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Vedprakash kalwa
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- Post by Vedprakash kalwa1
- Post by Thakar shivkumar jewaria advocate jewaria1
- चिड़ावा। अवैध लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। शनिवार को सूरजगढ़ क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया। पीछा किए जाने के दौरान तस्करों ने वन विभाग की गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में वन विभाग के कर्मचारी बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार अवैध हरी लकड़ियों की तस्करी की सूचना पर चिड़ावा वन विभाग की टीम ने नाकाबंदी की थी। इस दौरान दो पिकअप गाड़ियों में हरी लकड़ियां भरकर ले जाई जा रही थीं। वन विभाग की टीम ने पीछा शुरू किया, जिस पर तस्करों ने भागने का प्रयास किया। लगातार पीछा करने के बाद टीम ने एक पिकअप गाड़ी को पकड़ने में सफलता हासिल की, जबकि दूसरी गाड़ी मौके से फरार हो गई। पीछा करने के दौरान तस्करों ने वन विभाग की गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। कार्रवाई रेंजर सुमन चौधरी की अगुवाई में की गई। पकड़ी गई पिकअप से अवैध हरी लकड़ियां जब्त कर ली गई हैं। फरार तस्करों की तलाश जारी है।1
- भागवत कथा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, नारद भक्ति संदेश से गूंजा पंडाल झुंझुनू। झुंझुनू के कारुंडिया रोड स्थित स्काउट गाइड मैदान में गौसंवर्धन हेतु आयोजित संगीतमय भागवत ज्ञानयज्ञ कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अलसीसर शर्मा परिवार के तत्वावधान में चल रही सात दिवसीय कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति-रस, हरिनाम संकीर्तन और “नारायण-नारायण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम संयोजक प्रदीप शर्मा (अलसीसर) ने बताया कि कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पा देवी एवं विमल शर्मा द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया गया। इसके पश्चात कथावाचन आरंभ हुआ। अमेरिका स्थित इस्कॉन मंदिर से पधारे कथावाचक लाल गोविंद दास महाराज ने भक्तों को श्रीमद्भागवत के दिव्य प्रसंगों का रसपान कराया। नारद भक्ति का संदेश बना कथा का मुख्य आकर्षण दूसरे दिन की कथा में विशेष रूप से नारद मुनि की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया। कथावाचक महाराज ने कहा कि नारद केवल देवर्षि ही नहीं बल्कि भक्ति के प्रथम आचार्य थे। उन्होंने अपने जीवन से सिद्ध किया कि सच्ची भक्ति किसी भी परिस्थिति में मनुष्य को परम पद तक पहुंचा सकती है। उन्होंने बताया कि नारद मुनि ने अनगिनत जीवों को भगवान की भक्ति से जोड़ा और धर्म की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे जहां भी गए, वहां प्रेम, भक्ति और नाम-स्मरण का दीप प्रज्वलित हुआ। उनके जीवन प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और बार-बार “नारायण-नारायण” का घोष करने लगे। कथावाचक ने कहा कि आज का मनुष्य तनाव, स्पर्धा और मोह में उलझकर आत्मशांति खो रहा है। ऐसे समय में भक्ति ही एकमात्र साधन है जो मनुष्य को स्थायी आनंद प्रदान कर सकती है। उन्होंने हरिनाम संकीर्तन, सत्संग और सेवा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। भक्ति और संकीर्तन से गुंजायमान हुआ वातावरण कथा के दौरान भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भावसमाधि में डुबो दिया। भक्तजन तालियों और मृदंग की धुन पर झूमते नजर आए। कई श्रद्धालु कथा श्रवण करते-करते भावुक हो उठे। पूरा पंडाल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा नजर आया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने कथा के पश्चात आरती में भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वयंसेवकों की विशेष टीम लगाई, जिसने श्रद्धालुओं को बैठने और प्रसाद वितरण में सहयोग किया। निःशुल्क वाहन व्यवस्था, प्रतिदिन तीन घंटे कथा आयोजकों ने बताया कि कथा 13 फरवरी से 19 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। शहर के प्रमुख स्थानों तथा आसपास के कस्बों से श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क आवागमन हेतु वाहनों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे दूर-दराज के लोग भी कथा का लाभ उठा सकें। अनेक गणमान्य श्रद्धालुओं की उपस्थिति कथा में राजकुमार शर्मा, सुनील शर्मा, आदित्य शर्मा, उमाशंकर महमिया, शिवचरण पुरोहित, राकेश सहल, गोपी पुरोहित, पंडित हरिकृष्ण शुक्ला, रतन जांगिड़, विजय ब्याला, विकास पुरोहित, रवि शर्मा,पुरुषोत्तम चौरासिया, संजय शुक्ला, सुरेंद्र जोशी, सुरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। इस्कॉन से जुड़े डॉक्टर बंसल सहित कई श्रद्धालुओं ने सेवा कार्यों में सहयोग दिया। गौसंवर्धन के उद्देश्य से आयोजन आयोजकों ने बताया कि कथा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक जागरण के साथ-साथ गौसंवर्धन के प्रति समाज को प्रेरित करना है। कथा के माध्यम से लोगों को भारतीय संस्कृति, सेवा, दान और करुणा का संदेश दिया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में कथावाचक महाराज ने कहा कि भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं बल्कि व्यवहार, करुणा और सेवा में प्रकट होनी चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन नाम-स्मरण, सत्संग और सदाचार अपनाने का आग्रह किया। कथा के दूसरे दिन उमड़ी भीड़ और भक्तिभाव से भरे वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। आयोजकों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।1
- Post by Manoj kumar(Jangir satring)1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- नीलगाय का शिकार करने के आरोप में शिकारी को बंदूक सहित किया गिरफ्तार1
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