बलरामपुर की थाना कोतवाली जरवा पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसके गँवाए हुए 58 हजार रुपये वापस दिलाकर एक सराहनीय कार्य किया है। रतनपुर झिंगहा बालापुर निवासी मो. इलियास के केनरा बैंक खाते से 14 अप्रैल 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने अवैध रूप से 58 हजार रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने इसकी जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने पर, जरवा थाना की साइबर हेल्पडेस्क ने तुरंत तकनीकी जाँच शुरू की और ठगी की गई धनराशि को आरोपी खातों में होल्ड करा दिया। इसके बाद, न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त किए गए और बैंक के नोडल अधिकारी के सहयोग से पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, 58 हजार रुपये की पूरी राशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस जमा करा दी गई। इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक महेंद्र नाथ सिंह, कांस्टेबल मुकेश यादव, कांस्टेबल अखिलेश कुमार और महिला कांस्टेबल सूबी पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बलरामपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके और उसे वापस दिलाया जा सके।
बलरामपुर की थाना कोतवाली जरवा पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसके गँवाए हुए 58 हजार रुपये वापस दिलाकर एक सराहनीय कार्य किया है। रतनपुर झिंगहा बालापुर निवासी मो. इलियास के केनरा बैंक खाते से 14 अप्रैल 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने अवैध रूप से 58 हजार रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने इसकी जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने पर, जरवा थाना की साइबर हेल्पडेस्क ने तुरंत तकनीकी जाँच शुरू की और ठगी की गई धनराशि को आरोपी खातों में होल्ड करा दिया। इसके बाद, न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त किए गए और बैंक के नोडल अधिकारी के सहयोग से पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, 58 हजार रुपये की पूरी राशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस जमा करा दी गई। इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक महेंद्र नाथ सिंह, कांस्टेबल मुकेश यादव, कांस्टेबल अखिलेश कुमार और महिला कांस्टेबल सूबी पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बलरामपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके और उसे वापस दिलाया जा सके।
- देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता की चिंता काफी बढ़ गई है। ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन लागत, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। लोग अब इस सवाल से घिरे हैं कि यह सिलसिला आखिर कब थमेगा।1
- बलरामपुर जिले के लहरे बाजार में, स्थानीय होमगार्ड और दरोगा साहब से संबंधित एक 'नकली' मुद्दा इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल ट्रेंड कर रहा है।1
- Post by Pawan pratap Verma2
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के रतनपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ जे अजीत सिंह पर दादागिरी करने का आरोप लगा है। स्थानीय भीड़ ने इस कथित दादागिरी के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया है, जिसकी आवाज सुनी जा सकती है।1
- बलरामपुर जिले की तहसील तुलसीपुर से दिनांक 28-05-2026 को मिली जानकारी के अनुसार, एक लगभग 90 वर्ष की वृद्ध महिला का खेत कथित तौर पर भू-माफियाओं और "बेचन पिता बच्चू" नामक व्यक्ति ने धोखे से अपने नाम करवा लिया है। यह मामला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, क्योंकि वृद्धा को अपने खेत के हस्तांतरण की कोई जानकारी नहीं थी और जब बयान लिया गया तो उन्हें कुछ भी पता नहीं था। वृद्धा ने बताया कि उनका खेत परसपुर में है और उस पर उनका कोई कब्जा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, वृद्धा अपनी दो बहनों में से एक थी और उनका कोई भाई नहीं था, जबकि उनकी एक बहन का निधन हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, बेचन पिता बच्चू ने कथित तौर पर पैसे के बल पर खेत को अपने नाम करवा लिया। तहसील से खतौनी निकालने पर पता चला कि खेत अब "बेचन पिता बच्चू" के नाम पर दर्ज है, और वह उस पर मकान का निर्माण और खेती भी कर रहा है। इस मामले में एक अधिवक्ता से बातचीत के बाद तहसील तुलसीपुर में एसडीएम साहब की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं कि आखिर "बेचन पिता बच्चू" द्वारा कथित "बेचारा घिन" में निर्माण और खेती किए जाने के बावजूद अधिकारी उसे कब्ज़ा करने की अनुमति क्यों दे रहे हैं। पत्रकार प्रदीप ने आरोप लगाया है कि आज के अधिकारी न्यायालय की बात मानने को स्वीकार नहीं करते, जिससे ऐसी अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही, तुलसीपुर थाने में एक चौकीदार पर पत्रकारों को "गली" देने का आरोप लगा है। पत्रकार ने जिलाधिकारी महोदय से इस चौकीदार के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई करने का निवेदन किया है।1
- जनपद श्रावस्ती के थाना कोतवाली भिनगा और जनपद बलरामपुर के थाना ललिया पुलिस की एक संयुक्त टीम ने पशु चोरी की एक बड़ी घटना का सफल अनावरण करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह, थाना कोतवाली भिनगा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चोरी की दो भैंस, एक पड़िया, घटना में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल तथा पशु बिक्री से प्राप्त 7,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान श्रावस्ती के कौवापुर दा0 बकवा निवासी अजय कुमार यादव पुत्र रामजीत यादव, सहियापुर दा0 भीखपुर तराई निवासी जीवनलाल गोस्वामी पुत्र मिश्रीलाल गोस्वामी और कौवापुर दा0 बकवा निवासी मंगलेश्वर यादव पुत्र पतिराम यादव के रूप में हुई है। यह मामला 26 मई 2026 को उस वक्त प्रकाश में आया, जब ग्राम सहियापुर मौजा भीखपुर तराई निवासी रामआसरे पुत्र भारत विश्वकर्मा ने थाना कोतवाली भिनगा में एक लिखित तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों द्वारा उनकी तथा रामसुंदर पुत्र ननकऊ गोस्वामी की कुल तीन भैंस चोरी कर ली गई हैं। इस संबंध में थाना कोतवाली भिनगा पर मु0अ0सं0 233/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना एवं सुरागरसी के दौरान, थाना कोतवाली भिनगा और थाना ललिया पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के उपरांत सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।1
- Post by Fakhre Alam Alam1
- बलरामपुर की थाना कोतवाली जरवा पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसके गँवाए हुए 58 हजार रुपये वापस दिलाकर एक सराहनीय कार्य किया है। रतनपुर झिंगहा बालापुर निवासी मो. इलियास के केनरा बैंक खाते से 14 अप्रैल 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने अवैध रूप से 58 हजार रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने इसकी जानकारी मिलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने पर, जरवा थाना की साइबर हेल्पडेस्क ने तुरंत तकनीकी जाँच शुरू की और ठगी की गई धनराशि को आरोपी खातों में होल्ड करा दिया। इसके बाद, न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त किए गए और बैंक के नोडल अधिकारी के सहयोग से पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, 58 हजार रुपये की पूरी राशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस जमा करा दी गई। इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक महेंद्र नाथ सिंह, कांस्टेबल मुकेश यादव, कांस्टेबल अखिलेश कुमार और महिला कांस्टेबल सूबी पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बलरामपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके और उसे वापस दिलाया जा सके।1