हजारीबाग पुलिस ने चौपारण थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अफीम तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के तहत 1.550 किलोग्राम अफीम, 7 लाख रुपये नकद, एक बोलेरो वाहन, एक अपाची मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा। कार्रवाई की शुरुआत 20 जून की शाम को हुई, जब पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि बरही की ओर से कुछ तस्कर चौपारण में अफीम की खरीद-बिक्री करने आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर, पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) अरगानुल हक के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने चौपारण के चतरा मोड़ से आगे लोहावर के पास वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक सफेद बोलेरो को रोकने का प्रयास किया गया, जिसका चालक पुलिस को देखकर वाहन मोड़कर भागने लगा। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर बोलेरो में सवार दो लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान बोलेरो की सीट से प्लास्टिक में लिपटे 7 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में इन दोनों आरोपियों ने बताया कि वे चौपारण के अहरी गांव में अफीम खरीदने जा रहे थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल अहरी गांव में छापेमारी की। वहां राहुल कुमार खेरवार के घर से अलग-अलग पैकेटों में रखी गई 1.550 किलोग्राम अफीम बरामद हुई और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी अरविंद कुमार फरार होने में सफल रहा, लेकिन उसकी अपाची मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जोधपुर, राजस्थान के पुना राम (40 वर्ष), बालोतरा, राजस्थान के रामलाल (45 वर्ष) और हजारीबाग के चौपारण स्थित अहरी निवासी राहुल कुमार खेरवार शामिल हैं। इस छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक अरगानुल हक के साथ चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक सुबेन्द्र राम, श्रवण कुमार पासवान, सहायक अवर निरीक्षक बादल कुमार महतो तथा चौपारण थाना के सशस्त्र बल के जवान भी शामिल थे। पुलिस ने चौपारण थाना कांड संख्या 157/26 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, और फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
हजारीबाग पुलिस ने चौपारण थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अफीम तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के तहत 1.550 किलोग्राम अफीम, 7 लाख रुपये नकद, एक बोलेरो वाहन, एक अपाची मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा। कार्रवाई की शुरुआत 20 जून की शाम को हुई, जब पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि बरही की ओर से कुछ तस्कर चौपारण में अफीम की खरीद-बिक्री करने आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर, पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) अरगानुल हक के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने चौपारण के चतरा मोड़ से आगे लोहावर के पास वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक सफेद बोलेरो को रोकने का प्रयास किया गया, जिसका चालक पुलिस को देखकर वाहन मोड़कर भागने लगा। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर बोलेरो में सवार दो लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान बोलेरो की सीट से प्लास्टिक में लिपटे 7 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में इन दोनों आरोपियों ने बताया कि वे चौपारण के अहरी गांव में अफीम खरीदने जा रहे थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल अहरी गांव में छापेमारी की। वहां राहुल कुमार खेरवार के घर से अलग-अलग पैकेटों में रखी गई 1.550 किलोग्राम अफीम बरामद हुई और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी अरविंद कुमार फरार होने में सफल रहा, लेकिन उसकी अपाची मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जोधपुर, राजस्थान के पुना राम (40 वर्ष), बालोतरा, राजस्थान के रामलाल (45 वर्ष) और हजारीबाग के चौपारण स्थित अहरी निवासी राहुल कुमार खेरवार शामिल हैं। इस छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक अरगानुल हक के साथ चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक सुबेन्द्र राम, श्रवण कुमार पासवान, सहायक अवर निरीक्षक बादल कुमार महतो तथा चौपारण थाना के सशस्त्र बल के जवान भी शामिल थे। पुलिस ने चौपारण थाना कांड संख्या 157/26 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, और फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
- हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के आदेश पर, सदर थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी ने शहर थाना के शहरी क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों पर एक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, माइक के माध्यम से नागरिकों को सतर्क किया गया कि वे सोने-चांदी के आभूषणों को चमकाने या झाड़-फूंक करने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें ताकि ठगी से बचा जा सके।1
- नाम जोड़ने और काटने के काम से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। यह काम 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान BLO (बूथ लेवल अधिकारी) स्वयं आपके घर तक पहुँचकर नाम जोड़ने और काटने का काम पूरा करेंगे।1
- मोहर्रम 2026 की तैयारियों के मद्देनजर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी क्रम में, बरही इलाके में एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस बल ने अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।1
- हजारीबाग पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को ठगी के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे ठग सक्रिय हैं जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके कीमती गहने लेकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें और न ही झाड़-फूंक या चमत्कार के झांसे में आएं। यदि कोई अनजान व्यक्ति सोने-चांदी के गहने चमकाने, साफ करने या झाड़-फूंक के नाम पर मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई लेकर गायब हो जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने और अपने परिवार तथा बुजुर्गों को भी इस बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है। हजारीबाग पुलिस ने आगाह किया है कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।1
- हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद स्वयं, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने योग्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योग अभ्यास किया। सभी प्रतिभागियों ने साल भर निरंतर योग करने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए, भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में योग दिवस से लगभग दो महीने पहले से योग का अभ्यास करवाया जा रहा है, और यह प्रक्रिया अब पूरे साल लगातार जारी रहेगी। विधायक ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का एकमात्र साधन बताया। अपनी बात को पुष्ट करने के लिए, उन्होंने अपने पिता का उदाहरण दिया, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने के बावजूद 21 साल तक योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन व्यतीत किया था। योग प्रशिक्षिका अंजू कुमारी ने भी जोर देकर कहा कि योग किसी एक दिन का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए और निरंतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से लोग अस्पतालों के चक्कर लगाने से बच सकते हैं और भागदौड़ भरी जिंदगी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।3
- हजारीबाग के कर्जन ग्राउंड में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयुष विभाग हजारीबाग द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर आयुक्त (IAS) श्री ओमप्रकाश गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए इसे स्वस्थ जीवन का आधार बताया। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने भी उपस्थित होकर योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला और आयुष विभाग को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। आयुष विभाग हजारीबाग के नोडल पदाधिकारी डॉ. आनंद शाही ने विभाग द्वारा संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष केंद्रों की गतिविधियों की जानकारी दी, जिनमें चिकित्सकों द्वारा आयुष दवाओं का वितरण, ग्रामीण क्षेत्रों में योग शिक्षकों द्वारा नियमित योग प्रशिक्षण, औषधीय एवं हर्बल गार्डन, बायो मित्र कैंप, करुण्य कैंप और मस्क्यूलोस्केलेटल कैंप जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। झारखंड सेवा मंडल के सचिव श्री सुबोध ओझा ने मंच संचालन करते हुए योग के महत्व और उसके वैज्ञानिक लाभों पर विस्तार से बताया। योग शिक्षक संजीव कुमार, अमर कुमार, रेणु कुमारी और अर्चना सिंह ने सामूहिक योगाभ्यास कराया और विभिन्न बीमारियों में लाभकारी योगासनों की जानकारी दी। इस अवसर पर, आयुष विभाग में कार्यरत आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों और योग शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता के हाथों प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. आनंद शाही, डॉ. शैलेंद्र कुमार रॉय (इचाक देवकुली), आयुष डीपीएम जमाल रिज़वी, डॉ. विजय तिवारी, योग शिक्षक संजीव सिंह और योग शिक्षिका कांति कुमारी शामिल रहे। कोचिंग संस्थान संघ के अध्यक्ष जेपी जैन सहित हजारीबाग के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के निदेशकों एवं विद्यार्थियों ने भी इसमें हिस्सा लिया, जिसमें चरही के गुरुकुल कोचिंग के छात्र-छात्राओं की सहभागिता विशेष आकर्षण रही। डॉ. नीरज उपाध्याय, डॉ. जोशी कुमार, डॉ. रंजना कुमारी, राजनंदनी, हरिनंदन यादव, संतोष मेहता, रामबली चौधरी और मुटूक हांसदा सहित सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम का समापन "करें योग, रहें निरोग" के संदेश के साथ सफलतापूर्वक हुआ।1
- झारखंड के हजारीबाग शहर में इस समय पानी को लेकर दोहरा संकट गहरा गया है। एक तरफ शहर की प्यास बुझाने वाले छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच चुका है और मात्र 10 से 12 दिनों का पानी ही शेष बचा है। वहीं, दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन के फटने से कई हजार गैलन शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया, जिससे शहरवासियों में आसन्न जल संकट को लेकर भय और आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का काम कर रहे ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व योजना और विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का दबाव इतना तेज था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारा छूटने लगा और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने अचानक भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर चिंतित शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस लापरवाही से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के एवज में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1