनुभव साझा करें । इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा परिवारों को इस सामाजिक समस्या से मिलकर लड़ने के लिए प्रेरित करना है। महेंद्र धर्माणी ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही घर और गांव को चिट्टामुक्त बनाया जा सकता है। इसके लिए परिवार, युवा, वरिष्ठजन और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। वरिष्ठजनों का अनुभव और मार्गदर्शन नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मजबूत आधार प्रदान करेगा । संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि बुजुर्गों के पास हुनर, परिश्रम, अनुभव, संस्कृति और संस्कारों की अमूल्य पूंजी है। इस पूंजी को बच्चों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है, ताकि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सके। कार्यक्रम में बुजुर्गों का अभिनंदन करते हुए महेंद्र धर्माणी ने कहा कि जब सामाजिक कार्यों में बुजुर्गों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलता है, तो कार्यों को आगे बढ़ाने का हौसला मिलता है। बुजुर्गों का अनुभव समाज के लिए महत्वपूर्ण है और युवा पीढ़ी को इससे सीख लेकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कार संस्था अक्टूबर 2023 से “घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा” अभियान चला रही है। इस अभियान के माध्यम से संस्था लगातार युवाओं, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि चिट्टे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, केसामूहिक प्रयास और परिवारों के सहयोग से ही अपने घर, गांव और पूरे समाज को चिट्टामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और चिट्टामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान के एस वर्मा, संस्था के पूर्व अमृत लाल कतना , नगर परिषद अध्यक्ष अमित कुमार , नगर परिषद पूर्व अध्यक्ष मीरा , प्रकाश चंद चौहान, सुनील चंदेल, मंशा राम , पुर्व भाजपा मंडलाध्यक्ष लक्षरी राम, कप्तान राम सिंह, कृष्ण सिंह ठाकुर , अमर नाथ जारोड़ा , किशोरी लाल शर्मा , विनय कुमार आदि उपस्थित रहे ।2