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यह वीडियो देख का लगेगा की क्या किया होगा इंजीनियर नेपाल नेपाल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग में है वीडियो में देखिए ओके
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- गढ़वा सरकारी स्कूलों का हाल डूब गया सरकारी स्कूल, मचा हाहाकार गढ़वा में भारी बारिश और बाढ़ से सरकारी स्कूलों की हालत बदहाल हो गई है। स्कूल परिसर में भरा पानी और बिगड़े हालात से बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है। आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?1
- बाबा रामपाल का नाम एक बार फिर चर्चा में है। कभी सरकारी इंजीनियर रहे रामपाल ने खुद को कबीर का अवतार बताया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में अनुयायी जुटा लिए। हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा, जेल में लंबा वक्त और अब जमानत पर बाहर आने के बाद भी भक्तों की दीवानगी बरकरार है। आलीशान गाड़ियों से लेकर AC वाले ठाठ तक, सवाल यही है कि मोह-माया छोड़ने का ज्ञान देने वाले बाबाओं की अपनी जिंदगी इतनी शाही क्यों है? संत रामपाल (बाबा रामपाल) धार्मिक उपदेशक बनने से पहले हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (कनिष्ठ अभियंता) के पद पर नौकरी करते थे। शिक्षा: उन्होंने निलोखेरी (करनाल) से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। नौकरी: पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें हरियाणा सरकार में सिंचाई विभाग में नौकरी मिल गई थी, जहाँ उन्होंने करीब 18 वर्षों तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम किया। धार्मिक मार्ग: वर्ष 1988 में उनकी मुलाकात कबीरपंथी गुरु स्वामी रामदेवानंद से हुई, जिसके बाद उनका झुकाव आध्यात्म की ओर हुआ। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2000 में अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से सत्संग व आध्यात्मिक प्रचार से जुड़ गए। क्या आप संत रामपाल के जीवन या ससतलोक आश्रम विवाद के बारे में कोई अन्य जानकारी चाहते हैं? बाबा रामपाल को 19 नवंबर 2014 को हरियाणा के हिसार स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस के साथ हुए हिंसक गतिरोध और टकराव के बाद गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। [1] जेल जाने के मुख्य कारण: हिंसक संघर्ष: पुलिस जब उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार करने बरवाला आश्रम गई, तो उनके समर्थकों ने भारी विरोध किया और हिंसा भड़क उठी। [1, 2] जनहानि: इस हिंसक झड़प और भगदड़ में कई महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। [1, 2] गंभीर मामले: रामपाल और उनके समर्थकों पर हत्या, हत्या का प्रयास, देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। [1, 2, 3] उम्रकैद की सजा: साल 2018 में हिसार की अदालत ने उन्हें और उनके कई साथियों को हत्या के मामलों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। संत रामपाल (सतलोक आश्रम के संस्थापक) के नाम पर व्यक्तिगत रूप से कोई घोषित कुल संपत्ति (Net Worth) नहीं है। हालांकि, पुलिस जांच, मीडिया रिपोर्ट्स और उनके ट्रस्ट (डेरे) के रिकॉर्ड के अनुसार, उनके द्वारा संचालित सतलोक आश्रम और उनके संगठन के पास अरबों रुपये का साम्राज्य और चल-अचल संपत्ति है।रामपाल और उनके संगठन से जुड़ी संपत्तियों का ब्यौरा नीचे दिया गया है:1. आश्रम और रियल एस्टेट (Real Estate)बरवाला आश्रम (हरियाणा): हरियाणा के हिसार (बरवाला) में स्थित उनका मुख्य सतलोक आश्रम करीब 12 एकड़ में फैला हुआ है, जिसकी कीमत लगभग ₹100 करोड़ आंकी गई थी। इस भव्य आश्रम में अत्याधुनिक सुविधाएं, स्विमिंग पूल, और एसी कमरे मौजूद हैं।अन्य राज्यों में जमीन: पुलिस पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया था कि उनके संगठन के पास मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे कई राज्यों में सैकड़ों एकड़ जमीन और कई अन्य आश्रम हैं। उदाहरण के लिए, अकेले मध्य प्रदेश के बैतुल में ही विशाल जमीन और निर्माण कार्य शामिल थे।2. कमर्शियल बिजनेस और वाहन (Business & Vehicles)ट्रांसपोर्ट कंपनी: रामपाल के करीबियों और ट्रस्ट से जुड़ी एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी का खुलासा हुआ था, जिसके पास 400 से 500 तक बड़े ट्रोले/ट्रक मौजूद हैं।लक्जरी गाड़ियां: उनके बेड़े में BMW और मर्सिडीज (Mercedes) जैसी कई महंगी और लक्जरी कारें शामिल रही हैं।3. समर्थकों और अनुयायियों का तर्कसंत रामपाल के अनुयायियों और उनके आधिकारिक मंचों का कहना है कि यह संपत्ति संत रामपाल की निजी संपत्ति नहीं है। उनके अनुसार, भक्तों द्वारा जो भी दान या गुप्त दान आता है, उसे समाज कल्याण, मुफ्त भोजन (भंडारा), और आश्रमों के संचालन में ही पूरी तरह खर्च किया जाता है।नोट: अप्रैल 2026 में, रामपाल को 11 साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद देशद्रोह के एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली है। वर्तमान में उनकी अधिकांश बड़ी संपत्तियां और आश्रम कानूनी प्रक्रियाओं, सरकारी निगरानी या अदालती मामलों के अधीन हैं।1
- तेज बारिश में रंका जैव विविधता पार्क का तालाब और सड़क बही, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल इस संबंध में आज मंगलवार दो बजे ग्रामीणों ने बताया कि रंका में मंगलवार को हुई तेज वर्षा के कारण जैव विविधता पार्क स्थित तालाब का हिस्सा टूट गया और तालाब के ऊपर बनी सड़क भी पानी के तेज बहाव में बह गई। घटना के बाद ग्रामीणों में विभागीय कार्य की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बताया कि लगातार तेज बारिश के कारण तालाब में पानी का दबाव बढ़ गया, जिससे तालाब का किनारा टूट गया और उसके ऊपर बनी सड़क का बड़ा हिस्सा पानी में बह गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब बारिश के कारण यहां तालाब और सड़क को नुकसान पहुंचा है। पिछले वर्ष भी तेज बारिश के दौरान इसी स्थान पर तालाब एवं सड़क का हिस्सा बह गया था। इसके बावजूद समय रहते स्थायी रूप से सुधार एवं मजबूती का कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता और पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था होती, तो बार-बार इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सड़क बहने से लोगों के आवागमन में भी परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त तालाब और सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।1
- बाईक से अनियत्रित हो गिरे युवक का इलाज के दौरान मौत भाई के तहरीर पर म्योरपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही मे जुटी बाईक से अनियत्रित हो गिरे युवक का इलाज के दौरान मौत भाई के तहरीर पर म्योरपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही मे जुटी1
- डीएम ने मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल का किया औचक निरीक्षण मोहनिया कैमूर:-जिले के नए जिलाधिकारी कुमार अनुराग ने मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद अस्पताल में यह उनका पहला दौरा था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं की गहन समीक्षा की। डीएम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अस्पताल में नए ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित अभियंताओं और संवेदकों की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा की जाएगी और यदि कोई लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नए डॉक्टरों तथा GNM/ANM की पदस्थापना की जा रही है। उन्होंने लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ न केवल वेतन रोकने, बल्कि विधिवत विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिए हैं। इसके साथ ही, डीएम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभान्वित होने वाले मरीजों की संख्या और जन औषधि केंद्र से मिलने वाली दवाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्थिति में मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और दलालों के हस्तक्षेप पर पूर्ण विराम लगे, ताकि जरूरतमंदों को समुचित स्वास्थ्य लाभ मिल सके। बाइट - कुमार अनुराग - जिलाधिकारी कैमूर2
- इसइंजीनियरगकोनेपालरतमिलनाचाहिए कया घर नाया हैं 💰💸💸😭😭1
- डूबने वाला है गढ़वा का बस स्टैंड, सभी यात्रीगण हैरान व परेशान गढ़वा बस स्टैंड में भारी जलभराव से हालात बेहद खराब नजर आ रहे हैं। सड़कें पानी में डूबी हैं और बस यात्रियों समेत आम लोग काफी परेशान हैं। लगातार बढ़ते पानी से बस स्टैंड के डूबने का खतरा बना हुआ है।1
- तेज बारिश में गिरे 11 बिजली पोल, विभाग और ग्रामीणों की मेहनत से गोता टोला भलुआनी में फिर जगमग हुई बिजली आज मंगलवार तीन बजे दिन में ग्रामीण ने बताया कि सोनदाग पंचायत के भलुआनी गांव स्थित गोता टोला में तेज वर्षा के कारण बिजली के करीब 11 पोल गिर जाने से गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। बिजली गुल होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी भाजपा दक्षिणी महामंत्री मनोज कुमार ठाकुर को दी। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर बिजली व्यवस्था बहाल कराने की पहल की। मनोज कुमार ठाकुर के प्रयास के बाद बिजली विभाग की ओर से संजू मिस्त्री को मौके पर भेजा गया। संजू मिस्त्री ने ग्रामीणों के सहयोग से गिरे हुए बिजली पोल एवं क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। इस दौरान तेज बारिश और खराब परिस्थितियों के बावजूद बिजली कर्मी एवं ग्रामीण लगातार कार्य में जुटे रहे। काफी मेहनत और प्रयास के बाद बिजली लाइन को दुरुस्त कर गोता टोला भलुआनी में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं रहने से घरों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, पेयजल की व्यवस्था और रोजमर्रा के कार्यों में भी काफी परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जेई सहित संबंधित कर्मियों का आभार जताया और कहा कि विभाग ने तत्परता दिखाते हुए समस्या का समाधान कराया। इस कार्य में कामेश्वर सिंह, रामचंद्र सिंह, रमेश सिंह, छठु सिंह, राजेश सिंह, बिगन राम, रविंद्र सिंह, राजिंद्र सिंह, संतोष सिंह, हरी राम सहित गोता टोला के कई ग्रामीणों ने संजू मिस्त्री का सहयोग किया। ग्रामीणों की एकजुटता और बिजली विभाग की तत्परता से आखिरकार गोता टोला एक बार फिर बिजली की रोशनी से जगमगा उठा।1
- 7.8% growth. Strong numbers. Even stronger confidence 7.8% growth. Strong numbers. Even stronger confidence1