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राजस्थान के पांचना बांध पर बीस साल के लंबे अंतराल के बाद सायरन बजा है। इस दौरान गंभीरी नदी के लिए बांध से पानी छोड़ा गया।
जनहित आवाज न्यूज़
राजस्थान के पांचना बांध पर बीस साल के लंबे अंतराल के बाद सायरन बजा है। इस दौरान गंभीरी नदी के लिए बांध से पानी छोड़ा गया।
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- राजस्थान के पांचना बांध पर बीस साल के लंबे अंतराल के बाद सायरन बजा है। इस दौरान गंभीरी नदी के लिए बांध से पानी छोड़ा गया।1
- करौली जिले के पांचना बांध से पूरे 20 साल बाद नहरों में पानी छोड़ा गया है। यह कदम वर्षों से चले आ रहे जल विवाद के समाधान के बाद उठाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कमांड एरिया में पानी की टेस्टिंग शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, 39 गांवों के लिए नई लिफ्ट पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। यह पहल करौली के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है, जो उन्हें कई लाभ पहुंचाएगी।1
- गृह मंत्री जवारसिंह जी को अपशब्द कहने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में यह प्रश्न उठाया गया है कि सभ्य समाजों में मंत्रियों को इस तरह से गाली-गलौज करना किस हद तक उचित है। यह मांग उन लोगों पर कानून का शिकंजा कसने के लिए की गई है जिन्होंने मंत्री जी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।1
- सोमवार को चौथ का बरवाड़ा में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दिन में तेज धूप के बावजूद एकाएक बारिश शुरू हो गई। इस तेज बारिश के कारण कस्बे की कई सड़कें तुरंत पानी से भर गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं, किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे, क्योंकि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।1
- श्योपुर जिले के मातासुला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षिका पर बच्चों को स्कूल से भगाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि शिक्षिका ने बच्चों को विद्यालय से बाहर निकाल दिया।1
- पांचना के पानी को लेकर चले संघर्ष और गतिरोध के बाद, अब जल प्रवाह शुरू हो गया है।1
- चौथ का बरवाड़ा कस्बे में वर्षा के बाद अस्पताल और सब्जी मंडी कैचमेंट क्षेत्र की नालियों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आ गई है। नालियों की समय पर सफाई न होने और पानी की निकासी बाधित रहने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस स्थिति के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और विशेष रूप से अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों तथा सब्जी मंडी पहुँचने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें पानी से भरी सड़कों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि हर साल बरसात में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई करने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में आमजन को इन समस्याओं से राहत मिल सके।1