18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं। बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।” आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल? अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है। भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। #FarmersFirst 🇮🇳
18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं। बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।” आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल? अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है। भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। #FarmersFirst 🇮🇳
- 18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं। बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।” आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई? और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल? अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा। और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है। भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती। लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। #FarmersFirst 🇮🇳1
- * भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न — आधुनिक हजारीबाग के संकल्प के साथ नई शुरुआत* *भवानी प्लाज़ा, मालवीय मार्ग (बंसी लाल चौक), हजारीबाग* *आज संध्या 4 बजे महापौर प्रत्याशी अरविंद कुमार (राणा) के कार्यालय का भव्य शुभ उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।* *संकल्प पत्र जारी — “सशक्त, स्वच्छ और आधुनिक नगर की ओर”* कार्यक्रम के दौरान हजारीबाग नगर निगम के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण संकल्पों की घोषणा की गई। *मुख्य संकल्प एवं योजनाएं:* _* हजारीबाग में पहला फ्लाईओवर निर्माण*_ _*जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र घर तक पहुँचाने की व्यवस्था*_ _*सुविधा नहीं तो टैक्स नहीं” नीति लागू*_ _* घर-घर कचरा उठाव व आधुनिक कचरा निस्तारण संयंत्र*_ _* पूरे शहर में भूमिगत विद्युत व्यवस्था*_ _* 7 दिनों के भीतर घर का नक्शा स्वीकृत*_ _*ट्रैक एंड ट्रेस नीति से पारदर्शिता*_ _*पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन व संरक्षण*_ _* सिंगल विंडो सिस्टम पूरी तरह लागू*_ _*🚫 अवैध टैक्स वसूली पर रोक*_ _*🚻 अत्याधुनिक शौचालय निर्माण व रख-रखाव*_ _* नालों-नालियों की नियमित सफाई*_ _*सुरक्षित एवं व्यवस्थित सड़क व्यवस्था*_ _*💡 समुचित स्ट्रीट लाइट व्यवस्था*_ _*नगर निगम कार्यालय को नागरिक सुविधा केंद्र बनाना*_ _* 140 थाना नंबर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु विशेष पहल*_ _*व्यवस्थित सब्जी बाजार निर्माण*_ _* मछली विक्रेताओं के लिए निश्चित स्थान*_ _* महिलाओं द्वारा संचालित विशेष महिला बाजार*_ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समर्थक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे और शहर के विकास के संकल्प को समर्थन दिया।1
- हजारीबाग नगर निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 7 से प्रत्याशी सोनू कुमार को जोरदार जन समर्थन मिलता दिख रहा है। इलाके के लोगों का कहना है वोट हमारा सोनू को ही मिलेगा। आज सोनू कुमार से सीधे बातचीत में उन्होंने भरोसा दिलाया कि जीत मिलने पर वार्ड की सड़क, नाली और सफाई जैसी समस्याओं को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा। फिलहाल वार्ड नंबर 7 में चुनावी माहौल काफी गर्म नजर आ रहा है।1
- चतरा जिले के भयपूर गांव में एक एकड़ में फैला बरगद का पेड़ आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर शनिवार को यहां साप्ताहिक बाजार भी लगता है।1
- *चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती का विनष्टीकरण, लगभग 10 एकड़ में लगी फसल नष्ट* दिनांक 14.02.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत चोरदाह पंचायत के *लालकिमाटी* के जंगल में वन विभाग एवं चौपरण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बिभिन इलाका में करीब 10 एकड़ में अवैध रूप से लगी अफीम की खेती को चिन्हित करते हुए मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। *बरामदगी :* घटनास्थल से निम्नलिखित वस्तुएँ बरामद कर मौके पर ही नष्ट की गईं 1. 14 डिलीवरी पाइप अवैध रूप से अफीम की खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है। दोषियों की पहचान के उपरान्त उनके विरुद्ध कांड दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई जारी है। *संयुक्त अभियान में शामिल अधिकारी/कर्मी :* 1. श्री अजित कुमार बिमल sdpo बरही 2. सरोज सिंह चौधरी थाना प्रभारी चौपरण 3. Asi बादल महतो 4. Asi कमरुद्दीन 5. एवं सशत्र बल 6. बनपाल सरवन कुमार एवं कुलदीप महतो उल्लेखनीय है कि ड्रोन के माध्यम से दुर्गम इलाका को चिन्हित कर विनिष्ट किया जा रहा है । अवैध मादक पदार्थों की खेती एवं तस्करी के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।3
- ये आँसू कमज़ोरी नहीं हैं, ये उस दर्द की आवाज़ हैं जो हर देशभक्त के सीने में धड़कता है। विनर डिफेंस एकेडमी की ओर से निकाला गया यह कैंडल मार्च कोई दिखावा नहीं, कोई औपचारिकता नहीं— यह हमारी आत्मा की पुकार है, यह उस पीढ़ी की कसम है जो शहीदों को सिर्फ पोस्टर पर नहीं, अपने दिल में ज़िंदा रखती है। आज यह मार्च हजारीबाग झील की शांत लहरों से निकलकर शहीद स्मारक, हजारीबाग की पवित्र धरती तक पहुँचा— हर कदम पर एक संकल्प था, हर मोमबत्ती में एक प्रण जल रहा था। झील की खामोशी ने हमारे दिलों का शोर सुना, और स्मारक की चौखट ने हमारी श्रद्धा को स्वीकार किया। आज जब दुनिया मोहब्बत के दिन का शोर मचाती है, तब हम उस मोहब्बत को याद कर रहे हैं जो वर्दी पहनकर सरहद पर कुर्बान हो जाती है। आज जब लोग गुलाब और गिफ्ट में उलझे हैं, तब हम उन माताओं की सूनी आँखों को याद कर रहे हैं जिनके बेटे तिरंगे में लिपटकर लौटे थे। हमारे मार्गदर्शक अनुज सर, मुकेश सर और कौशल सर के नेतृत्व में इस कैंडल मार्च में शामिल हर कदम, हर सांस, हर दिल वतन के नाम समर्पित है। , महेश कुमार(राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक), अभिषेक कुमार,शेखर कुमार, अंशु कुमार, रोशन कुमार, विशाल कुमार,पवन कुमार, सन्नी कुमार उज्वल कुमार राहुल कुमार रौशन कुमार, विशाल कुमार, नीतीश कुमार, प्रकाश कुमार, राकेशकुमार, रंजीत कुमार, उदितकुमार,सूरज कुमार , आर्यन कुमार ,रोहित कुमार अमर कुमार , दीपक राज , उज्ज्वल कुमार , सौरभ कुमार एवं सुरुचि रिंकी ,रिया, नेहा, काजल, मुस्कान, प्रियंका, राहिल,किरण, सरस्वती,पुष्पा ,अंजली ,पियांक — आप सब सिर्फ नाम नहीं हो, आप उस युवा चेतना की पहचान हो जो शहीदों को भूलने नहीं देती, जो कहती है— हम उस पीढ़ी से हैं जो आराम की ज़िंदगी नहीं, इज़्ज़त की ज़िंदगी चुनती है। आज हम यह प्रण लेते हैं— कि देशभक्ति सिर्फ नारों में नहीं, हमारे कर्मों में होगी। कि तिरंगा सिर्फ 15 अगस्त को नहीं, हमारी रग-रग में लहराएगा। कि शहीदों की कुर्बानी को हम कभी सस्ती बहसों में नहीं घसीटेंगे, बल्कि अपने चरित्र और संघर्ष से उसे हर दिन सच्ची श्रद्धांजलि देंगे। मोमबत्तियाँ आज बुझ जाएँगी, लेकिन शहीदों की याद की आग हमारे दिलों में हमेशा जलती रहेगी। जय हिंद! वंदे मातरम्1
- रांची: रातू कठितांड पावर हाउस स्थित भव्य शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में कठितांड और रातू क्षेत्र की बड़ी संख्या में माता–बहनों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ निकली इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह पावन दिन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि माता–बहनों ने जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश यात्रा में भाग लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है और समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान शिव त्याग, तपस्या और करुणा के प्रतीक हैं। वे स्वयं कष्ट सहकर भी समाज को सुख और कल्याण प्रदान करते हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज की भलाई ही सच्चा धर्म है। कलश यात्रा के सफल आयोजन के लिए मंदिर संचालन समिति और क्षेत्रवासियों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।1
- हजारीबाग जिला के पगार कोल माइंस कर्बला में लगातार 47वें दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव, पूर्व विधायक निर्मला देवी जब तक एनटीपीसी 2013 अधिनियम मुआवजा भुगतान नहीं करेगा तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल धरना जारी रहेगा रहेगा। धरना स्थल पर बैठे पगार कोल माइंस में भू-विस्थापित ग्रामीण6