पूर्व कृषि मंत्री और किसान नेता कमल पटेल की त्वरित पहल से हरदा के आदिवासी ग्राम मोरगढ़ी में गहरा पेयजल संकट दूर हो गया है, साथ ही गाँव को ₹25 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन की सौगात भी मिली है। ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'समाधान दिवस' में कमल पटेल को मोरगढ़ी में पानी की किल्लत से अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पीएचई विभाग के अधिकारियों को बोरिंग कराने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री के निर्देश पर मोरगढ़ी में 400 फीट गहरी बोरिंग की गई, जिसमें पर्याप्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, नल-जल योजना के तहत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए गुणवत्ता वाली मोटर लगाने का आदेश दिया गया, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। कमल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है जैसे स्वयं माँ नर्मदा गाँव तक आ गई हों और अब आदिवासी बहनों को दूर से पानी लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने पास के महुआ ढाना में भी पीएचई विभाग को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल समस्या के समाधान के अलावा, कमल पटेल ने असमय मृत्यु से प्रभावित तीन आदिवासी परिवारों को आर्थिक संबल के रूप में पाँच-पाँच हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को 'संबल योजना' के तहत इन परिवारों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि भी जल्द स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सचिव और सहायक सचिव को हिदायत दी कि केंद्र और राज्य सरकार की किसी भी योजना से कोई आदिवासी परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। ग्राम मोरगढ़ी के सरपंच और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सामुदायिक भवन की माँग रखे जाने पर, कमल पटेल ने ₹25 लाख की लागत से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पंचायत के कार्यों के लिए भी उपयोगी होगा। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल की इस संवेदनशील पहल और त्वरित कार्रवाई से आदिवासी ग्रामीणों में खासा भरोसा और उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पेयजल संकट दूर होने और तत्काल सहायता मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान ललित पालीवाल, राजेंद्र विश्वकर्मा, मिश्रीलाल कलमें, सरपंच नानकराम उईके, गोविंद मोर्य, श्रीकृष्ण कलमें, मंजू गवली, हजारीलाल धुर्वे, सोमलाल मार्को सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
पूर्व कृषि मंत्री और किसान नेता कमल पटेल की त्वरित पहल से हरदा के आदिवासी ग्राम मोरगढ़ी में गहरा पेयजल संकट दूर हो गया है, साथ ही गाँव को ₹25 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन की सौगात भी मिली है। ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'समाधान दिवस' में कमल पटेल को मोरगढ़ी में पानी की किल्लत से अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पीएचई विभाग के अधिकारियों को बोरिंग कराने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री के निर्देश पर मोरगढ़ी में 400 फीट गहरी बोरिंग की गई, जिसमें पर्याप्त पानी
उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, नल-जल योजना के तहत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए गुणवत्ता वाली मोटर लगाने का आदेश दिया गया, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। कमल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है जैसे स्वयं माँ नर्मदा गाँव तक आ गई हों और अब आदिवासी बहनों को दूर से पानी लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने पास के महुआ ढाना में भी पीएचई विभाग को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल समस्या के समाधान के अलावा,
कमल पटेल ने असमय मृत्यु से प्रभावित तीन आदिवासी परिवारों को आर्थिक संबल के रूप में पाँच-पाँच हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को 'संबल योजना' के तहत इन परिवारों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि भी जल्द स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सचिव और सहायक सचिव को हिदायत दी कि केंद्र और राज्य सरकार की किसी भी योजना से कोई आदिवासी परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। ग्राम मोरगढ़ी के सरपंच और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सामुदायिक भवन की माँग रखे जाने पर, कमल पटेल ने ₹25
लाख की लागत से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पंचायत के कार्यों के लिए भी उपयोगी होगा। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल की इस संवेदनशील पहल और त्वरित कार्रवाई से आदिवासी ग्रामीणों में खासा भरोसा और उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पेयजल संकट दूर होने और तत्काल सहायता मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान ललित पालीवाल, राजेंद्र विश्वकर्मा, मिश्रीलाल कलमें, सरपंच नानकराम उईके, गोविंद मोर्य, श्रीकृष्ण कलमें, मंजू गवली, हजारीलाल धुर्वे, सोमलाल मार्को सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- पूर्व कृषि मंत्री और किसान नेता कमल पटेल की त्वरित पहल से हरदा के आदिवासी ग्राम मोरगढ़ी में गहरा पेयजल संकट दूर हो गया है, साथ ही गाँव को ₹25 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन की सौगात भी मिली है। ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'समाधान दिवस' में कमल पटेल को मोरगढ़ी में पानी की किल्लत से अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पीएचई विभाग के अधिकारियों को बोरिंग कराने के निर्देश दिए। पूर्व मंत्री के निर्देश पर मोरगढ़ी में 400 फीट गहरी बोरिंग की गई, जिसमें पर्याप्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, नल-जल योजना के तहत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए गुणवत्ता वाली मोटर लगाने का आदेश दिया गया, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। कमल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है जैसे स्वयं माँ नर्मदा गाँव तक आ गई हों और अब आदिवासी बहनों को दूर से पानी लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने पास के महुआ ढाना में भी पीएचई विभाग को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल समस्या के समाधान के अलावा, कमल पटेल ने असमय मृत्यु से प्रभावित तीन आदिवासी परिवारों को आर्थिक संबल के रूप में पाँच-पाँच हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को 'संबल योजना' के तहत इन परिवारों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि भी जल्द स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सचिव और सहायक सचिव को हिदायत दी कि केंद्र और राज्य सरकार की किसी भी योजना से कोई आदिवासी परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए। ग्राम मोरगढ़ी के सरपंच और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सामुदायिक भवन की माँग रखे जाने पर, कमल पटेल ने ₹25 लाख की लागत से एक बड़ा सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पंचायत के कार्यों के लिए भी उपयोगी होगा। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल की इस संवेदनशील पहल और त्वरित कार्रवाई से आदिवासी ग्रामीणों में खासा भरोसा और उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने पेयजल संकट दूर होने और तत्काल सहायता मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान ललित पालीवाल, राजेंद्र विश्वकर्मा, मिश्रीलाल कलमें, सरपंच नानकराम उईके, गोविंद मोर्य, श्रीकृष्ण कलमें, मंजू गवली, हजारीलाल धुर्वे, सोमलाल मार्को सहित कई ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- देवास के खातेगाँव में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना के बाद, मृतका के मायके वालों ने उसके ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।1
- कन्नौद जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठड़ी में एक मुक्तिधाम और चबूतरे का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा करवाया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इस निर्माण कार्य के लिए ₹5,00,000 (5 लाख) की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे एक चबूतरा और एक मुक्तिधाम शेड बनाया जाना है। आरोप है कि मुक्तिधाम शेड के लिए बनाए जा रहे 8 कॉलमों में गंभीर गुणवत्ताहीनता है। आरोपों के अनुसार, शेड के कॉलम नीचे से पतले और ऊपर से मोटे होकर बीच में तथा अन्य स्थानों से इधर-उधर झुक रहे हैं। इस संबंध में, ग्राम पंचायत कोठड़ी के सचिव मुकेश मीणा ने जानकारी दी कि पांचवें और पंद्रहवें वित्त आयोग से स्वीकृत ₹5 लाख की राशि से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण के दौरान कुछ कॉलम तिरछे हो गए थे, लेकिन उनका कहना है कि प्लास्टर से उन्हें सीधा कर दिया जाएगा। वहीं, सब इंजीनियर स्वाति कोटकर ने बताया कि उन्होंने कॉलमों में सरिया बांधते समय निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था, जिसके बाद वे दोबारा नहीं जा पाईं। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही कोठड़ी पंचायत में चल रहे मुक्तिधाम निर्माण कार्य को देखेंगी और यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे नियमानुसार सही करवाया जाएगा।4
- कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से होशंगाबाद (नर्मदापुरम) के लोकप्रिय सांसद श्री दर्शन सिंह जी से एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि सांसद की गृह विधानसभा पिपरिया के ग्राम मलकजरा में एक बिजली अधिकारी ने सरेआम एक किसान को गाली दी है। पटेल ने सांसद दर्शन सिंह जी से निवेदन किया है कि उस अधिकारी के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज कराया जाए और उसका निलंबन कल शाम तक सुनिश्चित किया जाए। इसी मामले में, सांसद दर्शन सिंह जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसानों के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। सांसद ने बताया कि किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर भी लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर द्वारा किसान के साथ की गई अभद्रता की जानकारी मिली, उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सांसद दर्शन सिंह जी ने इस बात पर जोर दिया कि किसान सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता तथा जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।1
- रविवार को नर्मदापुरम के गोंडारी घाट पर भारी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए। नर्मदा नदी में स्नान करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।2
- इछावर नगर के गुरु महाराज के दरबार में हर साल की तरह इस बार भी विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- इटारसी में 42 डिग्री पारे के बीच शिव कृपा वेयरहाउस किसानों, श्रमिकों और बेजुबान पक्षियों के लिए सेवा कार्य कर रहा है। पिछले 20 दिनों से शीतल शरबत और पक्षियों के लिए मिट्टी के पात्र (सकोरे) बांटे जा रहे हैं। यह भीषण गर्मी में जीव सेवा का एक अद्भुत उदाहरण है, जिसमें सभी से सहयोग की अपील की गई है।1
- हरदा जिले के टिमरनी नगर स्थित तवा कॉलोनी के सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास परिसर में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 27 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका दामडे अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। दीपिका की शादी इसी वर्ष 7 अप्रैल को दुर्गेश दामडे से हुई थी और इस दुखद घटना के समय उनकी शादी को महज एक माह से कुछ ही अधिक समय बीता था। बताया गया है कि दीपिका ने शनिवार शाम करीब 4:30 बजे अपनी साड़ी का फंदा बनाकर यह खौफनाक कदम उठाया। मृतका के मायके पक्ष वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बहन की दहेज के लिए हत्या की गई है। मायके पक्ष के लोग ससुराल वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गोड़ ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच एसडीओपी आकांक्षा तलैया कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।4