बाबा रामपाल का नाम एक बार फिर चर्चा में है। कभी सरकारी इंजीनियर रहे रामपाल ने खुद को कबीर का अवतार बताया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में अनुयायी जुटा लिए। हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा, जेल में लंबा वक्त और अब जमानत पर बाहर आने के बाद भी भक्तों की दीवानगी बरकरार है। आलीशान गाड़ियों से लेकर AC वाले ठाठ तक, सवाल यही है कि मोह-माया छोड़ने का ज्ञान देने वाले बाबाओं की अपनी जिंदगी इतनी शाही क्यों है? संत रामपाल (बाबा रामपाल) धार्मिक उपदेशक बनने से पहले हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (कनिष्ठ अभियंता) के पद पर नौकरी करते थे। शिक्षा: उन्होंने निलोखेरी (करनाल) से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। नौकरी: पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें हरियाणा सरकार में सिंचाई विभाग में नौकरी मिल गई थी, जहाँ उन्होंने करीब 18 वर्षों तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम किया। धार्मिक मार्ग: वर्ष 1988 में उनकी मुलाकात कबीरपंथी गुरु स्वामी रामदेवानंद से हुई, जिसके बाद उनका झुकाव आध्यात्म की ओर हुआ। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2000 में अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से सत्संग व आध्यात्मिक प्रचार से जुड़ गए। क्या आप संत रामपाल के जीवन या ससतलोक आश्रम विवाद के बारे में कोई अन्य जानकारी चाहते हैं? बाबा रामपाल को 19 नवंबर 2014 को हरियाणा के हिसार स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस के साथ हुए हिंसक गतिरोध और टकराव के बाद गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। [1] जेल जाने के मुख्य कारण: हिंसक संघर्ष: पुलिस जब उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार करने बरवाला आश्रम गई, तो उनके समर्थकों ने भारी विरोध किया और हिंसा भड़क उठी। [1, 2] जनहानि: इस हिंसक झड़प और भगदड़ में कई महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। [1, 2] गंभीर मामले: रामपाल और उनके समर्थकों पर हत्या, हत्या का प्रयास, देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। [1, 2, 3] उम्रकैद की सजा: साल 2018 में हिसार की अदालत ने उन्हें और उनके कई साथियों को हत्या के मामलों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। संत रामपाल (सतलोक आश्रम के संस्थापक) के नाम पर व्यक्तिगत रूप से कोई घोषित कुल संपत्ति (Net Worth) नहीं है। हालांकि, पुलिस जांच, मीडिया रिपोर्ट्स और उनके ट्रस्ट (डेरे) के रिकॉर्ड के अनुसार, उनके द्वारा संचालित सतलोक आश्रम और उनके संगठन के पास अरबों रुपये का साम्राज्य और चल-अचल संपत्ति है।रामपाल और उनके संगठन से जुड़ी संपत्तियों का ब्यौरा नीचे दिया गया है:1. आश्रम और रियल एस्टेट (Real Estate)बरवाला आश्रम (हरियाणा): हरियाणा के हिसार (बरवाला) में स्थित उनका मुख्य सतलोक आश्रम करीब 12 एकड़ में फैला हुआ है, जिसकी कीमत लगभग ₹100 करोड़ आंकी गई थी। इस भव्य आश्रम में अत्याधुनिक सुविधाएं, स्विमिंग पूल, और एसी कमरे मौजूद हैं।अन्य राज्यों में जमीन: पुलिस पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया था कि उनके संगठन के पास मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे कई राज्यों में सैकड़ों एकड़ जमीन और कई अन्य आश्रम हैं। उदाहरण के लिए, अकेले मध्य प्रदेश के बैतुल में ही विशाल जमीन और निर्माण कार्य शामिल थे।2. कमर्शियल बिजनेस और वाहन (Business & Vehicles)ट्रांसपोर्ट कंपनी: रामपाल के करीबियों और ट्रस्ट से जुड़ी एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी का खुलासा हुआ था, जिसके पास 400 से 500 तक बड़े ट्रोले/ट्रक मौजूद हैं।लक्जरी गाड़ियां: उनके बेड़े में BMW और मर्सिडीज (Mercedes) जैसी कई महंगी और लक्जरी कारें शामिल रही हैं।3. समर्थकों और अनुयायियों का तर्कसंत रामपाल के अनुयायियों और उनके आधिकारिक मंचों का कहना है कि यह संपत्ति संत रामपाल की निजी संपत्ति नहीं है। उनके अनुसार, भक्तों द्वारा जो भी दान या गुप्त दान आता है, उसे समाज कल्याण, मुफ्त भोजन (भंडारा), और आश्रमों के संचालन में ही पूरी तरह खर्च किया जाता है।नोट: अप्रैल 2026 में, रामपाल को 11 साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद देशद्रोह के एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली है। वर्तमान में उनकी अधिकांश बड़ी संपत्तियां और आश्रम कानूनी प्रक्रियाओं, सरकारी निगरानी या अदालती मामलों के अधीन हैं।
बाबा रामपाल का नाम एक बार फिर चर्चा में है। कभी सरकारी इंजीनियर रहे रामपाल ने खुद को कबीर का अवतार बताया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में अनुयायी जुटा लिए। हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा, जेल में लंबा वक्त और अब जमानत पर बाहर आने के बाद भी भक्तों की दीवानगी बरकरार है। आलीशान गाड़ियों से लेकर AC वाले ठाठ तक, सवाल यही है कि मोह-माया छोड़ने का ज्ञान देने वाले बाबाओं की अपनी जिंदगी इतनी शाही क्यों है? संत रामपाल (बाबा रामपाल) धार्मिक उपदेशक बनने से पहले हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर (कनिष्ठ अभियंता) के पद पर नौकरी करते थे। शिक्षा: उन्होंने निलोखेरी (करनाल) से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। नौकरी: पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें हरियाणा सरकार में सिंचाई विभाग में नौकरी मिल गई थी, जहाँ उन्होंने करीब 18 वर्षों तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम किया। धार्मिक मार्ग: वर्ष 1988 में उनकी मुलाकात कबीरपंथी गुरु स्वामी रामदेवानंद से हुई, जिसके बाद उनका झुकाव आध्यात्म की ओर हुआ। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2000 में अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से सत्संग व आध्यात्मिक प्रचार से जुड़ गए। क्या आप संत रामपाल के जीवन या ससतलोक आश्रम विवाद के बारे में कोई अन्य जानकारी चाहते हैं? बाबा रामपाल को 19 नवंबर 2014 को हरियाणा के हिसार स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस के साथ हुए हिंसक गतिरोध और टकराव के बाद गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। [1] जेल जाने के मुख्य कारण: हिंसक संघर्ष: पुलिस जब उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार करने बरवाला आश्रम गई, तो उनके समर्थकों ने भारी विरोध किया और हिंसा भड़क उठी। [1, 2] जनहानि: इस हिंसक झड़प और भगदड़ में कई महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। [1, 2] गंभीर मामले: रामपाल और उनके समर्थकों पर हत्या, हत्या का प्रयास, देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। [1, 2, 3] उम्रकैद की सजा: साल 2018 में हिसार की अदालत ने उन्हें और उनके कई साथियों को हत्या के मामलों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। संत रामपाल (सतलोक आश्रम के संस्थापक) के नाम पर व्यक्तिगत रूप से कोई घोषित कुल संपत्ति (Net Worth) नहीं है। हालांकि, पुलिस जांच, मीडिया रिपोर्ट्स और उनके ट्रस्ट (डेरे) के रिकॉर्ड के अनुसार, उनके द्वारा संचालित सतलोक आश्रम और उनके संगठन के पास अरबों रुपये का साम्राज्य और चल-अचल संपत्ति है।रामपाल और उनके संगठन से जुड़ी संपत्तियों का ब्यौरा नीचे दिया गया है:1. आश्रम और रियल एस्टेट (Real Estate)बरवाला आश्रम (हरियाणा): हरियाणा के हिसार (बरवाला) में स्थित उनका मुख्य सतलोक आश्रम करीब 12 एकड़ में फैला हुआ है, जिसकी कीमत लगभग ₹100 करोड़ आंकी गई थी। इस भव्य आश्रम में अत्याधुनिक सुविधाएं, स्विमिंग पूल, और एसी कमरे मौजूद हैं।अन्य राज्यों में जमीन: पुलिस पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया था कि उनके संगठन के पास मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे कई राज्यों में सैकड़ों एकड़ जमीन और कई अन्य आश्रम हैं। उदाहरण के लिए, अकेले मध्य प्रदेश के बैतुल में ही विशाल जमीन और निर्माण कार्य शामिल थे।2. कमर्शियल बिजनेस और वाहन (Business & Vehicles)ट्रांसपोर्ट कंपनी: रामपाल के करीबियों और ट्रस्ट से जुड़ी एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी का खुलासा हुआ था, जिसके पास 400 से 500 तक बड़े ट्रोले/ट्रक मौजूद हैं।लक्जरी गाड़ियां: उनके बेड़े में BMW और मर्सिडीज (Mercedes) जैसी कई महंगी और लक्जरी कारें शामिल रही हैं।3. समर्थकों और अनुयायियों का तर्कसंत रामपाल के अनुयायियों और उनके आधिकारिक मंचों का कहना है कि यह संपत्ति संत रामपाल की निजी संपत्ति नहीं है। उनके अनुसार, भक्तों द्वारा जो भी दान या गुप्त दान आता है, उसे समाज कल्याण, मुफ्त भोजन (भंडारा), और आश्रमों के संचालन में ही पूरी तरह खर्च किया जाता है।नोट: अप्रैल 2026 में, रामपाल को 11 साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद देशद्रोह के एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली है। वर्तमान में उनकी अधिकांश बड़ी संपत्तियां और आश्रम कानूनी प्रक्रियाओं, सरकारी निगरानी या अदालती मामलों के अधीन हैं।
- गढ़वा में बाढ़ का कहर गोविंद हाई स्कूल गेट डूबा, मचा हाहाकार गढ़वा में बाढ़ का कहर, गोविंद हाई स्कूल का गेट पानी में डूबा। चारों तरफ जलजमाव से लोगों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल। हालात देखकर स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता, मचा हाहाकार।1
- शिक्षा व्यवस्था को लेकर संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना। शिक्षा व्यवस्था को लेकर संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना।1
- Garhwa Jharkhand के अंतराजकिये बस स्टेन में पानी भर जेन लोगहुए परेशान l 31/08/2026 को गढ़वा झारखंड के साथ-साथ बिहार ओडिशा बंगाल नेपाल इतयiदी छेत्रो में जोरदार बारिश हुई l 31 अगस्त 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी (Extremely Heavy) बारिश हुई है। इसके अलावा देश के लगभग 18 से 19 राज्यों में मूसलाधार और मध्यम बारिश दर्ज की गई है। [1, 2, 3, 4] मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्यों में बारिश की स्थिति इस प्रकार रही: [1] 1. अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) छत्तीसगढ़: राज्य के कई हिस्सों (जैसे बलरामपुर और मनेंद्रगढ़ जिलों) में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। ओडिशा: यहां भी कुछ स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हुई। [1, 2, 3] 2. बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) इन राज्यों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी पानी बरसा: [1] उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे प्रयागराज और आसपास के इलाके) बिहार झारखंड असम और मेघालय [1, 2] 3. भारी बारिश (Heavy Rainfall) इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक जोरदार बारिश दर्ज की गई: [1] उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पश्चिम बंगाल (गंगा के मैदानी इलाके) मध्य प्रदेश (पूर्वी हिस्सा) पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा [1] इसके विपरीत, दिल्ली-NCR और पश्चिमी राजस्थान जैसे इलाकों में मौसम मुख्य रूप से सामान्य रहा या सिर्फ हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिली। [1, 2]1
- तेज बारिश में रंका जैव विविधता पार्क का तालाब और सड़क बही, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल इस संबंध में आज मंगलवार दो बजे ग्रामीणों ने बताया कि रंका में मंगलवार को हुई तेज वर्षा के कारण जैव विविधता पार्क स्थित तालाब का हिस्सा टूट गया और तालाब के ऊपर बनी सड़क भी पानी के तेज बहाव में बह गई। घटना के बाद ग्रामीणों में विभागीय कार्य की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बताया कि लगातार तेज बारिश के कारण तालाब में पानी का दबाव बढ़ गया, जिससे तालाब का किनारा टूट गया और उसके ऊपर बनी सड़क का बड़ा हिस्सा पानी में बह गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब बारिश के कारण यहां तालाब और सड़क को नुकसान पहुंचा है। पिछले वर्ष भी तेज बारिश के दौरान इसी स्थान पर तालाब एवं सड़क का हिस्सा बह गया था। इसके बावजूद समय रहते स्थायी रूप से सुधार एवं मजबूती का कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता और पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था होती, तो बार-बार इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सड़क बहने से लोगों के आवागमन में भी परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त तालाब और सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।1
- मुखिया ने लालगढ़ फुटहरवा टोला मध्य विद्यालय का किया निरीक्षण,मिड-डे मील गड़बड़ी की ली जानकारी बच्चों को तय मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने पर शिकायत के बाद लालगढ़ ग्राम पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने फुटहरवा टोला स्थित उत्क्रमित मध्य का निरीक्षण किया। जहां मिड डे मिल मध्यान भोजन में गड़बड़ी की उजागर हुई। स्कूलों में तय शेड्यूल और गुणवत्ता के अनुसार पौष्टिक भोजन बच्चों को नहीं मिल रहा है।1
- बारिश में न्यू प्राथमिक विद्यालय गोलपा बना मुसीबत का घर, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल पांडू। प्रखंड अंतर्गत न्यू प्राथमिक विद्यालय गोलपा इन दिनों बारिश के कारण बदहाली की तस्वीर बन गया है। विद्यालय परिसर में चारों ओर पानी जमा होने से छोटे-छोटे बच्चों का स्कूल पहुंचना और कक्षाओं से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। एक ओर बाकी नदी उफान पर है, वहीं दूसरी ओर खेतों का पानी विद्यालय परिसर से होकर गुजर रहा है। सबसे गंभीर स्थिति विद्यालय भवन की है। लगातार बारिश के कारण भवन की दीवार के नीचे से मिट्टी का कटाव हो रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़ा हो गया है। शिक्षकों को आशंका है कि यदि समय रहते कटाव नहीं रोका गया तो भवन को नुकसान पहुंच सकता है। विद्यालय में न तो पर्याप्त बाउंड्री वॉल है और न ही बारिश के पानी से बचाव की समुचित व्यवस्था। ऊपर से विद्यालय परिसर में स्थानीय लोगों द्वारा पशुओं को बांधने के लिए इस्तेमाल किए जाने से इसकी स्थिति और खराब हो गई है। हालात देखकर लगता है कि विद्यालय कम और पशुशाला अधिक बन गया है। विद्यालय के शिक्षक मुखलाल राम ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने दूसरे तरफ बहने वाले पानी का रुख विद्यालय परिसर की ओर मोड़ दिया है। शिक्षक द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद पानी की निकासी को लेकर समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है और विद्यालय भवन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों और शिक्षकों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी, मिट्टी कटाव रोकने, बाउंड्री वॉल निर्माण और विद्यालय परिसर को अतिक्रमण व पशुओं से मुक्त कराने की मांग की है।2
- यह वीडियो देख का लगेगा की क्या किया होगा इंजीनियर नेपाल नेपाल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग में है वीडियो में देखिए ओके1
- गढ़वा सरकारी स्कूलों का हाल डूब गया सरकारी स्कूल, मचा हाहाकार गढ़वा में भारी बारिश और बाढ़ से सरकारी स्कूलों की हालत बदहाल हो गई है। स्कूल परिसर में भरा पानी और बिगड़े हालात से बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है। आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?1