Shuru
Apke Nagar Ki App…
गढ़वा में बाढ़ का कहर गोविंद हाई स्कूल गेट डूबा, मचा हाहाकार गढ़वा में बाढ़ का कहर, गोविंद हाई स्कूल का गेट पानी में डूबा। चारों तरफ जलजमाव से लोगों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल। हालात देखकर स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता, मचा हाहाकार।
Green Line News, Md Mostaque
गढ़वा में बाढ़ का कहर गोविंद हाई स्कूल गेट डूबा, मचा हाहाकार गढ़वा में बाढ़ का कहर, गोविंद हाई स्कूल का गेट पानी में डूबा। चारों तरफ जलजमाव से लोगों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल। हालात देखकर स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता, मचा हाहाकार।
More news from झारखंड and nearby areas
- गढ़वा में बाढ़ का कहर गोविंद हाई स्कूल गेट डूबा, मचा हाहाकार गढ़वा में बाढ़ का कहर, गोविंद हाई स्कूल का गेट पानी में डूबा। चारों तरफ जलजमाव से लोगों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल। हालात देखकर स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता, मचा हाहाकार।1
- शिक्षा व्यवस्था को लेकर संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना। शिक्षा व्यवस्था को लेकर संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना।1
- Garhwa Jharkhand के अंतराजकिये बस स्टेन में पानी भर जेन लोगहुए परेशान l 31/08/2026 को गढ़वा झारखंड के साथ-साथ बिहार ओडिशा बंगाल नेपाल इतयiदी छेत्रो में जोरदार बारिश हुई l 31 अगस्त 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी (Extremely Heavy) बारिश हुई है। इसके अलावा देश के लगभग 18 से 19 राज्यों में मूसलाधार और मध्यम बारिश दर्ज की गई है। [1, 2, 3, 4] मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्यों में बारिश की स्थिति इस प्रकार रही: [1] 1. अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) छत्तीसगढ़: राज्य के कई हिस्सों (जैसे बलरामपुर और मनेंद्रगढ़ जिलों) में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। ओडिशा: यहां भी कुछ स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हुई। [1, 2, 3] 2. बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) इन राज्यों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी पानी बरसा: [1] उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे प्रयागराज और आसपास के इलाके) बिहार झारखंड असम और मेघालय [1, 2] 3. भारी बारिश (Heavy Rainfall) इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक जोरदार बारिश दर्ज की गई: [1] उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पश्चिम बंगाल (गंगा के मैदानी इलाके) मध्य प्रदेश (पूर्वी हिस्सा) पूर्वोत्तर राज्य: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा [1] इसके विपरीत, दिल्ली-NCR और पश्चिमी राजस्थान जैसे इलाकों में मौसम मुख्य रूप से सामान्य रहा या सिर्फ हल्की बूंदाबांदी ही देखने को मिली। [1, 2]1
- तेज बारिश में रंका जैव विविधता पार्क का तालाब और सड़क बही, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल इस संबंध में आज मंगलवार दो बजे ग्रामीणों ने बताया कि रंका में मंगलवार को हुई तेज वर्षा के कारण जैव विविधता पार्क स्थित तालाब का हिस्सा टूट गया और तालाब के ऊपर बनी सड़क भी पानी के तेज बहाव में बह गई। घटना के बाद ग्रामीणों में विभागीय कार्य की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बताया कि लगातार तेज बारिश के कारण तालाब में पानी का दबाव बढ़ गया, जिससे तालाब का किनारा टूट गया और उसके ऊपर बनी सड़क का बड़ा हिस्सा पानी में बह गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब बारिश के कारण यहां तालाब और सड़क को नुकसान पहुंचा है। पिछले वर्ष भी तेज बारिश के दौरान इसी स्थान पर तालाब एवं सड़क का हिस्सा बह गया था। इसके बावजूद समय रहते स्थायी रूप से सुधार एवं मजबूती का कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता और पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था होती, तो बार-बार इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। सड़क बहने से लोगों के आवागमन में भी परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से स्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त तालाब और सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।1
- मुखिया ने लालगढ़ फुटहरवा टोला मध्य विद्यालय का किया निरीक्षण,मिड-डे मील गड़बड़ी की ली जानकारी बच्चों को तय मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने पर शिकायत के बाद लालगढ़ ग्राम पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने फुटहरवा टोला स्थित उत्क्रमित मध्य का निरीक्षण किया। जहां मिड डे मिल मध्यान भोजन में गड़बड़ी की उजागर हुई। स्कूलों में तय शेड्यूल और गुणवत्ता के अनुसार पौष्टिक भोजन बच्चों को नहीं मिल रहा है।1
- बारिश में न्यू प्राथमिक विद्यालय गोलपा बना मुसीबत का घर, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल पांडू। प्रखंड अंतर्गत न्यू प्राथमिक विद्यालय गोलपा इन दिनों बारिश के कारण बदहाली की तस्वीर बन गया है। विद्यालय परिसर में चारों ओर पानी जमा होने से छोटे-छोटे बच्चों का स्कूल पहुंचना और कक्षाओं से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। एक ओर बाकी नदी उफान पर है, वहीं दूसरी ओर खेतों का पानी विद्यालय परिसर से होकर गुजर रहा है। सबसे गंभीर स्थिति विद्यालय भवन की है। लगातार बारिश के कारण भवन की दीवार के नीचे से मिट्टी का कटाव हो रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़ा हो गया है। शिक्षकों को आशंका है कि यदि समय रहते कटाव नहीं रोका गया तो भवन को नुकसान पहुंच सकता है। विद्यालय में न तो पर्याप्त बाउंड्री वॉल है और न ही बारिश के पानी से बचाव की समुचित व्यवस्था। ऊपर से विद्यालय परिसर में स्थानीय लोगों द्वारा पशुओं को बांधने के लिए इस्तेमाल किए जाने से इसकी स्थिति और खराब हो गई है। हालात देखकर लगता है कि विद्यालय कम और पशुशाला अधिक बन गया है। विद्यालय के शिक्षक मुखलाल राम ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने दूसरे तरफ बहने वाले पानी का रुख विद्यालय परिसर की ओर मोड़ दिया है। शिक्षक द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद पानी की निकासी को लेकर समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है और विद्यालय भवन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों और शिक्षकों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी, मिट्टी कटाव रोकने, बाउंड्री वॉल निर्माण और विद्यालय परिसर को अतिक्रमण व पशुओं से मुक्त कराने की मांग की है।2
- यह वीडियो देख का लगेगा की क्या किया होगा इंजीनियर नेपाल नेपाल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग में है वीडियो में देखिए ओके1
- गढ़वा सरकारी स्कूलों का हाल डूब गया सरकारी स्कूल, मचा हाहाकार गढ़वा में भारी बारिश और बाढ़ से सरकारी स्कूलों की हालत बदहाल हो गई है। स्कूल परिसर में भरा पानी और बिगड़े हालात से बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है। आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?1