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आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ....
Hari Singh Goutam
आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ....
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- दक्षिण के किसी राज्य का है, लेकिन ये ट्रीटमेंट प्रत्येक राज्य, प्रत्येक पुलिस स्टेशन में दिया जाता है। ज्यादातर जगह इसको "आन मिलो सजना" बोलते हैं। क्षेत्रीय भाषा में इस वस्तु/ट्रीटमेंट के नाम परिवर्तन भी हो सकते हैं।1
- Post by Hari Singh Goutam1
- केरला 2 मूवी देखें अपनी बहन और भाई को ज्यादा से बचाए जय श्री राम 🚩🙏1
- गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने मृतका खुशबू को न्याय के लिए घेरा थरियांव थाना, त्वरित न्याय दिलाने को बुलन्द की आवाज* *जनपद की चरमराई कानून व्यवस्था को लेकर फूटा महिलाओं का आक्रोश, अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में थाने का घेराव कर मुख्यमंत्री को प्रेषित किया तीन सूत्रीय ज्ञापन* *जल्द निस्तारण और न्याय न मिलने की दशा में गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक एसपी आफिस में वृहद आंदोलन को होगा बाध्य: अध्यक्ष हेमलता पटेल* *थाने पहुंच नायब तहसीलदार ने ज्ञापन रिसीव कर शासन स्तर पर मांगों को पहुंचाने और त्वरित न्याय दिलाए जाने का दिलाया भरोसा* शुक्रवार को फतेहपुर जनपद के थरियांव थाने का दृश्य उस समय बदल गया जब गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में गुलाबी ड्रेस में हाथों में लाठी-डंडे लिए सैकड़ों महिलाओं ने थाने पर धावा बोल दिया। औराई गांव की बेटी खुशबू की मौत और पुलिस की शिथिल कार्यशैली से आक्रोशित महिलाओं के गगनभेदी नारों से पूरा थाना परिसर और आसपास का इलाका गूंज उठा | घेराव के दौरान अध्यक्ष हेमलता पटेल ने कहा कि थरियांव पुलिस के संवेदनहीनता के कारण ही बेटी खुशबू ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उन्होंने कहा, "यदि पुलिस पीड़ित खुशबू की शिकायत पर पहले ही संज्ञान ले लेती, तो आज एक मासूम की जान न जाती। थानों में पीड़ितों की त्वरित सुनवाई के बजाय उन्हें दुत्कार कर भगाया जा रहा है, जो अब बर्दाश्त नहीं होगा।" संगठन ने पुलिस उपाधीक्षक (CO) थरियांव के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जिसे रिसीव करने थाने पर नायब तहसीलदार पहुंचीं । ज्ञापन में प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं: हत्यारों को जेल: खुशबू को मौत के मुंह में धकेलने वाले आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी। लापरवाह पुलिस पर कार्रवाई :कर्तव्य में हीलाहवाली करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही तथा कानून व्यवस्था में सुधार: फतेहपुर जनपद में आए दिन हो रही हत्याओं और जघन्य अपराधों पर तत्काल लगाम लगाई जाए और थानों में जनसुनवाई को सुदृढ़ किया जाए। अन्यथा की स्थिति में एसपी ऑफिस के घेराव की चेतावनी दी | अध्यक्ष हेमलता पटेल ने शसन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खुशबू को त्वरित न्याय नहीं मिला और जनपद की चरमराई कानून व्यवस्था में सुधार न हुआ, तो संगठन अब एसपी ऑफिस फतेहपुर पर वृहद आंदोलन एवं अनवरत घेराव के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नायब तहसीलदार ने ज्ञापन रिसीव कर शासन स्तर पर मांगों को पहुंचाने और त्वरित न्याय दिलाए जाने का भरोसा दिलाया | इस विशाल प्रदर्शन में अध्यक्ष हेमलता पटेल के साथ प्रमुख रूप से सरला सिंह, उत्तरा, राजनीति, सरिता, सुमन, शहरून, विनीता, काजल, रानी, रेखा सहित संगठन की बड़ी संख्या में महिलाएं और पीड़ित परिजन मौजूद रहे1
- 👉 दक्षिणी बायपास के रायभा टोल की घटना 👉 सोशल मीडिया पर वायरल हुई विधायक पुत्र की गुंडागर्दी 👉 पीड़ित ने लिखित में दिया- वह नहीं चाहता कानूनी कार्यवाही आगरा के दक्षिणी बाइपास के रायभा टोल प्लाजा पर मंगलवार दोपहर 12 बजे शुल्क मांगने से नाराज विधायक पुत्र का टोलकर्मी से विवाद हो गया। इसके बाद विधायक पुत्र ने थप्पड़ मार दिए। मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। विधायक पुत्र ने भी टोलकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाया। रात को टोलकर्मी ने पुलिस को समझौता पत्र दे दिया। इसके बाद मामले का पटाक्षेप हो गया। दक्षिणी बाइपास के रायभा टोल प्लाजा पर फतेहपुर सीकरी के विधायक चौधरी बाबूलाल के बेटे सुरेश चौधरी अपने साथी संग मथुरा की ओर से 'विधायक' लिखी काले रंग की गाड़ी में सवार होकर लौट रहे थे। टोल प्लाजा पर पहुंचते ही कर्मचारी ने बूम बैरियर गिरा दिया। गाड़ी पर फास्टैग न होने और सत्यापन के लिए रोके जाने पर विधायक पुत्र का विवाद हो गया। वे गाड़ी से उतरे और टोलकर्मी को थप्पड़ लगाए। इस बीच वाहन से दूसरा व्यक्ति उतरा उसने बीचबचाव की कोशिश की। घटना होते ही अन्य टोलकर्मी भी पहुंच गए। प्रबंधक ने पहुंचकर मामला शांत किराया। इसके बाद विधायक पुत्र गाड़ी लेकर निकल गए। इसके दो वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। पहला 42 सेकेंड और दूसरा 56 सेकेंड का है। दोनों ही वीडियो टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे के लग रहे हैं। डीसीपी पश्चिमी आदित्य 3 का कहना है कि टोलकर्मी की ओर क से कोई तहरीर नहीं मिली थी। पुलिस ने रात में उससे संपर्क किया तो उसने समझौता पत्र लिखकर दिया ट है। इसमें उसने कहा है कि सत्यापन के दौरान विधायक पुत्र सुरेश चौधरी से विवाद हो गया था। वे उनके रिश्तेदार हैं। आपस में समझौता हो गया है। वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।1
- जब अफवाहों के जरिए किसी का रोजगार छीनने की कोशिश की जा1
- Post by रबेन्द्र सिंह परमार संपादक1
- पुलिस में सख्ती की गूंज: रील बनाने पर टीएसआई सुरेश बाबू लाइन हाजिर, एसएसपी श्याम नारायण सिंह का स्पष्ट संदेश—वर्दी की गरिमा सर्वोपरि एटा। जनपद एटा के पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया रील बनवाने का मामला सामने आया। जीटी रोड पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (टीएसआई) सुरेश बाबू की वर्दी में बनाई गई रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मामला संज्ञान में आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए टीएसआई सुरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। बताया जाता है, कि टीएसआई सुरेश बाबू ड्यूटी के दौरान वर्दी में रील बनवाते नजर आए। वीडियो के वायरल होते ही विभागीय अनुशासन पर सवाल उठने लगे। एसएसपी ने बिना देरी किए कार्रवाई कर स्पष्ट कर दिया कि वर्दी मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और जनसेवा का प्रतीक है। इस त्वरित कार्यवाही से पुलिस महकमे में सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह स्पष्ट संकेत मिला है। कि ड्यूटी के समय किसी भी प्रकार की लापरवाही या सोशल मीडिया प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि सोशल मीडिया गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह कार्यवाही न केवल अनुशासन की मिसाल है, बल्कि पुलिस की छवि और विश्वसनीयता को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम भी मानी जा रही है। एटा पुलिस में अब एक ही संदेश गूंज रहा है। “ड्यूटी पहले, दिखावा बाद में।”1