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झारखंड के हजारीबाग शहर में इस समय पानी को लेकर दोहरा संकट गहरा गया है। एक तरफ शहर की प्यास बुझाने वाले छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच चुका है और मात्र 10 से 12 दिनों का पानी ही शेष बचा है। वहीं, दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन के फटने से कई हजार गैलन शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया, जिससे शहरवासियों में आसन्न जल संकट को लेकर भय और आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का काम कर रहे ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व योजना और विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का दबाव इतना तेज था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारा छूटने लगा और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने अचानक भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर चिंतित शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस लापरवाही से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के एवज में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

3 hrs ago
user_Abhay Kumar Singh
Abhay Kumar Singh
पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
3 hrs ago

झारखंड के हजारीबाग शहर में इस समय पानी को लेकर दोहरा संकट गहरा गया है। एक तरफ शहर की प्यास बुझाने वाले छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच चुका है और मात्र 10 से 12 दिनों का पानी ही शेष बचा है। वहीं, दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन के फटने से कई हजार गैलन शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया, जिससे शहरवासियों में आसन्न जल संकट को लेकर भय और आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का काम कर रहे ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व योजना और विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का दबाव इतना तेज था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारा छूटने लगा और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने अचानक भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर चिंतित शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस लापरवाही से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के एवज में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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  • हजारीबाग पुलिस ने क्षेत्र में गहना चमकाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को ऐसे ठगों से सावधान करना है जो गहने साफ करने का बहाना बनाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं।
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    हजारीबाग पुलिस ने क्षेत्र में गहना चमकाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को ऐसे ठगों से सावधान करना है जो गहने साफ करने का बहाना बनाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    4 min ago
  • हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के आदेश पर, सदर थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी ने शहर थाना के शहरी क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों पर एक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, माइक के माध्यम से नागरिकों को सतर्क किया गया कि वे सोने-चांदी के आभूषणों को चमकाने या झाड़-फूंक करने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें ताकि ठगी से बचा जा सके।
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    हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के आदेश पर, सदर थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी ने शहर थाना के शहरी क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों पर एक जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, माइक के माध्यम से नागरिकों को सतर्क किया गया कि वे सोने-चांदी के आभूषणों को चमकाने या झाड़-फूंक करने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें ताकि ठगी से बचा जा सके।
    user_Boltajharkhand
    Boltajharkhand
    Press Hazaribag, Hazaribagh•
    56 min ago
  • नाम जोड़ने और काटने के काम से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। यह काम 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान BLO (बूथ लेवल अधिकारी) स्वयं आपके घर तक पहुँचकर नाम जोड़ने और काटने का काम पूरा करेंगे।
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    नाम जोड़ने और काटने के काम से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। यह काम 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान BLO (बूथ लेवल अधिकारी) स्वयं आपके घर तक पहुँचकर नाम जोड़ने और काटने का काम पूरा करेंगे।
    user_MD. SARFARAZ AHMAD
    MD. SARFARAZ AHMAD
    Social worker Hazaribag, Hazaribagh•
    1 hr ago
  • हजारीबाग पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को ठगी के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे ठग सक्रिय हैं जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके कीमती गहने लेकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें और न ही झाड़-फूंक या चमत्कार के झांसे में आएं। यदि कोई अनजान व्यक्ति सोने-चांदी के गहने चमकाने, साफ करने या झाड़-फूंक के नाम पर मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई लेकर गायब हो जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने और अपने परिवार तथा बुजुर्गों को भी इस बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है। हजारीबाग पुलिस ने आगाह किया है कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।
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    हजारीबाग पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को ठगी के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे ठग सक्रिय हैं जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके कीमती गहने लेकर फरार हो जाते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें और न ही झाड़-फूंक या चमत्कार के झांसे में आएं। यदि कोई अनजान व्यक्ति सोने-चांदी के गहने चमकाने, साफ करने या झाड़-फूंक के नाम पर मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई लेकर गायब हो जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने और अपने परिवार तथा बुजुर्गों को भी इस बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है।

हजारीबाग पुलिस ने आगाह किया है कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    2 hrs ago
  • हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद स्वयं, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने योग्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योग अभ्यास किया। सभी प्रतिभागियों ने साल भर निरंतर योग करने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए, भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में योग दिवस से लगभग दो महीने पहले से योग का अभ्यास करवाया जा रहा है, और यह प्रक्रिया अब पूरे साल लगातार जारी रहेगी। विधायक ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का एकमात्र साधन बताया। अपनी बात को पुष्ट करने के लिए, उन्होंने अपने पिता का उदाहरण दिया, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने के बावजूद 21 साल तक योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन व्यतीत किया था। योग प्रशिक्षिका अंजू कुमारी ने भी जोर देकर कहा कि योग किसी एक दिन का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए और निरंतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से लोग अस्पतालों के चक्कर लगाने से बच सकते हैं और भागदौड़ भरी जिंदगी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
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    हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद स्वयं, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने योग्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योग अभ्यास किया।

सभी प्रतिभागियों ने साल भर निरंतर योग करने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए, भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा योग को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यालय में योग दिवस से लगभग दो महीने पहले से योग का अभ्यास करवाया जा रहा है, और यह प्रक्रिया अब पूरे साल लगातार जारी रहेगी। विधायक ने योग को स्वस्थ जीवनशैली का एकमात्र साधन बताया।

अपनी बात को पुष्ट करने के लिए, उन्होंने अपने पिता का उदाहरण दिया, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने के बावजूद 21 साल तक योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन व्यतीत किया था। योग प्रशिक्षिका अंजू कुमारी ने भी जोर देकर कहा कि योग किसी एक दिन का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए और निरंतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योग से लोग अस्पतालों के चक्कर लगाने से बच सकते हैं और भागदौड़ भरी जिंदगी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
    user_News nation
    News nation
    Barkagaon हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    6 hrs ago
  • मोहर्रम 2026 की तैयारियों के मद्देनजर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी क्रम में, बरही इलाके में एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस बल ने अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।
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    मोहर्रम 2026 की तैयारियों के मद्देनजर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी क्रम में, बरही इलाके में एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस बल ने अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के हजारीबाग शहर में इस समय पानी को लेकर दोहरा संकट गहरा गया है। एक तरफ शहर की प्यास बुझाने वाले छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच चुका है और मात्र 10 से 12 दिनों का पानी ही शेष बचा है। वहीं, दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन के फटने से कई हजार गैलन शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया, जिससे शहरवासियों में आसन्न जल संकट को लेकर भय और आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का काम कर रहे ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व योजना और विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का दबाव इतना तेज था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारा छूटने लगा और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने अचानक भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर चिंतित शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस लापरवाही से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के एवज में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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    झारखंड के हजारीबाग शहर में इस समय पानी को लेकर दोहरा संकट गहरा गया है। एक तरफ शहर की प्यास बुझाने वाले छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे पहुंच चुका है और मात्र 10 से 12 दिनों का पानी ही शेष बचा है। वहीं, दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन के फटने से कई हजार गैलन शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया, जिससे शहरवासियों में आसन्न जल संकट को लेकर भय और आक्रोश फैल गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का काम कर रहे ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व योजना और विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का दबाव इतना तेज था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारा छूटने लगा और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका जलमग्न हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया।

इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति सेवा पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे हजारों परिवारों के सामने अचानक भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर चिंतित शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस लापरवाही से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहा दिया गया।

इस घटनाक्रम के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के एवज में संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
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