बाली के रंजन सराय परिसर में दिव्यांगजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहाँ दिव्यांग समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक के समापन के बाद, सभी दिव्यांगजन एकजुट होकर बाली उपखंड कार्यालय पहुँचे और उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें उठाई गईं। इनमें विशेष भर्ती अभियान चलाने, दिव्यांग स्कूटी योजना का विस्तार करने, मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर ₹3000 करने और रोडवेज स्मार्ट कार्ड सुविधा को एक्सप्रेस बसों में भी लागू करने की मांग प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, सभी दिव्यांग परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में उन्हें प्राथमिकता देने और संविदा तथा ठेका प्रथा के अंतर्गत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी माँग की गई। दिव्यांग प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बल दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रावधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर दिव्यांगजनों को उचित राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में दिव्यांगजन वहाँ उपस्थित थे।
बाली के रंजन सराय परिसर में दिव्यांगजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहाँ दिव्यांग समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक के समापन के बाद, सभी दिव्यांगजन एकजुट होकर बाली उपखंड कार्यालय पहुँचे और उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें उठाई गईं। इनमें विशेष भर्ती अभियान चलाने, दिव्यांग स्कूटी योजना का विस्तार करने, मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर ₹3000 करने और रोडवेज स्मार्ट कार्ड सुविधा को एक्सप्रेस बसों में भी लागू करने की मांग प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, सभी दिव्यांग परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में उन्हें प्राथमिकता देने और संविदा तथा ठेका प्रथा के अंतर्गत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी माँग की गई। दिव्यांग प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बल दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रावधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर दिव्यांगजनों को उचित राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में दिव्यांगजन वहाँ उपस्थित थे।
- बाली के रंजन सराय परिसर में दिव्यांगजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहाँ दिव्यांग समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक के समापन के बाद, सभी दिव्यांगजन एकजुट होकर बाली उपखंड कार्यालय पहुँचे और उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें उठाई गईं। इनमें विशेष भर्ती अभियान चलाने, दिव्यांग स्कूटी योजना का विस्तार करने, मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर ₹3000 करने और रोडवेज स्मार्ट कार्ड सुविधा को एक्सप्रेस बसों में भी लागू करने की मांग प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, सभी दिव्यांग परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में उन्हें प्राथमिकता देने और संविदा तथा ठेका प्रथा के अंतर्गत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी माँग की गई। दिव्यांग प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बल दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रावधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर दिव्यांगजनों को उचित राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में दिव्यांगजन वहाँ उपस्थित थे।1
- पारी जिले के कीरवा में 15 जून को बालराई ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसमें अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर में रानी उपखंड अधिकारी शिवा जोशी और विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो। शिविर में ग्रामीणों ने पेंशन, खाद्य सुरक्षा, पट्टा, पालनहार योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई। शिविर प्रभारी तहसीलदार मोहनलाल राठौड़ की निगरानी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक लिया और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।2
- पंजाब के पटियाला की रहने वाली कुमारी डिंपल की निर्मम हत्या के मामले ने अब सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश का रूप ले लिया है। डिंपल, जो पंजाब के मोहाली स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं, की 4 जून 2026 को कार्यस्थल पर ही एक सहकर्मी द्वारा चाकू से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस दर्दनाक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे जीनगर समाज और देशभर के नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में न्याय की मांग करते हुए, अखिल भारतीय जीनगर समाज एकीकरण महासभा भारतवर्ष और समस्त जीनगर समाज जोधपुर की ओर से राजस्थान के रानी उपखंड अधिकारी श्रीमती शिवा जोशी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई है। इस दौरान रानी जीनगर समाज के भरत जीनगर, घीसुलाल चितारा, महेश चितारा, हीरालाल चितारा, भोपाल राठौड़, प्रदीप चितारा, ललित कुमार, हेमराज और प्रकाश चितारा सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें हत्या प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच, मामले की जांच किसी सक्षम स्वतंत्र एजेंसी अथवा सीबीआई से कराने, आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, मामले का निस्तारण फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने और पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, कार्यस्थलों पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था लागू करने की भी अपील की गई है। समाज के लोगों ने इस घटना को महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया है और प्रशासन से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कार्यस्थल पर हुई इस घटना ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, और यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था। इसलिए, पंजाब सरकार और प्रशासन से महिला सुरक्षा के लिए कठोर और प्रभावी नीतियां लागू करने की अपील की गई है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत हो।1
- गाँव में पानी पीने की मुख्य जगह पर भीषण गंदगी फैली हुई है, जिससे पूरा गाँव और स्कूल के बच्चे भी यहीं से पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ पीने के पानी का स्रोत अस्वच्छता से घिरा है। इस गंदगी के बावजूद, ग्रामीणों ने सरपंच को 'धन्यवाद' दिया है, जो कथित तौर पर शाम को पूरे गाँव का चक्कर लगाकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई काम अधूरा न रहे। इसी संदर्भ में, पीने की पानी की टंकी को 'हैरानी भगवान' के रूप में पूरी तरह साफ बताया गया है, जो वास्तव में गंदगी से भरी पड़ी है। सरपंच की इस 'विशेष देखभाल' और 'पूरे ध्यान' के लिए उन्हें बार-बार 'धन्यवाद' दिया गया है, जो उनकी कथित निगरानी और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास पर एक कड़ा व्यंग्य है।2
- सुमेरपुर में 15 जून को स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सेई बांध सुरंग चौड़ीकरण परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ किसान प्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों के साथ सुरंग के भीतर जाकर चल रहे कार्यों का अवलोकन किया और मानसून से पहले शेष कार्य समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। यह परियोजना पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत की गई थी। पिछले तीन वर्षों से जारी इस कार्य का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि केवल 5 से 10 प्रतिशत कार्य शेष है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद सेई बांध से प्रतिदिन लगभग 65 एमसीएफटी पानी जवाई बांध तक पहुंच सकेगा, जो वर्तमान क्षमता 34 एमसीएफटी से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इससे जवाई बांध की जल आवक क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि परियोजना का शेष कार्य 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, इस दौरे में जवाई बांध पुनर्भरण (रीचार्ज) को लेकर कोई विशेष चर्चा नहीं हुई; पूरा निरीक्षण सुरंग चौड़ीकरण कार्य की प्रगति और उसकी समयबद्ध पूर्णता पर केंद्रित रहा। इस अवसर पर किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल, शिवराज सिंह बिटिया, सीओ जितेंद्र सिंह राठौड़ और जल संसाधन विभाग के अधिकारी राज भंवरायत सहित अन्य किसान और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- भुजेला के नेशनल हाईवे पर स्थित 'CMC होटल' के अवैध साम्राज्य को लेकर प्रकाशित हमारी खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। होटल के भीतर चल रही कई गंभीर अनियमितताओं और काली करतूतों की जांच के आदेश जारी होते ही, होटल मालिक को अब इन सभी के सामने आने का डर सताने लगा है।1
- खुडाला फालना नगरपालिका ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत एक विशेष अभियान आयोजित किया, जिसमें 14 नए ऋण आवेदन प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन किया गया। इस शिविर के दौरान, चार लाभार्थियों के खातों में कुल 60,000 रुपये के प्रथम ऋण जमा कराए गए। इन ऋणों के चेक अतिरिक्त जिला कलेक्टर पाली बजरंगसिंह, जिला परिषद् पाली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग पाली के अधीक्षण अभियंता दिलीप परिहार और अधिशाषी अधिकारी विनयपाल द्वारा वितरित किए गए। यह अभियान पीएम स्वनिधि महोत्सव, लोक कल्याण मेला, स्वनिधि कैंप और पालिका के "शहरी सेवा शिविर 2026" की निरंतरता में आयोजित किया गया था। इसके अतिरिक्त, चार लाभार्थियों के मोबाइल में पीएम स्वनिधि ऐप भी इंस्टॉल करवाए गए। साथ ही, चार पात्र लाभार्थियों और उनके परिवारजनों को "स्वनिधि से समृद्धि" योजना के तहत केंद्रीय योजनाओं से जोड़कर उनकी सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग भी की गई। इस शिविर में सभी विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, पालिका अधिशाषी अधिकारी विनयपाल, एनयूएलएम प्रभारी एवं सहायक अभियंता शैलेन्द्र कुमार, एनयूएलएम सी.ओ. सूश्री कंचन सरगरा, दिनेश कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा स्थित सरूपगंज थाना क्षेत्र में रास्ता देने को लेकर हुए एक मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। पीड़ित युवक ने कुछ लोगों पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया है। हमले में युवक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे पीड़ित युवक के परिजनों के साथ भी कथित तौर पर आरोपियों द्वारा मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ने सरूपगंज थाने में इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1