Shuru
Apke Nagar Ki App…
Md Javed Ansari
More news from झारखंड and nearby areas
- Post by Md Javed Ansari1
- Post by IYCB1
- हजारीबाग: चौपारण प्रखंड के जमुनिया तरी बिरहोर टोला में पीवीटीजी बिरहोर समुदाय के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक सार्थक कदम उठाया गया है। सीएसआर मद से यहां वाटर प्यूरीफायर स्थापित किया गया है, साथ ही क्षेत्र के विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र में भी बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वाटर प्यूरीफायर लगाए गए हैं। इस व्यवस्था से स्थानीय ग्रामीणों एवं बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके स्वास्थ्य एवं जीवन गुणवत्ता में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में भी मूलभूत बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो।1
- कोडरमा के विधायक डॉ नीरा यादव ने क्या कहा सुनिए...1
- धन्यवाद उपायुक्त महोदय, बड़ी गाड़ियों का समय 9 से बढ़ाकर 11 करने पर जनता आभारी।1
- हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में रामनवमी महोत्सव को लेकर हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्साह चरम पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हजारीबाग की रामनवमी की चर्चा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक होती है। रामभक्तों के इस महापर्व को लेकर शहर में विशेष तैयारियां की जाती हैं और होली के समापन के साथ ही रामनवमी उत्सव की तैयारियां प्रारंभ हो जाती हैं। इसी क्रम में मंगलवार की देर शाम हजारीबाग में भव्य मंगला जुलूस निकाला गया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित रामभक्तों की टोलियां, हाथों में ध्वज-पताका और जयघोष के साथ पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण बना रही थीं। जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों और सामाजिक संगठनों की आकर्षक झांकियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। जैसे ही मंगला जुलूस शहर के प्रमुख स्थल झंडा चौक पहुंचा, वहां रामभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। “जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी जुलूस के स्वागत और दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। प्रशासन और रामनवमी समिति के सहयोग से जुलूस को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनी रही। हजारीबाग की रामनवमी केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक परंपरा और आस्था का भव्य संगम है, जो हर वर्ष लाखों रामभक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आने वाले दिनों में रामनवमी के मुख्य उत्सव को लेकर शहर में और भी भव्य आयोजन होने की संभावना है।1
- रामनवमी महासमिति चुनाव में घमासान! 10 से घटकर 6 प्रत्याशी बचे किसके सिर सजेगा हजारीबाग के ‘महावीरी ताज’ का मुकुट? खबर मन्त्र संवाददाता हजारीबाग: हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी की तैयारियों के बीच महासमिति अध्यक्ष पद का चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती दौर में जहां दस दावेदार मैदान में थे, वहीं नाम वापसी के बाद अब केवल छह प्रत्याशी ही चुनावी जंग में बचे हैं। इस घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया है और शहर भर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। चुनाव समिति के सदस्य महंत विजयानंद दास, बप्पी करण, लब्बू गुप्ता, संदीप सिन्हा और निशांत प्रधान ने प्रेस वार्ता में बताया कि नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। इसके बाद अध्यक्ष पद की दौड़ में अब छह उम्मीदवार आमने-सामने हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं, जिनके सहारे वे अखाड़ों के मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाएंगे। अध्यक्ष पद के लिए दीप प्रकाश को चक्र छाप, अजय दास को स्वास्तिक छाप, पुरुषोत्तम को ॐ छाप, लड्डू उर्फ करण यादव को त्रिशूल छाप, मनीष गोप को गदा छाप तथा दीपक देवराज को शंख छाप चुनाव चिन्ह प्रदान किया गया है। अब यही प्रतीक इस चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों की पहचान बनेंगे और इनके सहारे वे समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। महासमिति के इस चुनाव में मतदान का अधिकार आम लोगों को नहीं बल्कि पंजीकृत अखाड़ों के पदाधिकारियों को दिया गया है। शहर में कुल 104 रजिस्टर्ड अखाड़े हैं और इनके अध्यक्ष तथा सचिव मतदान करेंगे। इसके अलावा महासमिति के पूर्व 22 अध्यक्ष भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस तरह सीमित लेकिन प्रभावशाली मतदाताओं के बीच यह चुनाव तय करेगा कि रामनवमी महासमिति की कमान किसके हाथों में जाएगी। हजारीबाग में रामनवमी का पर्व वर्षों से भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाया जाता रहा है। महावीरी झंडों की शोभायात्रा और अखाड़ों की परंपरा शहर की पहचान बन चुकी है। ऐसे में महासमिति अध्यक्ष का पद केवल एक पद नहीं बल्कि पूरे आयोजन की जिम्मेदारी और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। अब 14 मार्च 2026 को होने वाले मतदान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह चुनाव तय करेगा कि इस बार रामनवमी महोत्सव की अगुवाई कौन करेगा और किसके नेतृत्व में हजारीबाग की परंपरागत रामनवमी और भी भव्य रूप में सामने आएगी। शहर में चर्चाएं तेज हैं और हर अखाड़े में चुनावी समीकरणों की गूंज सुनाई दे रही है।1
- GOVT. SECANDARY SCHOOL BHANDARO का बॉण्डरी का जाली का ये हाल है इसका जिम्मेदार कौन?1