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जयपुर ग्रामीण पुलिस ने शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'कड़िया सांसी गैंग' का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़कर चोरी करने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग शाहपुरा के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े एक कार का शीशा तोड़कर 1 लाख 10 हजार रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दे चुकी थी। थाना प्रभारी रिया चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट्स का इस्तेमाल कर इस हाई-प्रोफाइल गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
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जयपुर ग्रामीण पुलिस ने शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'कड़िया सांसी गैंग' का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़कर चोरी करने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग शाहपुरा के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े एक कार का शीशा तोड़कर 1 लाख 10 हजार रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दे चुकी थी। थाना प्रभारी रिया चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट्स का इस्तेमाल कर इस हाई-प्रोफाइल गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
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- जयपुर ग्रामीण पुलिस ने शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय 'कड़िया सांसी गैंग' का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दिनदहाड़े कार का शीशा तोड़कर चोरी करने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग शाहपुरा के मुख्य बाजार में दिनदहाड़े एक कार का शीशा तोड़कर 1 लाख 10 हजार रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दे चुकी थी। थाना प्रभारी रिया चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट्स का इस्तेमाल कर इस हाई-प्रोफाइल गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।1
- Post by Manoj jat1
- आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं। ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं। यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।1
- विराटनगर क्षेत्र के भोमिया जी की डूंगरीधाम, बीलवाड़ी में इस वर्ष भी वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह, यह कार्यक्रम श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीराम, मुंगेज चेची, जयराम और हंसराज ने बताया कि धाम परिसर सुबह से ही बाबा के जयकारों से गूंज रहा था, जहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने ढोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगीं। इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात बियावास और बीलवाड़ी गांव के निवासियों का सामूहिक सहयोग रहा। समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सभी व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और सुचारू रूप से महाप्रसाद मिल सका। ग्रामीणों के इस सेवा भाव और आपसी भाईचारे की हर तरफ सराहना की जा रही है, जो सामुदायिक भावना की एक अनूठी मिसाल है। श्री मुरलीदास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दोपहर को हुए महाभंडारे में भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों ने लोक देवता भोमिया जी महाराज की महिमा और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए ग्रामीण युवाओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देर शाम तक चले इस सफल भंडारे के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बीलवाडी में स्थित भोमिया जी की डूंगरीधाम पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। विराटनगर क्षेत्र के बियावास स्थित इस धाम पर वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बानसूर विधानसभा क्षेत्र में साबी नदी के बहाव क्षेत्र के पास बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर इस प्लांट के निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से इसका मूल्यांकन कराने की मांग की। ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने आशंका जताई है कि नदी के बहाव क्षेत्र में यह प्लांट लगने से भूजल और सतही जल स्रोत दूषित हो सकते हैं। इससे न केवल पीने के पानी की गुणवत्ता खराब होगी, बल्कि आसपास के गांवों में जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्लांट से किसानों की सिंचाई और पशुओं के पीने के पानी पर भी सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। पूर्व मंत्री और बानसूर की पूर्व विधायक शकुंतला रावत ने स्पष्ट किया कि साबी नदी पहले से ही प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, और बहाव क्षेत्र में ऐसा प्लांट लगाने से स्थिति और बिगड़ जाएगी। उन्होंने सरकार से विकास के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न करने का आग्रह करते हुए प्लांट का निर्माण किसी वैकल्पिक स्थान पर किए जाने की मांग की। शकुंतला रावत के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर, पूर्व विधायक रामस्वरूप कसाना, संजय यादव, आर सी यादव, रामनिवास यादव, बानसूर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भीम सिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और स्थानीय लोगों की राय लिए बिना इस निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कांग्रेस इसके खिलाफ जनांदोलन शुरू करेगी।1
- राजस्थान की राजनीति में एक सनसनीखेज बयान देते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि किरोड़ी लाल मीणा, अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर रोने लगे थे। डोटासरा के अनुसार, इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने गहलोत से अपने सभी मुकदमों को हटवाने की गुहार लगाई थी। यह बयान राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।1
- राजस्थान की राजनीति में जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में, डोटासरा ने किरोड़ी मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे राहुल गांधी के सिपाही हैं और किसी से डरने वाले नहीं हैं।1