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बीजेपी पर संकट गहरा गया है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
रवि कुमार आजाद
बीजेपी पर संकट गहरा गया है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
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- बीजेपी पर संकट गहरा गया है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।1
- हरिद्वार जिले के लक्सर स्थित शिव चौक पर सैनी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में सैनी समाज के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान सैनी समाज ने लक्सर विधानसभा से सबसे बड़ी पार्टी भाजपा से टिकट दिए जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। बैठक में सैनी समाज ने अपनी एकता पर जोर देते हुए महाराजा भागीरथ की प्रतिमा अपने खर्चे पर स्थापित करने का भी ऐलान किया। डॉक्टर रिशिपाल सैनी फतवा ने स्पष्ट किया कि जब तक सैनी समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक समाज को कुछ भी हासिल नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि सैनी समाज अपने खर्च पर महाराजा भागीरथ की प्रतिमा स्थापित करेगा और एकजुट होकर लक्सर विधानसभा से टिकट की मांग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नगर पालिका लक्सर, शिव चौक पर महाराजा भागीरथ की मूर्ति लगाती है, तो सैनी समाज के लोग इतने मजबूत और आर्थिक रूप से सक्षम हैं कि वे अपने खर्चे से यह काम कर सकते हैं। डॉक्टर सुभाष सैनी ने बताया कि आज की बैठक महाराजा भागीरथ की मूर्ति को लेकर हुई है, जिसका मुख्य बल सैनी समाज की एकता पर था। उन्होंने अपनी भाजपा से पहले से ही जुड़ाव की बात कही और बताया कि वे हमेशा भाजपा को ही वोट देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि टिकट तय हो जाने के बाद बिरादरी की एक और बैठक बुलाई जाएगी, और बिरादरी जिस दिशा में चलेगी, उसी अनुसार वोट दिया जाएगा। सैनी समाज के जिलाध्यक्ष बाबूराम सैनी ने कहा कि महाराजा भागीरथ की मूर्ति पर हो रही राजनीति को शांत करने के उद्देश्य से यह मुख्य लोगों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें यह तय किया गया है कि महाराजा भागीरथ की मूर्ति सैनी समाज के सौजन्य से ही स्थापित की जाएगी।1
- योगी सरकार से गाँवों में स्थित तालाबों की गहन जाँच कराने की मांग की गई है। यह मांग इस आधार पर उठाई गई है कि वर्तमान में गाँवों में बहुत अधिक गंदगी व्याप्त है। आग्रह करने वालों का मानना है कि यदि इन तालाबों की उचित तरीके से जाँच और देखरेख की जाती है, तो यह गाँवों की स्वच्छता में सुधार के लिए एक अत्यंत सकारात्मक और प्रभावशाली कदम सिद्ध होगा।1
- लक्सर के शिव चौक स्थित स्वागत गेस्ट हाउस में सैनी समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने महाराजा भागीरथ की मूर्ति की स्थापना अपने स्वयं के खर्चे पर कराने का निर्णय लिया। सैनी समाज ने नेताओं द्वारा महाराजा भागीरथ की मूर्ति को लेकर की जा रही राजनीति को बंद किए जाने पर भी विशेष जोर दिया। इसी बैठक के दौरान, सैनी समाज ने आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से अपने समाज के लिए टिकट की मांग भी रखी।1
- लक्सर के शिव चौक पर सैनी समाज की एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज की एकता को मजबूत करने, राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महाराजा भागीरथ की प्रतिमा स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक के दौरान, समाज के नेताओं ने लक्सर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा सैनी समाज के उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की पुरज़ोर मांग उठाई। इसके साथ ही, यह भी घोषणा की गई कि महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को समाज अपने स्वयं के खर्चे पर स्थापित करेगा, जो उनकी एकजुटता और स्वावलंबन को दर्शाता है। इस मौके पर डॉ. रिशिपाल फतवा, डॉ. सुभाष सैनी और जिला अध्यक्ष बाबूराम सैनी सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इन नेताओं ने सैनी समाज की एकजुटता और उनके राजनीतिक अधिकारों के महत्व पर ज़ोर दिया, जिससे समाज में नई ऊर्जा और दिशा का संचार हुआ।1
- पूर्व में हमारे चैनल पर एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग की खबर दिखाई गई थी, जिसमें अब एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। फायरिंग के आरोपी व्यक्ति ने खुद हमारे चैनल के माध्यम से एक वीडियो जारी कर अपनी बेगुनाही का दावा किया है और इस पूरे मामले का सच बताया है। आरोपी युवक का कहना है कि उसे फंसाने के लिए यह पूरी कहानी रची गई है। आरोपी के अनुसार, 31 मई 2025 से उसके और उसके परिवार पर लगातार जुल्म किए जा रहे थे, जिसके मानसिक दबाव और प्रताड़ना के चलते उसके बड़े भाई ने तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। पीड़ित परिवार का दुख यहीं नहीं रुका; बड़े भाई की मौत के दो दिन बाद, जब परिवार अस्थि विसर्जन के लिए गया था, तभी करीब 20 से 25 लड़कों ने उनके मकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पिता को भी गोली लगी थी। आरोपी ने यह भी बताया कि विपक्षी लगातार उनके परिवार की महिलाओं को अपशब्द कहता था और हाल ही में 'जडोदा पांडा' में भी उसने झगड़ा किया था। विपक्षी काफी समय से फैसले के लिए दबाव बना रहा था। आरोपी का सबसे बड़ा दावा है कि विपक्षी ने खुद ही अपनी गाड़ी पर गोलियां चलाईं और साजिश के तहत उन्हें फंसाने के लिए एक झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। आरोपी ने हाथ जोड़कर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और असली दोषी को सजा मिल सके।1
- एक संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो आम लोगों के बैंक खातों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को अपने साइबर अपराध का माध्यम बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों अंकित चौहान और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया है, जो सहारनपुर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। आरोपी ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते थे, कभी अपने पिता को कैंसर का मरीज बताकर तो कभी गाड़ी जब्त होने की झूठी कहानी सुनाकर नकद रुपये मांगते थे। नकद लेने के बदले में वे संबंधित व्यक्ति के खाते में ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करते थे। शुरुआत में लोगों को यह सामान्य लेनदेन लगता था, लेकिन कुछ समय बाद उनके बैंक खाते फ्रीज हो जाते थे, तब उन्हें ठगी का अहसास होता था। जांच में पता चला कि यह पैसा साइबर ठगी से हासिल किया गया होता था, जिसके लिए आरोपी विशेष APK फाइलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। ठगी की गई रकम को सीधे CSC सेंटरों और अन्य बैंक खातों में भेजा जाता था ताकि उसके वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके बाद आरोपी नकद रकम को विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) के जरिए अपने साथियों के खातों में जमा कराते थे, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़ी धनराशि के निशान मिटाना और जांच एजेंसियों को गुमराह करना था। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब दाबकी कला गांव के दो CSC संचालकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बहाने बनाकर नकद पैसे लिए और उनके खातों में संदिग्ध रकम डाली, जिसके बाद उनके खाते फ्रीज हो गए और साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई, जिसमें आरोपियों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से कई QR स्कैनर और संदिग्ध लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 48 हजार रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया एक POCO मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी गिरफ्तारी की उम्मीद है।1
- झबरेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सढोली में एक दलित परिवार की जमीन पर अवैध कब्जे और धमकी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने संबंधित अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में एसपी देहात रुड़की और झबरेड़ा पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1