राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य के राजकीय विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के नाम एक 7 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार को सौंपा है। वल्लभनगर में संगठन ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर रैली निकाली और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आदर्श विद्यालय की संकल्पना को साकार करने के लिए बाधाओं का निराकरण जरूरी है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होने का मुद्दा उठाया गया है। संगठन ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के शीघ्र स्थानांतरण करने तथा टीएसपी क्षेत्र से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में शिक्षकों के समायोजन की मांग रखी है। इसके साथ ही पिछले छह शिक्षा सत्रों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति नहीं होने पर भी संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त की है।
राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य के राजकीय विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के नाम एक 7 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार को सौंपा है। वल्लभनगर में संगठन ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर रैली निकाली और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आदर्श विद्यालय की संकल्पना को साकार करने के लिए बाधाओं का निराकरण जरूरी है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होने का मुद्दा उठाया गया है। संगठन ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के शीघ्र स्थानांतरण करने तथा टीएसपी क्षेत्र से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में शिक्षकों के समायोजन की मांग रखी है। इसके साथ ही पिछले छह शिक्षा सत्रों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति नहीं होने पर भी संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त की है।
- राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य के राजकीय विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के नाम एक 7 सूत्रीय मांग पत्र तहसीलदार को सौंपा है। वल्लभनगर में संगठन ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर रैली निकाली और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और आदर्श विद्यालय की संकल्पना को साकार करने के लिए बाधाओं का निराकरण जरूरी है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होने का मुद्दा उठाया गया है। संगठन ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के शीघ्र स्थानांतरण करने तथा टीएसपी क्षेत्र से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में शिक्षकों के समायोजन की मांग रखी है। इसके साथ ही पिछले छह शिक्षा सत्रों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति नहीं होने पर भी संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त की है।1
- राजसमंद के रेलमगरा में वर्षों पुरानी मांग को लेकर शनिवार को जे.आर. महाविद्यालय से 'रेलमगरा रेल लाओ जन-हस्ताक्षर अभियान' का आगाज हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेमलाल तेली के सान्निध्य में शुरू हुए इस जनआंदोलन में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, युवाओं और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर प्रस्तावित नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह नई रेल लाइन के समर्थन में हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में रोशन लाल टुकलिया, राजेंद्र सरगरा, दिलीप वैष्णव, एडवोकेट रमेश चंद्र अहीर ओडा, उप सरपंच भरत कुमार, गोटू लाल, रतन लाल जाट, लवेश गौड़, सम्पत लाल कुमावत और रीना आमेटा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अभियान के दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि प्रस्तावित रेल लाइन का सर्वे वर्षों पहले पूरा हो चुका है, लेकिन परियोजना अब तक स्वीकृति की बाट जोह रही है। इस रेल मार्ग से राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक जिलों को लाभ मिलने के साथ ही श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा, भगवान श्री देवनारायण जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी और रेलमगरा-दरीबा के औद्योगिक व खनिज क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ से इस परियोजना को जल्द स्वीकृति प्रदान करने और निर्माण कार्य शुरू करने की भावनात्मक अपील की है। 'जन-जन की यही पुकार, रेलमगरा को मिले रेल का अधिकार' जैसे नारों के साथ गूंजे इस आयोजन में अभियान को आगे ले जाने का संकल्प लिया गया। संयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह अभियान विभिन्न गांवों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया जाएगा। इसके समापन पर हजारों नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला जनहित ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित किया जाएगा ताकि इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को गति मिल सके।4
- Post by Pushkar lal Nayak1
- यह वीडियो एक पति द्वारा अपनी पत्नी की वापसी की कामना करते हुए बनाई गई एक भावनात्मक प्रस्तुति है, जिसमें वैवाहिक संबंधों में आ रही चुनौतियों और परिवार को बचाने के महत्व पर चर्चा की गई है। लेखक का कहना है कि यह विचार केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि उन सभी पत्नियों के लिए है जो वैवाहिक जीवन के कठिन दौर से गुजर रही हैं। उनका स्पष्ट उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और संवाद के माध्यम से रिश्तों को सहेजने का प्रयास करना है। वीडियो में पति ने अपनी पत्नी से उन लोगों के बहकावे से सावधान रहने का आग्रह किया है जो उन्हें पति के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया है कि बीमारी के समय, यहाँ तक कि कैंसर जैसी स्थिति में, उन्होंने बिना सोचे अपनी मेहनत की कमाई इलाज पर खर्च की थी, जबकि उस समय अन्य लोग मदद के लिए आगे नहीं आए थे। पति का मुख्य दुख कोर्ट-कचहरी में खड़ा होना नहीं, बल्कि यह देखना है कि दूसरों के प्रभाव में आकर पत्नी और बच्चे भविष्य में किन कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं। अंत में, यह अपील की गई है कि अहंकार को त्यागकर समझदारी से निर्णय लिया जाए। यदि रिश्ते में सुधार की कोई गुंजाइश है, तो संवाद का मार्ग चुनना चाहिए क्योंकि सच्चा पश्चाताप टूटे हुए रिश्तों को फिर से जोड़ सकता है। लेखक का मानना है कि अहंकार से केवल एक पल की जीत मिलती है, जबकि परिवार के टूटने से पूरी ज़िंदगी की हार हो जाती है। इस संदेश को साझा करने का उद्देश्य किसी के घर को टूटने से बचाना और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है।1
- चित्तौड़गढ़ के चिकसी में करंट लगने से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने मौत पर संदेह जताते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपा है। वहीं, जिले के लिए उपलब्धि की खबर भी सामने आई है, जिसमें चित्तौड़गढ़ को जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, बूंदी में आयोजित प्रतियोगिता में चित्तौड़गढ़ के एक पहलवान ने कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है।1
- बिनोता-अम्बामाता रोड पर लगातार बढ़ रही पैंथर की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए हैं। रेंजर सुनील यादव के निर्देश पर बाड़ी वन विभाग के अधिकारी करणपाल सिंह यादव और परसराम कुमावत ने स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में सड़क किनारे एक चेतावनी बोर्ड स्थापित किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन, ग्रामवासियों और राहगीरों को सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना है। क्षेत्र के ग्रामीणों में पैंथर की बढ़ती मूवमेंट को लेकर भारी दहशत का माहौल है। इस दौरान शक्ति सिंह शक्तावत, प्रहलाद प्रजापत, भूपेंद्र सिंह शक्तावत, परसराम कुमावत, गोविंद कुमावत, लोकेन्द्र सिंह शक्तावत, गुड्डू बिल्लीया, महावीर सिंह शक्तावत, दशरथ सेन, बाबरू सुथार, मनोज तिवारी, राजेश आचार्य, प्रहलाद गुर्जर, शीतल लखारा, हार्दिक भीमावत, भगवान गायरी, प्रेम गायरी, कालू गायरी, शक्ति सिंह, केशुराम रावत, अर्जुन कुमावत, शिवलाल गायरी और भवानी गायरी समेत बिनोता के अनेक निवासी मौजूद रहे।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए विवाह के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। थाना प्रभारी ओमजी जाट द्वारा की गई कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए यह संदेश दिया गया है कि जो काम समाज के पंच नहीं कर सके, वह पुलिस ने कर दिखाया है। विवाह को कमाई का जरिया बनाने वालों को चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति विवाह के नाम पर धोखाधड़ी, गहनों की हेराफेरी, झूठे मुकदमे दर्ज कराने या अवैध धन उगाही जैसे अपराधों में शामिल पाया जाता है, तो कानून अब ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करेगा। NCRB 2022 के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह चिंता जताई गई है कि वर्ष 2022 में भारत में हुई 1,70,924 आत्महत्याओं में 1,22,717 पुरुष थे, जिनमें विवाहित पुरुषों की संख्या सर्वाधिक है। यह आंकड़े पारिवारिक तनाव और वैवाहिक विवादों की गंभीरता को दर्शाते हैं। कानून का उद्देश्य किसी भी निर्दोष को निराशा की ओर धकेलना नहीं, बल्कि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना है। यह स्पष्ट किया गया है कि घरेलू हिंसा चाहे पुरुष के साथ हो या महिला के साथ, किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। व्यवस्था की मांग की गई है कि यदि कोई महिला झूठे आरोप लगाती है या कोई पुरुष अत्याचार करता है, तो दोनों को अपराधी माना जाना चाहिए। न्याय तभी सार्थक है जब वह पक्षपात रहित हो और हर पीड़ित—चाहे वह बेटा हो या बेटी—को समान सुरक्षा और न्याय मिले।4
- राजसमंद के नांदोली में एक सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की जानकारी न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा दी गई है।4