पारी जिले के कीरवा में 15 जून को बालराई ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसमें अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर में रानी उपखंड अधिकारी शिवा जोशी और विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो। शिविर में ग्रामीणों ने पेंशन, खाद्य सुरक्षा, पट्टा, पालनहार योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई। शिविर प्रभारी तहसीलदार मोहनलाल राठौड़ की निगरानी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक लिया और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
पारी जिले के कीरवा में 15 जून को बालराई ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसमें अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर में रानी उपखंड अधिकारी शिवा जोशी और विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के
लाभ से वंचित न रहे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो। शिविर में ग्रामीणों ने पेंशन, खाद्य सुरक्षा, पट्टा, पालनहार योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई। शिविर प्रभारी तहसीलदार मोहनलाल राठौड़ की निगरानी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक लिया और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
- बाली के रंजन सराय परिसर में दिव्यांगजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहाँ दिव्यांग समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक के समापन के बाद, सभी दिव्यांगजन एकजुट होकर बाली उपखंड कार्यालय पहुँचे और उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें उठाई गईं। इनमें विशेष भर्ती अभियान चलाने, दिव्यांग स्कूटी योजना का विस्तार करने, मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर ₹3000 करने और रोडवेज स्मार्ट कार्ड सुविधा को एक्सप्रेस बसों में भी लागू करने की मांग प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, सभी दिव्यांग परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में उन्हें प्राथमिकता देने और संविदा तथा ठेका प्रथा के अंतर्गत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी माँग की गई। दिव्यांग प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बल दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रावधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर दिव्यांगजनों को उचित राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में दिव्यांगजन वहाँ उपस्थित थे।1
- सुमेरपुर में स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत सोमवार, 15 जून को जवाई बांध के प्रमुख सहायक जल स्रोत सेई बांध का अवलोकन करेंगे। इस दौरान वे सेई बांध की सुरंग चौड़ीकरण परियोजना की प्रगति की जानकारी लेंगे और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ आगामी मानसून के लिए जल प्रबंधन एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे। पूर्ववर्ती सरकार ने सेई बांध की सुरंग चौड़ीकरण परियोजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जिसका 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। सुरंग के चौड़ीकरण से भविष्य में जवाई बांध तक अधिक मात्रा में पानी पहुंचने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जवाई बांध पश्चिमी राजस्थान के एक महत्वपूर्ण जल स्रोत के रूप में लगभग 38,671 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करता है और पाली, सुमेरपुर, तखतगढ़ सहित 900 से अधिक गांवों तथा कई शहरों को पेयजल उपलब्ध कराता है। इसी कारण जवाई बांध का पुनर्भरण लंबे समय से इस क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है। जवाई बांध के पुनर्भरण को लेकर वर्षों से राजनीति होती रही है, जहाँ कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों के कार्यकाल में विभिन्न पुनर्भरण योजनाओं की घोषणाएं हुईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान धरातल पर नहीं उतर पाया। पूर्व सरकार ने जवाई पुनर्भरण के लिए लगभग 2700 करोड़ रुपये की एक योजना स्वीकृत की थी, जो सरकार बदलने के बाद आगे नहीं बढ़ सकी। वर्तमान सरकार माही बांध से जवाई तक पानी लाने की योजना पर काम कर रही है, हालांकि इसके क्रियान्वयन का इंतजार अभी भी बना हुआ है। मंत्री के इस अवलोकन कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, किसान प्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और स्थानीय मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। यह दौरा केवल निर्माण कार्यों की समीक्षा तक ही सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे क्षेत्र के किसानों और आमजन की जवाई बांध पुनर्भरण से जुड़ी उम्मीदों के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।4
- राजस्थान के पाली शहर/क्षेत्र में राशन वितरण प्रणाली में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर जागरूक नागरिकों तथा उपभोक्ता समूह ने उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय में अपना विरोध दर्ज कराया। आक्रोशित ग्रामीणों ने राशन डीलर की मनमानी और उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनाज में कटौती से परेशान होकर SDM को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उचित मूल्य की दुकान पर उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से अनाज तौलने में गड़बड़ी, कार्डधारकों को पात्रता के अनुसार पूरा राशन उपलब्ध न कराने, दुकान समय पर न खोलने और लाभार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसी शिकायतें शामिल हैं। नागरिकों ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी, जिसके कारण उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाना पड़ा। ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और धांधली में लिप्त लोगों पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। SDM कार्यालय में अधिकारियों ने ज्ञापन लेने के बाद जांच का आश्वासन दिया है। मौके पर मौजूद लोगों ने संबंधित राशन दुकान की स्टॉक रिपोर्ट और वितरण रजिस्टर की तत्काल जांच की मांग की है।4
- बढ़ती गर्मी के साथ तखतगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के लो वोल्टेज की गंभीर समस्या ने आमजन को परेशानी में डाल दिया है, जिसका मुख्य कारण विद्युत आपूर्ति में लगातार आ रही कमी है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर नगरवासी और जनप्रतिनिधि लगातार विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंप रहे हैं। इसी कड़ी में, तखतगढ़ में पूर्व पार्षद शेषमल कुमावत, प्रकाश चौधरी और निवर्तमान पार्षद सुरेश कुमार सुथार सहित कई लोगों ने सहायक अभियंता विक्रम सिंह को ज्ञापन देकर वोल्टेज सुधारने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, तीन दिन पहले तखतगढ़ के दौरे पर आए स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के सामने भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को उठाया था। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता विक्रम सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शहरी क्षेत्र में पांच और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 नए ट्रांसफार्मर लगाने का एक प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वीकृति मिलते ही इन ट्रांसफार्मरों को स्थापित किया जाएगा, जिससे लो वोल्टेज की समस्या में काफी हद तक सुधार आने की उम्मीद है। साथ ही, विभागीय टीमें वर्तमान में भी आवश्यक तकनीकी सुधार कार्यों में लगी हैं, और शहरी सेवा शिविरों के दौरान टूटे हुए विद्युत पोल बदलने जैसे अन्य कार्य भी किए जाएंगे।2
- पाली शहर के खारा बेरा क्षेत्र में नगर परिषद की घोर लापरवाही और सफाई कर्मियों की मनमानी के कारण कचरे का भारी अंबार लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई कर्मी दूसरे मोहल्लों का कचरा भी जानबूझकर खारा बेरा पर लाकर डालते हैं, जिससे यह क्षेत्र अब कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सफाई कर्मियों के जमादार और इंस्पेक्टरों ने इस समस्या पर कभी ध्यान नहीं दिया है। आबादी वाले क्षेत्र के ठीक बीचों-बीच इसे कचरे का ढेर बना रखा है, जिससे बच्चे, जवान और आने वाले मुसाफिरों सभी को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती और इस स्थिति को रोकने वाला भी कोई नहीं है। यह कचरा बूढ़े, जवान और बच्चों के लिए 'बब्बू का साधन' बन गया है, जिसे पालिका ने सही समझा हुआ है।1
- खुडाला फालना नगरपालिका ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत एक विशेष अभियान आयोजित किया, जिसमें 14 नए ऋण आवेदन प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन किया गया। इस शिविर के दौरान, चार लाभार्थियों के खातों में कुल 60,000 रुपये के प्रथम ऋण जमा कराए गए। इन ऋणों के चेक अतिरिक्त जिला कलेक्टर पाली बजरंगसिंह, जिला परिषद् पाली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग पाली के अधीक्षण अभियंता दिलीप परिहार और अधिशाषी अधिकारी विनयपाल द्वारा वितरित किए गए। यह अभियान पीएम स्वनिधि महोत्सव, लोक कल्याण मेला, स्वनिधि कैंप और पालिका के "शहरी सेवा शिविर 2026" की निरंतरता में आयोजित किया गया था। इसके अतिरिक्त, चार लाभार्थियों के मोबाइल में पीएम स्वनिधि ऐप भी इंस्टॉल करवाए गए। साथ ही, चार पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारजनों को "स्वनिधि से समृद्धि" योजना के तहत केंद्रीय योजनाओं से जोड़कर उनकी सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग भी की गई। इस शिविर में सभी विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, पालिका अधिशाषी अधिकारी विनयपाल, एनयूएलएम प्रभारी एवं सहायक अभियंता शैलेन्द्र कुमार, एनयूएलएम सी.ओ. सूश्री कंचन सरगरा, दिनेश कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे।1
- पाली में जिला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से भाजपा सरकार के 12 वर्षों के शासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ और पूर्व पार्षद ओमा चौधरी ने संयुक्त रूप से भाजपा की कार्यशैली पर तीखे प्रहार किए। जिला अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा ने भाजपा के 12 वर्षों को 'बर्बादी का काल' बताते हुए कहा कि इस शासन में किसान, युवा, महिलाएं और मजदूर सहित सभी आमजन बदहाल हैं। उन्होंने सीईपीटी ट्रस्ट को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। वहीं, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ ने शहर के जर्जर पुल को लेकर प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने अदालती पेचीदगियों से बाहर निकलकर जल्द चुनाव की घोषणा नहीं की, तो बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। हिंगड़ ने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि "कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे।" पूर्व पार्षद ओमा चौधरी ने सर्किट हाउस के पास हुए धरने का जिक्र करते हुए भाजपा मंत्रियों की भाषा पर सवाल उठाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के प्रति मंत्रियों की टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए कहा कि जिन लोगों को महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता, उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इन सभी ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आगामी 15 से 30 जून तक जिले के सभी ब्लॉक और नगर स्तर पर उग्र जन-आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने कहा कि वे हर स्तर पर जनता की आवाज बनकर भाजपा की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करेंगे, क्योंकि भाजपा के 12 वर्ष बर्बादी का काल साबित हुए हैं।4
- पाली शहर में नृसिंह टॉकीज के पास स्थित चीकू पान पैलेस में चोरों ने ताला तोड़कर लगभग ₹50,000 मूल्य के गुटखे, सिगरेट और बीड़ी चुरा लिए। इस घटना में गल्ले में रखे करीब ₹10,000 नकद भी चोरी हो गए। सिंधी कॉलोनी निवासी साहिल पुत्र देवानंद पार्सवानी ने बताया कि रविवार रात लगभग 12 बजे वह अपनी दुकान बंद करके घर गए थे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे जब वह दुकान पर पहुँचे, तो ताला टूटा हुआ मिला। अंदर देखने पर पता चला कि चोरों ने बीड़ी, सिगरेट, गुटखे और नकदी पर हाथ साफ कर दिया था। सूचना मिलने पर, सोमवार को कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति नजर भी आया है।1
- पाली में बांडी नदी को प्रदूषित करने और सीवर लाइन में अवैध रूप से कचरा व गंदा पानी छोड़ने वाले कारोबारियों के खिलाफ नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित, जिला कलेक्टर के नेतृत्व वाली टीम विभिन्न क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रही है। इसी निरीक्षण के दौरान निगम टीम को हैदर कॉलोनी में सीवर लाइन में रंगीन पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने वहाँ छापेमारी की, जिसमें अबरार और रमजान नामक व्यक्तियों के घरों पर अवैध लॉन्ड्री का काम करते पाया गया। इन लॉन्ड्री में कपड़ों को रसायनों का उपयोग करके धोया जा रहा था। टीम ने मौके से वॉशिंग मशीन, भट्टी और अन्य उपकरण जब्त कर लिए हैं और उस कमरे को सील कर दिया है। निगम टीम द्वारा अवैध रूप से दी गई सीवर लाइन कनेक्शन को भी काट दिया गया है। आयुक्त नवीन भारद्वाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस तरह के कार्यों से न केवल सीवर सिस्टम को नुकसान पहुँचता है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। उन्होंने शहरवासियों से मानवता को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यापार से बचने की अपील की। आयुक्त ने यह भी कहा कि निगम की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं और अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और ऐसे काम करने वालों को समय रहते खुद ही इन्हें बंद कर देना चाहिए।4