अजब-गजब: पीलीभीत के 'माला' रेंज में हाथियों की 'नल वाली दावत', राहगीर हुए निहाल अजब-गजब: पीलीभीत के 'माला' रेंज में हाथियों की 'नल वाली दावत', राहगीर हुए निहाल पीलीभीत: तराई की गोद में बसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से अक्सर बाघों की दहाड़ सुनाई देती है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग और बेहद प्यारा है। यहाँ के माला रेंज स्थित जंगल में एक गजराज जोड़े ने इंसानी बस्ती के सलीके को अपनाकर सबको हैरान कर दिया। जंगल के बीचों-बीच लगे एक सरकारी नल पर जब हाथियों का यह जोड़ा अपनी प्यास बुझाने पहुँचा, तो देखने वालों की कतार लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'वॉटर ब्रेक' आमतौर पर हाथी नदियों या तालाबों में पानी पीते देखे जाते हैं, लेकिन माला रेंज के किनारे लगे इस सरकारी नल को हाथियों ने अपना 'वॉटर स्टेशन' बना लिया। अनोखा नजारा: हाथियों ने अपनी सूंड से नल चलाकर बड़े ही इत्मीनान से पानी पिया। दर्शकों का उत्साह: वहां से गुजर रहे राहगीर अपनी गाड़ियाँ रोककर इस पल को कैमरों में कैद करने लगे। कुदरत का मेल: लोगों का कहना है कि हाथियों का यह व्यवहार दर्शाता है कि वे इंसानी संसाधनों के साथ तालमेल बिठाना सीख रहे हैं। खुशी से गदगद हुए लोग जंगल की सड़क से गुजरने वाले मुसाफिरों के लिए यह किसी 'वाइल्डलाइफ सफारी' से कम नहीं था। जहाँ लोग जंगली जानवरों के नाम से डरते हैं, वहीं इस शांत और सुखद दृश्य ने सबका दिल जीत लिया। "यह वाकई अद्भुत था। हाथी बिल्कुल वैसे ही पानी पी रहे थे जैसे कोई इंसान पीता है। हमने अपनी गाड़ी रोककर काफी दूर से इसका आनंद लिया।" — एक प्रत्यक्षदर्शी राहगीर वन विभाग की अपील हाथियों की इस गतिविधि को देखकर वन विभाग ने खुशी तो जताई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर राहगीरों को सतर्क भी किया है। दूरी बनाए रखें: वन्यजीवों के करीब जाकर फोटो या वीडियो न लें। शोर न मचाएं: शोर मचाने से जानवर आक्रामक हो सकते हैं। रास्ता न रोकें: जंगल की सड़कों पर जानवरों को पहला हक दें। निष्कर्ष: पीलीभीत टाइगर रिजर्व का यह 'माला जंगल' अपनी जैव विविधता के लिए मशहूर है, और इस तरह की घटनाएं इंसान और प्रकृति के बीच के एक खूबसूरत, मगर नाजुक रिश्ते को बयां करती हैं।
अजब-गजब: पीलीभीत के 'माला' रेंज में हाथियों की 'नल वाली दावत', राहगीर हुए निहाल अजब-गजब: पीलीभीत के 'माला' रेंज में हाथियों की 'नल वाली दावत', राहगीर हुए निहाल पीलीभीत: तराई की गोद में बसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से अक्सर बाघों की दहाड़ सुनाई देती है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग और बेहद प्यारा है। यहाँ के माला रेंज स्थित जंगल में एक गजराज जोड़े ने इंसानी बस्ती के सलीके को अपनाकर सबको हैरान कर दिया। जंगल के बीचों-बीच लगे एक सरकारी नल पर जब हाथियों का यह जोड़ा अपनी प्यास बुझाने पहुँचा, तो देखने वालों की कतार लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'वॉटर ब्रेक' आमतौर पर हाथी नदियों या तालाबों में पानी पीते देखे जाते हैं, लेकिन माला रेंज के किनारे लगे इस सरकारी नल को हाथियों ने अपना 'वॉटर स्टेशन' बना लिया। अनोखा नजारा: हाथियों ने अपनी सूंड से नल चलाकर बड़े ही इत्मीनान से पानी पिया। दर्शकों का उत्साह: वहां से गुजर रहे राहगीर अपनी गाड़ियाँ रोककर इस पल को कैमरों में कैद करने लगे। कुदरत का मेल: लोगों का कहना है कि हाथियों का यह व्यवहार दर्शाता है कि वे इंसानी संसाधनों के साथ तालमेल बिठाना सीख रहे हैं। खुशी से गदगद हुए लोग जंगल की सड़क से गुजरने वाले मुसाफिरों के लिए यह किसी 'वाइल्डलाइफ सफारी' से कम नहीं था। जहाँ लोग जंगली जानवरों के नाम से डरते हैं, वहीं इस शांत और सुखद दृश्य ने सबका दिल जीत लिया। "यह वाकई अद्भुत था। हाथी बिल्कुल वैसे ही पानी पी रहे थे जैसे कोई इंसान पीता है। हमने अपनी गाड़ी रोककर काफी दूर से इसका आनंद लिया।" — एक प्रत्यक्षदर्शी राहगीर वन विभाग की अपील हाथियों की इस गतिविधि को देखकर वन विभाग ने खुशी तो जताई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर राहगीरों को सतर्क भी किया है। दूरी बनाए रखें: वन्यजीवों के करीब जाकर फोटो या वीडियो न लें। शोर न मचाएं: शोर मचाने से जानवर आक्रामक हो सकते हैं। रास्ता न रोकें: जंगल की सड़कों पर जानवरों को पहला हक दें। निष्कर्ष: पीलीभीत टाइगर रिजर्व का यह 'माला जंगल' अपनी जैव विविधता के लिए मशहूर है, और इस तरह की घटनाएं इंसान और प्रकृति के बीच के एक खूबसूरत, मगर नाजुक रिश्ते को बयां करती हैं।
- Umra beeकलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश🙏1 day ago
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा पीलीभीत। प्रकृति की गोद में बसने और वन्यजीवों को करीब से निहारने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों पहली पसंद बना हुआ है। तराई के इस घने जंगल में सफारी का आनंद लेने के लिए न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश-दुनिया से सैलानियों का तांता लगा हुआ है। चूका स्पॉट पर दिखा 'मिनी गोवा' का नजारा सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण चूका स्पॉट और वहां स्थित वाटर हट्स बने हुए हैं। शारदा सागर बांध के किनारे बसे इस पर्यटन स्थल पर सुबह से ही पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। इको-टूरिज्म का लुत्फ: सैलानी यहां के ट्री-हट्स और बेंबू-हट्स में रुककर जंगल की शांति का अनुभव कर रहे हैं। स्वच्छ वातावरण: शहर के प्रदूषण से दूर, जंगल की ताजी हवा और शांत वातावरण पर्यटकों को तरोताजा कर रहा है। जिप्सी सफारी: रोमांच और रोमांचक दीदार जंगल के कोर एरिया में प्रवेश करते ही रोमांच अपने चरम पर होता है। जिप्सी पर सवार होकर जब सैलानी ऊंचे-ऊंचे साल के पेड़ों के बीच से गुजरते हैं, तो हर मोड़ पर एक नई उम्मीद होती है। वन्यजीवों की झलक: हालिया सफारी के दौरान कई सैलानियों को बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरणों के झुंड देखने को मिले। पक्षियों का कलरव: तराई का यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिए भी मशहूर है, जिसका आनंद पर्यटक बखूबी उठा रहे हैं। सफारी के लिए लगी लंबी कतारें पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सफारी बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। "जंगल के बीच जिप्सी पर बैठकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना एक जादुई अनुभव है। चूका स्पॉट की सुंदरता तो देखते ही बनती है।" — एक पर्यटक पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी सुविधा विवरण मुख्य आकर्षण चूका बीच, वाइल्डलाइफ सफारी, नौका विहार रहने की व्यवस्था थारू हट, ट्री हाउस और चूका के वाटर हट्स बुकिंग माध्यम उत्तर प्रदेश वन निगम की आधिकारिक वेबसाइट प्रशासन की अपील: वन विभाग ने सैलानियों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न कर जंगल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।2
- Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत1
- पीलीभीत में कटना नदी के पुनरुद्धार कार्य का भव्य शुभारंभ, बंगाली समुदाय को शीघ्र मिलेगा भौमिक अधिकार-जिलाधिकारी1
- पूरनपुर/पीलीभीत।तहसील क्षेत्र के शेरपुर कला स्थित इस्लाम नगर में मंगलवार को समाजवादी पार्टी द्वारा भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय सिंह यादव ने की, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी सेक्टर प्रभारी निशाद अहमद ने संभाली। मुख्य अतिथि के रूप में सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर मनोज यादव (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संयुक्त ब्रिगेड परिषद), मोनू सिंह, राजकुमार ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उनके द्वारा बनाए गए संविधान की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। राजकुमार राजू ने अपने संबोधन में बाबा साहब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ ने अपने संबोधन में वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जनता को सिर्फ छलने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस, डीजल, पेट्रोल और रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे आम आदमी का जीवन मुश्किल हो गया है। उन्होंने जनता से आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की अपील की और कहा कि सपा ही आमजन की सच्ची हितैषी पार्टी है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नाविर अली, अहिद खान, वाहिद खान, मुकर्रम खान, साजिद खान, खुशनुश, मतलूब, इकराम, दीपक, अर्पित सिंह, शादाब शाह और जुनैद खान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम का समापन देश और समाज की एकता, समानता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ किया गया।2
- Post by समाचार Crime News1
- हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर नई बहस छेड़ दी है। मामला ट्रेन में किन्नरों द्वारा पैसे मांगने के नाम पर यात्रियों से की जाने वाली बदतमीजी से जुड़ा है, जहाँ कथित तौर पर पैसे न देने पर किन्नर द्वारा यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस बार यात्रियों ने चुप रहने के बजाय एकजुट होकर इस व्यवहार का कड़ा विरोध किया और मर्यादा में रहने की नसीहत दी। यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि सफर के दौरान शांति और सम्मान पाना हर नागरिक का अधिकार है और 'वसूली' के नाम पर की जाने वाली किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या बदतमीजी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह घटना भारतीय रेलवे में 'सिविक सेंस' और यात्रियों की गरिमा को बनाए रखने के प्रति बढ़ते जन-आक्रोश को दर्शाती है। नोट: रेल यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या आपात स्थिति में तुरंत 139 पर कॉल करें या RailMadad ऐप का उपयोग करें। #railway #railsuraksha #UPNews #indianrailway1
- Post by Atma Gandhi1
- कटना नदी को मिलेगा नया जीवन: पीलीभीत जिलाधिकारी ने श्रमदान कर पुनरुद्धार कार्य का किया शुभारंभ पीलीभीत। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मंगलवार को पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत कंजा हरैय्या और अजीतपुर पटपरा में कटना नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और ग्रामीणों को अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रेरित किया। मुख्य बिंदु: जल स्तर में सुधार: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को बहाल करना और उसका गहरीकरण करना है, जिससे क्षेत्र के गिरते भू-गर्भ जल स्तर में सुधार होगा। किसानों को लाभ: नदी के पुनर्जीवित होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। सामुदायिक सहभागिता: जिलाधिकारी ने इस दौरान ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। कार्यक्रम का विवरण अम्बेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ विकास खंड मरौरी के अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कटना नदी, जो लंबे समय से अतिक्रमण और गाद (silt) की समस्या से जूझ रही थी, अब नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के समन्वय से नए स्वरूप में नजर आएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुनरुद्धार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस पहल से न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी (ecology) को भी मजबूती मिलेगी।1