*नन्हे रोजेदारों ने रखा पहला रोजा* *परिवार ने कराया इफ्तार का आयोजन* आगर मालवा। पवित्र माह रमजान के अवसर पर बस स्टैंड क्षेत्र में खुशियों का माहौल देखने को मिला। बस स्टैंड पानी की टंकी के पास सनावर भाई नल वाले की पोती और नवासे अशद पिता ईमरान मुल्तानी, सुहाना पिता इरफान मुल्तानी ने अपना पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। पहला रोजा रखने पर दोनों बच्चों को परिजनों और आसपास के लोगों ने दुआओं और शुभकामनाओं से नवाजा। इस खास मौके पर सनावर भाई द्वारा सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इफ्तार के दौरान रोजेदारों ने एक साथ रोजा खोला और मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ की। बच्चों के पहले रोजे को लेकर परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा। रमजान के इस पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक इफ्तार ने आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।
*नन्हे रोजेदारों ने रखा पहला रोजा* *परिवार ने कराया इफ्तार का आयोजन* आगर मालवा। पवित्र माह रमजान के अवसर पर बस स्टैंड क्षेत्र में खुशियों का माहौल देखने को मिला। बस स्टैंड पानी की टंकी के पास सनावर भाई नल वाले की पोती और नवासे अशद पिता ईमरान मुल्तानी, सुहाना पिता इरफान मुल्तानी ने अपना पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। पहला रोजा रखने पर दोनों बच्चों को परिजनों और आसपास के लोगों ने दुआओं और शुभकामनाओं से नवाजा। इस खास मौके पर सनावर भाई द्वारा सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इफ्तार के दौरान रोजेदारों ने एक साथ रोजा खोला और मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ की। बच्चों के पहले रोजे को लेकर परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा। रमजान के इस पावन अवसर पर आयोजित सामूहिक इफ्तार ने आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया।
- durlabh Kashyap1
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- नया उठी और देसी लहसुन का क्वालिटी अनुसार भाव – दिनांक 10 मार्च 2026 | आलोट मंडी (मध्य प्रदेश) आज के ताजा बाजार भाव में नया उठी और देसी लहसुन की क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग दाम देखने को मिले। किसानों और व्यापारियों के लिए आज के लहसुन भाव की पूरी जानकारी नीचे दी जा रही है। अगर आप भी लहसुन की खरीद-फरोख्त करते हैं या खेती से जुड़े हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी है। 👉 रोजाना ताजा मंडी भाव और कृषि से जुड़ी अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को फॉलो जरूर करें। #लहसुन_भाव #लहसुन_मंडी_भाव #आलोट_मंडी #मध्यप्रदेश_मंडी_भाव #देसी_लहसुन #नया_लहसुन #आज_का_मंडी_भाव #किसान_समाचार #कृषि_अपडेट #MandiBhav #GarlicRate #MPLahsunBhav1
- टीम इंडिया की जीत का जश्न मातम में बदला, पटाखे फोड़ने पर खूनी संघर्ष उज्जैन। भारतीय क्रिकेट टीम की जीत का उत्साह उस समय हिंसा में तब्दील हो गया, जब शहर की राज रॉयल कॉलोनी में पटाखे फोड़ने की बात को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। चिमनगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में महिलाओं सहित 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टीम इंडिया की जीत के बाद एक परिवार घर के बाहर पटाखे फोड़कर खुशी मना रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने पटाखे फोड़ने का विरोध किया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि पड़ोसी पक्ष ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में जमकर मारपीट हुई। हमले में पीड़ित परिवार के पुरुष और महिलाएं, दोनों ही निशाने पर रहे। घायल 3 से 4 लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।1
- शाजापुर: शहर में आज शीतला सप्तमी का पर्व परंपरागत श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अलसुबह से ही शहर के विभिन्न शीतला माता मंदिरों में महिलाओं की भीड़ उमड़ी और विशेष पूजन-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। शहर के प्रमुख मंदिरों में हुआ विशेष पूजन आज शहर के लगभग एक दर्जन शीतला माता मंदिरों में उत्साह का माहौल रहा। पर्व को लेकर मंदिरों में पहले ही साफ-सफाई और आकर्षक सजावट कर ली गई थी। प्रमुख रूप से इन स्थानों पर माता का विशेष पूजन किया गया: लाल खिड़की, वजीरपुर तालाब की पाल, नई सड़क हनुमान मंदिर, ज्योतिनगर गणेश मंदिर, आदित्य नगर राजराजेश्वरी माता मंदिर, कसाईवाड़ा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निभाई गई 'बसौड़ा' (बासी भोजन) की अनोखी परंपरा शीतला सप्तमी के अवसर पर शहर में 'बसौड़ा' की प्राचीन परंपरा का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया गया। धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए आज किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया गया और न ही कोई गर्म भोजन पकाया गया। महिलाओं ने एक दिन पूर्व ही पूड़ी, सब्जी, मीठे पकवान और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाकर रख लिए थे। आज सुबह माता की पूजा-अर्चना के बाद पूरे परिवार ने उसी ठंडे (बासी) भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण कर इस अनोखी परंपरा को निभाया। सुख-समृद्धि और आरोग्य की हुई कामना इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। मान्यता है कि माता शीतला की विधि-विधान से पूजा करने और बसौड़ा की परंपरा निभाने से परिवार को भयंकर रोगों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, माता के आशीर्वाद से घर-परिवार में हमेशा सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। महिलाओं ने आज माता से अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और मंगल की कामना की।8
- durlabh Kashyap1