खूंटी जिला मुख्यालय से सटे सेत महिल गांव के किसान खरीफ की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से वे अपने खेतों में धान का बिछड़ा तैयार कर रहे हैं, जिसमें कावेरी, पायनियर, बजाज और महिंद्रा जैसी विभिन्न किस्मों के धान के बीजों की बुवाई की गई है। हालांकि, पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिससे वे टैंकरों से पानी लाकर बिछड़े की सिंचाई कर रहे हैं ताकि पौधे समय पर तैयार हो सकें और धान की रोपाई प्रभावित न हो। किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है और इस बार भी मौसम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग मात्रा में धान का बिछड़ा तैयार किया है। किसान महावीर महतो ने लगभग 25 किलो, वहीं दयानंद मांझी ने करीब 20 किलो बीज की बुवाई की है। इसके अतिरिक्त, घासी मुंडा, सस्ती भोगता, अरुण काशी, फिरंगी काशी, कमलनाथ महतो, रंजीत महतो, चंदन मांझी, सुमन मांझी, लालू उरांव और पंचु सहित कई अन्य किसानों ने भी 10 से 25 किलो तक धान का बिछड़ा अपने खेतों में डाला है। किसानों का यह भी कहना है कि हर साल बढ़ती लागत, उर्वरक और बीज की कीमतों के बावजूद उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इन चुनौतियों के बावजूद, वे अच्छी बारिश और बेहतर फसल की उम्मीद में दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब सभी किसानों की निगाहें मानसून की बारिश पर टिकी हैं, ताकि समय पर रोपाई कर अच्छी उपज प्राप्त की जा सके।
खूंटी जिला मुख्यालय से सटे सेत महिल गांव के किसान खरीफ की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से वे अपने खेतों में धान का बिछड़ा तैयार कर रहे हैं, जिसमें कावेरी, पायनियर, बजाज और महिंद्रा जैसी विभिन्न किस्मों के धान के बीजों की बुवाई की गई है। हालांकि, पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिससे वे टैंकरों से पानी लाकर बिछड़े की सिंचाई कर रहे हैं ताकि पौधे समय पर तैयार हो सकें और धान की रोपाई प्रभावित न हो। किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है और इस बार भी मौसम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग मात्रा में धान का बिछड़ा तैयार किया है। किसान महावीर महतो ने लगभग 25 किलो, वहीं दयानंद मांझी ने करीब 20 किलो बीज की बुवाई की है। इसके अतिरिक्त, घासी मुंडा, सस्ती भोगता, अरुण काशी, फिरंगी काशी, कमलनाथ महतो, रंजीत महतो, चंदन मांझी, सुमन मांझी, लालू उरांव और पंचु सहित कई अन्य किसानों ने भी 10 से 25 किलो तक धान का बिछड़ा अपने खेतों में डाला है। किसानों का यह भी कहना है कि हर साल बढ़ती लागत, उर्वरक और बीज की कीमतों के बावजूद उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इन चुनौतियों के बावजूद, वे अच्छी बारिश और बेहतर फसल की उम्मीद में दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब सभी किसानों की निगाहें मानसून की बारिश पर टिकी हैं, ताकि समय पर रोपाई कर अच्छी उपज प्राप्त की जा सके।
- खूंटी जिला मुख्यालय से सटे सेत महिल गांव के किसान खरीफ की खेती की तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से वे अपने खेतों में धान का बिछड़ा तैयार कर रहे हैं, जिसमें कावेरी, पायनियर, बजाज और महिंद्रा जैसी विभिन्न किस्मों के धान के बीजों की बुवाई की गई है। हालांकि, पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिससे वे टैंकरों से पानी लाकर बिछड़े की सिंचाई कर रहे हैं ताकि पौधे समय पर तैयार हो सकें और धान की रोपाई प्रभावित न हो। किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर करती है और इस बार भी मौसम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग मात्रा में धान का बिछड़ा तैयार किया है। किसान महावीर महतो ने लगभग 25 किलो, वहीं दयानंद मांझी ने करीब 20 किलो बीज की बुवाई की है। इसके अतिरिक्त, घासी मुंडा, सस्ती भोगता, अरुण काशी, फिरंगी काशी, कमलनाथ महतो, रंजीत महतो, चंदन मांझी, सुमन मांझी, लालू उरांव और पंचु सहित कई अन्य किसानों ने भी 10 से 25 किलो तक धान का बिछड़ा अपने खेतों में डाला है। किसानों का यह भी कहना है कि हर साल बढ़ती लागत, उर्वरक और बीज की कीमतों के बावजूद उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इन चुनौतियों के बावजूद, वे अच्छी बारिश और बेहतर फसल की उम्मीद में दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अब सभी किसानों की निगाहें मानसून की बारिश पर टिकी हैं, ताकि समय पर रोपाई कर अच्छी उपज प्राप्त की जा सके।1
- रांची के कोकर स्थित सैमफोर्ड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से जुड़े एक मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में, एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग बयान सामने आए हैं, जिन पर रांची क्लब टीवी ने प्रकाश डाला है। संबंधित व्यक्ति ने 17 जून 2026 को रांची क्लब टीवी के कैमरे पर अपना पहला बयान दिया था। इसके कुछ दिनों बाद, उसी व्यक्ति का एक और बयान सामने आया, जिसे अस्पताल प्रबंधन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। रांची क्लब टीवी इन दोनों बयानों को बिना किसी संपादन के दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर रहा है, ताकि वे पूरे घटनाक्रम को स्वयं समझ सकें। रांची क्लब टीवी ने यह स्पष्ट किया है कि इस वीडियो में व्यक्त बयान संबंधित व्यक्तियों के हैं और चैनल किसी भी दावे या आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामले की जांच और आधिकारिक प्रक्रिया संबंधित एजेंसियों के अधीन है, और यह लाइव स्ट्रीम केवल सूचनात्मक तथा जन जागरूकता के उद्देश्यों के लिए है।1
- गुमला के सिसई स्थित भगत मोड़, मेन रोड पर शुभांश मोटर्स यूज्ड कार शोरूम का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भव्य उद्घाटन किया गया है। शोरूम के संचालक राजकिशोर सोनी और विक्रांत कुमार ने बताया कि यहां सभी ब्रांडों की छोटी-बड़ी यूज्ड कारें उचित दाम पर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में जहां नई कार खरीदना आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है, वहीं ऐसे यूज्ड कार शोरूम खुलने से लोग कम बजट में भी अपनी कार का सपना पूरा कर सकते हैं, जिससे उनके परिवार को खुशियां मिलेंगी। इस उद्घाटन समारोह में निरंजन सिंह, नंदकिशोर सिंह, मुकेश ताम्रकर, भैरव सिंह, विपिन बिहारी झा, अर्खीतानंद देवघरिया, ईश्वर महतो, सचिदानंद उरांव, शुभम कुमार, युगांश कुमार, विक्रम ताम्रकर, हेमंत गुप्ता, रवींद्रनाथ कर, घनश्याम आर्य, प्रयाग साहु, राजकुमार पौराणिक, आयुष कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- रेफरल अस्पताल सिसई की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी मिंज ने जानकारी दी है कि 28 जून 2026, दिन रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण दिवस मनाया जाएगा। डॉ. मिंज ने बताया कि पोलियो स्थायी लकवा का कारण बन सकता है, और बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण ही है। उन्होंने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे अपने पाँच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएँ।1
- बिहार में दिन-दहाड़े एक स्कूल में हथियारबंद लोगों के घुसने की घटना ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वारदात प्रदेश में क्राइम और सेफ्टी को लेकर चिंताजनक स्थिति को दर्शाती है, जिससे लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह कैसा बिहार है जहाँ ऐसी घटनाएँ खुलेआम हो रही हैं।1
- रांची पुलिस ने ओरमांझी थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 किलो अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (NH-20) पर वाहन चेकिंग के दौरान हुई, जहाँ पुलिस ने एक वरना कार से भारी मात्रा में यह मादक पदार्थ बरामद किया। गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई थी, जिसने भेड़ा पुल के पास घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ा। इस दौरान, अफीम तस्करी में शामिल इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनकी कार और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। ओरमांझी थाना में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है, और रांची पुलिस की नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के एक वरिष्ठ नेता और खूंटी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुशील पहचान का निधन हो गया है। उनके आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, जिससे स्थानीय समुदाय और पार्टी कार्यकर्ताओं में दुख व्याप्त है।1