पाली में जिला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से भाजपा सरकार के 12 वर्षों के शासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ और पूर्व पार्षद ओमा चौधरी ने संयुक्त रूप से भाजपा की कार्यशैली पर तीखे प्रहार किए। जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा ने भाजपा के 12 वर्षों को 'बर्बादी का काल' बताते हुए कहा कि इस शासन में किसान, युवा, महिलाएं और मजदूर सहित सभी आमजन बदहाल हैं। उन्होंने सीईपीटी ट्रस्ट को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। वहीं, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ ने शहर के जर्जर पुल को लेकर प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने अदालती पेचीदगियों से बाहर निकलकर जल्द चुनाव की घोषणा नहीं की, तो बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। हिंगड़ ने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि "कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे।" पूर्व पार्षद ओमा चौधरी ने सर्किट हाउस के पास हुए धरने का जिक्र करते हुए भाजपा मंत्रियों की भाषा पर सवाल उठाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के प्रति मंत्रियों की टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए कहा कि जिन लोगों को महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता, उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आगामी 15 से 30 जून तक जिले के सभी ब्लॉक और नगर स्तर पर उग्र जन-आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने कहा कि वे हर स्तर पर जनता की आवाज बनकर भाजपा की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करेंगे, क्योंकि भाजपा के 12 वर्ष बर्बादी का काल साबित हुए हैं।
पाली में जिला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से भाजपा सरकार के 12 वर्षों के शासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ और पूर्व पार्षद ओमा चौधरी ने संयुक्त रूप से भाजपा की कार्यशैली पर तीखे प्रहार किए। जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा ने भाजपा के 12 वर्षों को 'बर्बादी का
काल' बताते हुए कहा कि इस शासन में किसान, युवा, महिलाएं और मजदूर सहित सभी आमजन बदहाल हैं। उन्होंने सीईपीटी ट्रस्ट को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। वहीं, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ ने शहर के जर्जर पुल को लेकर प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने अदालती पेचीदगियों से बाहर निकलकर जल्द चुनाव की घोषणा नहीं की, तो बड़े आंदोलन
के लिए तैयार रहना होगा। हिंगड़ ने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि "कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे।" पूर्व पार्षद ओमा चौधरी ने सर्किट हाउस के पास हुए धरने का जिक्र करते हुए भाजपा मंत्रियों की भाषा पर सवाल उठाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के प्रति मंत्रियों की टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए कहा कि जिन लोगों को महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता, उन्हें
अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आगामी 15 से 30 जून तक जिले के सभी ब्लॉक और नगर स्तर पर उग्र जन-आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने कहा कि वे हर स्तर पर जनता की आवाज बनकर भाजपा की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करेंगे, क्योंकि भाजपा के 12 वर्ष बर्बादी का काल साबित हुए हैं।
- पाली जिले के नेहड़ा बांध से दूषित पानी छोड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा ने अधिकारियों के साथ बांध का दौरा किया। यह कमेटी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदूषण की समस्या का आकलन करने के लिए गठित की गई है। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले जल संसाधन विभाग की ओर से बांध से नदी में दूषित पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद किसानों के एक गुट ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। जस्टिस संगीत लोढ़ा ने एसडीएम रोहट और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मामले पर फीडबैक लिया। किसान प्रतिनिधि वागाराम विश्नोई और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामनिया भी बांध पर मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नेहड़ा बांध पर पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया था, जहाँ जस्टिस लोढ़ा ने मौजूदा हालातों का जायजा लिया।3
- सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदूषण की समस्या के आकलन के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस लोढ़ा ने पाली जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा ने विशेष रूप से नेहड़ा बांध का दौरा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। नदी में प्रदूषित पानी छोड़े जाने से किसानों में भारी रोष देखा गया, जिसकी शिकायतें जस्टिस लोढ़ा के संज्ञान में लाई गईं। उन्होंने रोहट के SDM और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। इस मौके पर किसान प्रतिनिधि वागाराम विश्नोई, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामनिया सहित कई किसान मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल भी तैनात रहा।4
- राजस्थान के पाली शहर/क्षेत्र में राशन वितरण प्रणाली में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर जागरूक नागरिकों तथा उपभोक्ता समूह ने उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय में अपना विरोध दर्ज कराया। आक्रोशित ग्रामीणों ने राशन डीलर की मनमानी और उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनाज में कटौती से परेशान होकर SDM को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उचित मूल्य की दुकान पर उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से अनाज तौलने में गड़बड़ी, कार्डधारकों को पात्रता के अनुसार पूरा राशन उपलब्ध न कराने, दुकान समय पर न खोलने और लाभार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसी शिकायतें शामिल हैं। नागरिकों ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी, जिसके कारण उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाना पड़ा। ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और धांधली में लिप्त लोगों पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। SDM कार्यालय में अधिकारियों ने ज्ञापन लेने के बाद जांच का आश्वासन दिया है। मौके पर मौजूद लोगों ने संबंधित राशन दुकान की स्टॉक रिपोर्ट और वितरण रजिस्टर की तत्काल जांच की मांग की है।4
- पाली शहर के खारा बेरा क्षेत्र में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई कर्मियों की मनमानी के कारण कचरे का भारी अंबार लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई कर्मी दूसरे मोहल्लों का कचरा भी जानबूझकर खारा बेरा पर लाकर डालते हैं, जिससे यह क्षेत्र अब कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सफाई कर्मियों के जमादार और इंस्पेक्टरों ने इस समस्या पर कभी ध्यान नहीं दिया है। आबादी वाले क्षेत्र के ठीक बीचों-बीच इसे कचरे का ढेर बना रखा है, जिससे बच्चे, जवान और आने वाले मुसाफिरों सभी को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती और इस स्थिति को रोकने वाला भी कोई नहीं है। यह कचरा बूढ़े, जवान और बच्चों के लिए 'बब्बू का साधन' बन गया है, जिसे पालिका ने सही समझा हुआ है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली में 15 जून से एक अनूठा शिविर चल रहा है, जिसे 'क्रान्तिकारी बनाने की फैक्ट्री' बताया जा रहा है। मोबाइल और शोर के इस युग में, जहाँ बच्चे चिड़चिड़े और मोबाइल में खोए रहते हैं, पाली के लाखोटिया मार्ग स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती व्यायाम शाला में आर्य वीर दल का आत्मरक्षा और चरित्र निर्माण शिविर मौन और संस्कारों पर केंद्रित एक अलग ही माहौल पेश कर रहा है। यहाँ घास के मैदान पर गोल घेरे में सिर झुकाकर ध्यान करते बच्चों के चेहरों पर तीसरे दिन ही आत्मविश्वास झलक रहा था, जिसे 'जन जन की आवाज आईमा मीडिया' ने भी 'जन जन का संस्कार' बताया है। यह शिविर केवल व्यायाम का स्थान नहीं है, बल्कि यहाँ बच्चों को 5000 साल पुरानी गुरुकुल पद्धति से संस्कारित किया जाता है। प्रातः साढ़े पाँच बजे ब्रह्ममुहूर्त में शुरू होकर, बच्चे ढाई घंटे का निरंतर मौन अभ्यास करते हैं। इसके अलावा, खो-खो, गिल्ली-डंडा और लाठी-तलवार का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। आर्य वीर दल इस शिविर को ऐसी 'फैक्ट्री' के रूप में प्रस्तुत करता है जहाँ ऐसे 'क्रान्तिकारी' तैयार किए जाते हैं जो मोबाइल के बजाय मन पर नियंत्रण रखते हैं और शोर के बजाय शांति में शक्ति खोजते हैं। विभिन्न समाचार माध्यमों ने भी इस पहल की सराहना की है, जिसमें शुरू ऐप ने 'खिले चेहरे' दिखाए, आईमा मीडिया ने 'झुके सिर' दिखाए और लूनिया टाइम्स ने 'वैदिक पद्धति' का बखान किया है। यह दावा किया जा रहा है कि पाली अब गुरुकुल शिक्षा की राजधानी बन रही है। इस शिविर में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है।1
- पारी जिले के कीरवा में 15 जून को बालराई ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसमें अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर में रानी उपखंड अधिकारी शिवा जोशी और विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो। शिविर में ग्रामीणों ने पेंशन, खाद्य सुरक्षा, पट्टा, पालनहार योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई। शिविर प्रभारी तहसीलदार मोहनलाल राठौड़ की निगरानी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक लिया और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।2
- पाली में बांडी नदी को प्रदूषित करने और सीवर लाइन में अवैध रूप से कचरा व गंदा पानी छोड़ने वाले कारोबारियों के खिलाफ नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित, जिला कलेक्टर के नेतृत्व वाली टीम विभिन्न क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रही है। इसी निरीक्षण के दौरान निगम टीम को हैदर कॉलोनी में सीवर लाइन में रंगीन पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने वहाँ छापेमारी की, जिसमें अबरार और रमजान नामक व्यक्तियों के घरों पर अवैध लॉन्ड्री का काम करते पाया गया। इन लॉन्ड्री में कपड़ों को रसायनों का उपयोग करके धोया जा रहा था। टीम ने मौके से वॉशिंग मशीन, भट्टी और अन्य उपकरण जब्त कर लिए हैं और उस कमरे को सील कर दिया है। निगम टीम द्वारा अवैध रूप से दी गई सीवर लाइन कनेक्शन को भी काट दिया गया है। आयुक्त नवीन भारद्वाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस तरह के कार्यों से न केवल सीवर सिस्टम को नुकसान पहुँचता है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। उन्होंने शहरवासियों से मानवता को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यापार से बचने की अपील की। आयुक्त ने यह भी कहा कि निगम की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं और अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और ऐसे काम करने वालों को समय रहते खुद ही इन्हें बंद कर देना चाहिए।4