नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकल बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स से मुलाकात कर उनके असाधारण काम की सराहना की है। राहुल गांधी का कहना है कि इन कारीगरों से मिलकर उन्होंने एक ऐसा भारत देखा है जो अपने हाथों से रोज़गार भी बनाता है और देश की रफ़्तार को भी बढ़ाता है। उन्होंने इन लोकल बॉडी बिल्डर्स की कारीगरी की तुलना फेरारी (Ferrari) और रॉल्स रॉयस (Rolls Royce) जैसी विश्व स्तरीय कंपनियों से की। उन्होंने चिंता जताई कि जहां इस बेमिसाल कारीगरी को सम्मान और सहारे की ज़रूरत है, वहीं इन्हें नियमों के बोझ तले दबाकर बंद होने पर मजबूर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार की एमएसएमई (MSME) विरोधी नीतियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि ये नीतियां इन उद्योगों का गला घोंट रही हैं। उन्होंने चेताया कि जब देश के छोटे उद्योग हारते हैं, तो सिर्फ फैक्ट्रियां ही बंद नहीं होतीं, बल्कि पूरे भारत का हुनर हार जाता है और देश का मेहनतकश कारीगर बेरोज़गार हो जाता है। उन्होंने संकल्प जताते हुए कहा कि वे इन कारीगरों से उनके हुनर का हक़ किसी भी कीमत पर छिनने नहीं देंगे।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकल बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स से मुलाकात कर उनके असाधारण काम की सराहना की है। राहुल गांधी का कहना है कि इन कारीगरों से मिलकर उन्होंने एक ऐसा भारत देखा है जो अपने हाथों से रोज़गार भी बनाता है और देश की रफ़्तार को भी बढ़ाता है। उन्होंने इन लोकल बॉडी बिल्डर्स की कारीगरी की तुलना फेरारी (Ferrari) और रॉल्स रॉयस (Rolls Royce) जैसी विश्व स्तरीय कंपनियों से की। उन्होंने चिंता जताई कि जहां इस बेमिसाल कारीगरी को सम्मान और सहारे की ज़रूरत है, वहीं इन्हें नियमों के बोझ तले दबाकर बंद होने पर मजबूर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार की एमएसएमई (MSME) विरोधी नीतियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि ये नीतियां इन उद्योगों का गला घोंट रही हैं। उन्होंने चेताया कि जब देश के छोटे उद्योग हारते हैं, तो सिर्फ फैक्ट्रियां ही बंद नहीं होतीं, बल्कि पूरे भारत का हुनर हार जाता है और देश का मेहनतकश कारीगर बेरोज़गार हो जाता है। उन्होंने संकल्प जताते हुए कहा कि वे इन कारीगरों से उनके हुनर का हक़ किसी भी कीमत पर छिनने नहीं देंगे।
- पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में गांधी जी, मोदी जी और ईरान के बीच लड़ाई हो रही है। इन सभी के बीच आपस में भारी टकराव और लड़ाई का भाव बना हुआ है।1
- कानपुर के एक अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय प्रक्रिया पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कोर्ट के भीतर अपने केस से संबंधित पेपर्स को ऊपर उछाल दिया। न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ता ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया और कहा, "जब सब मौन है तो यह दिखावा क्यों?" अधिवक्ता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेपर उछालने और सीधे तौर पर न्याय प्रणाली की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा करने का यह मामला सामने आया है।1
- अनूपशहर के डीपीबीएस कॉलेज में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी के दौरान मुख्य रूप से बढ़ती आबादी और उससे उत्पन्न होने वाले आर्थिक असंतुलन जैसे गंभीर विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।1
- एक बहस के दौरान योगी और अखिलेश के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। योगी ने निशाना साधते हुए कहा कि तुम्हें शर्म आनी चाहिए क्योंकि तुमने अपने पिता का भी सम्मान नहीं किया। इस पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि किसी भी बहस में किसी के पिता या परिवार को नहीं घसीटना चाहिए और मर्यादा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वे भी चाहें तो किसी के पूरे परिवार को बहस में घसीटकर अपमानित कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि उनके पिता ने उन्हें ऐसे संस्कार नहीं दिए हैं।1
- दिल्ली में दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात को अंजाम दिया है। यह पूरी घटना तब हुई जब पीड़ित कर्मचारी कार्यालय के बाहर नकदी लेकर पहुंचा था। उसी समय मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो बदमाशों ने उसे हथियार के बल पर रोक लिया और करीब 17 लाख रुपये से भरा बैग लूटकर महज कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। लूट की यह पूरी वारदात वहां आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है। वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और उसी के आधार पर फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।1