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भिंड जिले के मेहगांव में चक्का जाम के बाद दर्ज की गई एफआईआर के मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद चौधरी धनु ने अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखी।
मुकेश सिंह भदौरिया
भिंड जिले के मेहगांव में चक्का जाम के बाद दर्ज की गई एफआईआर के मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद चौधरी धनु ने अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखी।
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- भिंड जिले के मेहगांव में चक्का जाम के बाद दर्ज की गई एफआईआर के मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद चौधरी धनु ने अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखी।1
- शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे बाराहेड सिहोनिया रोड पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक चालक आकाश जादौन और काव्या जादौन घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत घायलों को गोहद अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।1
- पोरसा शहर में 25 जून की रात को ताजियों ने गश्त की, जिसके बाद 26 जून को दिन में भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस वर्ष कुल 24 ताजिये बनाए गए थे, जिन्होंने पूरे शहर का भ्रमण करते हुए कर्बला तक अपनी यात्रा पूरी की। जुलूस में शामिल लोगों को जगह-जगह ठंडा पेय पदार्थ और स्वल्पाहार भी कराया गया, जिसमें लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मोहर्रम एवं कर्बला इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जनाब यूनिस खां पठान ने बताया कि ताजिये 26 जून को शहर भ्रमण कर कर्बला पहुंचे। यह जुलूस जमा मस्जिद से शुरू होकर पुरानी बस्ती की परिक्रमा लगाते हुए, टंकी मोहल्ला, सदर बाजार, अंबा रोड और जोटई रोड से होते हुए कर्बला तक पहुंचा। इस दौरान अब्दुल्ला अखाड़ा जिसके खलीफा जनाब सूफी आबिद खां थे, और इस्लामिया अखाड़ा जिसके खलीफा जनाब शरीफ खां थे, साथ-साथ चल रहे थे। अखाड़ों के खलीफा अपने-अपने करतब दिखाते हुए चल रहे थे। जिन प्रमुख लोगों द्वारा ताजियों का निर्माण किया गया था, उनमें जनाब मुन्ना स्या (बुर्राक), समीर खान पंचायती जामा मस्जिद, अनवर पुरानी बस्ती, रशीद खां, रफीक खान मुल्लाजी, रमजानी खां इमली चौक, मुन्ना खां गांधीनगर, याकूब खां पुराना खेरा, सादिक खां पुराना खेरा, अंसार खां इमली चौक, शद्दों खां, शहजाद खां, कासिम खां छोटा पंचायती बगिया मोहल्ला, बल्ली खां, मुन्ना खां अब्बासी, सलीम खान मोहल्ला पंचायती ईदगाह मोहल्ला, फिरोज शाह, अब्बू उर्फ अबरार खां, दिलशाद खां, बशारत खान, पुल्ली खां, साबिर खां और हसन खां शामिल थे।1
- गोहद नगर के वार्ड नंबर 9 स्थित मोहम्मदी मस्जिद के पास अब्दुलपुर पुलिया के निकट नालियाँ चोक हो गई हैं और चारों ओर गंदगी पसरी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गोहद के सीएमओ को शांति समिति की बैठक में इस समस्या से अवगत कराया गया था, और उसके बाद भी मोबाइल पर 6-7 बार सूचना दी गई। हालांकि, आज दिनांक तक इस क्षेत्र में कोई साफ-सफाई नहीं हुई है। इसी बीच, आज ही ताजिए निकाले जाने हैं, और बरसात के कारण भी दिक्कतें बढ़ने की आशंका है। प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया है।1
- अटर के बजरिया क्षेत्र में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे एक भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मोहर्रम की सभी रस्में अदा कीं। जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील स्थानों सहित पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी, जिसके फलस्वरूप जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासन ने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील भी की।1
- शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे, समाज सेवियों ने भिंड शहर कोतवाली के सामने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन भरत चौधरी की कथित निर्मम हत्या के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह निर्मम हत्या भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।1
- बिहार में हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में मध्य प्रदेश के भिंड जिले में लोगों ने एक कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च भरत तिवारी के समर्थन में आयोजित किया गया था।4
- मेहगांव निवासी श्री संतोष बघेल की रेत माफिया के डंपर की टक्कर से हुई दर्दनाक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना में एक परिवार ने अपना बेटा और अपना सहारा खो दिया। हालांकि, इससे भी अधिक पीड़ादायक बात यह सामने आई है कि जब शोकाकुल परिजन न्याय की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर चक्काजाम करने को मजबूर हुए, तब उनकी पीड़ा सुनने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने की खबर मिली। इस घटना ने एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या इस प्रदेश में पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के गरीब परिवारों की आवाज़ इतनी कमज़ोर हो गई है कि उन्हें न्याय मांगने पर भी लाठियां झेलनी पड़ें। इन बयानों के अनुसार, एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन का दायित्व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और उनकी संवेदनाओं को समझना होता है, न कि उनके आक्रोश को बलपूर्वक दबाना। हेमंत कटारे ने स्वर्गीय संतोष बघेल जी के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि न्याय की गुहार लगा रहे लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उनके अनुसार, न्याय मांगना अपराध नहीं है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही सच्ची संवेदना होगी।1