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झींकपानी ACC सीमेंट प्लांट को पुनः चालू करने की मांग को लेकर हजारों ग्रामीण झींकपानी से पैदल यात्रा कर जिला समाहरणालय पहुँचेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट बंद होने से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। इस पदयात्रा में स्थानीय ग्रामीण, मजदूर और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन के समक्ष प्लांट को जल्द पुनः चालू करने की मांग रखी जाएगी। आंदोलनकारियों का मत है कि प्लांट के फिर से संचालित होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय व्यवसाय को भी मजबूती मिलेगी।
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झींकपानी ACC सीमेंट प्लांट को पुनः चालू करने की मांग को लेकर हजारों ग्रामीण झींकपानी से पैदल यात्रा कर जिला समाहरणालय पहुँचेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट बंद होने से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। इस पदयात्रा में स्थानीय ग्रामीण, मजदूर और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन के समक्ष प्लांट को जल्द पुनः चालू करने की मांग रखी जाएगी। आंदोलनकारियों का मत है कि प्लांट के फिर से संचालित होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय व्यवसाय को भी मजबूती मिलेगी।
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- हाट गम्हरिया-केंदपोसी मुख्य मार्ग पर सोमवार को मृगलिंडी गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के डिपासाईं निवासी 25 वर्षीय श्रवण कुमार की मौत हो गई। श्रवण अपनी बहन की शादी के निमंत्रण पत्र बांटकर दोस्तों के घर से लौट रहा था, तभी सामने से आ रही एक हाईवा ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठा जयराम हँसा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए ओडिशा के चंपुआ अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है। श्रवण कुमार अपने परिवार का इकलौता बेटा था। लगभग ढाई वर्ष पूर्व उसके पिता रवीश कुमार का बीमारी से निधन हो चुका था। श्रवण की चार बहनें हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी थी और वह तीसरी बहन की शादी की तैयारी के लिए बेंगलुरु से दो दिन पहले ही घर लौटा था। घटना की सूचना मिलते ही हाट गम्हरिया और जगन्नाथपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे की जानकारी मिलने पर टोंटो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के सिमपोकरिया रेलवे स्टेशन क्षेत्र के तूतूगूतू गांव में दिनांक 29 जून 2026 को दोपहर लगभग 1:00 बजे 48 गौवंश को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। सूचना मिलते ही बजरंग दल के गौ रक्षा जिला अध्यक्ष समीर पाल और भाजपा युवा नेता दुवारिका शर्मा समेत विभिन्न सामाजिक एवं गौ-सेवा संगठनों के कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन, स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के संयुक्त सहयोग से सभी 48 गौवंश को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया गया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही। बचाए गए गौवंश को गौशाला पहुंचाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। हालाँकि, गौशाला में पर्याप्त स्थान उपलब्ध न होने के कारण, प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कुछ गौवंश को स्थानीय ग्रामीणों को विधिसम्मत तरीके से सौंपा गया ताकि उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके। इस घटना के अवसर पर उपस्थित लोगों ने सरकार से गौ तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के अपराध करने का साहस न कर सके। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशु कल्याण से भी जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। समाज के सभी वर्गों से यह अपील भी की गई कि वे गौ तस्करी से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें और कानून के दायरे में रहकर गौ संरक्षण में सहयोग करें।1
- झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत चांपी गांव में WCSF CharitySpirit Foundation ने "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पलांडू, रांची के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 200 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ICAR, पलांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी उन्नत कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी फसलों की उन्नत खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल चक्र के बारे में प्रशिक्षित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाएं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करें। कार्यक्रम के दौरान, किसानों के बीच धान, सोयाबीन, उड़द, खीरा, कद्दू, लाल भाजी, गांधारी साग, लाल भंडारी साग, मिर्च, टमाटर, बैंगन और धनिया सहित विभिन्न उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। WCSF CharitySpirit Foundation के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था का लक्ष्य किसानों को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ही प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। संस्था की स्टेट कोऑर्डिनेटर सुश्री प्रियंका कुमारी ने भी उपस्थित रहकर किसानों को संस्था के कृषि, महिला सशक्तिकरण, आजीविका एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर, किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और संस्था तथा कृषि वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराते हैं, जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। WCSF CharitySpirit Foundation की यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।1
- खूँटी में युवा कांग्रेस कमेटी द्वारा सांसद कालीचरण मुंडा के आवासीय कार्यालय में हूल दिवस श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने की। इस अवसर पर हूल आंदोलन के महान नायकों के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस, आत्मसम्मान तथा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा को स्मरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान हूल आंदोलन को सामाजिक न्याय, अधिकारों की रक्षा और स्वाभिमान की लड़ाई के प्रतीक के रूप में याद किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला प्रभारी हिमांशु कुजूर, सह-प्रभारी जय बारी, जिला उपाध्यक्ष शरॉन सुरिन और सुमित हर्ष, जिला महासचिव एमडी नवाज़ अंसारी, सचिव साजिद आलम, उस्मान खान, अनमोल धन, संजीत नायक, यशनाथ साहदेव, शालिनी ऐंद, इमरान खान सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हूल दिवस हमें अन्याय के खिलाफ एकजुट होने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में समानता व भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हूल आंदोलन के मूल्यों को अपनाकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का समापन एकता, सामाजिक सौहार्द और भविष्य में जनहित के मुद्दों पर संगठित प्रयासों के संकल्प के साथ हुआ।1
- झारखंड के चाईबासा स्थित कांग्रेस भवन में मंगलवार को 'हूल दिवस' उत्साहपूर्वक मनाया गया, जहां कांग्रेसजनों ने अमर वीर शहीद सिदो और कान्हू के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कांग्रेस ने कहा कि वीर शहीदों का संघर्ष आज भी अन्याय के विरुद्ध लड़ने की प्रेरणा देता है। कांग्रेसियों ने 'हूल जोहार' के उद्घोष के साथ शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया। कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने हूल विद्रोह को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक और निर्णायक अध्याय बताया, जिसका सूत्रपात 30 जून 1855 को हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विद्रोह केवल अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ नहीं था, बल्कि जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए एक महान जनआंदोलन भी था। राय के अनुसार, हूल के महानायकों ने अपने अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान से अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी और पूरे देश में स्वतंत्रता की चेतना का संचार किया। राय ने जोर देकर कहा कि हूल दिवस सिर्फ शहीदों को श्रद्धांजलि देने का मौका नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और संघर्षों से प्रेरणा लेने का भी दिन है। इस दौरान कांग्रेसजनों ने संकल्प लिया कि वे वीर शहीदों के बताए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक समरसता, भाईचारा, जनसेवा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करेंगे। इस अवसर पर महिला नेत्री जम्बी कुदादा, मंजु बिरुवा, शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राधा मोहन बनर्जी, सुरसेन टोपनो, बिक्रम बिरुली, देवेश चरण, महीप कुदादा, सुंदर गागराई और सुशील दास सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।1
- रेल सुरक्षा बल (RPF) ने अवैध और प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान, दिनांक 29.06.2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर सघन जांच अभियान चलाया गया, जिसमें फ्लाइंग टीम/रांची और आरपीएफ पोस्ट/रांची के अधिकारी और जवान शामिल थे। जांच के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 स्थित पार्सल कार्यालय गेट के पास एक युवक भूरे रंग का ट्रॉली बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में खड़ा पाया गया। संदेह होने पर युवक को रोककर उसके सामान की तलाशी ली गई, जिसमें उसके ट्रॉली बैग से कुल 24 बोतल व्हिस्की बरामद हुई। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान विवेक कुमार सिंह (लगभग 19 वर्ष), पिता – विपिन कुमार सिंह, निवासी – बिहारी बीघा, थाना – पंडारक, जिला – पटना (बिहार) के रूप में बताई। उसने स्वीकार किया कि वह यह शराब रांची से खरीदकर बिहार में अधिक कीमत पर बेचने के उद्देश्य से ले जा रहा था। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए, उप निरीक्षक रवि शेखर, आरपीएफ फ्लाइंग टीम/रांची द्वारा शराब की सभी 24 बोतलों को जब्त कर लिया गया। रेलवे परिसर में प्रतिबंधित और अवैध वस्तुओं के परिवहन पर रोक होने के कारण, आरोपी विवेक कुमार सिंह को दिनांक 30.06.2026 को सभी कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, गिरफ्तार आरोपी और बरामद शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग, रांची को सौंप दिया गया। बरामद शराब की अनुमानित कीमत ₹19,000/- बताई गई है। इस कार्रवाई में फ्लाइंग टीम/रांची से उपनिरीक्षक रवि शेखर, आरक्षक प्रदीप और आरक्षक डी.के. जितरवाल तथा आरपीएफ पोस्ट/रांची से उप निरीक्षक रंजीत कुमार शामिल थे।1
- गोला, रामगढ़ में हेठ खाखरा-फुलझरिया सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। स्थानीय निवासियों ने इस महत्वपूर्ण सड़क के तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर निर्माण की मांग की है।1
- गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए एक शिक्षिका की रास्ते में जान ले ली। इस घटना के बाद ड्राइवर ने मौके से भागने की कोशिश की।3