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गाँव में पानी पीने की मुख्य जगह पर भीषण गंदगी फैली हुई है, जिससे पूरा गाँव और स्कूल के बच्चे भी यहीं से पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ पीने के पानी का स्रोत अस्वच्छता से घिरा है। इस गंदगी के बावजूद, ग्रामीणों ने सरपंच को 'धन्यवाद' दिया है, जो कथित तौर पर शाम को पूरे गाँव का चक्कर लगाकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई काम अधूरा न रहे। इसी संदर्भ में, पीने की पानी की टंकी को 'हैरानी भगवान' के रूप में पूरी तरह साफ बताया गया है, जो वास्तव में गंदगी से भरी पड़ी है। सरपंच की इस 'विशेष देखभाल' और 'पूरे ध्यान' के लिए उन्हें बार-बार 'धन्यवाद' दिया गया है, जो उनकी कथित निगरानी और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास पर एक कड़ा व्यंग्य है।
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गाँव में पानी पीने की मुख्य जगह पर भीषण गंदगी फैली हुई है, जिससे पूरा गाँव और स्कूल के बच्चे भी यहीं से पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ पीने के पानी का स्रोत अस्वच्छता से घिरा है। इस गंदगी के बावजूद, ग्रामीणों ने सरपंच को 'धन्यवाद' दिया है, जो कथित तौर पर शाम को पूरे गाँव का चक्कर लगाकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई काम अधूरा न रहे। इसी संदर्भ में, पीने की पानी की टंकी को 'हैरानी भगवान' के रूप में पूरी तरह साफ बताया गया है, जो वास्तव में गंदगी से भरी पड़ी है। सरपंच की इस 'विशेष देखभाल' और 'पूरे ध्यान' के लिए उन्हें बार-बार 'धन्यवाद' दिया गया है, जो उनकी कथित निगरानी और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास पर एक कड़ा व्यंग्य है।
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- पारी जिले के कीरवा में 15 जून को बालराई ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसमें अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर में रानी उपखंड अधिकारी शिवा जोशी और विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो। शिविर में ग्रामीणों ने पेंशन, खाद्य सुरक्षा, पट्टा, पालनहार योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई। शिविर प्रभारी तहसीलदार मोहनलाल राठौड़ की निगरानी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक लिया और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।2
- पंजाब के पटियाला की रहने वाली कुमारी डिंपल की निर्मम हत्या के मामले ने अब सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश का रूप ले लिया है। डिंपल, जो पंजाब के मोहाली स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं, की 4 जून 2026 को कार्यस्थल पर ही एक सहकर्मी द्वारा चाकू से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस दर्दनाक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे जीनगर समाज और देशभर के नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में न्याय की मांग करते हुए, अखिल भारतीय जीनगर समाज एकीकरण महासभा भारतवर्ष और समस्त जीनगर समाज जोधपुर की ओर से राजस्थान के रानी उपखंड अधिकारी श्रीमती शिवा जोशी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई है। इस दौरान रानी जीनगर समाज के भरत जीनगर, घीसुलाल चितारा, महेश चितारा, हीरालाल चितारा, भोपाल राठौड़, प्रदीप चितारा, ललित कुमार, हेमराज और प्रकाश चितारा सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। समाज प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें हत्या प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच, मामले की जांच किसी सक्षम स्वतंत्र एजेंसी अथवा सीबीआई से कराने, आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने, मामले का निस्तारण फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने और पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, कार्यस्थलों पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था लागू करने की भी अपील की गई है। समाज के लोगों ने इस घटना को महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया है और प्रशासन से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कार्यस्थल पर हुई इस घटना ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, और यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था। इसलिए, पंजाब सरकार और प्रशासन से महिला सुरक्षा के लिए कठोर और प्रभावी नीतियां लागू करने की अपील की गई है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले और समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत हो।1
- गाँव में पानी पीने की मुख्य जगह पर भीषण गंदगी फैली हुई है, जिससे पूरा गाँव और स्कूल के बच्चे भी यहीं से पानी पीने को मजबूर हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ पीने के पानी का स्रोत अस्वच्छता से घिरा है। इस गंदगी के बावजूद, ग्रामीणों ने सरपंच को 'धन्यवाद' दिया है, जो कथित तौर पर शाम को पूरे गाँव का चक्कर लगाकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई काम अधूरा न रहे। इसी संदर्भ में, पीने की पानी की टंकी को 'हैरानी भगवान' के रूप में पूरी तरह साफ बताया गया है, जो वास्तव में गंदगी से भरी पड़ी है। सरपंच की इस 'विशेष देखभाल' और 'पूरे ध्यान' के लिए उन्हें बार-बार 'धन्यवाद' दिया गया है, जो उनकी कथित निगरानी और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास पर एक कड़ा व्यंग्य है।2
- सुमेरपुर में 15 जून को स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सेई बांध सुरंग चौड़ीकरण परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ किसान प्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों के साथ सुरंग के भीतर जाकर चल रहे कार्यों का अवलोकन किया और मानसून से पहले शेष कार्य समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। यह परियोजना पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत की गई थी। पिछले तीन वर्षों से जारी इस कार्य का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि केवल 5 से 10 प्रतिशत कार्य शेष है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद सेई बांध से प्रतिदिन लगभग 65 एमसीएफटी पानी जवाई बांध तक पहुंच सकेगा, जो वर्तमान क्षमता 34 एमसीएफटी से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। इससे जवाई बांध की जल आवक क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि परियोजना का शेष कार्य 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, इस दौरे में जवाई बांध पुनर्भरण (रीचार्ज) को लेकर कोई विशेष चर्चा नहीं हुई; पूरा निरीक्षण सुरंग चौड़ीकरण कार्य की प्रगति और उसकी समयबद्ध पूर्णता पर केंद्रित रहा। इस अवसर पर किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल, शिवराज सिंह बिटिया, सीओ जितेंद्र सिंह राठौड़ और जल संसाधन विभाग के अधिकारी राज भंवरायत सहित अन्य किसान और भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- पाली जिले के नेहड़ा बांध से दूषित पानी छोड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा ने अधिकारियों के साथ बांध का दौरा किया। यह कमेटी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदूषण की समस्या का आकलन करने के लिए गठित की गई है। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले जल संसाधन विभाग की ओर से बांध से नदी में दूषित पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद किसानों के एक गुट ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। जस्टिस संगीत लोढ़ा ने एसडीएम रोहट और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मामले पर फीडबैक लिया। किसान प्रतिनिधि वागाराम विश्नोई और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामनिया भी बांध पर मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नेहड़ा बांध पर पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया गया था, जहाँ जस्टिस लोढ़ा ने मौजूदा हालातों का जायजा लिया।3
- सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदूषण की समस्या के आकलन के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस लोढ़ा ने पाली जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा ने विशेष रूप से नेहड़ा बांध का दौरा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। नदी में प्रदूषित पानी छोड़े जाने से किसानों में भारी रोष देखा गया, जिसकी शिकायतें जस्टिस लोढ़ा के संज्ञान में लाई गईं। उन्होंने रोहट के SDM और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। इस मौके पर किसान प्रतिनिधि वागाराम विश्नोई, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामनिया सहित कई किसान मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल भी तैनात रहा।4
- जोजावर/भादाकाकर में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर भादाकाकर स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर में बाल भोग कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम श्री पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य व्यक्तियों, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर करीब 45 समाजबंधुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने श्री चारभुजा नाथ की स्तुति और भजन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर व समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया। उपस्थित समाजजनों ने ट्रस्ट कार्यकारिणी की इस जनहितकारी एवं धार्मिक पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने इसे समाज के लिए एक अत्यंत सकारात्मक शुरुआत बताया। इस आयोजन में ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक कुमार राखेचा सहित प्रेमराज भाटी, ढगलचंद डाबी, मदनलाल सोलंकी, सोहनलाल राखेचा, अशोक राठौड़, सतीश कुमार चौहान, प्रेमप्रकाश राखेचा, भंवरलाल चौहान, गोविंद चौहान, रूपेश चौहान, शशिकांत गहलोत, हस्तीमल राठौड़, मदनलाल गोयल, रतनलाल सोलंकी, सुकनराज, गजेन्द्र राठौड़, देवेंद्र राठौड़, मिश्रीमल डाबी, सुरेश राठौड़, अशोक मकवाना, योगेश चौहान, हितेश मकवाना, निहाल श्री, जगदीश सोलंकी, मीठालाल बड़गुर्जर, निर्मल मकवाना, श्याम सोलंकी, भंवरलाल भाटी, कन्हैयालाल टांक, प्रकाश राखेचा और सम्पत भाटी सहित कई अन्य समाजजन व मातृशक्ति उपस्थित रहे।3
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर को कुछ युवकों ने थप्पड़ मार दिया है। इस पूरी घटना का लाइव वीडियो भी मौजूद है। हालांकि, यह पूरा मामला किस कारण से हुआ, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।1