नेपानगर में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश चौहान ने नगरवासियों, राहगीरों और विशेष रूप से मजदूरों को राहत देने के लिए निशुल्क आरओ केन ठंडे पानी की प्याऊ की शुरुआत की है। इस पहल से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से नगर में आने वाले लोगों और आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राजेश चौहान ने बताया कि ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नेपानगर आते हैं, जहाँ गर्मी के मौसम में पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी रहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और मजदूर वर्ग के लोग ₹20 की पानी की बोतल खरीदने में सक्षम नहीं होते, ऐसे में निशुल्क ठंडे पानी की व्यवस्था करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनकी योजना के अनुसार, यह सुविधा प्रत्येक रविवार को उपलब्ध रहेगी, और यदि गर्मी अधिक बढ़ती है तथा आवश्यकता महसूस होती है, तो अन्य दिनों में भी निशुल्क पानी का वितरण जारी रखा जाएगा। इस पहल के दौरान, राजेश चौहान ने नगर पालिका परिषद पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले तीन से चार वर्षों से नगर में प्याऊ की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, और न ही ठंड के मौसम में अलाव की व्यवस्था होती है। उन्होंने आगे कहा कि नगर पालिका परिषद में चार से पांच वाटर कूलर लाकर रखे गए हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार, नगर पालिका की कार्यप्रणाली ऐसी हो गई है कि सामान उपयोग में आने के बजाय कबाड़ होने तक कार्यालयों में ही पड़ा रहता है, जिससे शासन के पैसों का दुरुपयोग होता है। राजेश चौहान की इस पहल की नगरवासियों ने जनहित में एक सराहनीय कदम बताते हुए खूब प्रशंसा की है।
नेपानगर में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश चौहान ने नगरवासियों, राहगीरों और विशेष रूप से मजदूरों को राहत देने के लिए निशुल्क आरओ केन ठंडे पानी की प्याऊ की शुरुआत की है। इस पहल से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से नगर में आने वाले लोगों और आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राजेश चौहान ने बताया कि ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नेपानगर आते हैं, जहाँ गर्मी के मौसम में पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी रहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और मजदूर वर्ग के लोग ₹20 की पानी की बोतल खरीदने में सक्षम नहीं होते, ऐसे में निशुल्क ठंडे पानी की व्यवस्था करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनकी योजना के अनुसार, यह सुविधा प्रत्येक रविवार को उपलब्ध रहेगी, और यदि गर्मी अधिक बढ़ती है तथा आवश्यकता महसूस होती है, तो अन्य दिनों में भी निशुल्क पानी का वितरण जारी रखा जाएगा। इस पहल के दौरान, राजेश चौहान ने नगर पालिका परिषद पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले तीन से चार वर्षों से नगर में प्याऊ की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, और न ही ठंड के मौसम में अलाव की व्यवस्था होती है। उन्होंने आगे कहा कि नगर पालिका परिषद में चार से पांच वाटर कूलर लाकर रखे गए हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित नहीं किया गया है, जिससे आम जनता को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार, नगर पालिका की कार्यप्रणाली ऐसी हो गई है कि सामान उपयोग में आने के बजाय कबाड़ होने तक कार्यालयों में ही पड़ा रहता है, जिससे शासन के पैसों का दुरुपयोग होता है। राजेश चौहान की इस पहल की नगरवासियों ने जनहित में एक सराहनीय कदम बताते हुए खूब प्रशंसा की है।
- राजपुर थाना परिसर में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने नगरवासियों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखते हुए त्योहारों को मनाएं। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्री कुमार शानू देवड़िया, एसडीओपी श्री आयुष अलावा, थाना प्रभारी श्री माधव सिंह ठाकुर, तहसीलदार श्री जी.पी. डावर, नगर परिषद इंजीनियर श्री राजू डावर, बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ नगर के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। बैठक में बकरा ईद, शीतला माता पूजन और अन्य आगामी त्योहारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़रूरी निर्देश भी दिए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों से विशेष आग्रह किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। बैठक में उपस्थित नागरिकों ने भी नगर में शांति और सौहार्द बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।1
- निवाली में हजरत सैय्यद काले खां पीर का चार दिवसीय सालाना उर्स 'रंग' की रस्म के साथ संपन्न हो गया।1
- पूर्व कृषि मंत्री और किसान नेता कमल पटेल की त्वरित पहल से हरदा के आदिवासी ग्राम मोरगढ़ी में गहरा पेयजल संकट दूर हो गया है, साथ ही गाँव को ₹25 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन की सौगात भी मिली है। ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'समाधान दिवस' में कमल पटेल को मोरगढ़ी में पानी की किल्लत से अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पीएचई विभाग के अधिकारियों को बोरिंग कराने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री के निर्देश पर मोरगढ़ी में 400 फीट गहरी बोरिंग की गई, जिसमें पर्याप्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, नल-जल योजना के तहत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए गुणवत्ता वाली मोटर लगाने का आदेश दिया गया, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। कमल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है जैसे स्वयं माँ नर्मदा गाँव तक आ गई हों और अब आदिवासी बहनों को दूर से पानी लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने पास के महुआ ढाना में भी पीएचई विभाग को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल समस्या के समाधान के अलावा, कमल पटेल ने असमय मृत्यु से प्रभावित तीन आदिवासी परिवारों को आर्थिक संबल के रूप में पाँच-पाँच हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को 'संबल योजना' के तहत इन परिवारों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि भी जल्द स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सचिव और सहायक सचिव को हिदायत दी कि केंद्र और राज्य सरकार की किसी भी योजना से कोई आदिवासी परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। ग्राम मोरगढ़ी के सरपंच और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सामुदायिक भवन की माँग रखे जाने पर, कमल पटेल ने ₹25 लाख की लागत से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पंचायत के कार्यों के लिए भी उपयोगी होगा। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल की इस संवेदनशील पहल और त्वरित कार्रवाई से आदिवासी ग्रामीणों में खासा भरोसा और उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पेयजल संकट दूर होने और तत्काल सहायता मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान ललित पालीवाल, राजेंद्र विश्वकर्मा, मिश्रीलाल कलमें, सरपंच नानकराम उईके, गोविंद मोर्य, श्रीकृष्ण कलमें, मंजू गवली, हजारीलाल धुर्वे, सोमलाल मार्को सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- निवाली के श्रीराम मंदिर चौक में 17 मई रविवार से चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञानगंगा सप्ताह का समापन 23 मई शनिवार को भावपूर्ण माहौल में हुआ। डोंगरगांव कसरावद से पधारे कथा व्यास आचार्य पीयूष शर्मा जी ने अंतिम दिन व्यास गादी से कथा का रसपान कराया, जिसकी समय सारिणी गर्मी के कारण शाम 4 बजे से रखी गई थी। समापन दिवस पर मुख्य रूप से सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंगों का वर्णन किया गया। मित्रता की मिसाल बने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रोताओं की आंखें नम हो गईं, जब द्वारकाधीश श्रीकृष्ण ने नंगे पैर दौड़कर सुदामा को गले लगाया और प्रेम से उनकी पोटली के चावल खाए। आचार्य जी ने संदेश दिया कि भगवान केवल भाव के भूखे हैं और प्रेम से दिया गया एक चावल भी तीनों लोकों के बराबर है। कथा के अंतिम सोपान में, शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को मोक्ष प्रदान करने का प्रसंग सुनाया गया, जिसमें परीक्षित ने तक्षक नाग के डसने से पूर्व पूर्ण समर्पण भाव से श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर मोक्ष प्राप्त किया। यह संदेश दिया गया कि मृत्यु अटल है, परंतु भक्ति से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। आचार्य जी ने यह भी उद्बोधन दिया कि सात दिन की कथा श्रवण मात्र से जीवन नहीं बदलता, जब तक हम एक भी प्रसंग को जीवन में न उतारें, और उन्होंने अहंकार त्यागकर सरल बनने, तथा शिखा, तिलक, जनेऊ को गर्व से धारण करने का आह्वान किया, क्योंकि यह हमारे सनातन की पहचान है और धर्म बचेगा तो धरती बचेगी। इस अवसर पर पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्याम बरडे कथा सुनने के लिए पहुंचे और आम श्रोताओं के बीच दरी पर बैठकर कुछ समय कथा श्रवण की। उन्होंने नगरवासियों की मांग पर श्रीराम मंदिर का विशाल स्वागत द्वार बनाने की घोषणा की। अपने संक्षिप्त संबोधन में विधायक ने बताया कि उन्होंने अपने लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल में पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के सुदूर गांवों में सामान्य आकार के 125 देवी-देवताओं के मंदिर बनवाए हैं और शेष आधे कार्यकाल में भी वे धर्म के कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कथा को भाग्यशाली बताते हुए ₹5,100 की सहयोग राशि भी दी और व्यासगादी पर विराजमान आचार्य श्री पीयूष जी शर्मा का तिलक कर नारियल देकर स्वागत किया। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिसोदिया ने श्रीराम मंदिर चौक में एक नया मंच बनाने की घोषणा की। आचार्य जी ने मंच से गायत्री मंदिर के अधूरे निर्माण का मुद्दा भी उठाया, बताते हुए कि मंदिर 12 वर्षों से अधूरा है और मूर्ति अस्थाई रूप से श्रीराम मंदिर के पीछे विराजमान है। उन्होंने सभी समाजों से मिलकर एक वर्ष में मंदिर पूर्ण करने और तन-मन-धन से सेवा करने का आग्रह किया। कथा विश्राम के पश्चात शाम 7 बजे श्रीराम मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की सजीव झांकी, ढोल-नगाड़े, डीजे एवं भजनों पर नृत्य करते हुए श्रद्धालु मुख्य मार्गों से निकले। महिलाओं ने कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा नगर भक्तिमय माहौल से सराबोर हो उठा और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। आचार्य पीयूष शर्मा खुले वाहन में सवार रहे और हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। प्रतिदिन अलग-अलग लोगों द्वारा प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति ने सात दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए समस्त नगरवासियों, सहयोगियों, पुलिस प्रशासन एवं पत्रकारों का आभार माना। अंतिम दिन भी शीतल जल, शरबत एवं अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई थी। समापन अवसर पर पानसेमल विधायक श्याम बरडे, नगर परिषद अध्यक्ष, पार्षदगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में माता-बहनें उपस्थित रहीं। समिति ने कहा कि कथा श्रवण से नगर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है और धर्म-जागरण के इस यज्ञ में सभी की सहभागिता सराहनीय रही। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती तरुणा नरेंद्र सिसोदिया, उपाध्यक्ष श्रीमती इंदिरा दीपक सोनी, पार्षद श्रीमती योगिता संतोष राठौड़ ने आचार्य जी का स्वागत किया। वाणी, राठौड़, कुमावत, गोले, ब्राह्मण, सोनी, अग्रवाल, महाराष्ट्रीयन, वाल्मीकि, धनगर, भीलाला, बारेला, भावसार, दशोरा समाज, विहिप, बजरंग दल, मीडिया व सभी समाज प्रमुखों ने शाल-श्रीफल व पुष्पहार से सम्मान किया, जबकि महिला मंडलों ने भी श्रीफल, शाल व नगद राशि भेंट की। आयोजन समिति व आचार्य जी ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग के लिए समस्त नगरवासियों का पुनः आभार व्यक्त किया।4
- इंदौर की भगोरा ग्राम पंचायत के सीतलामाता गांव में गैंडा पूजा पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने पहुंचे, जिससे गांव में उत्सव का माहौल बन गया।2
- बड़वानी जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कप्तान अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन पवित्र” अभियान के तहत सेंधवा शहर पुलिस ने दो आदतन अपराधियों के खिलाफ बड़ी और प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है, जिससे क्षेत्र के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है। एसडीओपी श्री अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में सेंधवा शहर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह कुशवाह व उनकी टीम ने इन दोनों आदतन आरोपियों के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 126 एवं 135 के तहत प्रकरण तैयार कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सेंधवा में पेश किया था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों, तरुण पिता संतोष वाकडे (उम्र 25 वर्ष, निवासी सरस्वती कॉलोनी, सेंधवा) और सोहेल पिता नईम शेख (उम्र 24 वर्ष, निवासी टैगोर बेड़ी, सेंधवा) को 01-01 वर्ष की अवधि के लिए ₹5-5 लाख की भारी-भरकम बंधपत्र राशि पर बाउंड ओवर करने का आदेश जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि इस एक साल की निर्धारित अवधि के दौरान इन दोनों ने दोबारा किसी भी प्रकार की आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि की, तो बाउंड ओवर की शर्तों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ सीधे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और ₹5-5 लाख की पूरी बंधपत्र राशि ज़ब्त कर ली जाएगी। सेंधवा पुलिस ने यह भी कहा है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।1
- खरगोन में त्रिशूल संगठन ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से प्रेरित होकर, संगठन ने एक बंजर पहाड़ी को गोद लिया और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया। इस कड़ी में, शंभू पर्वत की बंजर भूमि पर 32 माताओं के नाम से पौधे लगाए गए हैं। संगठन का लक्ष्य जिलेभर में कुल 10 हजार पौधे लगाना और उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना है। यह संगठन अब इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाने की तैयारी में है, ताकि हर परिवार को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा सके। आगामी 25 मई से 25 नवंबर तक, त्रिशूल संगठन के पदाधिकारी जिले के लगभग 1500 गांवों में पहुंचेंगे और परिवारों को वृक्षारोपण का संकल्प दिलाएंगे। इस अभियान के तहत, “एक पेड़ माँ के नाम” संदेश के माध्यम से लोगों को पौधे लगाने और उनकी निरंतर देखरेख करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा कार्यालय प्रभारी श्याम महाजन के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, भाजपा और संघ से जुड़े कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। त्रिशूल संगठन के प्रमुख नरेंद्र जोशी अतिशय ने मीडिया को बताया कि उनके अभियान की प्राथमिकता केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण भी रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और स्वस्थ पर्यावरण मिल सके।4
- हरदा जिले के टिमरनी नगर स्थित तवा कॉलोनी के सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास परिसर में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 27 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका दामडे अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। दीपिका की शादी इसी वर्ष 7 अप्रैल को दुर्गेश दामडे से हुई थी और इस दुखद घटना के समय उनकी शादी को महज एक माह से कुछ ही अधिक समय बीता था। बताया गया है कि दीपिका ने शनिवार शाम करीब 4:30 बजे अपनी साड़ी का फंदा बनाकर यह खौफनाक कदम उठाया। मृतका के मायके पक्ष वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बहन की दहेज के लिए हत्या की गई है। मायके पक्ष के लोग ससुराल वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गोड़ ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच एसडीओपी आकांक्षा तलैया कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।4
- देवास के खातेगाँव में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना के बाद, मृतका के मायके वालों ने उसके ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।1