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पीलीभीत में B.Ed प्रवेश परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी, जिसमें पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा के लिए सनातन धर्म बांके बिहारी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और उपाधि महाविद्यालय को केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने इन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने नकल विहीन प्रवेश परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
समाचार Crime News
पीलीभीत में B.Ed प्रवेश परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी, जिसमें पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा के लिए सनातन धर्म बांके बिहारी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और उपाधि महाविद्यालय को केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने इन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने नकल विहीन प्रवेश परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में समाजवादी पार्टी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में एक अनोखा धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने एक कार को रस्सों से बांधकर कलेक्ट्रेट तक खींचा, जबकि एक कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर उसी कार पर बैठकर महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराता रहा। प्रदर्शन के बीच प्रशासनिक अधिकारियों और समाजवादी पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में, जहां सरकार 'मिशन शक्ति' और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं न्यूरिया थाना क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। मझोला पुलिस चौकी के ठीक सामने सरेराह एक महिला को कुछ दबंगों ने बेरहमी से पीटा, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि चंद कदमों की दूरी पर तैनात पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने खाकी और कानून-व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह पूरा मामला न्यूरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत मझोला पुलिस चौकी के सामने का है, जहां किसी पुराने विवाद को लेकर कुछ दबंगों ने एक महिला को बाजार में घेर लिया। विवाद इतना बढ़ा कि दबंगों ने महिला के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। महिला खुद को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन वहां मौजूद भीड़ में से कोई भी उसे बचाने आगे नहीं आया। यह पूरा घटनाक्रम उस पुलिस चौकी के ठीक मुहाने पर हुआ, जिसकी जिम्मेदारी क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने की है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनता के मन में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि जब चौकी के सामने चीख-पुकार मच रही थी, तो अंदर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी आवाज क्यों नहीं सुनाई दी और उस समय गश्त कहां थी? यह साफ दर्शाता है कि इलाके के दबंगों और उपद्रवियों के मन से खाकी का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब महिलाएं पुलिस चौकी के सामने ही सुरक्षित नहीं हैं, तो ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए। घटना का वीडियो (यदि उपलब्ध हो) सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में जब उच्च अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि इस घटना के बाद सोती हुई पुलिस जागती है या फिर इस गंभीर मामले को भी कागजी दावों के पीछे दबा दिया जाता है।1
- पीलीभीत जनपद में बी.एड. प्रवेश परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों और निर्धारित समय के अनुसार शांतिपूर्वक शुरू हो गई। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए मुस्तैदी दिखाई। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा सुबह से ही सक्रिय रहे, उन्होंने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और नकल विहीन परीक्षा कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले या लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जनपद में इस परीक्षा के लिए कुल 4 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सनातन धर्म बांके बिहारी राम इण्टर कालेज, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, राजकीय ड्रमण्ड इण्टर कालेज और उपाधि महाविद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1,495 अभ्यर्थी दो पालियों—सुबह 9:00 से 12:00 बजे और दोपहर 2:00 से 5:00 बजे—में परीक्षा दे रहे हैं। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों (वॉयस रिकॉर्डर सहित) से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और स्टाफ को परीक्षा कक्ष में मोबाइल या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्रों के आसपास की सभी फोटो स्टेट दुकानें बंद रखने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र (आईडी) अनिवार्य किया गया है और बिना आईडी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। प्रश्नपत्र खोलने और उत्तर पुस्तिकाओं को सील करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र पर्यवेक्षक और पुलिस बल लगातार केंद्रों पर भ्रमणशील हैं।4
- भारतीय हिन्दूराष्ट्र संविधान को लागू कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ 'जयहिंद' का उद्घोष किया गया।1
- शनिवार दोपहर को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत पीलीभीत में सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने कार को रस्सी से खींचकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता केजीएन कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय पर इकट्ठे हुए, जहाँ से यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचा। रास्ते भर कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर थामे सरकार विरोधी नारे लगाते रहे, और कार को रस्सी से खींचने का यह दृश्य राहगीरों के लिए भी कौतूहल का विषय बना रहा। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम आम आदमी के बजट से बाहर हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें कार को रस्सी से खींचकर यह दिखाना पड़ रहा है कि गाड़ियाँ अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। यह प्रदर्शन पीलीभीत में समाजवादी पार्टी द्वारा बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के खिलाफ सरकार के विरुद्ध खोला गया मोर्चा था।1
- पीलीभीत के बिलसंडा में कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने ताबड़तोड़ अभियान चलाते हुए मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन मुठभेड़ों में तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस अब तक इस मामले में कुल पाँच आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जिनमें से तीन को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी रामचंद्र, उनके बेटे विमल और सितेश शामिल हैं। शनिवार सुबह हुई एक पुलिस मुठभेड़ में तिलहर निवासी लकी मौर्य घायल हुआ, जबकि देर शाम हुई दूसरी मुठभेड़ में शाहजहांपुर निवासी शिव और कुणाल घायल हो गए। इन सभी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि पप्पू गुप्ता की हत्या के लिए शूटरों को 20 हज़ार रुपये की सुपारी दी गई थी। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कस्बा चौकी प्रभारी अनिल सिंह, कांस्टेबल प्रणब और कांस्टेबल नरेंद्र को निलंबित कर दिया गया है।1