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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को एक 'पाखंडी बाबा' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के अनुसार, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अनपढ़ और अज्ञानी लोगों को ठगने का काम करते हैं। इस कृत्य को स्पष्ट रूप से एक जुर्म करार दिया गया है, और इस पर तीखा सवाल उठाया गया है कि अनपढ़ और अज्ञानी जनता को ठगने जैसे अपराध में शामिल होने के बावजूद, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को किसका संरक्षण प्राप्त है।
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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को एक 'पाखंडी बाबा' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के अनुसार, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अनपढ़ और अज्ञानी लोगों को ठगने का काम करते हैं। इस कृत्य को स्पष्ट रूप से एक जुर्म करार दिया गया है, और इस पर तीखा सवाल उठाया गया है कि अनपढ़ और अज्ञानी जनता को ठगने जैसे अपराध में शामिल होने के बावजूद, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को किसका संरक्षण प्राप्त है।
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- फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज क्षेत्र में एक नया गाना चर्चा में आया है। बताया जा रहा है कि यह गाना एक लड़की पर आधारित है, और यह इस क्षेत्र में इसी तरह का एक और नया गीत है जो लोकप्रिय हुआ है।1
- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को एक 'पाखंडी बाबा' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के अनुसार, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अनपढ़ और अज्ञानी लोगों को ठगने का काम करते हैं। इस कृत्य को स्पष्ट रूप से एक जुर्म करार दिया गया है, और इस पर तीखा सवाल उठाया गया है कि अनपढ़ और अज्ञानी जनता को ठगने जैसे अपराध में शामिल होने के बावजूद, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को किसका संरक्षण प्राप्त है।1
- एटा शहर के परशुराम चौक पर स्थापित भगवान परशुराम के प्रतीक फरसा और धनुष का ढांचा, जिसका अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ था, देर रात धराशायी हो गया। इस घटना को लेकर शहर में खासी चर्चा है और नगर पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात चली हल्की हवा के दौरान यह फरसा और धनुष का ढांचा गिर गया। हालांकि, कुछ लोगों ने यह आशंका भी जताई है कि अज्ञात चोरों ने इसे काटने का प्रयास किया होगा, जिसके चलते यह घटना हुई। सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलने पर ब्राह्मण समाज के दिलीप पचोरी 'बिट्टू' सहित कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप होता तो हल्की हवा में इतनी बड़ी संरचना नहीं गिरती। यदि चोरी के प्रयास की बात सही है, तो यह शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना निर्माण में लापरवाही का नतीजा थी या किसी शरारती तत्व की करतूत।1
- एटा जिले के जलेसर क्षेत्र के ग्राम अल्लेहपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथावाचक रश्मि शास्त्री ने व्यास पूजा के उपरांत गुरु वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर उन्होंने दानवीर महाराज हरिश्चंद्र की पावन कथा का वाचन किया, जिसके दौरान प्रस्तुत किए गए लोकगीतों पर महिलाएं झूमती रहीं। इससे पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।2
- शाहजहांपुर की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कांट में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव मेहरोत्रा का शव उनके सरकारी आवास में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह घटना रविवार सुबह सामने आई, जब स्टाफ के पहुंचने पर सरकारी आवास का गेट काफी देर तक नहीं खुला। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने चिकित्साधिकारी और स्टाफ की मौजूदगी में दरवाजा खोला, जहां डॉ. मेहरोत्रा मृत अवस्था में पाए गए। डॉ. मेहरोत्रा मूल रूप से सीतापुर के निवासी थे और सेवानिवृत्ति के बाद पुनः स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और उनकी मृत्यु के कारणों का स्पष्टीकरण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।1
- फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम भुडिया भेडा में बीते दिनों एक सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- देव नारायण के रिपोर्टर समाचार न्यूज़ के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा में होने के कारण लोग अपनी-अपनी छतों पर खुली हवा ले रहे हैं। रिपोर्टर ने दर्शकों से इस खबर को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर और लाइक करने का आग्रह किया है।1
- फर्रुखाबाद के राजेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमैयापुर पश्चिमी में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है, जहाँ पिछले पाँच सालों से नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके चलते गाँव के कई हिस्सों में सड़कों पर गंदा पानी जमा है, जिससे लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव की कई गलियों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी लगातार सड़कों पर फैला रहता है। इस स्थिति का सबसे ज़्यादा खामियाजा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि नन्हे-मुन्ने बच्चे रोज़ाना इसी गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर धन खर्च होने की बात तो की जाती रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है और जिम्मेदार विभागों की अनदेखी से हालात लगातार खराब हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, तथा गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से बीमारी फैलने का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द नाली निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उनके फोन रिसीव नहीं हुए। अधिकारियों का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।2