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सीकर जिले के लोसल नगर पालिका क्षेत्र के गांव हरीपुरा में बुधवार को संयुक्त प्रशासनिक कार्रवाई के तहत पालिका द्वारा निर्मित ग्रेवल सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार, इस सड़क के बीचों-बीच पत्थर लगाकर तारबंदी कर दी गई थी, जिसके कारण ग्रामीणों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटाया। लोसल नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह चौहान ने इस संबंध में बताया कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, साथ ही अतिक्रमण करने वाले संबंधित व्यक्ति को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका अधिकारी ममता चौधरी, सहायक अभियंता चंद्रशेखर जाटव, पुलिस विभाग, पटवारी और पालिका प्रशासन का जाब्ता मौके पर मौजूद रहा।

10 hrs ago
user_RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
Sikar, Rajasthan•
10 hrs ago

सीकर जिले के लोसल नगर पालिका क्षेत्र के गांव हरीपुरा में बुधवार को संयुक्त प्रशासनिक कार्रवाई के तहत पालिका द्वारा निर्मित ग्रेवल सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटा दिया गया। जानकारी के अनुसार, इस सड़क के बीचों-बीच पत्थर लगाकर तारबंदी कर दी गई थी, जिसके कारण ग्रामीणों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटाया। लोसल नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह चौहान ने इस संबंध में बताया कि सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, साथ ही अतिक्रमण करने वाले संबंधित व्यक्ति को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका अधिकारी ममता चौधरी, सहायक अभियंता चंद्रशेखर जाटव, पुलिस विभाग, पटवारी और पालिका प्रशासन का जाब्ता मौके पर मौजूद रहा।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • झुंझुनू जिले की उदयपुरवाटी तहसील के बागोरा परशाला की ढाणी गांव में उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण की समस्या गंभीर हो गई है। यह रास्ता, जिसे कटान का रास्ता भी बताया गया है, दोनों तरफ से अतिक्रमित है। अतिक्रमण के कारण रास्ते में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस अतिक्रमण और जलभराव को तुरंत हटाने की मांग की है।
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    झुंझुनू जिले की उदयपुरवाटी तहसील के बागोरा परशाला की ढाणी गांव में उच्च स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण की समस्या गंभीर हो गई है। यह रास्ता, जिसे कटान का रास्ता भी बताया गया है, दोनों तरफ से अतिक्रमित है। अतिक्रमण के कारण रास्ते में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने इस अतिक्रमण और जलभराव को तुरंत हटाने की मांग की है।
    user_Ratanlal Saini
    Ratanlal Saini
    उदयपुरवाटी, झुंझुनू, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • बगड़ न्यूज़ ने 24 जून 2026 की सुबह की सुर्खियां और दिन की शीर्ष 7 खबरें प्रस्तुत कीं।
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    बगड़ न्यूज़ ने 24 जून 2026 की सुबह की सुर्खियां और दिन की शीर्ष 7 खबरें प्रस्तुत कीं।
    user_BAGAR NEWS RAJASTHAN
    BAGAR NEWS RAJASTHAN
    Media company झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • बिहार में भरत तिवारी की कथित हत्या की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है कि लोग किस पर विश्वास करेंगे, जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से प्राप्त हुई है।
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    बिहार में भरत तिवारी की कथित हत्या की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है कि लोग किस पर विश्वास करेंगे, जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से प्राप्त हुई है।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-21 में स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने सीवर समस्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई गई। प्रदर्शन का नेतृत्व मोहसिन कुरैशी ने किया। आप पार्टी के विनीत शर्मा और फिरोज कुरैशी ने बताया कि क्षेत्र की दर्वेश नगर, अर्जुन कॉलोनी और गोविंद नगर सहित कई कॉलोनियों में पिछले तीन सालों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। गलियों में आए दिन सीवर का पानी भर जाता है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अंसार खान और मोहम्मद आरिफ के अनुसार, समस्या की मुख्य वजह सीवर लाइन का पास स्थित नाले से गलत दिशा में जुड़ा होना है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि लगभग 10 मीटर सीवर लाइन की दिशा में तकनीकी बदलाव किया जाए, तो इस बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर समस्या के निराकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से क्षेत्रवासियों का समर्थन जुटाकर मांग पत्र प्रशासन को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर मोहसिन कुरैशी, विनीत शर्मा, फिरोज कुरैशी, अंसार खान, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आसिफ, सीताराम, रेखा देवी, सिराजुद्दीन, जिब्राइल खान, शरीफ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी भी दी।
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    जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-21 में स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने सीवर समस्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई गई। प्रदर्शन का नेतृत्व मोहसिन कुरैशी ने किया।

आप पार्टी के विनीत शर्मा और फिरोज कुरैशी ने बताया कि क्षेत्र की दर्वेश नगर, अर्जुन कॉलोनी और गोविंद नगर सहित कई कॉलोनियों में पिछले तीन सालों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। गलियों में आए दिन सीवर का पानी भर जाता है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अंसार खान और मोहम्मद आरिफ के अनुसार, समस्या की मुख्य वजह सीवर लाइन का पास स्थित नाले से गलत दिशा में जुड़ा होना है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि लगभग 10 मीटर सीवर लाइन की दिशा में तकनीकी बदलाव किया जाए, तो इस बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर समस्या के निराकरण की मांग की। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से क्षेत्रवासियों का समर्थन जुटाकर मांग पत्र प्रशासन को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर मोहसिन कुरैशी, विनीत शर्मा, फिरोज कुरैशी, अंसार खान, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आसिफ, सीताराम, रेखा देवी, सिराजुद्दीन, जिब्राइल खान, शरीफ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी भी दी।
    user_SUNIL KUMAWAT
    SUNIL KUMAWAT
    Local News Reporter Phulera (Hq.Sambhar), Jaipur•
    12 hrs ago
  • आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं। ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं। यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।
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    आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं।

ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं।

यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है।

कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।
    user_जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
    जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
    Medical centre अजीतगढ़•
    16 hrs ago
  • हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) चानोत पानी से जुड़े एक मामले को लेकर भड़क उठे। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि वे 'जुबान संभाल कर बात करें'।
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    हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) चानोत पानी से जुड़े एक मामले को लेकर भड़क उठे। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि वे 'जुबान संभाल कर बात करें'।
    user_कुमार राजेश चौधरी
    कुमार राजेश चौधरी
    Voice of people चूरू, चूरू, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • बिहार में अपराधियों के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान गोलीबारी की खबर सामने आई है। इस घटना में दो दारोगा को गोली लग गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। यह एक दुखद समाचार है।
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    बिहार में अपराधियों के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान गोलीबारी की खबर सामने आई है। इस घटना में दो दारोगा को गोली लग गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। यह एक दुखद समाचार है।
    user_Bhajan lal sharma
    Bhajan lal sharma
    Farmer चूरू, चूरू, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जयपुर ग्रामीण पुलिस ने शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'कड़िया सांसी गैंग' का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़कर चोरी करने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग शाहपुरा के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े एक कार का शीशा तोड़कर 1 लाख 10 हजार रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दे चुकी थी। थाना प्रभारी रिया चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट्स का इस्तेमाल कर इस हाई-प्रोफाइल गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
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    जयपुर ग्रामीण पुलिस ने शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'कड़िया सांसी गैंग' का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़कर चोरी करने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

यह गैंग शाहपुरा के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े एक कार का शीशा तोड़कर 1 लाख 10 हजार रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दे चुकी थी। थाना प्रभारी रिया चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट्स का इस्तेमाल कर इस हाई-प्रोफाइल गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    3 hrs ago
  • Post by Manoj jat
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    Post by Manoj jat
    user_Manoj jat
    Manoj jat
    शाहपुरा, जयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
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