ग्वालियर-भिंड हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग 719) के डीपीआर के शुरुआती चरण में होने की जानकारी मिलने के बाद संत समाज ने सरकार पर 'छल' का आरोप लगाया है। आरटीआई से मिली इस सूचना पर संत समाज ने सरकार से जवाब मांगा है कि क्या आरटीआई की जानकारी झूठी है या सरकार ने ही गलत जानकारी दी है। इसी मुद्दे को लेकर संत समाज ने सरकार से जवाब मांगने का निर्णय लिया और कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय संत समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज आज भूतपूर्व सैनिकों और समाजसेवियों के साथ भिंड कलेक्टर से मिलने पहुँचे थे, लेकिन कलेक्टर के मीटिंग में होने के कारण उनकी अनुपस्थिति में एडीएम भिंड को ज्ञापन सौंपा गया। संत कालीदास महाराज ने एडीएम के माध्यम से कलेक्टर को संदेश दिया कि 15 दिन में यह जानकारी दी जाए कि सरकार ने भिंड की जनता से झूठ क्यों बोला और 16 मार्च को ग्वालियर, भिंड, मुरैना के संत समाज को लिखित में गलत जानकारी देकर क्यों गुमराह किया गया। उन्होंने इसे 'अनैतिकता की पराकाष्ठा' बताया। संत कालीदास महाराज ने दृढ़ता से कहा कि संत समाज 15 दिन इंतजार करेगा, जिसके बाद भिंड की जनता के साथ मिलकर एक 'बड़ा निर्णय' करेगा, क्योंकि वे इस झूठ को सहन नहीं कर सकते। ज्ञापन सौंपने वालों में संत श्यामल दास, संत हरिओमानंद, संत सत्यनारायण दास, इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन सैनिक संगठन के कैप्टन कालीचरण शर्मा, सूबेदार राजेश शर्मा, सूबेदार मेजर श्याम सुंदर शर्मा, गोपाल शर्मा, सूबेदार रामदत्त शुक्ला, और समाजसेवी रॉकी तोमर, गौरव तोमर, अरबिंद शर्मा दतावली, जीतू दीक्षित जैसे कई लोग शामिल रहे। कलेक्टर ने बाद में संत कालीदास महाराज से फोन पर बात की।
ग्वालियर-भिंड हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग 719) के डीपीआर के शुरुआती चरण में होने की जानकारी मिलने के बाद संत समाज ने सरकार पर 'छल' का आरोप लगाया है। आरटीआई से मिली इस सूचना पर संत समाज ने सरकार से जवाब मांगा है कि क्या आरटीआई की जानकारी झूठी है या सरकार ने ही गलत जानकारी दी है। इसी मुद्दे को लेकर संत समाज ने सरकार से जवाब मांगने का निर्णय लिया और कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय संत समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज आज भूतपूर्व सैनिकों और समाजसेवियों के साथ भिंड कलेक्टर से मिलने पहुँचे थे, लेकिन कलेक्टर के मीटिंग में होने के कारण उनकी अनुपस्थिति में एडीएम भिंड को ज्ञापन सौंपा गया। संत कालीदास महाराज ने एडीएम के माध्यम से कलेक्टर को संदेश दिया कि 15 दिन में यह जानकारी दी जाए कि सरकार ने भिंड की जनता से झूठ क्यों बोला और 16 मार्च को ग्वालियर, भिंड, मुरैना के संत समाज को लिखित में गलत जानकारी देकर क्यों गुमराह किया गया। उन्होंने इसे 'अनैतिकता की पराकाष्ठा' बताया। संत कालीदास महाराज ने दृढ़ता से कहा कि संत समाज 15 दिन इंतजार करेगा, जिसके बाद भिंड की जनता के साथ मिलकर एक 'बड़ा निर्णय' करेगा, क्योंकि वे इस झूठ को सहन नहीं कर सकते। ज्ञापन सौंपने वालों में संत श्यामल दास, संत हरिओमानंद, संत सत्यनारायण दास, इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन सैनिक संगठन के कैप्टन कालीचरण शर्मा, सूबेदार राजेश शर्मा, सूबेदार मेजर श्याम सुंदर शर्मा, गोपाल शर्मा, सूबेदार रामदत्त शुक्ला, और समाजसेवी रॉकी तोमर, गौरव तोमर, अरबिंद शर्मा दतावली, जीतू दीक्षित जैसे कई लोग शामिल रहे। कलेक्टर ने बाद में संत कालीदास महाराज से फोन पर बात की।
- शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे, समाज सेवियों ने भिंड शहर कोतवाली के सामने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन भरत चौधरी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह निर्मम हत्या भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।1
- बिहार में हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में मध्य प्रदेश के भिंड जिले में लोगों ने एक कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च भरत तिवारी के समर्थन में आयोजित किया गया था।4
- भिंड जिले के मेहगांव में चक्का जाम के बाद दर्ज की गई एफआईआर के मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद चौधरी धनु ने अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखी।1
- अटर के बजरिया क्षेत्र में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मोहर्रम की सभी रस्में अदा कीं। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील स्थानों सहित पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी, जिसके फलस्वरूप जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासन ने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील भी की।1
- इटावा में एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने थाना सिविल लाइन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एसपी सिटी अभय नारायण त्रिपाठी के साथ-साथ सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह और सीओ इटावा अवनीश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने थाने की व्यवस्थाओं, अभिलेखों और साफ-सफाई का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, पुलिस कर्मियों को बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया और जनसुनवाई को प्राथमिकता देने के साथ-साथ फरियादियों के साथ बेहतर व्यवहार करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर विस्तृत समीक्षा की तथा थाना परिसर की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया।1
- कस्बा मौ में थाना प्रभारी द्वारा जनता को साइबर फ्रॉड से बचने के संबंध में समझाइश दी गई।1
- शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे बाराहेड सिहोनिया रोड पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चालक आकाश जादौन और काव्या जादौन घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत घायलों को गोहद अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।1
- शहर के 39 वार्डों में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया टीम द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर निरीक्षण किया और नागरिकों को जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान, टीमों ने लोगों से अपने घरों और आसपास गंदा पानी जमा न होने देने की अपील की। साथ ही, पुराने टायरों, कूलरों, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य पात्रों में पानी जमा न रहने देने की सलाह दी, क्योंकि ऐसे स्थानों पर मच्छरों का तेजी से प्रजनन होता है, जिससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विभिन्न उपकरणों की मदद से संभावित लार्वा वाले स्थानों की भी जाँच की। उन्होंने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और नियमित रूप से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखें।1